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भारतीय इतिहास क्विज: मराठा और सिख

  • 11 प्रश्न
  • 11 मिनट
  • कठिनाई: मध्यम
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इस क्विज के बारे में

भारतीय इतिहास के अंतर्गत "मराठा और सिख" विषय पर यह क्विज़ 11 बहुविकल्पीय प्रश्न रखता है, जो GK24 के इसी विषय के नोट्स के साथ प्रकाशित सत्यापित प्रश्न हैं, जिनमें 5 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे गए हैं। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और शेष विकल्पों के गलत होने की पूरी व्याख्या दी गई है, ताकि आप केवल उत्तर याद न करें बल्कि उसके पीछे का तथ्य समझें। नोट्स पढ़ने के तुरंत बाद इसे हल करें, निर्धारित समय का पालन करें, और अंत में व्याख्याएं पढ़कर कमजोर बिंदु चिह्नित करें। परीक्षा से पहले दोहराव के लिए इसे दोबारा दें।

इस क्विज के प्रश्न

11 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.भारतीय इतिहासपूछा गया: दिल्ली · 5th Sep 2021, Shift 1कठिन

1818 में तृतीय आंग्ल-मराठा युद्ध के परिणामस्वरूप अंग्रेजों और होल्कर शासक के बीच कौन-सी संधि हुई?

  1. A.पुरंदर की संधि
  2. B.ग्वालियर की संधि
  3. C.सूरत की संधि
  4. D.मंदसौर की संधि
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. मंदसौर की संधि

व्याख्या

सही उत्तर D, मंदसौर की संधि है। 1817 से 1818 के तृतीय आंग्ल-मराठा युद्ध का निपटारा अलग-अलग मराठा घरानों से अलग-अलग संधियों द्वारा हुआ और इंदौर के होल्कर शासक से जनवरी 1818 में मंदसौर (मंदेश्वर) में संधि हुई। इससे होल्कर राज्य कंपनी के अधीन आ गया और उसकी स्वतंत्रता समाप्त हो गई। विकल्प A गलत है क्योंकि 1665 की पुरंदर संधि शिवाजी और मिर्जा राजा जय सिंह के बीच हुई थी, जब दक्कन में कंपनी का कोई महत्व नहीं था। विकल्प B गलत है क्योंकि 1817 की ग्वालियर संधि दौलतराव सिंधिया से हुई थी, होल्कर से नहीं, और विद्यार्थी अक्सर इन दोनों घरानों को आपस में बदल देते हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि 1775 की सूरत संधि रघुनाथ राव से हुई थी और उसी से प्रथम आंग्ल-मराठा युद्ध आरंभ हुआ था।

Q2.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 6 March 2019, Shift 1मध्यम

मुगल सेना के विरुद्ध सिंहगढ़ किले की सफल रक्षा में कौन-सा मराठा योद्धा वीरगति को प्राप्त हुआ?

  1. A.चिमाजी अप्पा
  2. B.बाजी प्रभु देशपांडे
  3. C.तानाजी मालुसरे
  4. D.बाजी पासलकर
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. तानाजी मालुसरे

व्याख्या

सही उत्तर C, तानाजी मालुसरे है। तानाजी ने 1670 में रात के आक्रमण से कोंडाना किला मुगल सैन्य टुकड़ी से छीना और इसी लड़ाई में वीरगति को प्राप्त हुए। कहा जाता है कि शिवाजी ने कहा कि गढ़ आया पर सिंह गया, और इसके बाद किले का नाम सिंहगढ़ पड़ा। विकल्प A गलत है क्योंकि चिमाजी अप्पा पेशवा बाजीराव प्रथम के भाई थे और 1739 में पुर्तगालियों से वसई जीतने के लिए याद किए जाते हैं, जो लगभग सत्तर वर्ष बाद की घटना है। विकल्प B गलत है क्योंकि बाजी प्रभु देशपांडे 1660 में पावन खिंड को रोककर शहीद हुए थे ताकि शिवाजी सुरक्षित विशालगढ़ पहुंच सकें; यह अलग प्रसंग है जिसे प्रश्नपत्र जानबूझकर विकल्पों में रखते हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि बाजी पासलकर पुणे क्षेत्र के आरंभिक साथी थे और कोंडाना से उनका संबंध नहीं है।

Q3.भारतीय इतिहासपूछा गया: हरियाणा · 9 Jan 2021, Shift 1मध्यम

छत्रपति शिवाजी के अष्टप्रधान में वित्त मंत्री को क्या कहा जाता था?

  1. A.पेशवा
  2. B.सुरनवीस
  3. C.सुमंत
  4. D.अमात्य
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. अमात्य

व्याख्या

सही उत्तर D, अमात्य है। अमात्य, जिसे मजूमदार भी कहा जाता था, राज्य के लेखे रखता था और हर परगने की आय-व्यय की जांच करता था, इसलिए वही आठ मंत्रियों में वित्त का अधिकारी माना जाता है। विकल्प A गलत है क्योंकि पेशवा मुख्य प्रधान था जो सामान्य प्रशासन देखता और शासक की अनुपस्थिति में उसका प्रतिनिधित्व करता था; बाद के काल में यह पद सर्वोपरि हो गया, पर वह वित्त विभाग कभी नहीं था। विकल्प B गलत है क्योंकि सचिव, जिसे सुरनवीस भी कहते थे, राजकीय पत्राचार देखता और पत्रों तथा सनदों की भाषा जांचता था। विकल्प C गलत है क्योंकि सुमंत, जिसे डबीर कहा जाता था, विदेश विभाग का मंत्री था और दूसरे राज्यों के दूतों से व्यवहार करता था। याद रखने का सरल तरीका है तीन जोड़ियां: अमात्य से धन, सचिव से पत्र और सुमंत से विदेश।

Q4.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 16 Nov 2021, Shift 1आसान

मराठों और अफगानिस्तान के शासक अहमद शाह दुर्रानी के बीच पानीपत का तीसरा युद्ध किस वर्ष लड़ा गया?

  1. A.1781
  2. B.1851
  3. C.1761
  4. D.1831
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 1761

व्याख्या

सही उत्तर C, 1761 है। पानीपत का तीसरा युद्ध 14 जनवरी 1761 को सदाशिवराव भाऊ के नेतृत्व वाली मराठा सेना, जिसमें पेशवा पुत्र विश्वासराव भी थे, और रोहिलों तथा अवध के नवाब की सहायता प्राप्त अहमद शाह अब्दाली (दुर्रानी) के बीच लड़ा गया। मराठों की भारी क्षति हुई और कुछ ही महीनों में पेशवा बालाजी बाजीराव का निधन हो गया। विकल्प A गलत है क्योंकि 1781 प्रथम आंग्ल-मराठा युद्ध का वर्ष है, जो 1782 की सालबाई संधि पर समाप्त हुआ। विकल्प B गलत है क्योंकि 1851 तक मराठा संघ 1818 में समाप्त हो चुका था और पंजाब का विलय भी हो चुका था। विकल्प D गलत है क्योंकि 1831 कंपनी के प्रभुत्व का काल है और उस समय पानीपत में कोई युद्ध नहीं हुआ। पानीपत के तीन युद्ध 1526, 1556 और 1761 में हुए।

Q5.भारतीय इतिहासपूछा गया: दिल्ली · 11 Nov 2018, Shift 3मध्यम

छत्रपति शिवाजी के प्रशासन में पंडितराव का कार्य क्या था?

  1. A.विदेश विभाग
  2. B.दान और धार्मिक कार्य
  3. C.महालेखाकार
  4. D.न्याय
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. दान और धार्मिक कार्य

व्याख्या

सही उत्तर B, दान और धार्मिक कार्य है। पंडितराव अष्टप्रधान में धार्मिक विभाग का प्रमुख था, जो धार्मिक अनुष्ठानों की तिथियां तय करता, मंदिरों तथा विद्वानों को दिए जाने वाले अनुदान की देखरेख करता और धार्मिक आचरण से जुड़े अपराधों पर दंड देता था। विकल्प A गलत है क्योंकि विदेश विभाग सुमंत या डबीर के पास था, जो दूतों का आदान-प्रदान करता था। विकल्प C गलत है क्योंकि लेखा और वित्त अमात्य या मजूमदार का काम था, जो परगनों की आय-व्यय की जांच करता था। विकल्प D गलत है क्योंकि न्याय का काम न्यायाधीश करता था, जो प्रथा और प्राचीन धर्मशास्त्रों के आधार पर दीवानी तथा फौजदारी मामले तय करता था। यह भी याद रखें कि शेष छह मंत्रियों के विपरीत पंडितराव और न्यायाधीश को सैनिक दायित्व नहीं दिया जाता था।

Q6.भारतीय इतिहासआसान

गुरु गोबिंद सिंह ने खालसा की स्थापना किस वर्ष की?

  1. A.1604
  2. B.1675
  3. C.1699
  4. D.1708
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 1699

व्याख्या

सही उत्तर C, 1699 है। 1699 की बैसाखी पर आनंदपुर साहिब में गुरु गोबिंद सिंह ने पहले पांच स्वयंसेवकों, पंज प्यारे, को खंडे की पाहुल से अमृत छकाया और खालसा पंथ की स्थापना की, जिसके सदस्यों को पांच ककार तथा सिंह और कौर नाम दिए गए। विकल्प A गलत है क्योंकि 1604 में गुरु अर्जुन देव ने आदि ग्रंथ पूरा कर हरमंदिर साहिब में स्थापित किया था। विकल्प B गलत है क्योंकि 1675 में औरंगजेब के शासन में दिल्ली में गुरु तेग बहादुर की शहादत हुई, जिसके बाद गुरु गोबिंद सिंह गद्दी पर बैठे। विकल्प D गलत है क्योंकि 1708 में नांदेड़ में गुरु गोबिंद सिंह का देहावसान हुआ, जिससे पहले उन्होंने गुरु ग्रंथ साहिब को शाश्वत गुरु घोषित किया। इन चार वर्षों को क्रम से याद रखना इस पूरे वर्ग के प्रश्नों को हल कर देता है।

Q7.भारतीय इतिहासआसान

सिखों के पहले प्रामाणिक ग्रंथ आदि ग्रंथ का संकलन किसने किया?

  1. A.गुरु नानक
  2. B.गुरु अंगद
  3. C.गुरु अर्जुन देव
  4. D.गुरु हरगोबिंद
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. गुरु अर्जुन देव

व्याख्या

सही उत्तर C, गुरु अर्जुन देव है। पांचवें गुरु ने अपने से पहले के गुरुओं की वाणी के साथ कबीर, नामदेव, रविदास और शेख फरीद जैसे संतों के पद एकत्र कर 1604 में आदि ग्रंथ पूरा किया और उसे अमृतसर के हरमंदिर साहिब में स्थापित किया, जहां बाबा बुड्ढा पहले ग्रंथी बने। विकल्प A गलत है क्योंकि गुरु नानक ने वाणी का बड़ा भाग रचा अवश्य, पर ग्रंथ का संकलन नहीं किया; यह संकलन उनके चार उत्तराधिकारियों के बाद हुआ। विकल्प B गलत है क्योंकि गुरु अंगद गुरुमुखी लिपि को व्यवस्थित रूप देने और लंगर परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए जाने जाते हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि गुरु अर्जुन देव के पुत्र गुरु हरगोबिंद मीरी और पीरी की दो तलवारों तथा हरमंदिर साहिब के सामने अकाल तख्त के निर्माण के लिए स्मरण किए जाते हैं।

Q8.भारतीय इतिहासमध्यम

महाराजा रणजीत सिंह ने किस संधि द्वारा सतलुज को अपने विस्तार की सीमा स्वीकार किया?

  1. A.लाहौर की संधि, 1846
  2. B.अमृतसर की संधि, 1809
  3. C.बसीन की संधि, 1802
  4. D.सालबाई की संधि, 1782
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. अमृतसर की संधि, 1809

व्याख्या

सही उत्तर B, 1809 की अमृतसर संधि है। इस संधि से रणजीत सिंह और ईस्ट इंडिया कंपनी ने तय किया कि सतलुज नदी दोनों के प्रभाव क्षेत्रों को बांटेगी, जिससे सतलुज के इस पार के सिख सरदार कंपनी के संरक्षण में चले गए और रणजीत सिंह ने अपना ध्यान पश्चिम में मुल्तान, कश्मीर और पेशावर की ओर मोड़ा। विकल्प A गलत है क्योंकि 1846 की लाहौर संधि प्रथम आंग्ल-सिख युद्ध के अंत में हुई, जो रणजीत सिंह की मृत्यु के सात वर्ष बाद की घटना है, और इसमें जालंधर दोआब तथा भारी हर्जाना देना पड़ा। विकल्प C गलत है क्योंकि 1802 की बसीन संधि मराठा पेशवा बाजीराव द्वितीय ने की थी, जिसमें उन्होंने सहायक संधि स्वीकार की। विकल्प D गलत है क्योंकि 1782 की सालबाई संधि ने प्रथम आंग्ल-मराठा युद्ध समाप्त किया और उसका पंजाब से कोई संबंध नहीं है।

Q9.भारतीय इतिहासआसान

मराठों द्वारा वसूली जाने वाली चौथ आय का कितना भाग होती थी?

  1. A.एक-दसवां
  2. B.एक-छठा
  3. C.एक-चौथाई
  4. D.एक-तिहाई
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. एक-चौथाई

व्याख्या

सही उत्तर C, एक-चौथाई है। चौथ शब्द ही चार से बना है और यह मराठा राज्य के बाहर के किसी क्षेत्र की आय का एक-चौथाई भाग था, जो इसलिए दिया जाता था कि मराठा सेनाएं वहां आक्रमण न करें और सिद्धांततः उसकी रक्षा करें। विकल्प A गलत है क्योंकि एक-दसवां भाग सरदेशमुखी था, जिसे शिवाजी महाराष्ट्र के वंशानुगत सरदेशमुख होने के दावे पर वसूलते थे, और यही जोड़ी प्रश्नपत्रों में आपस में बदल दी जाती है। विकल्प B गलत है क्योंकि एक-छठा भाग प्राचीन धर्मशास्त्रों में उल्लिखित राजा का पारंपरिक भाग है, कोई मराठा वसूली नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि एक-तिहाई की कोई मराठा मांग नहीं थी; अपने राज्य की भूमि पर राजस्व की अलग व्यवस्था थी, जो अन्नाजी दत्तो से जुड़ी मानी जाती है।

Q10.भारतीय इतिहासमध्यम

मराठा राज्य में वंशानुगत पेशवा परंपरा का पहला पेशवा कौन था?

  1. A.बाजीराव प्रथम
  2. B.बालाजी विश्वनाथ
  3. C.माधवराव प्रथम
  4. D.नाना फडणवीस
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. बालाजी विश्वनाथ

व्याख्या

सही उत्तर B, बालाजी विश्वनाथ है। 1713 में शाहू ने उन्हें पेशवा नियुक्त किया और उन्होंने मुगल दरबार से दक्कन में चौथ तथा सरदेशमुखी वसूलने का अधिकार प्राप्त किया; इसके बाद यह पद उनके परिवार में वंशानुगत हो गया और पूना से पेशवा शासन चलाने लगे, जबकि सतारा के छत्रपति नाममात्र के शासक रह गए। विकल्प A गलत है क्योंकि मालवा और गुजरात तक मराठा शक्ति फैलाने वाले बाजीराव प्रथम उनके पुत्र और इस परंपरा के दूसरे पेशवा थे। विकल्प C गलत है क्योंकि पानीपत के बाद मराठा शक्ति को संभालने वाले माधवराव प्रथम बहुत बाद में आए और 1772 में उनका निधन हुआ। विकल्प D गलत है क्योंकि नाना फडणवीस कभी पेशवा नहीं बने; वे माधवराव द्वितीय के अल्पवयस्क काल में पूना दरबार संभालने वाले प्रमुख मंत्री और संघ के बड़े राजनयिक थे।

Q11.भारतीय इतिहासआसान

1849 में पंजाब का ब्रिटिश भारत में विलय किस गवर्नर जनरल ने किया?

  1. A.लॉर्ड वेलेजली
  2. B.लॉर्ड हेस्टिंग्स
  3. C.लॉर्ड डलहौजी
  4. D.लॉर्ड कैनिंग
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. लॉर्ड डलहौजी

व्याख्या

सही उत्तर C, लॉर्ड डलहौजी है। 1848 से 1849 का द्वितीय आंग्ल-सिख युद्ध गुजरात के युद्ध में सिख सेना की पराजय पर समाप्त हुआ और डलहौजी ने 1849 में पंजाब का विलय कर उसे प्रशासन बोर्ड के अधीन रखा तथा बालक महाराजा दलीप सिंह को निर्वासित कर दिया। विकल्प A गलत है क्योंकि 1798 से 1805 तक गवर्नर जनरल रहे लॉर्ड वेलेजली सहायक संधि व्यवस्था और बसीन की संधि के लिए याद किए जाते हैं, पंजाब के लिए नहीं। विकल्प B गलत है क्योंकि लॉर्ड हेस्टिंग्स ने 1817 से 1818 का तृतीय आंग्ल-मराठा युद्ध लड़ा और पेशवा पद समाप्त किया, जबकि उनके काल में रणजीत सिंह का पंजाब स्वतंत्र था। विकल्प D गलत है क्योंकि लॉर्ड कैनिंग 1857 के विद्रोह के समय गवर्नर जनरल थे और 1858 में पहले वायसराय बने, जो विलय से लगभग एक दशक बाद की बात है।

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