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GK क्विजभारतीय अर्थव्यवस्था

भारतीय अर्थव्यवस्था क्विज: औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) और आठ प्रमुख उद्योग

  • 12 प्रश्न
  • 12 मिनट
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इस क्विज के बारे में

भारतीय अर्थव्यवस्था के अंतर्गत "औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) और आठ प्रमुख उद्योग" विषय पर यह क्विज़ 12 बहुविकल्पीय प्रश्न रखता है, जो GK24 के इसी विषय के नोट्स के साथ प्रकाशित सत्यापित प्रश्न हैं। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और शेष विकल्पों के गलत होने की पूरी व्याख्या दी गई है, ताकि आप केवल उत्तर याद न करें बल्कि उसके पीछे का तथ्य समझें। नोट्स पढ़ने के तुरंत बाद इसे हल करें, निर्धारित समय का पालन करें, और अंत में व्याख्याएं पढ़कर कमजोर बिंदु चिह्नित करें। परीक्षा से पहले दोहराव के लिए इसे दोबारा दें।

इस क्विज के प्रश्न

12 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.भारतीय अर्थव्यवस्थाआसान

भारत में औद्योगिक उत्पादन सूचकांक कौन सी संस्था तैयार करके जारी करती है?

  1. A.उद्योग तथा आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग
  2. B.राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय, सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय
  3. C.भारतीय रिज़र्व बैंक
  4. D.नीति आयोग
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय, सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय

व्याख्या

सही उत्तर B, राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय है। यह सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के अधीन काम करता है, विभिन्न मंत्रालयों में फैली एक दर्जन से अधिक स्रोत संस्थाओं से उत्पादन विवरणियाँ जुटाता है, और हर माह आईआईपी को त्वरित अनुमान के रूप में प्रकाशित करता है, जिसे पूरे आँकड़े आने पर संशोधित किया जाता है। विकल्प A, उद्योग तथा आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग, आईआईपी के लिए गलत उत्तर है किंतु एक संबंधित सूचकांक के लिए सही, क्योंकि उसका आर्थिक सलाहकार कार्यालय आठ प्रमुख उद्योगों का सूचकांक तथा थोक मूल्य सूचकांक तैयार करता है; परीक्षक इसी उलझन का सहारा लेते हैं। विकल्प C, भारतीय रिज़र्व बैंक, मौद्रिक नीति बनाते समय आईआईपी का भारी उपयोग करता है किंतु उसे तैयार नहीं करता। विकल्प D, नीति आयोग, एक नीति विचार संस्था है और उसका इस प्रकार का कोई सांख्यिकीय उत्पादन कार्य ही नहीं है।

Q2.भारतीय अर्थव्यवस्थाआसान

निम्नलिखित में से कौन सा क्षेत्र औद्योगिक उत्पादन सूचकांक में सम्मिलित नहीं है?

  1. A.खनन
  2. B.विनिर्माण
  3. C.बिजली
  4. D.कृषि
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. कृषि

व्याख्या

सही उत्तर D, कृषि है। आईआईपी औद्योगिक क्षेत्र तक सीमित है और उसके ठीक तीन घटक हैं, अर्थात खनन, विनिर्माण और बिजली, जो विकल्प A, B और C हैं। कृषि तथा संपूर्ण सेवा क्षेत्र, जो मिलकर भारत के उत्पादन का बड़ा भाग बनाते हैं, इस सूचकांक से बाहर हैं, और इसी कारण आईआईपी में वृद्धि को अपने आप अर्थव्यवस्था की वृद्धि कभी नहीं कहा जा सकता। यह बात कथन के रूप में पूछी जाती है, जहाँ अभ्यर्थी से पूछा जाता है कि आईआईपी समग्र आर्थिक गतिविधि दर्शाता है या नहीं; उत्तर यह है कि वह केवल औद्योगिक गतिविधि दर्शाता है। कृषि उत्पादन फसल अनुमानों तथा कृषि उत्पादन के अग्रिम अनुमानों से मापा जाता है और सेवाएँ अलग संकेतकों से, और ये सब केवल राष्ट्रीय लेखों में एक साथ आते हैं।

Q3.भारतीय अर्थव्यवस्थामध्यम

औद्योगिक उत्पादन सूचकांक के तीन क्षेत्रों में सबसे अधिक भार किसका है?

  1. A.खनन
  2. B.विनिर्माण
  3. C.बिजली
  4. D.निर्माण
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. विनिर्माण

व्याख्या

सही उत्तर B, विनिर्माण है, जिसका भार सूचकांक में 77.63 प्रतिशत है। विकल्प A, खनन, का भार 14.37 प्रतिशत और विकल्प C, बिजली, का 7.99 प्रतिशत है, अर्थात तीनों मिलकर सौ बनते हैं। चूँकि विनिर्माण का भार इतना भारी है, मासिक मुख्य आँकड़ा प्रायः कारखानों के उत्पादन के साथ चलता है, और खनन या बिजली का एक बुरा महीना कारखानों के अच्छे महीने से पूरी तरह संतुलित हो सकता है। विकल्प D, निर्माण, आईआईपी का घटक ही नहीं है, और यही इस प्रश्न का जाल है; निर्माण गतिविधि केवल उपयोग आधारित वर्गीकरण की अधोसंरचना तथा निर्माण वस्तु श्रेणी के माध्यम से अप्रत्यक्ष रूप से दिखती है, जो सीमेंट और इस्पात ढाँचों जैसी वस्तुओं का उत्पादन मापती है, स्वयं भवन निर्माण का काम नहीं। भार आधार वर्ष 2011-12 के सकल मूल्य वर्धन हिस्सों से निकलते हैं।

Q4.भारतीय अर्थव्यवस्थामध्यम

2017 में अपनाई गई औद्योगिक उत्पादन सूचकांक श्रेणी का आधार वर्ष कौन सा है?

  1. A.1993-94
  2. B.2004-05
  3. C.2011-12
  4. D.2017-18
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 2011-12

व्याख्या

सही उत्तर C, 2011-12 है। 2017 में आईआईपी का आधार वर्ष 2011-12 कर दिया गया, वस्तु समूह को ताज़ा करके उसमें वे वस्तुएँ ली गईं जो पिछले संशोधन के बाद महत्वपूर्ण हो चुकी थीं, और भार उसी वर्ष के सकल मूल्य वर्धन हिस्सों से फिर निकाले गए। विकल्प B, 2004-05, उस श्रेणी का आधार था जिसका स्थान 2011-12 की श्रेणी ने लिया, और वही उत्तर वह अभ्यर्थी देता है जिसने पुरानी पाठ्यपुस्तक रटी है। विकल्प A, 1993-94, उससे भी पहले का आधार था, जो 2004-05 से पूर्व प्रयोग होता था, और वह उस काल के कई अन्य भारतीय सूचकांकों का भी आधार वर्ष रहा। विकल्प D, 2017-18, केवल वह वर्ष है जिसमें संशोधन की घोषणा हुई और वह इस सूचकांक का आधार वर्ष कभी नहीं रहा। आधार वर्ष ऐसा सामान्य वर्ष चुना जाता है जिसमें कोई असाधारण उलटफेर न हो, जिससे तुलना अर्थपूर्ण रहे।

Q5.भारतीय अर्थव्यवस्थामध्यम

आठ प्रमुख उद्योग मिलकर औद्योगिक उत्पादन सूचकांक के भार का कितना हिस्सा रखते हैं?

  1. A.लगभग 25 प्रतिशत
  2. B.लगभग 33 प्रतिशत
  3. C.लगभग 40 प्रतिशत
  4. D.लगभग 50 प्रतिशत
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. लगभग 40 प्रतिशत

व्याख्या

सही उत्तर C, लगभग 40 प्रतिशत है; ठीक आँकड़ा 40.27 प्रतिशत है। आठ प्रमुख उद्योग वे ऊर्जा तथा आधारभूत सामग्री उद्योग हैं जिन पर शेष विनिर्माण निर्भर करता है, और चूँकि वे आईआईपी का दो पाँचवाँ भाग बनाते हैं, उनका मासिक सूचकांक इस बात का अग्रिम संकेत माना जाता है कि कुछ समय बाद आने वाला पूरा सूचकांक क्या बताएगा। विकल्प A और B, 25 तथा 33 प्रतिशत, हिस्से को कम आँकते हैं और इसीलिए रखे जाते हैं कि अभ्यर्थी प्रायः इस आँकड़े को सकल मूल्य वर्धन में विनिर्माण के हिस्से या वन आवरण के एक तिहाई लक्ष्य से गड्डमड्ड कर देते हैं। विकल्प D, 50 प्रतिशत, उसे बढ़ाकर बताता है; आईआईपी के भीतर कोई समूह आधे भार तक नहीं पहुँचता, सिवाय संपूर्ण विनिर्माण के, जिसका भार 77.63 प्रतिशत है। कोर सेक्टर के लिए 40.27 और विनिर्माण के लिए 77.63 की जोड़ी याद रखने पर दोनों अलग बने रहते हैं।

Q6.भारतीय अर्थव्यवस्थाकठिन

आठ प्रमुख उद्योगों का सूचकांक कौन तैयार करके जारी करता है?

  1. A.राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय
  2. B.आर्थिक सलाहकार कार्यालय, उद्योग तथा आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग
  3. C.विद्युत मंत्रालय
  4. D.कोयला मंत्रालय
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. आर्थिक सलाहकार कार्यालय, उद्योग तथा आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग

व्याख्या

सही उत्तर B है। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के अधीन उद्योग तथा आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग में बैठने वाला आर्थिक सलाहकार कार्यालय आठ प्रमुख उद्योगों का सूचकांक तथा थोक मूल्य सूचकांक भी तैयार करता है, और वह हर माह कोर सेक्टर का आँकड़ा प्रकाशित करता है। विकल्प A, राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय, व्यापक औद्योगिक उत्पादन सूचकांक तथा उपभोक्ता मूल्य सूचकांक तैयार करता है, और इस प्रश्न में परीक्षक का पूरा उद्देश्य यही देखना है कि अभ्यर्थी दोनों कार्यालयों को अलग रख पाता है या नहीं। विकल्प C और D, विद्युत मंत्रालय तथा कोयला मंत्रालय, वे स्रोत संस्थाएँ हैं जो क्रमशः बिजली और कोयले के उत्पादन आँकड़े देती हैं, किंतु इनमें से कोई आठों श्रेणियों को जोड़कर सूचकांक नहीं बनाता। वह काम केवल एक कार्यालय करता है, और वह आईआईपी बनाने वाला कार्यालय नहीं है।

Q7.भारतीय अर्थव्यवस्थामध्यम

कोर सेक्टर सूचकांक में आठ प्रमुख उद्योगों में सबसे अधिक भार किसका है?

  1. A.बिजली
  2. B.इस्पात
  3. C.रिफाइनरी उत्पाद
  4. D.कोयला
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. रिफाइनरी उत्पाद

व्याख्या

सही उत्तर C, रिफाइनरी उत्पाद है, जिनका भार 28.04 प्रतिशत है, अर्थात पूरे सूचकांक के एक चौथाई से अधिक। रिफाइनिंग कच्चे तेल को पेट्रोल, डीजल, केरोसिन, नैफ्था तथा रसायनों के कच्चे माल में बदलती है, और उस उत्पादन का मूल्य इतना बड़ा है कि किसी बड़ी रिफाइनरी के बंद होने का असर राष्ट्रीय आँकड़े में दिख जाता है। विकल्प A, बिजली, 19.85 प्रतिशत के साथ अगले स्थान पर है, और विकल्प B, इस्पात, 17.92 प्रतिशत के साथ उसके बाद, इसलिए तीनों विकल्प ऊपर की ओर हैं और केवल उनका क्रम ही उन्हें अलग करता है। विकल्प D, कोयला, 10.33 प्रतिशत के साथ चौथे स्थान पर है। याद रखने योग्य पूरा अवरोही क्रम है रिफाइनरी उत्पाद, बिजली, इस्पात, कोयला, कच्चा तेल 8.98, प्राकृतिक गैस 6.88, सीमेंट 5.37 और उर्वरक 2.63 प्रतिशत, और आठों भार मिलकर सौ बनते हैं।

Q8.भारतीय अर्थव्यवस्थामध्यम

कोर सेक्टर सूचकांक में आठ प्रमुख उद्योगों में सबसे कम भार किसका है?

  1. A.उर्वरक
  2. B.सीमेंट
  3. C.प्राकृतिक गैस
  4. D.कच्चा तेल
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. उर्वरक

व्याख्या

सही उत्तर A, उर्वरक है, जिसका भार केवल 2.63 प्रतिशत है, आठों में सबसे कम। उर्वरक उत्पादन कृषि के लिए महत्वपूर्ण है और हर बुवाई ऋतु से पहले उस पर नजर रहती है, किंतु रिफाइनिंग या इस्पात के सामने इस उद्योग के उत्पादन का मूल्य छोटा है, इसीलिए उसका भार हल्का है और उर्वरक में बड़ा प्रतिशत उतार चढ़ाव भी संयुक्त सूचकांक को कम ही हिलाता है। विकल्प B, सीमेंट, का भार 5.37 प्रतिशत है और वह दूसरा सबसे छोटा है। विकल्प C, प्राकृतिक गैस, का 6.88 प्रतिशत और विकल्प D, कच्चा तेल, का 8.98 प्रतिशत है, अर्थात चारों विकल्प ठीक सूची के निचले चार हैं और प्रश्न उनका क्रम पूछ रहा है। एक उपयोगी जाँच यह है कि तीनों जीवाश्म ईंधन सदस्य, कोयला, कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस, तालिका के मध्य में बैठते हैं, जबकि दोनों छोर पर ऊपर रिफाइनिंग और नीचे उर्वरक हैं।

Q9.भारतीय अर्थव्यवस्थाआसान

निम्नलिखित में से कौन आठ प्रमुख उद्योगों में सम्मिलित नहीं है?

  1. A.सीमेंट
  2. B.उर्वरक
  3. C.वस्त्र
  4. D.प्राकृतिक गैस
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. वस्त्र

व्याख्या

सही उत्तर C, वस्त्र है। आठ प्रमुख उद्योग हैं कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद, उर्वरक, इस्पात, सीमेंट और बिजली, इसलिए विकल्प A, B तथा D तीनों सूची में हैं। वस्त्र उद्योग भारतीय विनिर्माण में सबसे बड़े रोजगार देने वालों में है और आईआईपी के विनिर्माण घटक के भीतर उसका पर्याप्त भार भी है, किंतु वह प्रमुख उद्योग नहीं है, क्योंकि प्रमुख सूची उन ऊर्जा तथा आधारभूत सामग्रियों तक सीमित है जो शेष उद्योग को खुराक देती हैं। यही जाल चीनी, मोटर वाहन, रसायन और कागज के साथ भी बिछाया जाता है, जिनमें से कोई प्रमुख उद्योग नहीं है। सूची याद रखने का एक तेज तरीका है तीन ईंधन गिनना, अर्थात कोयला, कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस, एक रिफाइनिंग उत्पाद, दो निर्माण सामग्री इस्पात और सीमेंट, एक कृषि आगत उर्वरक, तथा बिजली।

Q10.भारतीय अर्थव्यवस्थाकठिन

औद्योगिक उत्पादन सूचकांक के उपयोग आधारित वर्गीकरण में सबसे अधिक भार किस श्रेणी का है?

  1. A.पूँजीगत वस्तुएँ
  2. B.प्राथमिक वस्तुएँ
  3. C.उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुएँ
  4. D.मध्यवर्ती वस्तुएँ
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. प्राथमिक वस्तुएँ

व्याख्या

सही उत्तर B, प्राथमिक वस्तुएँ है, जिनका भार 34.05 प्रतिशत है। इस वर्गीकरण में प्राथमिक वस्तुएँ खनन, कच्चे तेल तथा प्राकृतिक गैस के निष्कर्षण और बिजली उत्पादन की उपज हैं, अर्थात वे वस्तुएँ जो किसी विनिर्माण से गुजरने से पहले ही उत्पादन में प्रवेश करती हैं, इसलिए इस श्रेणी का हिस्सा स्वभावतः सबसे बड़ा है। विकल्प D, मध्यवर्ती वस्तुएँ, 17.22 प्रतिशत के साथ दूसरे स्थान पर है और उसमें वे वस्तुएँ आती हैं जो आगे के विनिर्माण में काम आने के लिए बनाई जाती हैं। विकल्प C, उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुएँ, का भार 12.84 प्रतिशत है और उसे घरेलू विश्वास का माप माना जाता है। विकल्प A, पूँजीगत वस्तुएँ, का भार छहों में सबसे कम 8.22 प्रतिशत है, फिर भी चर्चा सबसे अधिक उसी पर होती है, क्योंकि मशीन और संयंत्र तभी मँगाए जाते हैं जब उद्यमी विस्तार की आशा करते हैं, इसलिए वहाँ लगातार वृद्धि नए निवेश का संकेत देती है। शेष दो श्रेणियाँ उपभोक्ता गैर टिकाऊ 15.33 तथा अधोसंरचना और निर्माण वस्तुएँ 12.34 प्रतिशत हैं।

Q11.भारतीय अर्थव्यवस्थाआसान

औद्योगिक उत्पादन सूचकांक का सबसे सही वर्णन क्या है?

  1. A.औद्योगिक वस्तुओं का मूल्य सूचकांक
  2. B.औद्योगिक उत्पादन का मात्रा सूचकांक
  3. C.उद्योग में रोजगार का सूचकांक
  4. D.औद्योगिक कंपनियों के लाभ का सूचकांक
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. औद्योगिक उत्पादन का मात्रा सूचकांक

व्याख्या

सही उत्तर B, औद्योगिक उत्पादन का मात्रा सूचकांक है। आईआईपी एक माह में बनी वस्तुओं की भौतिक मात्रा की तुलना आधार वर्ष की मात्रा से करता है और उन मात्रा अनुपातों का भारित औसत लेता है, इसलिए वह तभी बढ़ता है जब वास्तव में अधिक बनता है और कीमतों के बदलने से अछूता रहता है। विकल्प A आँकड़ों के एक बिलकुल अलग परिवार का वर्णन करता है, अर्थात थोक मूल्य सूचकांक तथा उपभोक्ता मूल्य सूचकांक, जो कीमतें मापते हैं और महँगाई निकालने में काम आते हैं। विकल्प C इसलिए गलत है कि उद्योग में रोजगार श्रम बल सर्वेक्षणों तथा तिमाही रोजगार सर्वेक्षण से मापा जाता है, आईआईपी से नहीं। विकल्प D इसलिए गलत है कि कंपनियों का लाभ वित्तीय परिणामों में आता है, और कोई कंपनी उतनी ही मात्रा पर केवल कीमतें बढ़ने से अधिक कमा सकती है। आईआईपी को मात्रा की ओर और मूल्य सूचकांकों को मूल्य की ओर रखना ही वह भेद है जिसे परीक्षक जाँचते हैं।

Q12.भारतीय अर्थव्यवस्थामध्यम

आईआईपी में पूँजीगत वस्तुओं के उत्पादन में लगातार वृद्धि को सामान्यतः किसका संकेत माना जाता है?

  1. A.रोजमर्रा की वस्तुओं की उपभोक्ता माँग बढ़ने का
  2. B.अर्थव्यवस्था में निवेश गतिविधि के पुनर्जीवन का
  3. C.निर्यात प्रतिस्पर्धा सुधरने का
  4. D.औद्योगिक वस्तुओं में महँगाई बढ़ने का
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. अर्थव्यवस्था में निवेश गतिविधि के पुनर्जीवन का

व्याख्या

सही उत्तर B, निवेश गतिविधि के पुनर्जीवन का है। पूँजीगत वस्तुएँ वे मशीन, संयंत्र और उपकरण हैं जो उपभोग के लिए नहीं बल्कि अन्य वस्तुएँ बनाने के लिए खरीदे जाते हैं, और कोई उद्यम उन्हें तभी मँगाता है जब उसे माँग इतनी बढ़ने की आशा हो कि क्षमता बढ़ाना उचित लगे। इसलिए पूँजीगत वस्तुओं के लगातार अच्छे आँकड़े अर्थशास्त्रियों को बताते हैं कि व्यवसाय फिर निवेश कर रहे हैं, और यही कारण है कि 8.22 प्रतिशत के छोटे भार के बावजूद इस श्रेणी का उल्लेख सबसे अधिक होता है। विकल्प A उपभोक्ता गैर टिकाऊ वस्तुओं से संबंधित है, जो रोजमर्रा के उपभोग का पता देती हैं। विकल्प C इसलिए गलत है कि निर्यात प्रतिस्पर्धा व्यापार आँकड़ों और विनिमय दर से आँकी जाती है, किसी घरेलू मात्रा सूचकांक से नहीं। विकल्प D सिद्धांत रूप में गलत है, क्योंकि आईआईपी मात्राएँ मापता है और उसमें कीमत की कोई सूचना ही नहीं होती, इसलिए उसकी कोई हलचल अपने आप महँगाई का संकेत नहीं दे सकती।

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