सूफी परंपरा के संदर्भ में 'खानकाह' शब्द किसके लिए प्रयुक्त होता था?
- A.नरक
- B.कब्रिस्तान
- C.आश्रय स्थल
- D.स्वर्ग
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. आश्रय स्थल
व्याख्या
सही उत्तर C, आश्रय स्थल है। खानकाह वह आश्रम या निवास था जहाँ सूफी गुरु अपने शिष्यों के साथ रहता, शिक्षा देता, भक्ति संगीत की महफिलें करता और द्वार पर आए हर व्यक्ति को भोजन कराता था, चाहे उसका धर्म या जाति कुछ भी हो। यह किसी सिलसिले का कार्यकेंद्र था, और अजमेर, दिल्ली तथा अजोधन की चिश्ती खानकाहों में हर वर्ग के लोग आते थे, इसीलिए सल्तनत काल के सामाजिक इतिहास में इनका इतना महत्व है। विकल्प A और विकल्प D गलत हैं, क्योंकि इस शब्दावली में स्वर्ग के लिए जन्नत और नरक के लिए जहन्नुम शब्द हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि सूफी संत के मकबरे को दरगाह कहा जाता है और वहाँ मनाई जाने वाली पुण्यतिथि उर्स कहलाती है। जमात खाना और समा शब्द भी याद रखने योग्य हैं।