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GK क्विजभारतीय अर्थव्यवस्था

भारतीय अर्थव्यवस्था क्विज: केंद्रीय बजट और राजकोषीय नीति

  • 11 प्रश्न
  • 11 मिनट
  • कठिनाई: मध्यम
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इस क्विज के बारे में

भारतीय अर्थव्यवस्था के अंतर्गत "केंद्रीय बजट और राजकोषीय नीति" विषय पर यह क्विज़ 11 बहुविकल्पीय प्रश्न रखता है, जो GK24 के इसी विषय के नोट्स के साथ प्रकाशित सत्यापित प्रश्न हैं, जिनमें 4 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे गए हैं। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और शेष विकल्पों के गलत होने की पूरी व्याख्या दी गई है, ताकि आप केवल उत्तर याद न करें बल्कि उसके पीछे का तथ्य समझें। नोट्स पढ़ने के तुरंत बाद इसे हल करें, निर्धारित समय का पालन करें, और अंत में व्याख्याएं पढ़कर कमजोर बिंदु चिह्नित करें। परीक्षा से पहले दोहराव के लिए इसे दोबारा दें।

इस क्विज के प्रश्न

11 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: दिल्ली · 3 April 2022, Shift 2मध्यम

निम्नलिखित में से कौन सी मद भारतीय बजट की पूँजीगत प्राप्तियों में शामिल है?

  1. A.वाणिज्यिक राजस्व
  2. B.प्राप्त ब्याज
  3. C.ट्रेजरी बिल जारी करना
  4. D.लाभांश और लाभ
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. ट्रेजरी बिल जारी करना

व्याख्या

सही उत्तर C, ट्रेजरी बिल जारी करना है। कोई प्राप्ति तब पूँजीगत मानी जाती है जब वह या तो सरकार पर देयता बनाती है या उसकी किसी परिसंपत्ति को घटाती है। ट्रेजरी बिल अल्पकालिक उधारी का साधन है, इसलिए उसे जारी करने से चुकाने योग्य देयता बनती है और वह बाजार ऋण, विदेशी ऋण, ऋणों की वसूली तथा विनिवेश की आय के साथ पूँजीगत प्राप्ति में गिना जाता है।

विकल्प A, वाणिज्यिक राजस्व, सरकारी विभागों और उपक्रमों को वस्तुओं तथा सेवाओं की बिक्री से मिलता है और न देयता बनाता है न परिसंपत्ति घटाता है, इसलिए वह गैर-कर राजस्व है। विकल्प B, सरकार द्वारा दिए गए ऋणों पर प्राप्त ब्याज, भी आवर्ती गैर-कर राजस्व है। विकल्प D, सार्वजनिक उपक्रमों और रिजर्व बैंक से मिलने वाले लाभांश और लाभ, भी गैर-कर राजस्व हैं। ये तीनों राजस्व प्राप्तियाँ हैं।

Q2.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: SSC CGL · 18 April 2022, Shift 1आसान

निम्नलिखित में से कौन सा भारत का पहला कागजरहित बजट है?

  1. A.केंद्रीय बजट 2021-22
  2. B.केंद्रीय बजट 2019-20
  3. C.केंद्रीय बजट 2020-21
  4. D.केंद्रीय बजट 2018-19
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. केंद्रीय बजट 2021-22

व्याख्या

सही उत्तर A, केंद्रीय बजट 2021-22 है। यह भारत का पहला केंद्रीय बजट था जिसे छापा नहीं गया। छपाई के आरंभ का प्रतीक मानी जाने वाली परंपरागत हलवा रस्म बदल दी गई और सभी दस्तावेज संसद सदस्यों तथा आम जनता को एक विशेष केंद्रीय बजट मोबाइल ऐप और बजट वेबसाइट के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक रूप में उपलब्ध कराए गए।

विकल्प B, 2019-20 का बजट, इस बात के लिए याद किया जाता है कि ब्रीफकेस की जगह लाल कपड़े में लिपटे बही-खाते ने ली, पर दस्तावेज तब भी छपे थे। विकल्प C, 2020-21 का बजट, इस परिवर्तन से पहले आया और संसद में दिए गए सबसे लंबे बजट भाषण के लिए जाना जाता है। विकल्प D, 2018-19 का बजट, वस्तु एवं सेवा कर लागू होने के बाद का पहला पूर्ण बजट था और वह भी छपा हुआ बजट था।

Q3.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: SSC CGL · 13 April 2022, Shift 1मध्यम

केंद्रीय बजट 2021-22 के अनुसार, वर्ष 2021-22 में राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद के कितने प्रतिशत अनुमानित किया गया था?

  1. A.5.1
  2. B.7.6
  3. C.6.8
  4. D.7.2
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 6.8

व्याख्या

सही उत्तर C, 6.8 है। केंद्र सरकार के राजकोषीय घाटे का बजट अनुमान 2021-22 के लिए सकल घरेलू उत्पाद का 6.8 प्रतिशत रखा गया था। यह आँकड़ा असामान्य रूप से ऊँचा इसलिए था कि बजट महामारी वाले वर्ष के तुरंत बाद आया था, जब राजस्व गिर चुका था और राहत पर व्यय तेजी से बढ़ा था; सरकार ने 2025-26 तक घाटे को 4.5 प्रतिशत से नीचे लाने का मार्ग भी बताया था।

विकल्प A, 5.1 प्रतिशत, उस वर्ष घोषित स्तर से बहुत नीचे है और उस काल के किसी बजट अनुमान से मेल नहीं खाता। विकल्प B, 7.6 प्रतिशत, और विकल्प D, 7.2 प्रतिशत, दोनों 2021-22 के अनुमान से अधिक हैं; इससे पहले के महामारी वर्ष 2020-21 का संशोधित अनुमान वास्तव में और ऊँचा, लगभग 9.5 प्रतिशत रखा गया था, और छात्र प्रायः उसी को इससे भ्रमित कर देते हैं।

Q4.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: SSC CGL · 20 April 2022, Shift 3मध्यम

केंद्रीय बजट 2021-22 के अनुसार वित्त विधेयक के माध्यम से भारत की आकस्मिकता निधि को 500 करोड़ रुपये से बढ़ाकर कितने करोड़ रुपये किया जाना था?

  1. A.15,000 रुपये करोड़
  2. B.30,000 रुपये करोड़
  3. C.25,000 रुपये करोड़
  4. D.10,000 रुपये करोड़
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 30,000 रुपये करोड़

व्याख्या

सही उत्तर B, 30,000 करोड़ रुपये है। केंद्रीय बजट 2021-22 में भारत की आकस्मिकता निधि की राशि पाँच सौ करोड़ रुपये से बढ़ाकर तीस हजार करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव रखा गया और यह परिवर्तन उसी वर्ष के वित्त विधेयक से लागू हुआ। यह निधि अनुच्छेद 267 के अंतर्गत बनी है, राष्ट्रपति के पास रहती है और संसद की स्वीकृति मिलने तक अत्यावश्यक अप्रत्याशित व्यय के लिए प्रयोग होती है, जिसके बाद इसे फिर से भर दिया जाता है।

विकल्प A, पंद्रह हजार करोड़, विकल्प C, पच्चीस हजार करोड़ और विकल्प D, दस हजार करोड़, सभी वास्तविक राशि से कम हैं। संख्या के अलावा याद रखने योग्य बात वृद्धि का कारण है: बजट का आकार कई गुना बढ़ जाने के बाद भी यह निधि दशकों तक अपरिवर्तित रही, जिससे वास्तविक आपात स्थिति के लिए बहुत कम गुंजाइश बचती थी।

Q5.भारतीय अर्थव्यवस्थाआसान

संविधान के किस अनुच्छेद के अंतर्गत केंद्रीय बजट वार्षिक वित्तीय विवरण के रूप में प्रस्तुत किया जाता है?

  1. A.अनुच्छेद 110
  2. B.अनुच्छेद 112
  3. C.अनुच्छेद 114
  4. D.अनुच्छेद 123
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. अनुच्छेद 112

व्याख्या

सही उत्तर B, अनुच्छेद 112 है। संविधान में बजट शब्द कहीं प्रयुक्त नहीं हुआ। अनुच्छेद 112 राष्ट्रपति से अपेक्षा करता है कि वे प्रत्येक वित्त वर्ष के लिए भारत सरकार की अनुमानित प्राप्तियों और व्यय का विवरण संसद के दोनों सदनों के समक्ष रखवाएँ, और इसी विवरण को वार्षिक वित्तीय विवरण कहा जाता है। जिसे लोग केंद्रीय बजट कहते हैं वह यही दस्तावेज तथा उससे जुड़े कागज हैं।

विकल्प A, अनुच्छेद 110, यह परिभाषित करता है कि धन विधेयक क्या है और वह किन विषयों से संबंधित हो सकता है। विकल्प C, अनुच्छेद 114, विनियोग विधेयक की व्यवस्था करता है, जिसके पारित हुए बिना भारत की संचित निधि से धन नहीं निकाला जा सकता। विकल्प D, अनुच्छेद 123, का बजट से कोई संबंध नहीं; वह राष्ट्रपति को संसद के सत्र में न होने पर अध्यादेश जारी करने की शक्ति देता है।

Q6.भारतीय अर्थव्यवस्थामध्यम

सरकार का राजकोषीय घाटा किसे कहते हैं?

  1. A.राजस्व व्यय घटा राजस्व प्राप्तियाँ
  2. B.कुल व्यय घटा उधारी को छोड़कर कुल प्राप्तियाँ
  3. C.कुल व्यय घटा ब्याज भुगतान
  4. D.पूँजीगत व्यय घटा पूँजीगत प्राप्तियाँ
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. कुल व्यय घटा उधारी को छोड़कर कुल प्राप्तियाँ

व्याख्या

सही उत्तर B है। राजकोषीय घाटा कुल व्यय में से उधारी को छोड़कर कुल प्राप्तियाँ घटाने पर मिलता है, अर्थात यह ठीक-ठीक बताता है कि सरकार को वर्ष भर की नियोजित खर्च पूरी करने के लिए कितना उधार लेना होगा। इसीलिए इसे कुल उधारी आवश्यकता कहा जाता है और अन्य घाटों की तुलना में रेटिंग एजेंसियाँ तथा बॉन्ड बाजार इसी पर नजर रखते हैं।

विकल्प A राजस्व घाटे का वर्णन करता है, जो केवल राजस्व व्यय की तुलना राजस्व प्राप्तियों से करता है और दैनिक खर्च के लिए ली गई उधारी दिखाता है। विकल्प C किसी मानक परिभाषा से मेल नहीं खाता; ब्याज भुगतान कुल व्यय से नहीं, बल्कि राजकोषीय घाटे से घटाया जाता है और तब प्राथमिक घाटा मिलता है। विकल्प D कोई मान्य माप है ही नहीं, क्योंकि पूँजीगत प्राप्तियों का बड़ा हिस्सा वही उधारी है जिसे राजकोषीय घाटे से बाहर रखा जाता है।

Q7.भारतीय अर्थव्यवस्थामध्यम

प्राथमिक घाटा निकालने के लिए राजकोषीय घाटे में से निम्नलिखित में से क्या घटाया जाता है?

  1. A.ब्याज भुगतान
  2. B.सब्सिडी
  3. C.रक्षा व्यय
  4. D.पूँजीगत परिसंपत्ति निर्माण के लिए दिए गए अनुदान
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. ब्याज भुगतान

व्याख्या

सही उत्तर A, ब्याज भुगतान है। प्राथमिक घाटा राजकोषीय घाटे में से ब्याज भुगतान घटाने पर मिलता है। ब्याज पिछले वर्षों में ली गई उधारी की लागत है, इसलिए उसे हटा देने पर वही उधारी बचती है जो केवल वर्तमान वर्ष की नीतियों के कारण आवश्यक है। इसी कारण किसी देश का राजकोषीय घाटा बड़ा और प्राथमिक घाटा बहुत छोटा हो सकता है, यदि उसकी अधिकांश उधारी पुराने ऋण चुकाने में जा रही हो।

विकल्प B, सब्सिडी, राजस्व व्यय का एक अंग है और किसी परिभाषित घाटे के लिए उसे कभी घटाया नहीं जाता। विकल्प C, रक्षा व्यय, भी व्यय का सामान्य मद है और किसी घाटे के सूत्र में उसका विशेष स्थान नहीं। विकल्प D, पूँजीगत परिसंपत्ति निर्माण के लिए दिए गए अनुदान, राजकोषीय घाटे से नहीं बल्कि राजस्व घाटे से घटाए जाते हैं, और उस घटाव का परिणाम प्रभावी राजस्व घाटा कहलाता है।

Q8.भारतीय अर्थव्यवस्थामध्यम

राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन अधिनियम किस वर्ष पारित किया गया?

  1. A.1991
  2. B.1999
  3. C.2003
  4. D.2016
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 2003

व्याख्या

सही उत्तर C, 2003 है। राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन अधिनियम संसद ने 2003 में पारित किया और इसके नियम 2004 में लागू हुए। यह केंद्र सरकार से अपेक्षा करता है कि वह बजट के साथ मध्यावधि राजकोषीय नीति विवरण संसद में रखे, अपने घाटों को सीमित करे और अपनी देयताएँ प्रकट करे; इसमें एक निकास उपबंध भी है जो राष्ट्रीय सुरक्षा आपात या कृषि उत्पादन के ध्वस्त होने जैसी स्थितियों में लक्ष्यों से विचलन की अनुमति देता है।

विकल्प A, 1991, भुगतान संतुलन संकट और उदारीकरण के आरंभ का वर्ष है, इस कानून का नहीं। विकल्प B, 1999, में ऐसा कोई अधिनियम नहीं बना। विकल्प D, 2016, वह वर्ष है जब एन. के. सिंह की अध्यक्षता में एफआरबीएम समीक्षा समिति बनी; उसने 2017 में रिपोर्ट दी और सिफारिश की कि ऋण तथा सकल घरेलू उत्पाद का अनुपात राजकोषीय नीति का मुख्य आधार बने।

Q9.भारतीय अर्थव्यवस्थाकठिन

वह कटौती प्रस्ताव जो अनुदान की माँग की राशि घटाकर एक रुपया करने की माँग करता है, क्या कहलाता है?

  1. A.सांकेतिक कटौती
  2. B.मितव्ययिता कटौती
  3. C.नीति कटौती
  4. D.गिलोटिन
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. नीति कटौती

व्याख्या

सही उत्तर C, नीति कटौती है। नीति कटौती प्रस्ताव में माँग की राशि घटाकर एक रुपया करने को कहा जाता है। यह कमी प्रतीकात्मक है; उद्देश्य उस माँग के पीछे की नीति से पूर्ण असहमति दर्ज कराना है और प्रस्ताव लाने वाला सदस्य वैकल्पिक नीति का सुझाव भी दे सकता है। सीधी चुनौती होने के कारण लोकसभा में पारित नीति कटौती सरकार के विरुद्ध अविश्वास मत के समान मानी जाती है।

विकल्प A, सांकेतिक कटौती, माँग को सौ रुपये घटाती है और सरकार के उत्तरदायित्व के दायरे की किसी विशेष शिकायत को उठाने के लिए प्रयोग होती है। विकल्प B, मितव्ययिता कटौती, माँग को एक निश्चित घोषित राशि से घटाती है और यह माँग करती है कि वही व्यय अधिक किफायत से किया जाए। विकल्प D, गिलोटिन, कटौती प्रस्ताव है ही नहीं, बल्कि वह व्यवस्था है जिससे अध्यक्ष अंतिम निर्धारित दिन शेष सभी माँगें एक साथ मतदान के लिए रख देते हैं।

Q10.भारतीय अर्थव्यवस्थाकठिन

बजट पारित होने तक व्यय के लिए संसद द्वारा अग्रिम अनुदान देने की व्यवस्था, लेखानुदान, किस अनुच्छेद में है?

  1. A.अनुच्छेद 113
  2. B.अनुच्छेद 115
  3. C.अनुच्छेद 116
  4. D.अनुच्छेद 117
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. अनुच्छेद 116

व्याख्या

सही उत्तर C, अनुच्छेद 116 है। यह लोकसभा को अधिकार देता है कि अनुदान की माँगों पर मतदान और विनियोग अधिनियम के पारित होने की पूरी प्रक्रिया पूरी होने तक वह अग्रिम अनुदान दे सके। यही लेखानुदान है और यह बीच की अवधि में सरकार का कामकाज चलाए रखता है, क्योंकि संसद की स्वीकृति के बिना संचित निधि से विधिपूर्वक धन नहीं निकाला जा सकता।

विकल्प A, अनुच्छेद 113, कहता है कि संचित निधि पर भारित व्यय के अनुमान संसद के मतदान के लिए नहीं रखे जाएँगे और अनुदान की माँग के लिए राष्ट्रपति की सिफारिश आवश्यक है। विकल्प B, अनुच्छेद 115, अनुपूरक, अतिरिक्त या अधिक अनुदानों से संबंधित है। विकल्प D, अनुच्छेद 117, वित्त विधेयकों के लिए विशेष उपबंध देता है, जिसमें राष्ट्रपति की सिफारिश की शर्त भी शामिल है।

Q11.भारतीय अर्थव्यवस्थाआसान

भारत में राजकोषीय नीति किस प्राधिकारी द्वारा बनाई और लागू की जाती है?

  1. A.भारतीय रिजर्व बैंक
  2. B.वित्त मंत्रालय के माध्यम से भारत सरकार
  3. C.भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड
  4. D.वित्त आयोग
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. वित्त मंत्रालय के माध्यम से भारत सरकार

व्याख्या

सही उत्तर B, वित्त मंत्रालय के माध्यम से भारत सरकार है। राजकोषीय नीति का अर्थ है उत्पादन, रोजगार और कीमतों को प्रभावित करने के लिए कराधान, सार्वजनिक व्यय तथा सार्वजनिक उधारी का प्रयोग, और ये तीनों उपकरण सरकार के पास हैं तथा केंद्रीय बजट के माध्यम से लागू होते हैं। मंदी में सरकार अधिक खर्च या कम कर कर सकती है और माँग के अत्यधिक बढ़ने पर इसका उल्टा।

विकल्प A, भारतीय रिजर्व बैंक, रेपो दर, नकद आरक्षित अनुपात, सांविधिक तरलता अनुपात और खुले बाजार की क्रियाओं से मौद्रिक नीति चलाता है; वह सरकार का बैंकर अवश्य है पर बजट नहीं बनाता। विकल्प C, भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड, प्रतिभूति बाजार का नियामक है। विकल्प D, वित्त आयोग, अनुच्छेद 280 के अंतर्गत संवैधानिक निकाय है, जो केंद्रीय करों के राज्यों के साथ बँटवारे की सिफारिश करता है; यह वितरण का प्रश्न है, राजकोषीय नीति स्वयं नहीं।

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