आईआईपी में पूँजीगत वस्तुओं के उत्पादन में लगातार वृद्धि को सामान्यतः किसका संकेत माना जाता है?
- A.रोजमर्रा की वस्तुओं की उपभोक्ता माँग बढ़ने का
- B.अर्थव्यवस्था में निवेश गतिविधि के पुनर्जीवन का
- C.निर्यात प्रतिस्पर्धा सुधरने का
- D.औद्योगिक वस्तुओं में महँगाई बढ़ने का
सही उत्तर
B. अर्थव्यवस्था में निवेश गतिविधि के पुनर्जीवन का
व्याख्या
सही उत्तर B, निवेश गतिविधि के पुनर्जीवन का है। पूँजीगत वस्तुएँ वे मशीन, संयंत्र और उपकरण हैं जो उपभोग के लिए नहीं बल्कि अन्य वस्तुएँ बनाने के लिए खरीदे जाते हैं, और कोई उद्यम उन्हें तभी मँगाता है जब उसे माँग इतनी बढ़ने की आशा हो कि क्षमता बढ़ाना उचित लगे। इसलिए पूँजीगत वस्तुओं के लगातार अच्छे आँकड़े अर्थशास्त्रियों को बताते हैं कि व्यवसाय फिर निवेश कर रहे हैं, और यही कारण है कि 8.22 प्रतिशत के छोटे भार के बावजूद इस श्रेणी का उल्लेख सबसे अधिक होता है। विकल्प A उपभोक्ता गैर टिकाऊ वस्तुओं से संबंधित है, जो रोजमर्रा के उपभोग का पता देती हैं। विकल्प C इसलिए गलत है कि निर्यात प्रतिस्पर्धा व्यापार आँकड़ों और विनिमय दर से आँकी जाती है, किसी घरेलू मात्रा सूचकांक से नहीं। विकल्प D सिद्धांत रूप में गलत है, क्योंकि आईआईपी मात्राएँ मापता है और उसमें कीमत की कोई सूचना ही नहीं होती, इसलिए उसकी कोई हलचल अपने आप महँगाई का संकेत नहीं दे सकती।
पूरा लेख पढ़ें: औद्योगिक उत्पादन सूचकांक: भार और आठ प्रमुख उद्योग
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंभारत में औद्योगिक उत्पादन सूचकांक कौन सी संस्था तैयार करके जारी करती है?
- A.उद्योग तथा आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग
- B.राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय, सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय
- C.भारतीय रिज़र्व बैंक
- D.नीति आयोग
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय, सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय
व्याख्या
सही उत्तर B, राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय है। यह सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के अधीन काम करता है, विभिन्न मंत्रालयों में फैली एक दर्जन से अधिक स्रोत संस्थाओं से उत्पादन विवरणियाँ जुटाता है, और हर माह आईआईपी को त्वरित अनुमान के रूप में प्रकाशित करता है, जिसे पूरे आँकड़े आने पर संशोधित किया जाता है। विकल्प A, उद्योग तथा आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग, आईआईपी के लिए गलत उत्तर है किंतु एक संबंधित सूचकांक के लिए सही, क्योंकि उसका आर्थिक सलाहकार कार्यालय आठ प्रमुख उद्योगों का सूचकांक तथा थोक मूल्य सूचकांक तैयार करता है; परीक्षक इसी उलझन का सहारा लेते हैं। विकल्प C, भारतीय रिज़र्व बैंक, मौद्रिक नीति बनाते समय आईआईपी का भारी उपयोग करता है किंतु उसे तैयार नहीं करता। विकल्प D, नीति आयोग, एक नीति विचार संस्था है और उसका इस प्रकार का कोई सांख्यिकीय उत्पादन कार्य ही नहीं है।
निम्नलिखित में से कौन सा क्षेत्र औद्योगिक उत्पादन सूचकांक में सम्मिलित नहीं है?
- A.खनन
- B.विनिर्माण
- C.बिजली
- D.कृषि
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. कृषि
व्याख्या
सही उत्तर D, कृषि है। आईआईपी औद्योगिक क्षेत्र तक सीमित है और उसके ठीक तीन घटक हैं, अर्थात खनन, विनिर्माण और बिजली, जो विकल्प A, B और C हैं। कृषि तथा संपूर्ण सेवा क्षेत्र, जो मिलकर भारत के उत्पादन का बड़ा भाग बनाते हैं, इस सूचकांक से बाहर हैं, और इसी कारण आईआईपी में वृद्धि को अपने आप अर्थव्यवस्था की वृद्धि कभी नहीं कहा जा सकता। यह बात कथन के रूप में पूछी जाती है, जहाँ अभ्यर्थी से पूछा जाता है कि आईआईपी समग्र आर्थिक गतिविधि दर्शाता है या नहीं; उत्तर यह है कि वह केवल औद्योगिक गतिविधि दर्शाता है। कृषि उत्पादन फसल अनुमानों तथा कृषि उत्पादन के अग्रिम अनुमानों से मापा जाता है और सेवाएँ अलग संकेतकों से, और ये सब केवल राष्ट्रीय लेखों में एक साथ आते हैं।
औद्योगिक उत्पादन सूचकांक के तीन क्षेत्रों में सबसे अधिक भार किसका है?
- A.खनन
- B.विनिर्माण
- C.बिजली
- D.निर्माण
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. विनिर्माण
व्याख्या
सही उत्तर B, विनिर्माण है, जिसका भार सूचकांक में 77.63 प्रतिशत है। विकल्प A, खनन, का भार 14.37 प्रतिशत और विकल्प C, बिजली, का 7.99 प्रतिशत है, अर्थात तीनों मिलकर सौ बनते हैं। चूँकि विनिर्माण का भार इतना भारी है, मासिक मुख्य आँकड़ा प्रायः कारखानों के उत्पादन के साथ चलता है, और खनन या बिजली का एक बुरा महीना कारखानों के अच्छे महीने से पूरी तरह संतुलित हो सकता है। विकल्प D, निर्माण, आईआईपी का घटक ही नहीं है, और यही इस प्रश्न का जाल है; निर्माण गतिविधि केवल उपयोग आधारित वर्गीकरण की अधोसंरचना तथा निर्माण वस्तु श्रेणी के माध्यम से अप्रत्यक्ष रूप से दिखती है, जो सीमेंट और इस्पात ढाँचों जैसी वस्तुओं का उत्पादन मापती है, स्वयं भवन निर्माण का काम नहीं। भार आधार वर्ष 2011-12 के सकल मूल्य वर्धन हिस्सों से निकलते हैं।
2017 में अपनाई गई औद्योगिक उत्पादन सूचकांक श्रेणी का आधार वर्ष कौन सा है?
- A.1993-94
- B.2004-05
- C.2011-12
- D.2017-18
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 2011-12
व्याख्या
सही उत्तर C, 2011-12 है। 2017 में आईआईपी का आधार वर्ष 2011-12 कर दिया गया, वस्तु समूह को ताज़ा करके उसमें वे वस्तुएँ ली गईं जो पिछले संशोधन के बाद महत्वपूर्ण हो चुकी थीं, और भार उसी वर्ष के सकल मूल्य वर्धन हिस्सों से फिर निकाले गए। विकल्प B, 2004-05, उस श्रेणी का आधार था जिसका स्थान 2011-12 की श्रेणी ने लिया, और वही उत्तर वह अभ्यर्थी देता है जिसने पुरानी पाठ्यपुस्तक रटी है। विकल्प A, 1993-94, उससे भी पहले का आधार था, जो 2004-05 से पूर्व प्रयोग होता था, और वह उस काल के कई अन्य भारतीय सूचकांकों का भी आधार वर्ष रहा। विकल्प D, 2017-18, केवल वह वर्ष है जिसमें संशोधन की घोषणा हुई और वह इस सूचकांक का आधार वर्ष कभी नहीं रहा। आधार वर्ष ऐसा सामान्य वर्ष चुना जाता है जिसमें कोई असाधारण उलटफेर न हो, जिससे तुलना अर्थपूर्ण रहे।
आठ प्रमुख उद्योग मिलकर औद्योगिक उत्पादन सूचकांक के भार का कितना हिस्सा रखते हैं?
- A.लगभग 25 प्रतिशत
- B.लगभग 33 प्रतिशत
- C.लगभग 40 प्रतिशत
- D.लगभग 50 प्रतिशत
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. लगभग 40 प्रतिशत
व्याख्या
सही उत्तर C, लगभग 40 प्रतिशत है; ठीक आँकड़ा 40.27 प्रतिशत है। आठ प्रमुख उद्योग वे ऊर्जा तथा आधारभूत सामग्री उद्योग हैं जिन पर शेष विनिर्माण निर्भर करता है, और चूँकि वे आईआईपी का दो पाँचवाँ भाग बनाते हैं, उनका मासिक सूचकांक इस बात का अग्रिम संकेत माना जाता है कि कुछ समय बाद आने वाला पूरा सूचकांक क्या बताएगा। विकल्प A और B, 25 तथा 33 प्रतिशत, हिस्से को कम आँकते हैं और इसीलिए रखे जाते हैं कि अभ्यर्थी प्रायः इस आँकड़े को सकल मूल्य वर्धन में विनिर्माण के हिस्से या वन आवरण के एक तिहाई लक्ष्य से गड्डमड्ड कर देते हैं। विकल्प D, 50 प्रतिशत, उसे बढ़ाकर बताता है; आईआईपी के भीतर कोई समूह आधे भार तक नहीं पहुँचता, सिवाय संपूर्ण विनिर्माण के, जिसका भार 77.63 प्रतिशत है। कोर सेक्टर के लिए 40.27 और विनिर्माण के लिए 77.63 की जोड़ी याद रखने पर दोनों अलग बने रहते हैं।