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GK क्विजभारतीय इतिहास

भारतीय इतिहास मिश्रित क्विज: सेट 29

  • 20 प्रश्न
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इस क्विज के बारे में

भारतीय इतिहास मिश्रित क्विज़ (सेट 29) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 18 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: विजयनगर और बहमनी राज्य, जाति सुधार और दलित वर्ग आंदोलन, मुगल साम्राज्य और अन्य। इनमें से 18 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.भारतीय इतिहासमध्यम

महमूद गवाँ ने अपना प्रसिद्ध तीन मंजिला मदरसा किस नगर में बनवाया था?

  1. A.गुलबर्गा
  2. B.बीदर
  3. C.दौलताबाद
  4. D.गोलकुंडा
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. बीदर

व्याख्या

सही उत्तर B, बीदर है। मुहम्मद शाह तृतीय के फारसी मूल के वजीर महमूद गवाँ, जिन्हें मलिक-उत-तुज्जार की उपाधि मिली थी, ने 1472 ईस्वी में बीदर में मदरसा बनवाया। यह फारसी शैली की तीन मंजिला इमारत थी, जिसकी दीवारें रंगीन टाइलों से सजी थीं और जिसमें पुस्तकालय, कक्षाएँ तथा शिक्षकों और छात्रों के लिए कमरे थे; इसके खंडहर आज भी खड़े हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि गुलबर्गा पहले की बहमनी राजधानी थी, जो अपनी जामा मस्जिद के लिए प्रसिद्ध है जिसका पूरा आँगन छत से ढका है। विकल्प C गलत है क्योंकि दौलताबाद यादवों का और बाद में मुहम्मद बिन तुगलक का किला-नगर था तथा बहमनी काल में केवल एक तरफ का मुख्यालय रहा। विकल्प D गलत है क्योंकि गोलकुंडा बहमनी राज्य के टूटने के बाद कुतुबशाही राजधानी बना और उसकी बड़ी इमारतें उसी परवर्ती वंश की हैं। महमूद गवाँ को 1481 में एक जाली पत्र के आधार पर मरवा दिया गया।

Q2.भारतीय इतिहासपूछा गया: RRB NTPC · 25 Mar, 2026, Shift 2आसान

निम्नलिखित में से किस स्वतंत्रता सेनानी ने 1927 में महाड़ सत्याग्रह का नेतृत्व किया?

  1. A.ज्योतिराव फुले
  2. B.ई वी रामास्वामी नायकर
  3. C.के केलप्पन
  4. D.बी आर आंबेडकर
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. बी आर आंबेडकर

व्याख्या

सही उत्तर है D, बी आर आंबेडकर। 20 मार्च 1927 को डॉ बी आर आंबेडकर हजारों दलितों के साथ महाराष्ट्र के महाड़ में चवदार तालाब पहुँचे और उसका पानी पिया, जिससे दलित वर्गों का सार्वजनिक जल स्रोत पर अधिकार जताया गया। बाद में ऊँची जातियों के समूहों ने गोबर और दही डालकर तालाब का शुद्धिकरण किया, और उसी वर्ष दिसंबर में आंबेडकर महाड़ लौटे तथा मनुस्मृति का सार्वजनिक दहन किया। इस दिन को सामाजिक सशक्तीकरण दिवस के रूप में याद किया जाता है और महाड़ को आधुनिक भारत में दलित स्वाभिमान की पहली सामूहिक कार्रवाई कहा जाता है। विकल्प A गलत है क्योंकि ज्योतिराव फुले का निधन 1890 में ही हो गया था, हालाँकि उनके 1873 के सत्यशोधक समाज ने जमीन तैयार की थी। विकल्प B गलत है क्योंकि पेरियार कहे जाने वाले ई वी रामास्वामी नायकर ने दक्षिण में आत्म-सम्मान आंदोलन और वैकोम सत्याग्रह चलाया। विकल्प C गलत है क्योंकि केरल गांधी कहे जाने वाले के केलप्पन ने 1931 का गुरुवायूर सत्याग्रह चलाया। परीक्षा टिप: महाड़ 1927 और कालाराम मंदिर 1930 — दोनों का नेतृत्व आंबेडकर ने किया।

Q3.भारतीय इतिहासकठिन

ताजमहल का प्रमुख वास्तुकार किसे बताया जाता है?

  1. A.उस्ताद ईसा
  2. B.उस्ताद अहमद लाहौरी
  3. C.मीर अब्दुल करीम
  4. D.मकरमत खान
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. उस्ताद अहमद लाहौरी

व्याख्या

सही उत्तर B, उस्ताद अहमद लाहौरी है। मुगल अभिलेखों में ताजमहल के प्रमुख वास्तुकार के रूप में उस्ताद अहमद लाहौरी का नाम आता है; यह वही मकबरा है जो शाहजहाँ ने आगरा में अपनी बेगम मुमताज महल के लिए बनवाया। शाहजहानाबाद के लाल किले से भी उसका नाम जोड़ा जाता है। विकल्प A गलत है क्योंकि उस्ताद ईसा का नाम बाद की परंपरा और लोकप्रिय कथाओं में आता है, समकालीन प्रमाणों में नहीं, और प्रश्नपत्र इसे उत्तर नहीं मानते। विकल्प C गलत है क्योंकि मीर अब्दुल करीम जहाँगीर के काल का वास्तुकार था जिसने अन्य शाही निर्माणों में काम किया। विकल्प D गलत है क्योंकि मकरमत खान निर्माण का पर्यवेक्षक था, जिसने काम की व्यवस्था देखी, डिजाइन नहीं बनाया। ताजमहल को शाहजहाँ, मुमताज महल, आगरा और उस्ताद अहमद लाहौरी के साथ जोड़कर याद रखिए, और यह भी कि यह लाल बलुआ पत्थर के चबूतरे पर सफेद संगमरमर से बना है।

Q4.भारतीय इतिहासपूछा गया: RRB NTPC · 31 July 2021, Shift 1आसान

सोवियत संघ का विघटन निम्नलिखित में से किस वर्ष शुरू हुआ?

  1. A.1990
  2. B.1989
  3. C.1991
  4. D.1992
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 1991

व्याख्या

सही उत्तर है C, 1991। सोवियत समाजवादी गणराज्य संघ का विघटन 1991 में हुआ: उस वर्ष अगस्त में मिखाइल गोर्बाचेव के विरुद्ध हुए असफल तख्तापलट ने केंद्र की सत्ता तोड़ दी, गणराज्य एक के बाद एक स्वतंत्रता घोषित करते गए, और 25 दिसंबर 1991 को गोर्बाचेव ने इस्तीफा दे दिया। अगले ही दिन क्रेमलिन से सोवियत ध्वज उतार लिया गया और सोवियत संघ की जगह पंद्रह अलग-अलग देश बन गए, जिनमें रूस उसका उत्तराधिकारी राज्य बना। इनमें से अधिकांश दिसंबर 1991 की अल्मा-अता घोषणा से बने स्वतंत्र राज्यों के राष्ट्रकुल में शामिल हुए। विकल्प A गलत है क्योंकि 1990 में जर्मनी का एकीकरण हुआ और गणराज्यों में संप्रभुता की पहली आवाजें उठीं। विकल्प B गलत है क्योंकि 1989 में बर्लिन की दीवार गिरी और पूर्वी यूरोप साम्यवाद से मुड़ गया, पर सोवियत संघ बना रहा। विकल्प D गलत है क्योंकि 1992 तक विघटन पूरा हो चुका था। परीक्षा टिप: बर्लिन दीवार 1989 → जर्मनी एकीकरण 1990 → सोवियत संघ विघटन 1991, और शीत युद्ध समाप्त।

Q5.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 13 Feb 2019, Shift 1मध्यम

सूफी परंपरा के संदर्भ में 'खानकाह' शब्द किसके लिए प्रयुक्त होता था?

  1. A.नरक
  2. B.कब्रिस्तान
  3. C.आश्रय स्थल
  4. D.स्वर्ग
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. आश्रय स्थल

व्याख्या

सही उत्तर C, आश्रय स्थल है। खानकाह वह आश्रम या निवास था जहाँ सूफी गुरु अपने शिष्यों के साथ रहता, शिक्षा देता, भक्ति संगीत की महफिलें करता और द्वार पर आए हर व्यक्ति को भोजन कराता था, चाहे उसका धर्म या जाति कुछ भी हो। यह किसी सिलसिले का कार्यकेंद्र था, और अजमेर, दिल्ली तथा अजोधन की चिश्ती खानकाहों में हर वर्ग के लोग आते थे, इसीलिए सल्तनत काल के सामाजिक इतिहास में इनका इतना महत्व है। विकल्प A और विकल्प D गलत हैं, क्योंकि इस शब्दावली में स्वर्ग के लिए जन्नत और नरक के लिए जहन्नुम शब्द हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि सूफी संत के मकबरे को दरगाह कहा जाता है और वहाँ मनाई जाने वाली पुण्यतिथि उर्स कहलाती है। जमात खाना और समा शब्द भी याद रखने योग्य हैं।

Q6.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 16 Oct 2020, Shift 1मध्यम

भारत का राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम्' पहली बार किसी राजनीतिक अवसर पर कब गाया गया था?

  1. A.1896 का कांग्रेस अधिवेशन
  2. B.1903 का कांग्रेस अधिवेशन
  3. C.1911 का कांग्रेस अधिवेशन
  4. D.1900 का कांग्रेस अधिवेशन
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. 1896 का कांग्रेस अधिवेशन

व्याख्या

सही उत्तर है A, 1896 का कांग्रेस अधिवेशन। वंदे मातरम् पहली बार किसी राजनीतिक अवसर पर 1896 के भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कलकत्ता अधिवेशन में गाया गया था और इसकी धुन रवींद्रनाथ टैगोर ने बनाई तथा उन्होंने ही इसे वहाँ गाया। यह गीत इससे पहले बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने संस्कृतनिष्ठ बांग्ला में लिखा था और अपने उपन्यास 'आनंदमठ' में रखा था, जो 1882 में प्रकाशित हुआ। 1905 में बंगाल विभाजन के बाद यह स्वदेशी आंदोलन का नारा बन गया और आगे चलकर संविधान सभा ने इसे राष्ट्रगीत का दर्जा दिया, जिसे राष्ट्रगान के बराबर सम्मान देने की बात कही गई। B गलत है क्योंकि 1903 का अधिवेशन उस पहली प्रस्तुति के सात साल बाद हुआ। C गलत है क्योंकि 1911 का कलकत्ता अधिवेशन 'जन गण मन' के पहली बार गाए जाने के लिए याद किया जाता है। D गलत है क्योंकि 1900 के अधिवेशन से ऐसा कोई प्रसंग नहीं जुड़ा। परीक्षा टिप: वंदे मातरम्–रचना 1882, पहली प्रस्तुति 1896; जन गण मन–1911।

Q7.भारतीय इतिहासपूछा गया: दिल्ली · 5th Sep 2021, Shift 1कठिन

1818 में तृतीय आंग्ल-मराठा युद्ध के परिणामस्वरूप अंग्रेजों और होल्कर शासक के बीच कौन-सी संधि हुई?

  1. A.पुरंदर की संधि
  2. B.ग्वालियर की संधि
  3. C.सूरत की संधि
  4. D.मंदसौर की संधि
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. मंदसौर की संधि

व्याख्या

सही उत्तर D, मंदसौर की संधि है। 1817 से 1818 के तृतीय आंग्ल-मराठा युद्ध का निपटारा अलग-अलग मराठा घरानों से अलग-अलग संधियों द्वारा हुआ और इंदौर के होल्कर शासक से जनवरी 1818 में मंदसौर (मंदेश्वर) में संधि हुई। इससे होल्कर राज्य कंपनी के अधीन आ गया और उसकी स्वतंत्रता समाप्त हो गई। विकल्प A गलत है क्योंकि 1665 की पुरंदर संधि शिवाजी और मिर्जा राजा जय सिंह के बीच हुई थी, जब दक्कन में कंपनी का कोई महत्व नहीं था। विकल्प B गलत है क्योंकि 1817 की ग्वालियर संधि दौलतराव सिंधिया से हुई थी, होल्कर से नहीं, और विद्यार्थी अक्सर इन दोनों घरानों को आपस में बदल देते हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि 1775 की सूरत संधि रघुनाथ राव से हुई थी और उसी से प्रथम आंग्ल-मराठा युद्ध आरंभ हुआ था।

Q8.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 13 Oct 2020, Shift 2मध्यम

किस चोल शासक को लोकप्रिय रूप से 'गंगा का विजेता' कहा जाता था?

  1. A.विजयालय चोल
  2. B.गंडरादित्य चोल
  3. C.परांतक चोल प्रथम
  4. D.राजेंद्र चोल प्रथम
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. राजेंद्र चोल प्रथम

व्याख्या

सही उत्तर है D, राजेंद्र चोल प्रथम। उन्होंने गंगईकोंड चोल यानी गंगा को जीतने वाला उपाधि तब धारण की, जब लगभग 1022 ईस्वी में उनकी सेना उत्तर की ओर बढ़ी, पाल शासक महिपाल को हराया और गंगा का जल तमिल प्रदेश तक ले आई। यह जल उनकी नई राजधानी गंगईकोंडचोलपुरम के विशाल तालाब में डाला गया। यह राजधानी उन्होंने तंजावुर के स्थान पर बसाई और वहाँ अपने पिता राजराज प्रथम की शैली में बड़ा शिव मंदिर बनवाया। उन्होंने दक्षिण-पूर्व एशिया के श्रीविजय पर नौसैनिक अभियान भी भेजा, जो किसी भारतीय शासक के लिए दुर्लभ बात थी। A गलत है क्योंकि विजयालय ने नौवीं सदी में तंजावुर जीतकर वंश की नींव रखी थी। B गलत है क्योंकि गंडरादित्य तमिल भक्ति रचना के लिए याद किए जाते हैं। C गलत है क्योंकि परांतक प्रथम राष्ट्रकूटों से लड़े और तक्कोलम में हार गए थे। परीक्षा टिप: राजेंद्र प्रथम–गंगईकोंड चोल, गंगईकोंडचोलपुरम और श्रीविजय पर नौसैनिक अभियान।

Q9.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 15 Feb 2019, Shift 3आसान

कानपुर शहर में 1857 के विद्रोह का नेतृत्व किसने किया था?

  1. A.रानी लक्ष्मीबाई
  2. B.नाना साहब
  3. C.बेगम हजरत महल
  4. D.कुंवर सिंह
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. नाना साहब

व्याख्या

सही उत्तर है B, नाना साहब। अंतिम पेशवा बाजीराव द्वितीय के दत्तक पुत्र नाना साहब ने कानपुर में 1857 के विद्रोह का नेतृत्व किया। कंपनी ने उन्हें वह पेंशन देने से इनकार कर दिया था जो उनके पिता को मिलती थी। जून 1857 में जब कानपुर की सिपाही टुकड़ियों ने विद्रोह किया, तो वे उनके साथ हो गए, पेशवा घोषित किए गए और उन्होंने अंग्रेज सेना को शहर से बाहर कर दिया। तांत्या टोपे उनके सेनापति थे। जुलाई में हैवलॉक के नेतृत्व में अंग्रेजों ने कानपुर पुनः जीत लिया, और माना जाता है कि नाना साहब नेपाल की ओर निकल गए। A गलत है क्योंकि रानी लक्ष्मीबाई ने झाँसी में संघर्ष का नेतृत्व किया। C गलत है क्योंकि बेगम हजरत महल ने अपने अल्पवयस्क पुत्र बिरजिस कद्र के नाम पर लखनऊ में विद्रोह का नेतृत्व किया। D गलत है क्योंकि जगदीशपुर के वृद्ध जमींदार कुंवर सिंह ने बिहार में विद्रोह का नेतृत्व किया। परीक्षा टिप: कानपुर नाना साहब, झाँसी लक्ष्मीबाई, लखनऊ बेगम हजरत महल, बिहार कुंवर सिंह, दिल्ली बहादुर शाह जफर।

Q10.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 19 Oct 2020, Shift 3आसान

'दिल्ली चलो' और 'तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूँगा' के नारे किसने दिए?

  1. A.मोहनदास करमचंद गांधी
  2. B.जवाहरलाल नेहरू
  3. C.सुभाष चंद्र बोस
  4. D.सरदार वल्लभ भाई पटेल
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. सुभाष चंद्र बोस

व्याख्या

सही उत्तर है C, सुभाष चंद्र बोस। दोनों नारे नेताजी और आजाद हिंद फौज से जुड़े हैं, जिसका नेतृत्व उन्होंने 1943 से किया। दिल्ली चलो का नारा देकर उन्होंने दिल्ली की ओर बढ़ना फौज का लक्ष्य बनाया, और दक्षिण पूर्व एशिया के भारतीयों से अपनी प्रसिद्ध अपील में आजादी के बदले खून माँगा। उन्होंने जय हिंद का अभिवादन भी दिया, अक्टूबर 1943 में सिंगापुर में आजाद हिंद की अस्थायी सरकार बनाई, और महिला सैनिकों की रानी झाँसी रेजिमेंट खड़ी की। विकल्प A गलत है, क्योंकि गांधीजी के नारे 1942 में दिए गए भारत छोड़ो और करो या मरो थे। विकल्प B गलत है, क्योंकि नेहरू अपने ट्रिस्ट विद डेस्टिनी भाषण के लिए याद किए जाते हैं, इन नारों के लिए नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि लौह पुरुष पटेल बारदोली आंदोलन और देशी रियासतों के विलय से जुड़े हैं। परीक्षा टिप: दिल्ली चलो, जय हिंद और खून दो, तीनों सुभाष चंद्र बोस की ओर इशारा करते हैं।

Q11.भारतीय इतिहासपूछा गया: मध्य प्रदेश · General Studies 2019आसान

'हिंदू विधवा पुनर्विवाह अधिनियम' किस वर्ष पारित हुआ?

  1. A.1856
  2. B.1858
  3. C.1859
  4. D.1862
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. 1856

व्याख्या

सही उत्तर है A, 1856। हिंदू विधवा पुनर्विवाह अधिनियम जुलाई 1856 में पारित हुआ और इसने हिंदू विधवा के पुनर्विवाह को वैध बना दिया, जिससे ऐसे विवाह से जन्मी संतान को वैध माना गया। इससे पहले बंगाल के संस्कृत विद्वान ईश्वरचंद्र विद्यासागर ने लंबा अभियान चलाया था और शास्त्रों के आधार पर ही सिद्ध किया था कि पुनर्विवाह की अनुमति है; उन्होंने इसके समर्थन में हजारों हस्ताक्षर भी जुटाए। अधिनियम में एक शर्त भी माननी पड़ी, जिसके अनुसार पुनर्विवाह करने वाली विधवा को पहले पति से मिली संपत्ति छोड़नी पड़ती थी। B गलत है क्योंकि 1858 में महारानी विक्टोरिया की घोषणा हुई थी, जिससे भारत का शासन ताज के हाथ आया। C गलत है क्योंकि 1859 बंगाल काश्तकारी अधिनियम और नील विद्रोह के लिए याद किया जाता है, इस कानून के लिए नहीं। D गलत है क्योंकि 1862 में कलकत्ता, बंबई और मद्रास में उच्च न्यायालय स्थापित हुए थे। परीक्षा टिप: 1829 – सती प्रथा पर रोक, 1856 – विधवा पुनर्विवाह की अनुमति, 1891 – सहमति आयु अधिनियम।

Q12.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 09 March, 2023, Shift 4आसान

1793 में बंगाल में स्थायी बंदोबस्त लागू किए जाने के समय बंगाल का गवर्नर जनरल कौन था?

  1. A.चार्ल्स कॉर्नवालिस
  2. B.लॉर्ड विलियम बेंटिक
  3. C.लॉर्ड माउंटबेटन
  4. D.लॉर्ड रिपन
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. चार्ल्स कॉर्नवालिस

व्याख्या

सही उत्तर है A, चार्ल्स कॉर्नवालिस। कॉर्नवालिस 1786 से 1793 तक गवर्नर जनरल रहे और उन्होंने 1793 में बंगाल, बिहार तथा ओडिशा में स्थायी बंदोबस्त लागू किया, जिसकी अधिकांश तैयारी जॉन शोर ने की थी। इस व्यवस्था ने जमींदारों को भूमि का स्वामी मान लिया और कंपनी को दिया जाने वाला लगान हमेशा के लिए तय कर दिया। इसका असर यह हुआ कि बाद में पैदावार बढ़ने पर जो लाभ हुआ, वह सरकार के बजाय जमींदार के पास गया। सूर्यास्त कानून के अनुसार तय दिन सूर्यास्त तक रकम जमा न करने वाले जमींदार की जागीर नीलाम हो जाती थी, जिससे कई पुराने घराने उजड़ गए और नए जमींदारों का वर्ग बना, जबकि किसान को जोत की कोई सुरक्षा नहीं मिली। B गलत है क्योंकि बेंटिक 1828 में आए और सती प्रथा की समाप्ति के लिए जाने जाते हैं। C गलत है क्योंकि माउंटबेटन 1947 के अंतिम वायसराय थे। D गलत है क्योंकि रिपन 1880 के दशक में स्थानीय स्वशासन के लिए प्रसिद्ध हैं। परीक्षा टिप: स्थायी बंदोबस्त 1793–कॉर्नवालिस, रैयतवाड़ी–मुनरो, महालवाड़ी–होल्ट मैकेंजी।

Q13.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CGL · 10 Sept, 2024, Shift 1आसान

निम्नलिखित में से कौन-सा स्थान गांधीजी के 1917 के सत्याग्रह से संबंधित है?

  1. A.खेड़ा
  2. B.अहमदाबाद
  3. C.चंपारण
  4. D.बारदोली
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. चंपारण

व्याख्या

सही उत्तर है C, चंपारण। भारत में गांधीजी का पहला सत्याग्रह 1917 में बिहार के चंपारण में हुआ, जहाँ नील की खेती करने वाले बागान मालिक तिनकठिया व्यवस्था के तहत किसानों को अपनी जमीन के तय हिस्से में नील बोने के लिए मजबूर करते थे। किसान राजकुमार शुक्ल ने गांधीजी को वहाँ आकर हालात देखने के लिए राजी किया; गांधीजी पहुँचे, उन्हें जिला छोड़ने का आदेश मिला, उन्होंने मना कर दिया और सरकार ने अंत में एक जाँच समिति बनाई, जिसमें वे स्वयं सदस्य थे। इसकी रिपोर्ट से तिनकठिया व्यवस्था समाप्त हुई और किसानों को वसूली का कुछ हिस्सा वापस मिला। A गलत है क्योंकि गुजरात का खेड़ा सत्याग्रह 1918 में हुआ, जब फसल खराब होने पर गांधीजी ने लगान माफी की माँग की। B गलत है क्योंकि अहमदाबाद के मिल मजदूरों का संघर्ष, जिसमें गांधीजी ने मजदूरी बढ़ाने के लिए अनशन किया, भी 1918 का है। D गलत है क्योंकि 1928 का बारदोली सत्याग्रह वल्लभभाई पटेल के नेतृत्व में चला कर-बंदी आंदोलन था, जहाँ उन्हें सरदार की उपाधि मिली। परीक्षा टिप: 1917 चंपारण, 1918 अहमदाबाद और खेड़ा, 1928 बारदोली।

Q14.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 19 April 2021, Shift 2आसान

बारदोली का किसान आंदोलन कब शुरू हुआ था?

  1. A.1928
  2. B.1934
  3. C.1919
  4. D.1943
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. 1928

व्याख्या

सही उत्तर है A, 1928। बारदोली सत्याग्रह फरवरी 1928 में गुजरात के सूरत जिले की बारदोली तहसील में शुरू हुआ था। कारण यह था कि बंबई सरकार ने ऐसे साल में लगान लगभग बाईस प्रतिशत बढ़ा दिया, जब फसल पहले ही खराब हो चुकी थी। वल्लभभाई पटेल ने किसानों का नेतृत्व किया और किसानों ने एक रुपया भी न देने का फैसला किया। जाति और समुदाय के भेद भुलाकर वे एकजुट रहे तथा जमीन, मवेशी और गाड़ियाँ जब्त होने पर भी अहिंसा नहीं छोड़ी। अंत में सरकार को ब्रूमफील्ड और मैक्सवेल जाँच बैठानी पड़ी, जिसने बढ़ोतरी को अनुचित माना और उसे घटाकर लगभग छह प्रतिशत कर दिया। इसी आंदोलन में बारदोली की महिलाओं ने वल्लभभाई को 'सरदार' की उपाधि दी थी। B गलत है क्योंकि 1934 में कांग्रेस समाजवादी पार्टी बनी थी। C गलत है क्योंकि 1919 रौलट सत्याग्रह और जलियाँवाला बाग का वर्ष है। D गलत है क्योंकि 1943 में बंगाल का अकाल पड़ा था। परीक्षा टिप: बारदोली 1928–सरदार पटेल, कर बंदी सत्याग्रह।

Q15.भारतीय इतिहासपूछा गया: CTET · 23rd Dec 2021मध्यम

'भूतपूर्व देशी रियासतों' की श्रेणी में वे राज्य आते थे A. जिनके राजा ने भारत में विलय पर सहमति दी B. जिनके राजा ने पाकिस्तान में विलय पर सहमति दी C. जिन्हें राज्य का दर्जा मिलने तक प्रशासनिक इकाइयों के रूप में रखा गया D. जिन्हें गोवा और पांडिचेरी जैसे यूरोपीय उपनिवेशों के रूप में रखा गया।

  1. A.A और B सत्य हैं। B, A का सही स्पष्टीकरण है
  2. B.B, C और D
  3. C.A, C और D
  4. D.A, B और C
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. A, B और C

व्याख्या

सही उत्तर है D, A, B और C। 1947 में अंग्रेजों के जाने पर भारत में प्रत्यक्ष ब्रिटिश शासन वाले प्रांतों के अलावा लगभग 565 देशी रियासतें थीं, जिनके शासकों ने ब्रिटिश सर्वोपरिता स्वीकार कर रखी थी। स्वतंत्रता के साथ यह सर्वोपरिता समाप्त हो गई और हर शासक को भारत या पाकिस्तान में विलय करना था; सरदार वल्लभभाई पटेल तथा वी. पी. मेनन ने रियासत विभाग के माध्यम से लगभग सभी से विलय पत्र पर हस्ताक्षर कराए। इस प्रकार कथन A और B दोनों रियासतों का वर्णन करते हैं। कथन C भी सही है, क्योंकि हिमाचल प्रदेश, मणिपुर और त्रिपुरा जैसी कई रियासतें अलग प्रशासनिक इकाइयों के रूप में रखी गईं और बाद में पूर्ण राज्य बनीं। कथन D गलत है, क्योंकि गोवा, दमन और दीव पुर्तगाली तथा पांडिचेरी फ्रांसीसी उपनिवेश थे, रियासतें नहीं। विकल्प A गलत है, क्योंकि उसमें कथन C छूट जाता है। विकल्प B और C गलत हैं, क्योंकि दोनों में असत्य कथन D शामिल है। परीक्षा टिप: लगभग 565 रियासतें, पटेल और वी. पी. मेनन, विलय पत्र, तथा गोवा और पांडिचेरी यूरोपीय उपनिवेश।

Q16.भारतीय इतिहासपूछा गया: CTET · 21st Jan 2022मध्यम

मुगलों द्वारा विविध पृष्ठभूमियों से मनसबदारों की भर्ती करने का कारण था _______।

  1. A.मनसबदारों और प्रजा के बीच भाषा की दूरी कम करना।
  2. B.साम्राज्य के विस्तार के साथ अलग-अलग क्षेत्रों के अमीरों की सेवाएं लेना।
  3. C.विविध क्षेत्रों के लोगों का समर्थन और निष्ठा जुटाना।
  4. D.समावेश और विश्वबंधुत्व के विचार को बढ़ावा देना।
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. साम्राज्य के विस्तार के साथ अलग-अलग क्षेत्रों के अमीरों की सेवाएं लेना।

व्याख्या

सही उत्तर है B, साम्राज्य के विस्तार के साथ अलग-अलग क्षेत्रों के अमीरों की सेवाएं लेना। मनसबदार वह अधिकारी था जिसे मनसब यानी एक पद मिलता था, जिससे दरबार में उसका स्थान, वेतन और उसके द्वारा तैयार रखे जाने वाले घुड़सवारों की संख्या तय होती थी। जैसे-जैसे साम्राज्य राजस्थान, दक्कन और पूर्व तक फैला, मुगलों को ऐसे सेनापति और प्रशासक चाहिए थे जो उन क्षेत्रों को जानते हों, इसलिए तूरानी, ईरानी, अफगान, राजपूत और दक्कनी सभी सेवा में लिए गए। अकबर ने इस भर्ती को विशेष रूप से चौड़ा किया, और वेतन जागीर से दिया जाता था, यानी किसी भूभाग के राजस्व का आवंटन। A गलत है क्योंकि भाषा इस नीति का कारण नहीं थी। C गलत है क्योंकि स्थानीय निष्ठा अधिक से अधिक एक परिणाम थी, उद्देश्य नहीं। D गलत है क्योंकि लक्ष्य बढ़ते साम्राज्य का व्यावहारिक प्रशासन था, कोई सामाजिक आदर्श नहीं। परीक्षा टिप: मनसब यानी पद, जात से दर्जा और वेतन, सवार से घुड़सवार तय होते थे।

Q17.भारतीय इतिहासपूछा गया: CTET · 21st Jan 2022मध्यम

प्राचीन भारतीय काल को समझने के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा प्राथमिक स्रोत है?

  1. A.सूरत हुंडी
  2. B.समुद्रगुप्त की प्रशस्ति
  3. C.कंदारिया महादेव मंदिर
  4. D.नागभट्ट की प्रशस्ति
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. समुद्रगुप्त की प्रशस्ति

व्याख्या

सही उत्तर है B, समुद्रगुप्त की प्रशस्ति। प्राथमिक स्रोत वह होता है जो उसी काल में तैयार हुआ हो जिसका अध्ययन किया जा रहा है। प्रयाग स्तंभ लेख, जिसे दरबारी कवि हरिषेण ने समुद्रगुप्त की स्तुति में रचा था, चौथी शताब्दी ईस्वी में उत्कीर्ण हुआ था, अर्थात प्राचीन काल के भीतर ही। इसमें उन राजाओं के नाम हैं जिन्हें उसने उत्तर और दक्षिण में हराया तथा उन शासकों के भी जिन्होंने कर भेजा। यह लेख अशोक के पुराने स्तंभ पर खुदा है, इसलिए एक ही पत्थर दो अलग युगों का लेखन संभाले हुए है। A गलत है क्योंकि सूरत हुंडी व्यापारियों का विनिमय पत्र है और मध्यकालीन तथा आधुनिक व्यापार जगत से जुड़ी है। C गलत है क्योंकि खजुराहो का कंदारिया महादेव मंदिर चंदेल शासकों ने ग्यारहवीं शताब्दी में बनवाया था, जो मध्यकाल में आता है। D गलत है क्योंकि नागभट्ट आठवीं और नवीं शताब्दी के प्रतिहार शासक थे, जो पूर्व मध्यकाल है। परीक्षा टिप: हरिषेण ने समुद्रगुप्त की प्रयाग प्रशस्ति अशोक स्तंभ पर लिखी थी।

Q18.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC MTS · 2 Nov 2021, Shift 1कठिन

चोल अभिलेखों में 'तिरुनमत्तुक्कणि' किसे कहा गया है?

  1. A.ब्राह्मणों को दी गई भूमि
  2. B.गैर-ब्राह्मण किसान भू-स्वामियों की भूमि
  3. C.जैन संस्थाओं को दान की गई भूमि
  4. D.मंदिरों को दी गई भूमि
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. मंदिरों को दी गई भूमि

व्याख्या

सही उत्तर है D, मंदिरों को दी गई भूमि। चोल अभिलेखों में भूमि-दान के हर प्रकार के लिए अलग शब्द मिलता है और 'तिरुनमत्तुक्कणि' वह भूमि है जिसकी उपज मंदिर के लिए रखी जाती थी। चोल नौवीं से तेरहवीं शताब्दी तक कावेरी डेल्टा पर शासन करते थे और अपनी भूमि-व्यवस्था का ब्योरा तमिल में मंदिरों की दीवारों पर खुदवाते थे, इसलिए आज भी हर श्रेणी का नाम पता चलता है। इन्हीं सूचियों में 'ब्रह्मदेय' ब्राह्मणों को दी गई भूमि थी, 'वेल्लानवगई' कर देने वाले गैर-ब्राह्मण किसान भू-स्वामियों की भूमि थी, 'शालाभोग' वह भूमि थी जिसकी आय से विद्यालय चलता था और 'पल्लिच्छंदम' जैन संस्थाओं को दी गई भूमि थी। A गलत है क्योंकि ब्राह्मणों को दी गई भूमि ब्रह्मदेय कहलाती थी। B गलत है क्योंकि गैर-ब्राह्मण किसानों की भूमि वेल्लानवगई थी। C गलत है क्योंकि जैन संस्थाओं को दी गई भूमि पल्लिच्छंदम थी। परीक्षा टिप: ब्रह्मदेय - ब्राह्मण, वेल्लानवगई - किसान, शालाभोग - विद्यालय, पल्लिच्छंदम - जैन, तिरुनमत्तुक्कणि - मंदिर।

Q19.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 14 Feb 2019, Shift 3मध्यम

रैयतवाड़ी व्यवस्था किसके द्वारा शुरू की गई थी?

  1. A.वॉरेन हेस्टिंग्स
  2. B.लॉर्ड कॉर्नवालिस
  3. C.थॉमस मुनरो
  4. D.लॉर्ड रिपन
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. थॉमस मुनरो

व्याख्या

सही उत्तर है C, थॉमस मुनरो। रैयतवाड़ी बंदोबस्त थॉमस मुनरो ने कैप्टन अलेक्जेंडर रीड के साथ तैयार किया और 1820 से मद्रास प्रेसीडेंसी में लागू किया, जहाँ मुनरो उस समय गवर्नर थे। इस व्यवस्था में लगान सीधे रैयत, अर्थात् अलग-अलग किसान के साथ तय किया जाता था, और जब तक वह लगान चुकाता रहे, उसे अपने खेत का स्वामी माना जाता था। बीच में कोई जमींदार नहीं होता था, और मिट्टी के सर्वेक्षण के बाद हर तीस वर्ष में लगान की दर संशोधित की जाती थी। यह व्यवस्था आगे मद्रास, बंबई, असम और बरार के बड़े भाग में, यानी लगभग आधे ब्रिटिश भारत में लागू हुई, और नकद में ऊँची मांग ने बहुत किसानों को कर्ज में डुबो दिया। A गलत है क्योंकि वॉरेन हेस्टिंग्स ने बंगाल में नीलामी से लगान वसूली का प्रयोग किया था। B गलत है क्योंकि लॉर्ड कॉर्नवालिस ने 1793 में जमींदारों के साथ स्थायी बंदोबस्त लागू किया। D गलत है क्योंकि लॉर्ड रिपन स्थानीय स्वशासन और इल्बर्ट बिल के लिए याद किए जाते हैं। परीक्षा टिप: स्थायी बंदोबस्त 1793 कॉर्नवालिस, रैयतवाड़ी मुनरो, महालवाड़ी उत्तर-पश्चिमी प्रांत।

Q20.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC MTS · 5 Oct 2021, Shift 1मध्यम

ब्रिटिश भारत में वर्ष 1878 में निम्नलिखित में से कौन-सा अधिनियम बनाया गया था?

  1. A.भारतीय संविदा अधिनियम
  2. B.ईस्ट इंडिया स्टॉक डिविडेंड रिडेम्पशन अधिनियम
  3. C.संपत्ति अंतरण अधिनियम
  4. D.वर्नाक्युलर प्रेस अधिनियम
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. वर्नाक्युलर प्रेस अधिनियम

व्याख्या

सही उत्तर है D, वर्नाक्युलर प्रेस अधिनियम। वर्नाक्युलर प्रेस अधिनियम 1878 में लॉर्ड लिटन ने बनाया था, ताकि भारतीय भाषाओं के अखबारों की आवाज़ दबाई जा सके, जो अकाल और दिल्ली दरबार के खर्च को लेकर ब्रिटिश शासन की कड़ी आलोचना करने लगे थे। इसके तहत मजिस्ट्रेट किसी भी भारतीय भाषा के अखबार के मुद्रक से बंधपत्र और जमानत की रकम माँग सकता था और अगर अखबार में राजद्रोही माना गया कुछ छपे तो छापाखाना जब्त कर सकता था, जबकि अंग्रेज़ी अखबारों पर यह नियम लागू नहीं था। इस खुले भेदभाव के कारण इसे 'मुँह बंद करने वाला कानून' कहा गया और लॉर्ड रिपन ने 1882 में इसे रद्द कर दिया। A गलत है क्योंकि भारतीय संविदा अधिनियम 1872 में बना। B गलत है क्योंकि ईस्ट इंडिया स्टॉक डिविडेंड रिडेम्पशन अधिनियम 1873 का है, जब कंपनी का स्टॉक समाप्त किया गया। C गलत है क्योंकि संपत्ति अंतरण अधिनियम 1882 में आया, उसी वर्ष जब वर्नाक्युलर प्रेस अधिनियम हटाया गया। परीक्षा टिप: लिटन - 1878 वर्नाक्युलर प्रेस अधिनियम, रिपन - 1882 में रद्द।

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