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GK क्विजभारतीय अर्थव्यवस्था

भारतीय अर्थव्यवस्था मिश्रित क्विज: सेट 14

  • 20 प्रश्न
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इस क्विज के बारे में

भारतीय अर्थव्यवस्था मिश्रित क्विज़ (सेट 14) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 10 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: मुद्रास्फीति और मूल्य सूचकांक, ग्रामीण विकास और मनरेगा, केंद्रीय बजट और राजकोषीय नीति और अन्य। इनमें से 8 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.भारतीय अर्थव्यवस्थाआसान

ऊँची मुद्रास्फीति के दौर में सामान्यतः किस वर्ग को लाभ होता है?

  1. A.ऋण लेने वाले
  2. B.ऋण देने वाले
  3. C.पेंशनभोगी
  4. D.सावधि जमा रखने वाले
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. ऋण लेने वाले

व्याख्या

सही उत्तर A, ऋण लेने वाले है। ऋण एक निश्चित रुपये राशि में चुकाया जाता है और मुद्रास्फीति उन रुपयों की क्रय शक्ति घटा देती है। इस तरह ऋणी उधार ली गई राशि से कम वास्तविक मूल्य की मुद्रा लौटाता है और कर्ज का वास्तविक बोझ घट जाता है। माल का भंडार रखने वाले उत्पादक और व्यापारी भी इसी तरह लाभ में रहते हैं, क्योंकि उनके भंडार का मूल्य मूल्य स्तर के साथ बढ़ता है।

विकल्प B ऋण देने वालों को इसी कारण हानि होती है, क्योंकि मिलने वाला ब्याज क्रय शक्ति की हानि तक की भरपाई नहीं कर पाता। विकल्प C पेंशनभोगी निश्चित राशि पर जीते हैं और जब तक पेंशन कीमतों से न जुड़ी हो, घाटे में रहते हैं। विकल्प D सावधि जमा पर निश्चित नाममात्र दर मिलती है; मुद्रास्फीति उससे अधिक हो तो वास्तविक प्रतिफल ऋणात्मक हो जाता है।

Q2.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: उत्तर प्रदेश · 28 Oct, 2023, Shift 1आसान

निम्नलिखित में से कौन सा भारतीय श्रम कानून एवं सामाजिक सुरक्षा उपाय काम के अधिकार की गारंटी देने के लिए है?

  1. A.भारतीय प्रबंध संस्थान अधिनियम
  2. B.महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम
  3. C.मजदूरी भुगतान (संशोधन) अधिनियम, 2017
  4. D.नागरिकता अधिनियम
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम

व्याख्या

सही उत्तर है B, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम। यह कानून काम के अधिकार को कानूनी गारंटी बनाता है: जिस भी ग्रामीण परिवार के वयस्क सदस्य अकुशल शारीरिक श्रम करने को तैयार हों, उसे एक वित्तीय वर्ष में कम से कम 100 दिन का मजदूरी रोजगार पाने का हक है। यह अधिनियम 2005 में नरेगा के नाम से पारित हुआ, 2 फरवरी 2006 से 200 जिलों में लागू हुआ, 2008 तक पूरे देश में फैला और 2009 में इसका नाम महात्मा गांधी के नाम पर रखा गया। पंद्रह दिन में काम न मिलने पर बेरोजगारी भत्ता मिलता है और एक तिहाई दिन महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि आईआईएम अधिनियम 2017 केवल डिग्री देने का अधिकार देता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि मजदूरी भुगतान संशोधन ने चेक या बैंक से वेतन देने की छूट दी थी। विकल्प D गलत है, क्योंकि नागरिकता अधिनियम नागरिकता से जुड़ा है। परीक्षा टिप: नरेगा 2005, लागू 2 फरवरी 2006, 100 दिन का रोजगार।

Q3.भारतीय अर्थव्यवस्थाआसान

संविधान के किस अनुच्छेद के अंतर्गत केंद्रीय बजट वार्षिक वित्तीय विवरण के रूप में प्रस्तुत किया जाता है?

  1. A.अनुच्छेद 110
  2. B.अनुच्छेद 112
  3. C.अनुच्छेद 114
  4. D.अनुच्छेद 123
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. अनुच्छेद 112

व्याख्या

सही उत्तर B, अनुच्छेद 112 है। संविधान में बजट शब्द कहीं प्रयुक्त नहीं हुआ। अनुच्छेद 112 राष्ट्रपति से अपेक्षा करता है कि वे प्रत्येक वित्त वर्ष के लिए भारत सरकार की अनुमानित प्राप्तियों और व्यय का विवरण संसद के दोनों सदनों के समक्ष रखवाएँ, और इसी विवरण को वार्षिक वित्तीय विवरण कहा जाता है। जिसे लोग केंद्रीय बजट कहते हैं वह यही दस्तावेज तथा उससे जुड़े कागज हैं।

विकल्प A, अनुच्छेद 110, यह परिभाषित करता है कि धन विधेयक क्या है और वह किन विषयों से संबंधित हो सकता है। विकल्प C, अनुच्छेद 114, विनियोग विधेयक की व्यवस्था करता है, जिसके पारित हुए बिना भारत की संचित निधि से धन नहीं निकाला जा सकता। विकल्प D, अनुच्छेद 123, का बजट से कोई संबंध नहीं; वह राष्ट्रपति को संसद के सत्र में न होने पर अध्यादेश जारी करने की शक्ति देता है।

Q4.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: SSC MTS · 6 Oct 2021, Shift 2मध्यम

निम्नलिखित में से कौन सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनी नहीं है?

  1. A.यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी
  2. B.द न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड
  3. C.एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस
  4. D.जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस

व्याख्या

सही उत्तर है C, एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस। यह निजी क्षेत्र का संयुक्त उपक्रम है, सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनी नहीं।

एसबीआई लाइफ की स्थापना 2001 में भारतीय स्टेट बैंक और फ्रांस की बीएनपी पारिबा कार्डिफ की साझेदारी से हुई थी। स्टेट बैंक की हिस्सेदारी बड़ी होने पर भी यह कंपनी निजी जीवन बीमा कंपनी के रूप में पंजीकृत है और इसके शेयर शेयर बाजार में सूचीबद्ध हैं। भारत में सार्वजनिक क्षेत्र की एकमात्र जीवन बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम है, जो 1956 में बना।

विकल्प A चेन्नई की यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस और विकल्प B मुंबई की न्यू इंडिया एश्योरेंस, सरकारी स्वामित्व वाली चार साधारण बीमा कंपनियों में से हैं; अन्य दो नेशनल इंश्योरेंस और ओरिएंटल इंश्योरेंस हैं। विकल्प D जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया सरकारी पुनर्बीमा कंपनी है। ये सभी 1972 के साधारण बीमा राष्ट्रीयकरण से निकलीं।

परीक्षा टिप: सार्वजनिक - एलआईसी, चार साधारण बीमा कंपनियाँ और जीआईसी री; निजी - एसबीआई लाइफ, एचडीएफसी लाइफ, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल।

Q5.भारतीय अर्थव्यवस्थामध्यम

मूल्य स्तर के बढ़ते रहने के बावजूद मुद्रास्फीति की दर का घटना क्या कहलाता है?

  1. A.अपस्फीति
  2. B.विस्फीति
  3. C.मुद्रास्फीतिजनित मंदी
  4. D.विषम स्फीति
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. विस्फीति

व्याख्या

सही उत्तर B, विस्फीति है, जिसे अंग्रेजी में डिसइन्फ्लेशन कहते हैं। यदि मुद्रास्फीति की दर सात प्रतिशत से घटकर पाँच प्रतिशत रह जाए तो कीमतें पिछले वर्ष से ऊँची ही हैं, पर उनके बढ़ने की गति धीमी पड़ गई है। यही धीमापन विस्फीति है और ऊँची महँगाई से लड़ने के लिए ब्याज दर बढ़ाने वाला केंद्रीय बैंक सामान्यतः यही हासिल करना चाहता है।

विकल्प A अपस्फीति का अर्थ है कि कीमतें स्वयं गिर रही हैं और दर ऋणात्मक हो गई है, जो कमजोर माँग का संकेत है और कहीं अधिक हानिकारक है। विकल्प C मुद्रास्फीतिजनित मंदी ऊँची महँगाई के साथ कम वृद्धि तथा ऊँची बेरोजगारी है। विकल्प D विषम स्फीति में कुछ वस्तुओं, प्रायः खाद्य पदार्थों, के दाम तेजी से बढ़ते हैं जबकि सामान्य मूल्य स्तर स्थिर रहता है।

Q6.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: SSC CGL · 6 March 2020, Shift 2आसान

नाबार्ड की स्थापना किस वर्ष में हुई थी?

  1. A.1979
  2. B.1981
  3. C.1978
  4. D.1982
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. 1982

व्याख्या

सही उत्तर है D, 1982। राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक की स्थापना 12 जुलाई 1982 को हुई थी।

नाबार्ड की स्थापना शिवरामन समिति की सिफारिश पर 1981 के संसदीय अधिनियम से हुई और इसने जुलाई 1982 में काम शुरू किया। यह कृषि, लघु उद्योग, हस्तशिल्प तथा अन्य ग्रामीण गतिविधियों के लिए शीर्ष पुनर्वित्त संस्था है और इसका मुख्यालय मुंबई में है। यह क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों तथा सहकारी बैंकों का पर्यवेक्षण करता है, ग्रामीण अवसंरचना विकास निधि चलाता है और स्वयं सहायता समूह तथा बैंक संबंध कार्यक्रम को बढ़ावा देता है।

A गलत है: 1979 का नाबार्ड से कोई संबंध नहीं है। B गलत है: 1981 में इसका अधिनियम पारित हुआ था, बैंक ने काम उस वर्ष शुरू नहीं किया। C गलत है: 1978 इस संस्था के लिए बहुत पहले का वर्ष है।

परीक्षा टिप: नाबार्ड - अधिनियम 1981, स्थापना 12 जुलाई 1982, शिवरामन समिति, मुख्यालय मुंबई।

Q7.भारतीय अर्थव्यवस्थामध्यम

सरकार का राजकोषीय घाटा किसे कहते हैं?

  1. A.राजस्व व्यय घटा राजस्व प्राप्तियाँ
  2. B.कुल व्यय घटा उधारी को छोड़कर कुल प्राप्तियाँ
  3. C.कुल व्यय घटा ब्याज भुगतान
  4. D.पूँजीगत व्यय घटा पूँजीगत प्राप्तियाँ
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. कुल व्यय घटा उधारी को छोड़कर कुल प्राप्तियाँ

व्याख्या

सही उत्तर B है। राजकोषीय घाटा कुल व्यय में से उधारी को छोड़कर कुल प्राप्तियाँ घटाने पर मिलता है, अर्थात यह ठीक-ठीक बताता है कि सरकार को वर्ष भर की नियोजित खर्च पूरी करने के लिए कितना उधार लेना होगा। इसीलिए इसे कुल उधारी आवश्यकता कहा जाता है और अन्य घाटों की तुलना में रेटिंग एजेंसियाँ तथा बॉन्ड बाजार इसी पर नजर रखते हैं।

विकल्प A राजस्व घाटे का वर्णन करता है, जो केवल राजस्व व्यय की तुलना राजस्व प्राप्तियों से करता है और दैनिक खर्च के लिए ली गई उधारी दिखाता है। विकल्प C किसी मानक परिभाषा से मेल नहीं खाता; ब्याज भुगतान कुल व्यय से नहीं, बल्कि राजकोषीय घाटे से घटाया जाता है और तब प्राथमिक घाटा मिलता है। विकल्प D कोई मान्य माप है ही नहीं, क्योंकि पूँजीगत प्राप्तियों का बड़ा हिस्सा वही उधारी है जिसे राजकोषीय घाटे से बाहर रखा जाता है।

Q8.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: SSC MTS · 18 Oct 2021, Shift 3मध्यम

विदेशी मुद्रा विनियमन अधिनियम (FERA) की जगह विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) किस वर्ष बनाया गया?

  1. A.1988
  2. B.1999
  3. C.2014
  4. D.1992
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 1999

व्याख्या

सही उत्तर है B, 1999। विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम 1999 में पारित हुआ और 1 जून 2000 से लागू हुआ, जिसने 1973 के विदेशी मुद्रा विनियमन अधिनियम की जगह ली। नाम के एक शब्द का बदलाव ही पूरी कहानी कह देता है। फेरा विदेशी मुद्रा के लेन-देन पर नियंत्रण और रोक लगाता था और उल्लंघन को आपराधिक मामला मानता था, जबकि फेमा खुली अर्थव्यवस्था में उनका प्रबंधन करता है और उल्लंघन को दीवानी मामला मानकर आर्थिक दंड लगाता है। फेमा ने चालू खाते के अधिकांश लेन-देन मुक्त कर दिए, पूँजी खाते के लेन-देन रिज़र्व बैंक के नियंत्रण में रखे, और इसका प्रवर्तन प्रवर्तन निदेशालय करता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि 1988 का इस कानून से कोई संबंध नहीं है। विकल्प C गलत है, क्योंकि 2014 का संबंध विदेशी निवेश नीति के बाद के बदलावों से है, फेमा के बनने से नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि 1992 सेबी अधिनियम और व्यापार नीति के पहले बड़े उदारीकरण का वर्ष है। परीक्षा टिप: फेरा 1973 आपराधिक दृष्टि वाला था, फेमा 1999 दीवानी है और जून 2000 से लागू हुआ।

Q9.भारतीय अर्थव्यवस्थामध्यम

भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति में कितने सदस्य होते हैं?

  1. A.चार
  2. B.पाँच
  3. C.छह
  4. D.सात
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. छह

व्याख्या

सही उत्तर C, छह है। संशोधित भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम के अंतर्गत गठित मौद्रिक नीति समिति में छह सदस्य होते हैं। तीन रिजर्व बैंक के होते हैं, अर्थात गवर्नर, मौद्रिक नीति देखने वाले डिप्टी गवर्नर और केंद्रीय बोर्ड द्वारा नामित बैंक का एक अधिकारी, तथा तीन बाहरी सदस्य केंद्र सरकार नियुक्त करती है। गवर्नर समिति के अध्यक्ष होते हैं और मत बराबर होने पर निर्णायक मत देते हैं, गणपूर्ति चार सदस्यों की होती है और समिति को वर्ष में कम से कम चार बार बैठक करनी होती है।

विकल्प A, B और D गलत संख्याएँ हैं। समिति बहुमत से नीतिगत रेपो दर तय करती है और उसका संकल्प प्रत्येक सदस्य के मत के साथ प्रकाशित होता है, जो पारदर्शिता का उपाय है और परीक्षा में पूछा जाने वाला एक और विवरण है।

Q10.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: RRB ग्रुप D · 1 Sept 2022, Shift 3आसान

उपभोक्ता सिद्धांत यह बताता है कि लोग अपना ______ खर्च करने का निर्णय कैसे लेते हैं।

  1. A.समय
  2. B.संबंध
  3. C.ऊर्जा
  4. D.धन
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. धन

व्याख्या

सही उत्तर है D, धन। उपभोक्ता सिद्धांत इस बात का अध्ययन करता है कि कोई परिवार उपलब्ध वस्तुओं और सेवाओं पर अपना धन किस प्रकार खर्च करने का निर्णय लेता है।

यह सिद्धांत तीन बातों पर आधारित है, उपभोक्ता की आवश्यकताएँ, वस्तुओं की कीमतें और हाथ में उपलब्ध आय, जिसे बजट सीमा कहा जाता है। आय सीमित होने के कारण उपभोक्ता वही संयोजन चुनता है जिससे खर्च किए धन पर सर्वाधिक संतुष्टि या उपयोगिता प्राप्त हो, और जब खर्च के किसी भी फेरबदल से संतुष्टि नहीं बढ़ सके तो उसे उपभोक्ता संतुलन कहा जाता है। घटती सीमांत उपयोगिता का नियम, तटस्थता वक्र और माँग का नियम सूक्ष्म अर्थशास्त्र की इसी शाखा में आते हैं।

विकल्प A गलत है क्योंकि समय के उपयोग का अध्ययन श्रम और अवकाश के चयन के रूप में अलग किया जाता है। विकल्प B गलत है क्योंकि संबंध सामाजिक विषय हैं, आर्थिक चयन नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि यहाँ ऊर्जा का कोई आर्थिक अर्थ नहीं बनता।

परीक्षा टिप: उपभोक्ता सिद्धांत आवश्यकता, कीमत और आय को जोड़कर माँग वक्र की व्याख्या करता है।

Q11.भारतीय अर्थव्यवस्थामध्यम

प्राथमिक घाटा निकालने के लिए राजकोषीय घाटे में से निम्नलिखित में से क्या घटाया जाता है?

  1. A.ब्याज भुगतान
  2. B.सब्सिडी
  3. C.रक्षा व्यय
  4. D.पूँजीगत परिसंपत्ति निर्माण के लिए दिए गए अनुदान
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. ब्याज भुगतान

व्याख्या

सही उत्तर A, ब्याज भुगतान है। प्राथमिक घाटा राजकोषीय घाटे में से ब्याज भुगतान घटाने पर मिलता है। ब्याज पिछले वर्षों में ली गई उधारी की लागत है, इसलिए उसे हटा देने पर वही उधारी बचती है जो केवल वर्तमान वर्ष की नीतियों के कारण आवश्यक है। इसी कारण किसी देश का राजकोषीय घाटा बड़ा और प्राथमिक घाटा बहुत छोटा हो सकता है, यदि उसकी अधिकांश उधारी पुराने ऋण चुकाने में जा रही हो।

विकल्प B, सब्सिडी, राजस्व व्यय का एक अंग है और किसी परिभाषित घाटे के लिए उसे कभी घटाया नहीं जाता। विकल्प C, रक्षा व्यय, भी व्यय का सामान्य मद है और किसी घाटे के सूत्र में उसका विशेष स्थान नहीं। विकल्प D, पूँजीगत परिसंपत्ति निर्माण के लिए दिए गए अनुदान, राजकोषीय घाटे से नहीं बल्कि राजस्व घाटे से घटाए जाते हैं, और उस घटाव का परिणाम प्रभावी राजस्व घाटा कहलाता है।

Q12.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: SSC MTS · 7 Oct 2021, Shift 1कठिन

विदेशी मुद्रा विनियमन अधिनियम, जिसके अनुसार विदेशी निवेशक भारतीय उद्यमों में 40% से अधिक हिस्सेदारी नहीं रख सकते थे, का पालन न कर पाने के कारण IBM और कोका कोला ने किस वर्ष भारत में अपना कारोबार बंद किया?

  1. A.1964
  2. B.1981
  3. C.1956
  4. D.1977
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. 1977

व्याख्या

सही उत्तर है D, 1977। IBM और कोका कोला ने अपनी हिस्सेदारी 40 प्रतिशत तक घटाने के बजाय 1977 में भारत से कारोबार समेट लिया। 1973 में पारित विदेशी मुद्रा विनियमन अधिनियम यानी फेरा के अनुसार विदेशी कंपनियों को भारतीय अनुषंगियों में अपनी इक्विटी इसी स्तर तक लानी थी और विदेशी मुद्रा के अधिकांश लेन-देन के लिए अनुमति लेनी थी। यह बंद और लाइसेंस आधारित अर्थव्यवस्था का चरम दौर था, और दो प्रसिद्ध अमेरिकी कंपनियों का जाना उसका प्रतीक बन गया। कोका कोला 1991 के सुधारों के बाद ही लौटी, और फेरा की जगह 1999 में नरम विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम आया। विकल्प A गलत है, क्योंकि 1964 फेरा बनने से बहुत पहले का वर्ष है। विकल्प B गलत है, क्योंकि 1981 तक दोनों कंपनियाँ जा चुकी थीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि 1956 औद्योगिक नीति प्रस्ताव का वर्ष है, जिसका इस प्रकरण से संबंध नहीं है। परीक्षा टिप: फेरा 1973, IBM और कोका कोला की विदाई 1977, उदारीकरण 1991 और फेमा 1999 को एक श्रृंखला में याद रखें।

Q13.भारतीय अर्थव्यवस्थामध्यम

भारत के थोक मूल्य सूचकांक में निम्नलिखित में से क्या शामिल नहीं होता?

  1. A.प्राथमिक वस्तुएँ
  2. B.ईंधन और ऊर्जा
  3. C.विनिर्मित उत्पाद
  4. D.सेवाएँ
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. सेवाएँ

व्याख्या

सही उत्तर D, सेवाएँ है। थोक मूल्य सूचकांक पूरी तरह थोक में बिकने वाली वस्तुओं की कीमतों से बनता है और इसमें ठीक तीन प्रमुख समूह हैं: प्राथमिक वस्तुएँ, ईंधन तथा ऊर्जा और विनिर्मित उत्पाद, जिनमें सबसे बड़ा भार विनिर्मित उत्पादों का है। बाल कटाई, विद्यालय शुल्क, बस किराया या डॉक्टर की फीस इस सूचकांक में कभी नहीं आती, जबकि सेवाएँ देश के उत्पादन का आधे से अधिक भाग हैं। सेवाओं को समेटने वाले अलग उत्पादक मूल्य सूचकांक की तैयारी लंबे समय से चल रही है।

विकल्प A, B और C उन्हीं तीन समूहों के नाम हैं जो सूचकांक में आते हैं, इसलिए वे उत्तर नहीं हो सकते। सेवाओं की यही अनुपस्थिति एक कारण थी कि मौद्रिक नीति के लंगर के रूप में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक को चुना गया।

Q14.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: राजस्थान · RPSC RAS Pre, 27 Oct 2021मध्यम

औद्योगिक उत्पादन निर्देशांक, जो कि भारतीय अर्थव्यवस्था में औद्योगिक क्रियाओं का मापक है, इसमें क्या सम्मिलित नहीं किया जाता है?

  1. A.खनन
  2. B.विद्युत
  3. C.विनिर्माण
  4. D.गैस एवं जलापूर्ति
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. गैस एवं जलापूर्ति

व्याख्या

सही उत्तर है D, गैस एवं जलापूर्ति। औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) में केवल तीन क्षेत्र शामिल हैं: खनन, विनिर्माण और विद्युत। यह एक मासिक सूचकांक है, जिसे सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय जारी करता है, और यह बताता है कि आधार वर्ष की तुलना में औद्योगिक उत्पादन की मात्रा कितनी तेज़ी से बढ़ या घट रही है। इस सूचकांक में विनिर्माण का भार सबसे अधिक है, इसलिए कारखानों में सुस्ती आते ही IIP तेज़ी से नीचे आ जाता है। राष्ट्रीय आय के व्यापक उद्योग क्षेत्र में बिजली के साथ गैस और जलापूर्ति भी गिनी जाती हैं, पर वे IIP की टोकरी में नहीं हैं, और यही इस प्रश्न का जाल है। विकल्प A गलत है, क्योंकि खनन IIP के तीन क्षेत्रों में से एक है। विकल्प B गलत है, क्योंकि विद्युत भी IIP का क्षेत्र है। विकल्प C गलत है, क्योंकि विनिर्माण तो सूचकांक का सबसे बड़ा हिस्सा है। परीक्षा टिप: IIP = खनन + विनिर्माण + विद्युत; आठ कोर उद्योगों का सूचकांक एक अलग, छोटा सूचकांक है।

Q15.भारतीय अर्थव्यवस्थामध्यम

राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन अधिनियम किस वर्ष पारित किया गया?

  1. A.1991
  2. B.1999
  3. C.2003
  4. D.2016
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 2003

व्याख्या

सही उत्तर C, 2003 है। राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन अधिनियम संसद ने 2003 में पारित किया और इसके नियम 2004 में लागू हुए। यह केंद्र सरकार से अपेक्षा करता है कि वह बजट के साथ मध्यावधि राजकोषीय नीति विवरण संसद में रखे, अपने घाटों को सीमित करे और अपनी देयताएँ प्रकट करे; इसमें एक निकास उपबंध भी है जो राष्ट्रीय सुरक्षा आपात या कृषि उत्पादन के ध्वस्त होने जैसी स्थितियों में लक्ष्यों से विचलन की अनुमति देता है।

विकल्प A, 1991, भुगतान संतुलन संकट और उदारीकरण के आरंभ का वर्ष है, इस कानून का नहीं। विकल्प B, 1999, में ऐसा कोई अधिनियम नहीं बना। विकल्प D, 2016, वह वर्ष है जब एन. के. सिंह की अध्यक्षता में एफआरबीएम समीक्षा समिति बनी; उसने 2017 में रिपोर्ट दी और सिफारिश की कि ऋण तथा सकल घरेलू उत्पाद का अनुपात राजकोषीय नीति का मुख्य आधार बने।

Q16.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: RRB ALP · CBT-1, 9 Aug 2018, Shift 2मध्यम

अपनी कर प्रणाली में GST लागू करने वाला पहला देश कौन-सा था?

  1. A.कनाडा
  2. B.फ्रांस
  3. C.ऑस्ट्रेलिया
  4. D.जर्मनी
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. फ्रांस

व्याख्या

सही उत्तर है B, फ्रांस। फ्रांस 1954 में GST लागू करने वाला पहला देश था। यह विचार फ्रांस के कर अधिकारी मॉरिस लॉरे का था, जिन्होंने ऐसा कर बनाया जो उत्पादन और बिक्री के हर चरण पर लगता है, पर केवल उस चरण में जोड़े गए मूल्य पर। इससे पुराने बिक्री करों का "कर पर कर" वाला व्यापक (कैस्केडिंग) प्रभाव खत्म होता है। मूल्य वर्धित कर (VAT) का यह मॉडल बाद में यूरोप और पूरी दुनिया में फैला। भारत ने 101वें संविधान संशोधन के ज़रिए 1 जुलाई 2017 से दोहरा GST अपनाया: राज्य के भीतर बिक्री पर CGST और SGST, तथा राज्यों के बीच बिक्री पर IGST। A गलत है क्योंकि कनाडा ने अपना GST 1991 में लागू किया। C गलत है क्योंकि ऑस्ट्रेलिया ने GST 2000 में लागू किया। D गलत है क्योंकि जर्मनी ने अपनी VAT प्रणाली 1968 में अपनाई, यानी फ्रांस के बहुत बाद। परीक्षा टिप: पहला GST = फ्रांस, 1954 (मॉरिस लॉरे); भारत में GST 1 जुलाई 2017 से, 101वाँ संशोधन; 1 जुलाई को GST दिवस मनाया जाता है।

Q17.भारतीय अर्थव्यवस्थामध्यम

यदि किसी जमा पर नाममात्र ब्याज दर 6 प्रतिशत है और मुद्रास्फीति की दर 8 प्रतिशत है, तो वास्तविक ब्याज दर कितनी होगी?

  1. A.14 प्रतिशत
  2. B.2 प्रतिशत
  3. C.ऋण 2 प्रतिशत
  4. D.8 प्रतिशत
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. ऋण 2 प्रतिशत

व्याख्या

सही उत्तर C, ऋण 2 प्रतिशत है। वास्तविक ब्याज दर नाममात्र दर में से मुद्रास्फीति की दर घटाने पर मिलती है, और इस सन्निकटन को फिशर समीकरण कहते हैं। यहाँ छह प्रतिशत में से आठ प्रतिशत घटाने पर ऋण दो प्रतिशत आता है, अर्थात जमा रुपये में तो बढ़ती है पर वर्ष के अंत में उससे उतना सामान नहीं खरीदा जा सकता जितना आरंभ में उसी मूल राशि से खरीदा जा सकता था। जब भी मुद्रास्फीति अर्जित ब्याज से अधिक हो, बचतकर्ता वास्तविक अर्थ में घाटे में रहता है।

विकल्प A में दोनों दरें घटाने के बजाय जोड़ दी गई हैं। विकल्प B में घटाव उलटी दिशा में किया गया है। विकल्प D केवल मुद्रास्फीति की दर दोहराता है और अर्जित ब्याज की उपेक्षा करता है।

Q18.भारतीय अर्थव्यवस्थाकठिन

वह कटौती प्रस्ताव जो अनुदान की माँग की राशि घटाकर एक रुपया करने की माँग करता है, क्या कहलाता है?

  1. A.सांकेतिक कटौती
  2. B.मितव्ययिता कटौती
  3. C.नीति कटौती
  4. D.गिलोटिन
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. नीति कटौती

व्याख्या

सही उत्तर C, नीति कटौती है। नीति कटौती प्रस्ताव में माँग की राशि घटाकर एक रुपया करने को कहा जाता है। यह कमी प्रतीकात्मक है; उद्देश्य उस माँग के पीछे की नीति से पूर्ण असहमति दर्ज कराना है और प्रस्ताव लाने वाला सदस्य वैकल्पिक नीति का सुझाव भी दे सकता है। सीधी चुनौती होने के कारण लोकसभा में पारित नीति कटौती सरकार के विरुद्ध अविश्वास मत के समान मानी जाती है।

विकल्प A, सांकेतिक कटौती, माँग को सौ रुपये घटाती है और सरकार के उत्तरदायित्व के दायरे की किसी विशेष शिकायत को उठाने के लिए प्रयोग होती है। विकल्प B, मितव्ययिता कटौती, माँग को एक निश्चित घोषित राशि से घटाती है और यह माँग करती है कि वही व्यय अधिक किफायत से किया जाए। विकल्प D, गिलोटिन, कटौती प्रस्ताव है ही नहीं, बल्कि वह व्यवस्था है जिससे अध्यक्ष अंतिम निर्धारित दिन शेष सभी माँगें एक साथ मतदान के लिए रख देते हैं।

Q19.भारतीय अर्थव्यवस्थाकठिन

जीडीपी अपस्फीतिकारक की गणना कैसे की जाती है?

  1. A.वास्तविक जीडीपी में नाममात्र जीडीपी का भाग, गुणा 100
  2. B.नाममात्र जीडीपी में वास्तविक जीडीपी का भाग, गुणा 100
  3. C.नाममात्र जीडीपी में से वास्तविक जीडीपी घटाकर
  4. D.साधन लागत पर जीडीपी में जनसंख्या का भाग देकर
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. नाममात्र जीडीपी में वास्तविक जीडीपी का भाग, गुणा 100

व्याख्या

सही उत्तर B, नाममात्र जीडीपी में वास्तविक जीडीपी का भाग देकर सौ से गुणा है। नाममात्र जीडीपी चालू कीमतों पर और वास्तविक जीडीपी आधार वर्ष की कीमतों पर मापी जाती है, इसलिए दोनों का अनुपात केवल कीमतों के परिवर्तन का प्रभाव अलग कर देता है। यह उपलब्ध सबसे व्यापक मूल्य माप है, क्योंकि इसमें देश के भीतर उत्पादित हर वस्तु और सेवा आती है, और थोक तथा उपभोक्ता सूचकांकों के विपरीत उत्पादन की संरचना बदलने पर इसकी टोकरी भी बदल जाती है।

विकल्प A में सूत्र उलटा है और कीमतें बढ़ने पर उसका मान घटेगा। विकल्प C रुपये में केवल निरपेक्ष अंतर देता है, कोई सूचकांक नहीं। विकल्प D प्रति व्यक्ति जीडीपी का वर्णन है, जिसका कीमतों की माप से कोई संबंध नहीं। अपस्फीतिकारक का मान 120 होने का अर्थ है कि चालू वर्ष की कीमतें आधार वर्ष से बीस प्रतिशत ऊपर हैं।

Q20.भारतीय अर्थव्यवस्थाकठिन

बजट पारित होने तक व्यय के लिए संसद द्वारा अग्रिम अनुदान देने की व्यवस्था, लेखानुदान, किस अनुच्छेद में है?

  1. A.अनुच्छेद 113
  2. B.अनुच्छेद 115
  3. C.अनुच्छेद 116
  4. D.अनुच्छेद 117
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सही उत्तर: C. अनुच्छेद 116

व्याख्या

सही उत्तर C, अनुच्छेद 116 है। यह लोकसभा को अधिकार देता है कि अनुदान की माँगों पर मतदान और विनियोग अधिनियम के पारित होने की पूरी प्रक्रिया पूरी होने तक वह अग्रिम अनुदान दे सके। यही लेखानुदान है और यह बीच की अवधि में सरकार का कामकाज चलाए रखता है, क्योंकि संसद की स्वीकृति के बिना संचित निधि से विधिपूर्वक धन नहीं निकाला जा सकता।

विकल्प A, अनुच्छेद 113, कहता है कि संचित निधि पर भारित व्यय के अनुमान संसद के मतदान के लिए नहीं रखे जाएँगे और अनुदान की माँग के लिए राष्ट्रपति की सिफारिश आवश्यक है। विकल्प B, अनुच्छेद 115, अनुपूरक, अतिरिक्त या अधिक अनुदानों से संबंधित है। विकल्प D, अनुच्छेद 117, वित्त विधेयकों के लिए विशेष उपबंध देता है, जिसमें राष्ट्रपति की सिफारिश की शर्त भी शामिल है।

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