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GK क्विजभारतीय अर्थव्यवस्था

भारतीय अर्थव्यवस्था मिश्रित क्विज: सेट 20

  • 20 प्रश्न
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इस क्विज के बारे में

भारतीय अर्थव्यवस्था मिश्रित क्विज़ (सेट 20) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 15 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: भारत में नियोजन और नीति आयोग, आईएमएफ, विश्व बैंक और विश्व व्यापार संगठन, भारतीय रिज़र्व बैंक और मौद्रिक नीति और अन्य। इनमें से 18 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 11 Feb 2019, Shift 2आसान

योजना आयोग की स्थापना कब की गई थी?

  1. A.2019
  2. B.2000
  3. C.1947
  4. D.1950
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. 1950

व्याख्या

सही उत्तर है D, 1950। योजना आयोग की स्थापना मार्च 1950 में केंद्रीय मंत्रिमंडल के एक प्रस्ताव से हुई थी, न संविधान से और न संसद के किसी अधिनियम से। इसी कारण यह एक संविधानेतर सलाहकार संस्था थी। प्रधानमंत्री इसका अध्यक्ष होता था; जवाहरलाल नेहरू पहले अध्यक्ष और गुलजारीलाल नंदा पहले उपाध्यक्ष बने। इसका काम देश के संसाधनों का आकलन करना और पंचवर्षीय योजनाएँ बनाना था। पहली पंचवर्षीय योजना 1951 से 1956 तक चली, जो हैरोड-डोमर मॉडल पर आधारित थी और जिसमें कृषि तथा सिंचाई को पहली प्राथमिकता दी गई। 1 जनवरी 2015 को योजना आयोग की जगह नीति आयोग बना, जो धन आवंटित नहीं करता, केवल सलाह देता है। A गलत है क्योंकि 2019 आयोग की स्थापना से दशकों बाद का वर्ष है। B गलत है क्योंकि 2000 में ऐसी कोई संस्था नहीं बनी। C गलत है क्योंकि 1947 स्वतंत्रता का वर्ष है, आयोग के बनने से तीन वर्ष पहले। परीक्षा टिप: योजना आयोग मार्च 1950, पहली योजना 1951-56, नीति आयोग 1 जनवरी 2015।

Q2.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: हरियाणा · 10 Jan 2021, Shift 2आसान

अंतर्राष्ट्रीय पुनर्निर्माण एवं विकास बैंक (IBRD) को किस अन्य नाम से भी जाना जाता है?

  1. A.विश्व बैंक
  2. B.अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष
  3. C.विश्व व्यापार संगठन
  4. D.इनमें से कोई नहीं
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. विश्व बैंक

व्याख्या

सही उत्तर है A, विश्व बैंक। अंतर्राष्ट्रीय पुनर्निर्माण एवं विकास बैंक (IBRD) विश्व बैंक समूह की सबसे पुरानी संस्था है और आम बोलचाल में 'विश्व बैंक' कहने पर इसी का अर्थ होता है। इसकी स्थापना 1944 के ब्रेटन वुड्स सम्मेलन में IMF के साथ तय हुई और इसने 1946 में काम शुरू किया — पहले दूसरे विश्वयुद्ध के बाद यूरोप के पुनर्निर्माण के लिए, बाद में विकास कार्यों को ऋण देने के लिए। इसका मुख्यालय वाशिंगटन डी.सी. में है और यह मध्यम आय वाले तथा साख योग्य निम्न आय वाले देशों को ऋण देता है। विश्व बैंक समूह में IDA भी है, जो सबसे गरीब देशों को ब्याजमुक्त सहायता देता है, तथा IFC, MIGA और ICSID शामिल हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि IMF ब्रेटन वुड्स की दूसरी संस्था है और विनिमय स्थिरता तथा भुगतान संतुलन सहायता देखता है, परियोजना ऋण नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि WTO ने 1995 में GATT की जगह ली और व्यापार नियम बनाता है; इसका मुख्यालय जेनेवा है। विकल्प D गलत है, क्योंकि विकल्प A सही है। परीक्षा टिप: विश्व बैंक = IBRD + IDA; समूह में IFC, MIGA, ICSID भी।

Q3.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: SSC CGL · 6 March 2020, Shift 1आसान

यदि किसी अर्थव्यवस्था में मुद्रास्फीति लगातार बढ़ रही है, तो केंद्रीय बैंक क्या कर सकता है?

  1. A.रेपो दर घटाए
  2. B.रेपो दर बढ़ाए
  3. C.रिवर्स रेपो दर घटाए
  4. D.रेपो दर अपरिवर्तित रखे
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. रेपो दर बढ़ाए

व्याख्या

सही उत्तर है B, रेपो दर बढ़ाए। रेपो दर वह दर है जिस पर भारतीय रिज़र्व बैंक सरकारी प्रतिभूतियों के बदले बैंकों को अल्पकालिक ऋण देता है। जब मुद्रास्फीति लगातार बढ़ती है, तो रिज़र्व बैंक इस दर को बढ़ा देता है; इससे बैंक कम उधार लेते हैं और अपने ऋणों पर अधिक ब्याज वसूलते हैं, खर्च तथा माँग ठंडी पड़ती है और कीमतें धीमी गति से बढ़ती हैं। इस कदम को महँगी मुद्रा या कसी हुई मौद्रिक नीति कहा जाता है, और यह निर्णय छह सदस्यों वाली मौद्रिक नीति समिति लेती है, जिसे खुदरा मुद्रास्फीति चार प्रतिशत पर, दोनों ओर दो प्रतिशत की छूट के साथ, बनाए रखनी होती है। A गलत है क्योंकि रेपो दर घटाने से मुद्रा सस्ती होती है और माँग बढ़ती है, जो मुद्रास्फीति कम रहने पर विकास बढ़ाने के लिए किया जाता है। C गलत है क्योंकि रिवर्स रेपो दर घटने पर बैंकों को रिज़र्व बैंक के पास धन रखना कम लाभदायक लगता है, इसलिए अधिक धन बाजार में रहता है और मुद्रास्फीति और बढ़ती है। D गलत है क्योंकि दर अपरिवर्तित रखने से बढ़ती कीमतों पर कोई असर नहीं पड़ता। परीक्षा टिप: मुद्रास्फीति अधिक – रेपो दर बढ़े; विकास धीमा – रेपो दर घटे।

Q4.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: SSC CHSL · 16 March, 2023, Shift 4मध्यम

अर्थव्यवस्था में सरकारी प्रतिभूतियों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है? I. यह केंद्र सरकार या राज्य सरकारों द्वारा जारी किया गया व्यापार योग्य लिखत है। II. इन्हें जोखिम रहित गिल्ट-एज्ड लिखत कहा जाता है।

  1. A.न तो I और न ही II
  2. B.केवल I
  3. C.केवल II
  4. D.I और II दोनों
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. I और II दोनों

व्याख्या

सही उत्तर है D, I और II दोनों। कथन I सही है, क्योंकि सरकारी प्रतिभूति यानी जी-सेक केंद्र सरकार या राज्य सरकार द्वारा जारी किया गया ऋण लिखत है और इसे परिपक्वता से पहले द्वितीयक बाजार में खरीदा-बेचा जा सकता है। कथन II भी सही है, क्योंकि इसका भुगतान सरकार खुद करने का वचन देती है, इसलिए इनमें चूक का खतरा लगभग नहीं होता और इन्हें जोखिम रहित गिल्ट-एज्ड लिखत कहा जाता है। केंद्र सरकार की अल्पावधि उधारी खजाना बिलों के रूप में होती है, जो 91, 182 और 364 दिन के होते हैं तथा बट्टे पर बेचे जाकर अंकित मूल्य पर चुकाए जाते हैं। लंबी अवधि के लिए दिनांकित प्रतिभूतियाँ जारी होती हैं, जिन पर हर छह महीने में तय ब्याज मिलता है, जबकि राज्यों की उधारी को राज्य विकास ऋण कहते हैं। भारतीय रिज़र्व बैंक सरकार की ओर से यह उधारी और नीलामी संभालता है। A गलत है क्योंकि यह दोनों सही कथनों को नकारता है। B गलत है क्योंकि इसमें गिल्ट-एज्ड पहलू छूट जाता है। C गलत है क्योंकि यह व्यापार योग्य होने से इनकार करता है। परीक्षा टिप: जी-सेक–व्यापार योग्य और गिल्ट-एज्ड।

Q5.भारतीय अर्थव्यवस्थामध्यम

भारत की विदेश व्यापार नीति का प्रशासन कौन करता है और आयातक-निर्यातक कोड कौन जारी करता है?

  1. A.भारतीय रिजर्व बैंक
  2. B.विदेश व्यापार महानिदेशालय
  3. C.भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड
  4. D.नीति आयोग
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. विदेश व्यापार महानिदेशालय

व्याख्या

सही उत्तर B, विदेश व्यापार महानिदेशालय है। यह महानिदेशालय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अधीन काम करता है और 1992 के विदेश व्यापार विकास एवं विनियमन अधिनियम के अंतर्गत विदेश व्यापार नीति बनाता तथा लागू करता है, आयातक-निर्यातक कोड जारी करता है जिसके बिना कोई सीमा पार व्यापार नहीं कर सकता, और निर्यात संवर्धन योजनाएँ चलाता है। विकल्प A गलत है क्योंकि रिजर्व बैंक फेमा के अंतर्गत व्यापार का विदेशी मुद्रा पक्ष सँभालता है और भंडार रखता है, पर व्यापार नीति नहीं लिखता। विकल्प C गलत है क्योंकि सेबी प्रतिभूति बाजार का नियामक है और उसका आयात-निर्यात से कोई संबंध नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि नीति आयोग सरकार को परामर्श देने वाला थिंक टैंक है, जिसके पास नियामक शक्ति नहीं है। साथ में 1982 के एक्ज़िम बैंक और निर्यात ऋण गारंटी निगम भी याद रखें।

Q6.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: SSC CHSL · 04 Jul, 2024, Shift 3आसान

भारत सरकार ने 'आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना' किस वर्ष शुरू की थी?

  1. A.2010
  2. B.2015
  3. C.2020
  4. D.2022
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 2020

व्याख्या

सही उत्तर है C, 2020। आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना की घोषणा अक्टूबर 2020 में आत्मनिर्भर भारत पैकेज के हिस्से के रूप में हुई थी, ताकि कोविड-19 के लॉकडाउन में गई नौकरियाँ वापस लौट सकें। इस योजना में केंद्र सरकार ने ईपीएफओ में पंजीकृत प्रतिष्ठानों द्वारा रखे गए नए कर्मचारियों का भविष्य निधि अंशदान खुद दिया। जिन इकाइयों में एक हजार तक कर्मचारी थे, वहाँ सरकार ने कर्मचारी का बारह प्रतिशत और नियोक्ता का बारह प्रतिशत, दोनों दिए, जबकि इससे बड़ी इकाइयों में केवल कर्मचारी का हिस्सा दिया गया, और यह लाभ जुड़ने की तारीख से दो साल तक मिला। इसका फायदा उन कर्मचारियों को मिला जिनका मासिक वेतन पंद्रह हजार रुपये से कम था और जो नए रखे गए थे या उसी वर्ष नौकरी गँवा चुके थे। A गलत है क्योंकि 2010 पुरानी योजनाओं का दौर है। B गलत है क्योंकि 2015 में अटल पेंशन योजना आई थी। D गलत है क्योंकि 2022 तक इसमें नया पंजीकरण बंद हो चुका था। परीक्षा टिप: एबीआरवाई–2020, ईपीएफओ से जुड़ी वेतन सहायता।

Q7.भारतीय अर्थव्यवस्थाआसान

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये के मूल्यह्रास से संभावित रूप से क्या होगा?

  1. A.भारतीय निर्यात विदेशी खरीदारों के लिए सस्ता और आयात महँगा हो जाएगा
  2. B.भारतीय निर्यात विदेशी खरीदारों के लिए महँगा और आयात सस्ता हो जाएगा
  3. C.डॉलर ऋण चुकाने की रुपया लागत घट जाएगी
  4. D.आयातित कच्चे तेल की कीमत पर कोई असर नहीं पड़ेगा
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. भारतीय निर्यात विदेशी खरीदारों के लिए सस्ता और आयात महँगा हो जाएगा

व्याख्या

सही उत्तर A है। रुपये के मूल्यह्रास पर हर डॉलर से अधिक रुपये मिलते हैं, इसलिए रुपये में तय कीमत वाली भारतीय वस्तु विदेशी खरीदार को कम डॉलर में पड़ती है और निर्यात अधिक प्रतिस्पर्धी हो जाता है, जबकि हर आयातित वस्तु पहले से अधिक रुपये माँगती है। विकल्प B गलत है क्योंकि वह यह संबंध उलट देता है; निर्यात महँगा और आयात सस्ता होना मूल्यवृद्धि का परिणाम है। विकल्प C गलत है क्योंकि डॉलर में तय ऋण चुकाने में मूल्यह्रास के बाद अधिक रुपये लगते हैं, और इसी कारण बाह्य वाणिज्यिक उधारी वाली कंपनियों को रुपया कमजोर होने पर नुकसान होता है। विकल्प D गलत है क्योंकि कच्चा तेल डॉलर में खरीदा जाता है और भारत के आयात बिल का बड़ा भाग है, इसलिए कमजोर रुपया तेल की लागत बढ़ाता है, परिवहन तथा विनिर्माण की लागत में जुड़ता है और आयातित महँगाई लाता है। विदेश में काम करने वालों के प्रेषण से भी अधिक रुपये मिलते हैं, जो इस प्रश्न का सामान्य अतिरिक्त कथन है।

Q8.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: SSC CPO · 03 Oct, 2023, Shift 2मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सी सूक्ष्म वित्त संस्था भारत में स्वतंत्रता के समय स्थापित थी?

  1. A.संयुक्त देयता समूह
  2. B.ग्रामीण सहकारी समितियाँ
  3. C.स्वयं सहायता समूह
  4. D.ग्रामीण मॉडल बैंक
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. ग्रामीण सहकारी समितियाँ

व्याख्या

सही उत्तर है B, ग्रामीण सहकारी समितियाँ। स्वतंत्रता के समय भारत में सूक्ष्म वित्त का जो ढाँचा पहले से मौजूद था, वह ग्रामीण सहकारी ऋण समितियों का था। इनकी शुरुआत 1904 के सहकारी ऋण समिति अधिनियम से हुई, जो गाँव के कर्ज़दारों को साहूकारों से मुक्त कराने के लिए लाया गया था। 1947 तक प्राथमिक समितियों, ज़िला केंद्रीय सहकारी बैंकों और राज्य सहकारी बैंकों का त्रिस्तरीय ढाँचा पूरे देश में काम कर रहा था। सूक्ष्म वित्त के बाकी रूप बहुत बाद में आए। A गलत है क्योंकि संयुक्त देयता समूह नाबार्ड ने 2004-05 में उन छोटे बटाईदार किसानों के लिए शुरू किए जिनके पास भूमि के कागज़ नहीं होते। C गलत है क्योंकि स्वयं सहायता समूह आंदोलन अस्सी के दशक से बढ़ा और एसएचजी-बैंक लिंकेज कार्यक्रम 1992 में प्रायोगिक रूप से शुरू हुआ। D गलत है क्योंकि ग्रामीण मॉडल बांग्लादेश का है। परीक्षा टिप: सहकारिता 1904।

Q9.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: दिल्ली · 7 Dec 2020, Shift 2आसान

प्रतिभूतियों में निवेशकों के हितों की रक्षा तथा प्रतिभूति बाजार के विकास और नियमन के लिए भारत सरकार ने भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) की स्थापना किस वर्ष की?

  1. A.1992
  2. B.1999
  3. C.1987
  4. D.1985
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. 1992

व्याख्या

सही उत्तर A, 1992 है। सेबी पहली बार अप्रैल 1988 में एक प्रशासनिक व्यवस्था के रूप में सामने आया, जिसके पास कोई विधिक शक्ति नहीं थी, और वह वैधानिक नियामक तब बना जब 1992 में भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड अधिनियम पारित हुआ; प्रश्न में उद्धृत शब्द उसी अधिनियम की उद्देशिका से लिए गए हैं, जो निवेशकों की रक्षा, प्रतिभूति बाजार के विकास को प्रोत्साहन और उसके नियमन की बात करती है। चूँकि वैधानिक निकाय उसी अधिनियम से बना, इसलिए हर परीक्षा 1992 की अपेक्षा करती है। विकल्प B, 1999 वह वर्ष है जब सेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विसेज लिमिटेड बना, जो भारत का दूसरा निक्षेपागार है। विकल्प C, 1987 और विकल्प D, 1985 प्रशासनिक निकाय के अस्तित्व से भी पहले के हैं। यह क्रम याद रखें: 1956 का प्रतिभूति संविदा अधिनियम, 1988 में प्रशासनिक सेबी, 1992 का सेबी अधिनियम और 1996 का निक्षेपागार अधिनियम।

Q10.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: उत्तर प्रदेश · 28 Oct, 2023, Shift 1आसान

निम्नलिखित में से कौन सा भारतीय श्रम कानून एवं सामाजिक सुरक्षा उपाय काम के अधिकार की गारंटी देने के लिए है?

  1. A.भारतीय प्रबंध संस्थान अधिनियम
  2. B.महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम
  3. C.मजदूरी भुगतान (संशोधन) अधिनियम, 2017
  4. D.नागरिकता अधिनियम
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम

व्याख्या

सही उत्तर है B, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम। यह कानून काम के अधिकार को कानूनी गारंटी बनाता है: जिस भी ग्रामीण परिवार के वयस्क सदस्य अकुशल शारीरिक श्रम करने को तैयार हों, उसे एक वित्तीय वर्ष में कम से कम 100 दिन का मजदूरी रोजगार पाने का हक है। यह अधिनियम 2005 में नरेगा के नाम से पारित हुआ, 2 फरवरी 2006 से 200 जिलों में लागू हुआ, 2008 तक पूरे देश में फैला और 2009 में इसका नाम महात्मा गांधी के नाम पर रखा गया। पंद्रह दिन में काम न मिलने पर बेरोजगारी भत्ता मिलता है और एक तिहाई दिन महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि आईआईएम अधिनियम 2017 केवल डिग्री देने का अधिकार देता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि मजदूरी भुगतान संशोधन ने चेक या बैंक से वेतन देने की छूट दी थी। विकल्प D गलत है, क्योंकि नागरिकता अधिनियम नागरिकता से जुड़ा है। परीक्षा टिप: नरेगा 2005, लागू 2 फरवरी 2006, 100 दिन का रोजगार।

Q11.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 11 Jan 2023, Shift 2आसान

भारत में गरीबी रेखा की गणना के लिए प्रतिदर्श सर्वेक्षण निम्नलिखित में से कौन-सा संगठन कराता है?

  1. A.वित्त मंत्रालय
  2. B.भारतीय रिजर्व बैंक
  3. C.केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय
  4. D.राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण कार्यालय
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण कार्यालय

व्याख्या

सही उत्तर D, राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण कार्यालय है। यही संस्था उपभोग व्यय के बड़े घरेलू सर्वेक्षण कराती है, जिनसे गरीबी रेखा से नीचे के लोगों की संख्या निकाली जाती है, और अब यह सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के भीतर काम करती है। विकल्प A गलत है क्योंकि वित्त मंत्रालय बजट और आर्थिक समीक्षा में इन अनुमानों का उपयोग तो करता है पर घरेलू आंकड़े स्वयं एकत्र नहीं करता। विकल्प B गलत है क्योंकि भारतीय रिजर्व बैंक मौद्रिक प्राधिकरण और बैंकिंग नियामक है, और उसके आंकड़े मुद्रा, ऋण तथा भुगतान से जुड़े होते हैं, घरेलू उपभोग टोकरी से नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय राष्ट्रीय लेखा और औद्योगिक उत्पादन सूचकांक बनाता था; घरेलू प्रतिदर्श सर्वेक्षण दूसरी संस्था का काम था और 2019 में दोनों का विलय राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय में हुआ।

Q12.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 12 Feb 2019, Shift 3आसान

निम्नलिखित में से कौन-सा व्यापार अवरोध नहीं है?

  1. A.सब्सिडी
  2. B.प्रतिबंध (एम्बार्गो)
  3. C.निर्यात सुरक्षा
  4. D.प्रशुल्क अवरोध
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. निर्यात सुरक्षा

व्याख्या

सही उत्तर C, निर्यात सुरक्षा है। निर्यात सुरक्षा व्यापार अवरोधों की कोई मान्य श्रेणी नहीं है; यह ऐसा कोई उपाय नहीं है जो सीमा पार वस्तुओं की आवाजाही रोकता हो। विकल्प A इसलिए गलत विकल्प है क्योंकि सब्सिडी को अवरोध माना जाता है: घरेलू उत्पादकों की लागत घटाकर वह आयातित वस्तु को प्रतिस्पर्धा से बाहर कर देती है और इसी कारण विश्व व्यापार संगठन उस पर अनुशासन लगाता है। विकल्प B गलत है क्योंकि एम्बार्गो सबसे कठोर अवरोध है, जिसमें किसी देश या किसी वस्तु के साथ व्यापार पर पूर्ण रोक लगा दी जाती है। विकल्प D गलत है क्योंकि प्रशुल्क अवरोध, मुख्यतः सीमा शुल्क, सबसे प्रचलित अवरोध है, जो घरेलू बाजार में आयातित वस्तु का दाम बढ़ा देता है। दोनों परिवारों को अलग रखें: प्रशुल्क अवरोध कीमत पर काम करते हैं और गैर-प्रशुल्क अवरोध मात्रा या प्रवेश पर।

Q13.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: SSC CGL · 11 April 2022, Shift 3मध्यम

किसी वर्ष या अवधि में प्रति 1000 जीवित जन्मों पर जीवन के पहले पूरे 28 दिनों में हुई मृत्यु की संख्या को क्या कहा जाता है?

  1. A.शिशु मृत्यु दर
  2. B.अशोधित मृत्यु दर
  3. C.नवजात मृत्यु दर
  4. D.आयु-विशिष्ट मृत्यु दर
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. नवजात मृत्यु दर

व्याख्या

सही उत्तर है C, नवजात मृत्यु दर। जन्म के बाद के पहले पूरे 28 दिन नवजात काल कहलाते हैं, और नवजात मृत्यु दर किसी वर्ष में प्रति 1,000 जीवित जन्मों पर इसी अवधि में हुई मृत्यु गिनती है। इस दर पर विशेष ध्यान दिया जाता है, क्योंकि इनमें से अधिकतर मृत्यु कुछ ऐसे कारणों से होती है जिन्हें अच्छी देखभाल से रोका जा सकता है, जैसे जन्म के समय दम घुटना, जन्म के समय कम वजन, शुरुआती संक्रमण और समय से पहले जन्म। इसी के भीतर पहले सात दिनों की मृत्यु को अलग से आरंभिक नवजात मृत्यु के रूप में गिना जाता है। A गलत है क्योंकि शिशु मृत्यु दर एक वर्ष से कम आयु के बच्चों की मृत्यु को प्रति 1,000 जीवित जन्मों पर गिनती है, जो बड़ा वर्ग है। B गलत है क्योंकि अशोधित मृत्यु दर पूरी जनसंख्या के प्रति 1,000 व्यक्तियों पर वर्ष भर की सभी मृत्यु गिनती है, आयु का ध्यान किए बिना। D गलत है क्योंकि आयु-विशिष्ट मृत्यु दर किसी चुने हुए आयु वर्ग की मृत्यु उसी वर्ग के प्रति 1,000 व्यक्तियों पर गिनती है। परीक्षा टिप: नवजात – 28 दिन के भीतर; शिशु – एक वर्ष के भीतर; पाँच वर्ष से कम – पाँच वर्ष के भीतर, सभी प्रति 1,000 जीवित जन्म।

Q14.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: SSC MTS · 6 Oct 2021, Shift 2मध्यम

निम्नलिखित में से कौन सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनी नहीं है?

  1. A.यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी
  2. B.द न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड
  3. C.एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस
  4. D.जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस

व्याख्या

सही उत्तर है C, एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस। यह निजी क्षेत्र का संयुक्त उपक्रम है, सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनी नहीं।

एसबीआई लाइफ की स्थापना 2001 में भारतीय स्टेट बैंक और फ्रांस की बीएनपी पारिबा कार्डिफ की साझेदारी से हुई थी। स्टेट बैंक की हिस्सेदारी बड़ी होने पर भी यह कंपनी निजी जीवन बीमा कंपनी के रूप में पंजीकृत है और इसके शेयर शेयर बाजार में सूचीबद्ध हैं। भारत में सार्वजनिक क्षेत्र की एकमात्र जीवन बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम है, जो 1956 में बना।

विकल्प A चेन्नई की यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस और विकल्प B मुंबई की न्यू इंडिया एश्योरेंस, सरकारी स्वामित्व वाली चार साधारण बीमा कंपनियों में से हैं; अन्य दो नेशनल इंश्योरेंस और ओरिएंटल इंश्योरेंस हैं। विकल्प D जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया सरकारी पुनर्बीमा कंपनी है। ये सभी 1972 के साधारण बीमा राष्ट्रीयकरण से निकलीं।

परीक्षा टिप: सार्वजनिक - एलआईसी, चार साधारण बीमा कंपनियाँ और जीआईसी री; निजी - एसबीआई लाइफ, एचडीएफसी लाइफ, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल।

Q15.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: CTET · CTET July 2013 Paper - 2 Social Studiesमध्यम

उत्पाद की ब्रांडिंग

  1. A.उसे अधिक बिक्री योग्य बनाती है।
  2. B.उसे बाजार के अन्य उत्पादों से अलग पहचान देती है।
  3. C.उसे ग्राहक के लिए अधिक आकर्षक बनाती है।
  4. D.ग्राहक को अधिकतम खुदरा मूल्य पर छूट देती है।
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. उसे बाजार के अन्य उत्पादों से अलग पहचान देती है।

व्याख्या

सही उत्तर है B, उसे बाजार के अन्य उत्पादों से अलग पहचान देती है। ब्रांड वह नाम, शब्द, चिह्न, प्रतीक या डिजाइन है जो विक्रेता अपने उत्पाद को देता है, ताकि खरीदार उसे दुकान पर रखी बाकी सब चीजों से अलग पहचान सके। यही ब्रांडिंग का मूल उद्देश्य है, अर्थात पहचान देना। ट्रेडमार्क के रूप में पंजीकृत ब्रांड नाम की कानूनी नकल नहीं की जा सकती, इसलिए गुणवत्ता की जिम्मेदारी एक ही उत्पादक पर तय होती है और कंपनी साख बना सकती है, विज्ञापन कर सकती है तथा केवल कीमत पर प्रतिस्पर्धा करने के बजाय अपना मूल्य स्वयं तय कर सकती है। पैकेजिंग, लेबलिंग और ब्रांडिंग मिलकर उत्पाद की पहचान बनाते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि बिक्री बढ़ना ब्रांडिंग का परिणाम है, स्वयं ब्रांडिंग नहीं। विकल्प C गलत है, इसी कारण से, क्योंकि आकर्षण पैकेजिंग और डिजाइन से आता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि अधिकतम खुदरा मूल्य पर छूट एक विक्रय संवर्धन प्रस्ताव है, जिसका ब्रांडिंग से संबंध नहीं। परीक्षा टिप: ब्रांडिंग पहचान देती है, पैकेजिंग रक्षा करती है और लेबलिंग सूचना देती है।

Q16.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: RRB ग्रुप D · 1 Sept 2022, Shift 3आसान

उपभोक्ता सिद्धांत यह बताता है कि लोग अपना ______ खर्च करने का निर्णय कैसे लेते हैं।

  1. A.समय
  2. B.संबंध
  3. C.ऊर्जा
  4. D.धन
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. धन

व्याख्या

सही उत्तर है D, धन। उपभोक्ता सिद्धांत इस बात का अध्ययन करता है कि कोई परिवार उपलब्ध वस्तुओं और सेवाओं पर अपना धन किस प्रकार खर्च करने का निर्णय लेता है।

यह सिद्धांत तीन बातों पर आधारित है, उपभोक्ता की आवश्यकताएँ, वस्तुओं की कीमतें और हाथ में उपलब्ध आय, जिसे बजट सीमा कहा जाता है। आय सीमित होने के कारण उपभोक्ता वही संयोजन चुनता है जिससे खर्च किए धन पर सर्वाधिक संतुष्टि या उपयोगिता प्राप्त हो, और जब खर्च के किसी भी फेरबदल से संतुष्टि नहीं बढ़ सके तो उसे उपभोक्ता संतुलन कहा जाता है। घटती सीमांत उपयोगिता का नियम, तटस्थता वक्र और माँग का नियम सूक्ष्म अर्थशास्त्र की इसी शाखा में आते हैं।

विकल्प A गलत है क्योंकि समय के उपयोग का अध्ययन श्रम और अवकाश के चयन के रूप में अलग किया जाता है। विकल्प B गलत है क्योंकि संबंध सामाजिक विषय हैं, आर्थिक चयन नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि यहाँ ऊर्जा का कोई आर्थिक अर्थ नहीं बनता।

परीक्षा टिप: उपभोक्ता सिद्धांत आवश्यकता, कीमत और आय को जोड़कर माँग वक्र की व्याख्या करता है।

Q17.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 16 Nov 2021, Shift 2मध्यम

भारतीय जीवन बीमा निगम अधिनियम संसद द्वारा किस वर्ष पारित किया गया था?

  1. A.1956
  2. B.1948
  3. C.1971
  4. D.1965
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. 1956

व्याख्या

सही उत्तर है A, 1956। संसद ने भारतीय जीवन बीमा निगम अधिनियम 1956 में पारित किया, और भारतीय जीवन बीमा निगम ने उसी वर्ष 1 सितंबर से काम शुरू किया। इससे पहले 245 निजी बीमा कंपनियों और भविष्य निधि समितियों का जीवन बीमा कारोबार अधिग्रहीत कर निगम में मिला दिया गया था। इसका उद्देश्य बीमा को गाँवों तक पहुँचाना और बीमाधारकों की बचत पर सरकारी गारंटी की सुरक्षा देना था। एलआईसी का मुख्यालय मुंबई में है और इसका ध्येय वाक्य ‘योगक्षेमं वहाम्यहम्’ है। साधारण बीमा का राष्ट्रीयकरण इससे बहुत बाद, 1972 में हुआ, और नियामक संस्था आईआरडीएआई 1999 में बनी। B गलत है क्योंकि 1948 में जीवन बीमा पूरी तरह निजी हाथों में था। C गलत है क्योंकि 1971 तक एलआईसी पंद्रह वर्ष काम कर चुका था। D गलत है क्योंकि 1965 भी अधिनियम के बाद का वर्ष है, उसके पारित होने का वर्ष नहीं। परीक्षा टिप: एलआईसी अधिनियम 1956, निगम 1 सितंबर 1956 से; साधारण बीमा राष्ट्रीयकरण 1972, आईआरडीएआई 1999।

Q18.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: राजस्थान · RSMSSB Sanganak (Computor) 2018आसान

मुद्रा आपूर्ति के निम्नलिखित में से किस माप को 'व्यापक मुद्रा' कहा जाता है?

  1. A.M1
  2. B.M2
  3. C.M3
  4. D.M4
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. M3

व्याख्या

सही उत्तर है C, M3। भारतीय रिज़र्व बैंक मुद्रा आपूर्ति के चार माप प्रकाशित करता है, और इनमें M3 को ही व्यापक मुद्रा कहा जाता है, जिसे कुल मौद्रिक संसाधन भी कहते हैं। इसमें जनता के पास मौजूद मुद्रा, बैंकों में जमा माँग जमा, रिज़र्व बैंक के पास अन्य जमा और सबसे बढ़कर बैंकों में रखी सावधि जमा शामिल होती हैं। सावधि जमा जुड़ जाने से बैंकिंग व्यवस्था द्वारा बनाई गई लगभग पूरी मुद्रा इसमें आ जाती है, इसीलिए नीति बनाते समय M3 पर ही सबसे अधिक ध्यान दिया जाता है। A गलत है क्योंकि M1, यानी जनता के पास मुद्रा तथा माँग जमा और रिज़र्व बैंक के पास अन्य जमा, संकीर्ण मुद्रा है और सबसे अधिक तरल माप है। B गलत है क्योंकि M2, M1 में डाकघर बचत बैंक की बचत जमा जोड़कर बनता है और यह भी संकीर्ण माप ही है। D गलत है क्योंकि M4, M3 में कुल डाकघर जमा जोड़कर बनने वाला सबसे चौड़ा माप है, पर व्यापक मुद्रा नाम M3 का है। परीक्षा टिप: M1 और M2 संकीर्ण, M3 तथा M4 व्यापक, और मानक M3।

Q19.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: SSC MTS · 5 July 2022, Shift 2मध्यम

निम्नलिखित में से 1947 का कौन-सा अधिनियम ट्रेड यूनियनों तथा व्यक्तिगत श्रमिकों से संबंधित भारतीय श्रम कानून को नियंत्रित करता है?

  1. A.भारतीय परिषद अधिनियम
  2. B.चार्टर अधिनियम
  3. C.रॉलेट अधिनियम
  4. D.औद्योगिक विवाद अधिनियम
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. औद्योगिक विवाद अधिनियम

व्याख्या

सही उत्तर है D, औद्योगिक विवाद अधिनियम। औद्योगिक विवाद अधिनियम 1947 में बना और यह तय करता है कि नियोक्ताओं तथा श्रमिकों के बीच के विवाद, जिनमें ट्रेड यूनियनों से जुड़े मामले और व्यक्तिगत श्रमिक के मामले दोनों आते हैं, कैसे उठाए और निपटाए जाएँगे। इसके तहत कार्य समितियाँ, सुलह अधिकारी, जाँच न्यायालय, श्रम न्यायालय, औद्योगिक अधिकरण और राष्ट्रीय अधिकरण बनाए जाते हैं; यह बताता है कि हड़ताल या तालाबंदी कब वैध है, और बड़े प्रतिष्ठानों के लिए छँटनी, ले-ऑफ या बंदी से पहले सरकार की अनुमति जरूरी करता है। इसके प्रावधान अब औद्योगिक संबंध संहिता, 2020 में समाहित कर दिए गए हैं। A गलत है क्योंकि 1861, 1892 और 1909 के भारतीय परिषद अधिनियम विधान परिषदों से जुड़े थे, श्रम से नहीं। B गलत है क्योंकि चार्टर अधिनियम, जिनमें अंतिम 1853 का था, ईस्ट इंडिया कंपनी के चार्टर का नवीकरण करते थे। C गलत है क्योंकि 1919 का रॉलेट अधिनियम बिना मुकदमे नजरबंदी की छूट देता था और जलियाँवाला बाग के विरोध का कारण बना। परीक्षा टिप: औद्योगिक विवाद अधिनियम 1947, अब औद्योगिक संबंध संहिता 2020 का हिस्सा।

Q20.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: SSC MTS · 18 Oct 2021, Shift 1आसान

महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम, 2005 का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका सुरक्षा के लिए प्रत्येक परिवार को ____ दिनों का मजदूरी रोजगार उपलब्ध कराना है।

  1. A.45
  2. B.365
  3. C.250
  4. D.100
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. 100

व्याख्या

सही उत्तर है D, 100। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम, 2005 हर ग्रामीण परिवार को एक वित्तीय वर्ष में कम से कम 100 दिन के अकुशल शारीरिक श्रम का रोजगार देने की गारंटी देता है। यह योजना फरवरी 2006 में 200 जिलों से शुरू हुई, 2008 तक पूरे देश में लागू हो गई और 2009 में इसका नाम महात्मा गांधी के नाम पर रखा गया। ग्रामीण परिवार का कोई भी वयस्क सदस्य काम की मांग कर सकता है; मांग के पंद्रह दिन के भीतर और गाँव से पाँच किलोमीटर के दायरे में काम देना होता है, और न देने पर राज्य को बेरोजगारी भत्ता देना पड़ता है। कम से कम एक तिहाई श्रमिक महिलाएँ होनी चाहिए, मजदूरी बैंक या डाकघर खाते में जाती है और काम मुख्यतः जल संरक्षण, तालाब, सड़क और भूमि विकास के होते हैं। A गलत है क्योंकि 45 दिन की गारंटी नहीं है। B गलत है क्योंकि 365 दिन का मतलब पूरे साल काम होता, जो कानून में नहीं है। C गलत है क्योंकि 250 दिन का आँकड़ा कानून में नहीं आता। परीक्षा टिप: मनरेगा 2005, साल में 100 दिन, 15 दिन में काम वरना बेरोजगारी भत्ता।

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