भारत में हरित क्रांति के संदर्भ में, HYVP का पूर्ण रूप क्या है?
- A.हाई-यील्डिंग वैराइटीज़ प्रोग्राम
- B.हाई-यील्डिंग वैराइटीज़ प्लांट्स
- C.हाई-यील्डिंग वैराइटीज़ पैटर्न
- D.हाई-यील्डिंग वैराइटीज़ पेटेंट
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. हाई-यील्डिंग वैराइटीज़ प्रोग्राम
व्याख्या
सही उत्तर है A, हाई-यील्डिंग वैराइटीज़ प्रोग्राम, यानी अधिक उपज देने वाली किस्मों का कार्यक्रम। यह कार्यक्रम 1966-67 में शुरू हुआ और इसी ने बौनी, अधिक उपज वाली किस्मों के बीज फैलाकर हरित क्रांति को खेतों तक पहुँचाया। इसमें पाँच फसलें थीं, गेहूँ, चावल, मक्का, ज्वार और बाजरा, और बीज के साथ सुनिश्चित सिंचाई, रासायनिक उर्वरक, कीटनाशक तथा कृषि ऋण का पूरा पैकेज दिया गया, इसलिए इस बदलाव को बीज-उर्वरक-जल प्रौद्योगिकी कहा जाता है। सबसे अधिक लाभ पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश को हुआ और गेहूँ का उत्पादन सबसे तेज बढ़ा, इसी कारण आरंभिक हरित क्रांति को गेहूँ क्रांति भी कहते हैं। नॉर्मन बोरलॉग ने मैक्सिको की बौनी गेहूँ किस्में दीं और भारत में एम. एस. स्वामीनाथन ने काम का नेतृत्व किया। विकल्प B गलत है क्योंकि नाम में P का अर्थ प्रोग्राम है, प्लांट्स नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि पैटर्न नाम का हिस्सा नहीं है। विकल्प D गलत है क्योंकि इस कार्यक्रम का बीज के पेटेंट से कोई संबंध नहीं था। परीक्षा टिप: HYVP 1966-67, पाँच फसलें, सर्वाधिक लाभ गेहूँ को।