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GK24
भारतीय अर्थव्यवस्थामध्यमपूछा गया: SSC CGL · 11 April 2022, Shift 3

किसी वर्ष या अवधि में प्रति 1000 जीवित जन्मों पर जीवन के पहले पूरे 28 दिनों में हुई मृत्यु की संख्या को क्या कहा जाता है?

  1. A.शिशु मृत्यु दर
  2. B.अशोधित मृत्यु दर
  3. C.नवजात मृत्यु दर
  4. D.आयु-विशिष्ट मृत्यु दर

सही उत्तर

C. नवजात मृत्यु दर

व्याख्या

सही उत्तर है C, नवजात मृत्यु दर। जन्म के बाद के पहले पूरे 28 दिन नवजात काल कहलाते हैं, और नवजात मृत्यु दर किसी वर्ष में प्रति 1,000 जीवित जन्मों पर इसी अवधि में हुई मृत्यु गिनती है। इस दर पर विशेष ध्यान दिया जाता है, क्योंकि इनमें से अधिकतर मृत्यु कुछ ऐसे कारणों से होती है जिन्हें अच्छी देखभाल से रोका जा सकता है, जैसे जन्म के समय दम घुटना, जन्म के समय कम वजन, शुरुआती संक्रमण और समय से पहले जन्म। इसी के भीतर पहले सात दिनों की मृत्यु को अलग से आरंभिक नवजात मृत्यु के रूप में गिना जाता है। A गलत है क्योंकि शिशु मृत्यु दर एक वर्ष से कम आयु के बच्चों की मृत्यु को प्रति 1,000 जीवित जन्मों पर गिनती है, जो बड़ा वर्ग है। B गलत है क्योंकि अशोधित मृत्यु दर पूरी जनसंख्या के प्रति 1,000 व्यक्तियों पर वर्ष भर की सभी मृत्यु गिनती है, आयु का ध्यान किए बिना। D गलत है क्योंकि आयु-विशिष्ट मृत्यु दर किसी चुने हुए आयु वर्ग की मृत्यु उसी वर्ग के प्रति 1,000 व्यक्तियों पर गिनती है। परीक्षा टिप: नवजात – 28 दिन के भीतर; शिशु – एक वर्ष के भीतर; पाँच वर्ष से कम – पाँच वर्ष के भीतर, सभी प्रति 1,000 जीवित जन्म।

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Q1.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: SSC MTS · 10 May, 2023, Shift 3आसान

निम्नलिखित में से कौन-सी बेरोजगारी किसी अर्थव्यवस्था में मंदी का परिणाम होती है?

  1. A.चक्रीय बेरोजगारी
  2. B.घर्षणात्मक बेरोजगारी
  3. C.मौसमी बेरोजगारी
  4. D.संरचनात्मक बेरोजगारी
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. चक्रीय बेरोजगारी

व्याख्या

सही उत्तर है A, चक्रीय बेरोजगारी। चक्रीय बेरोजगारी वह बेरोजगारी है जो अर्थव्यवस्था में मंदी से पैदा होती है: मांग गिरने पर कंपनियों की बिक्री घटती है, वे उत्पादन कम करती हैं और श्रमिकों को हटा देती हैं, और मांग सुधरने पर वही नौकरियाँ लौट आती हैं। इसलिए यह तेजी-मंदी के व्यापार चक्र से जुड़ी होती है और यही वह बेरोजगारी है जिस पर जॉन मेनार्ड केन्स ने महामंदी के बाद लिखा था, जब उन्होंने कहा कि सरकार को खर्च बढ़ाकर मांग उठानी चाहिए। यह औद्योगिक अर्थव्यवस्थाओं में आम है और भारत जैसी मुख्यतः कृषि आधारित अर्थव्यवस्था में कम, जहाँ प्रच्छन्न और मौसमी बेरोजगारी अधिक मायने रखती है। B गलत है क्योंकि घर्षणात्मक बेरोजगारी नौकरी बदलने के बीच का छोटा अंतराल है। C गलत है क्योंकि मौसमी बेरोजगारी तब होती है जब काम साल के कुछ महीनों में ही मिलता है, जैसे खेती या चीनी मिलों में। D गलत है क्योंकि संरचनात्मक बेरोजगारी तब पैदा होती है जब श्रमिकों के कौशल अर्थव्यवस्था की नौकरियों से मेल नहीं खाते। परीक्षा टिप: मंदी - चक्रीय बेरोजगारी, कौशल का बेमेल - संरचनात्मक बेरोजगारी।

Q2.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: SSC MTS · 5 July 2022, Shift 2मध्यम

निम्नलिखित में से 1947 का कौन-सा अधिनियम ट्रेड यूनियनों तथा व्यक्तिगत श्रमिकों से संबंधित भारतीय श्रम कानून को नियंत्रित करता है?

  1. A.भारतीय परिषद अधिनियम
  2. B.चार्टर अधिनियम
  3. C.रॉलेट अधिनियम
  4. D.औद्योगिक विवाद अधिनियम
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. औद्योगिक विवाद अधिनियम

व्याख्या

सही उत्तर है D, औद्योगिक विवाद अधिनियम। औद्योगिक विवाद अधिनियम 1947 में बना और यह तय करता है कि नियोक्ताओं तथा श्रमिकों के बीच के विवाद, जिनमें ट्रेड यूनियनों से जुड़े मामले और व्यक्तिगत श्रमिक के मामले दोनों आते हैं, कैसे उठाए और निपटाए जाएँगे। इसके तहत कार्य समितियाँ, सुलह अधिकारी, जाँच न्यायालय, श्रम न्यायालय, औद्योगिक अधिकरण और राष्ट्रीय अधिकरण बनाए जाते हैं; यह बताता है कि हड़ताल या तालाबंदी कब वैध है, और बड़े प्रतिष्ठानों के लिए छँटनी, ले-ऑफ या बंदी से पहले सरकार की अनुमति जरूरी करता है। इसके प्रावधान अब औद्योगिक संबंध संहिता, 2020 में समाहित कर दिए गए हैं। A गलत है क्योंकि 1861, 1892 और 1909 के भारतीय परिषद अधिनियम विधान परिषदों से जुड़े थे, श्रम से नहीं। B गलत है क्योंकि चार्टर अधिनियम, जिनमें अंतिम 1853 का था, ईस्ट इंडिया कंपनी के चार्टर का नवीकरण करते थे। C गलत है क्योंकि 1919 का रॉलेट अधिनियम बिना मुकदमे नजरबंदी की छूट देता था और जलियाँवाला बाग के विरोध का कारण बना। परीक्षा टिप: औद्योगिक विवाद अधिनियम 1947, अब औद्योगिक संबंध संहिता 2020 का हिस्सा।

Q3.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: SSC MTS · 18 Oct 2021, Shift 1आसान

महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम, 2005 का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका सुरक्षा के लिए प्रत्येक परिवार को ____ दिनों का मजदूरी रोजगार उपलब्ध कराना है।

  1. A.45
  2. B.365
  3. C.250
  4. D.100
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. 100

व्याख्या

सही उत्तर है D, 100। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम, 2005 हर ग्रामीण परिवार को एक वित्तीय वर्ष में कम से कम 100 दिन के अकुशल शारीरिक श्रम का रोजगार देने की गारंटी देता है। यह योजना फरवरी 2006 में 200 जिलों से शुरू हुई, 2008 तक पूरे देश में लागू हो गई और 2009 में इसका नाम महात्मा गांधी के नाम पर रखा गया। ग्रामीण परिवार का कोई भी वयस्क सदस्य काम की मांग कर सकता है; मांग के पंद्रह दिन के भीतर और गाँव से पाँच किलोमीटर के दायरे में काम देना होता है, और न देने पर राज्य को बेरोजगारी भत्ता देना पड़ता है। कम से कम एक तिहाई श्रमिक महिलाएँ होनी चाहिए, मजदूरी बैंक या डाकघर खाते में जाती है और काम मुख्यतः जल संरक्षण, तालाब, सड़क और भूमि विकास के होते हैं। A गलत है क्योंकि 45 दिन की गारंटी नहीं है। B गलत है क्योंकि 365 दिन का मतलब पूरे साल काम होता, जो कानून में नहीं है। C गलत है क्योंकि 250 दिन का आँकड़ा कानून में नहीं आता। परीक्षा टिप: मनरेगा 2005, साल में 100 दिन, 15 दिन में काम वरना बेरोजगारी भत्ता।

Q4.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: मध्य प्रदेश · Assistant Professor 2022, Commerceमध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा अर्थशास्त्री अर्थशास्त्र की धन संबंधी परिभाषा से जुड़ा नहीं है?

  1. A.एडम स्मिथ
  2. B.जे.बी. से
  3. C.वॉकर
  4. D.पीगू
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. पीगू

व्याख्या

सही उत्तर है D, पीगू। ए.सी. पीगू परिभाषाओं के कल्याण समूह में आते हैं, धन समूह में नहीं। अपनी पुस्तक 'द इकोनॉमिक्स ऑफ वेलफेयर' में उन्होंने अर्थशास्त्र को सामाजिक कल्याण के उस भाग का अध्ययन माना, जिसे मुद्रा से जोड़कर नापा जा सकता है; इस तरह उन्होंने अल्फ्रेड मार्शल की उस धारा को आगे बढ़ाया, जिसने अर्थशास्त्र को साधारण जीवन-व्यापार में लगे मनुष्यों का अध्ययन कहा था। धन संबंधी परिभाषाएँ इससे पहले की हैं। A गलत है क्योंकि एडम स्मिथ ने अपनी पुस्तक 'वेल्थ ऑफ नेशंस' में अर्थशास्त्र को धन का विज्ञान कहा और वे धन संबंधी परिभाषा के जनक माने जाते हैं। B गलत है क्योंकि जे.बी. से ने अर्थशास्त्र को वह विज्ञान बताया जो धन से संबंध रखता है। C गलत है क्योंकि फ्रांसिस वॉकर के अनुसार अर्थशास्त्र ज्ञान की वह शाखा है जो धन से संबंधित है। बाद में लियोनेल रॉबिंस ने दुर्लभता संबंधी परिभाषा दी और अर्थशास्त्र को साध्यों तथा सीमित साधनों के बीच मानव व्यवहार का अध्ययन कहा। परीक्षा टिप: धन – स्मिथ, से, वॉकर; कल्याण – मार्शल, पीगू; दुर्लभता – रॉबिंस।

Q5.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: SSC CGL · 6 March 2020, Shift 1आसान

यदि किसी अर्थव्यवस्था में मुद्रास्फीति लगातार बढ़ रही है, तो केंद्रीय बैंक क्या कर सकता है?

  1. A.रेपो दर घटाए
  2. B.रेपो दर बढ़ाए
  3. C.रिवर्स रेपो दर घटाए
  4. D.रेपो दर अपरिवर्तित रखे
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. रेपो दर बढ़ाए

व्याख्या

सही उत्तर है B, रेपो दर बढ़ाए। रेपो दर वह दर है जिस पर भारतीय रिज़र्व बैंक सरकारी प्रतिभूतियों के बदले बैंकों को अल्पकालिक ऋण देता है। जब मुद्रास्फीति लगातार बढ़ती है, तो रिज़र्व बैंक इस दर को बढ़ा देता है; इससे बैंक कम उधार लेते हैं और अपने ऋणों पर अधिक ब्याज वसूलते हैं, खर्च तथा माँग ठंडी पड़ती है और कीमतें धीमी गति से बढ़ती हैं। इस कदम को महँगी मुद्रा या कसी हुई मौद्रिक नीति कहा जाता है, और यह निर्णय छह सदस्यों वाली मौद्रिक नीति समिति लेती है, जिसे खुदरा मुद्रास्फीति चार प्रतिशत पर, दोनों ओर दो प्रतिशत की छूट के साथ, बनाए रखनी होती है। A गलत है क्योंकि रेपो दर घटाने से मुद्रा सस्ती होती है और माँग बढ़ती है, जो मुद्रास्फीति कम रहने पर विकास बढ़ाने के लिए किया जाता है। C गलत है क्योंकि रिवर्स रेपो दर घटने पर बैंकों को रिज़र्व बैंक के पास धन रखना कम लाभदायक लगता है, इसलिए अधिक धन बाजार में रहता है और मुद्रास्फीति और बढ़ती है। D गलत है क्योंकि दर अपरिवर्तित रखने से बढ़ती कीमतों पर कोई असर नहीं पड़ता। परीक्षा टिप: मुद्रास्फीति अधिक – रेपो दर बढ़े; विकास धीमा – रेपो दर घटे।