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GK क्विजबैंकिंग और वित्तीय जागरूकता

बैंकिंग और वित्तीय जागरूकता क्विज: ऋण, अग्रिम और ब्याज दरें

  • 12 प्रश्न
  • 12 मिनट
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इस क्विज के बारे में

बैंकिंग और वित्तीय जागरूकता के अंतर्गत "ऋण, अग्रिम और ब्याज दरें" विषय पर यह क्विज़ 12 बहुविकल्पीय प्रश्न रखता है, जो GK24 के इसी विषय के नोट्स के साथ प्रकाशित सत्यापित प्रश्न हैं, जिनमें 2 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे गए हैं। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और शेष विकल्पों के गलत होने की पूरी व्याख्या दी गई है, ताकि आप केवल उत्तर याद न करें बल्कि उसके पीछे का तथ्य समझें। नोट्स पढ़ने के तुरंत बाद इसे हल करें, निर्धारित समय का पालन करें, और अंत में व्याख्याएं पढ़कर कमजोर बिंदु चिह्नित करें। परीक्षा से पहले दोहराव के लिए इसे दोबारा दें।

इस क्विज के प्रश्न

12 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतापूछा गया: दिल्ली · 8 April 2022, Shift 3आसान

ग्रामीण साख और सूक्ष्म वित्त के संदर्भ में केसीसी का पूरा रूप क्या है?

  1. A.कृषि क्रेडिट कार्ड
  2. B.किसान क्रेडिट कार्ड
  3. C.कृषि क्रेडिट कॉर्पोरेशन
  4. D.किसान क्रेडिट कॉर्पोरेशन
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. किसान क्रेडिट कार्ड

व्याख्या

सही उत्तर B, किसान क्रेडिट कार्ड है। किसान क्रेडिट कार्ड योजना 1998 में आर वी गुप्ता समिति की संस्तुति पर आरंभ हुई और इसे वाणिज्यिक बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक तथा सहकारी बैंक चलाते हैं। यह किसान को बीज, उर्वरक, मजदूरी और अन्य फसल व्यय के लिए एक ही घूमती सीमा देती है, जो वार्षिक समीक्षा के साथ कई वर्ष तक वैध रहती है, जिससे उसे हर मौसम में नया आवेदन नहीं करना पड़ता। यह सीमा अब पशुपालन और मत्स्य पालन तक बढ़ा दी गई है, और इसके अल्पकालिक फसल ऋण पर ब्याज सहायता तथा समय पर चुकाने पर अतिरिक्त छूट मिलती है।

विकल्प A, कृषि क्रेडिट कार्ड, सबसे निकट का जाल है, परंतु योजना का नाम किसान पर है। विकल्प C और D दोनों कॉर्पोरेशन पर समाप्त होते हैं, जिससे वे किसी संस्था के नाम बन जाते हैं, साख साधन के नहीं।

Q2.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतापूछा गया: दिल्ली · 6 April 2022, Shift 3कठिन

स्वयं सहायता समूह का कौन सा मॉडल अंतरराष्ट्रीय मॉडल भी कहलाता है?

  1. A.सीडीएफ मॉडल
  2. B.सेवा मॉडल
  3. C.सपाप मॉडल
  4. D.डीडब्ल्यूसीआरए मॉडल
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. सपाप मॉडल

व्याख्या

सही उत्तर C, सपाप मॉडल है। दक्षिण एशिया गरीबी उपशमन कार्यक्रम का मॉडल स्वयं सहायता समूह निर्माण का अंतरराष्ट्रीय मॉडल कहलाता है, क्योंकि यह संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम के सहयोग से चला और दक्षिण एशिया के कई देशों में एक ही रूपरेखा पर लागू हुआ, जिसका आरंभ भारत में आंध्र प्रदेश के जिलों से हुआ। यह तीन स्तरीय ढाँचा बनाता है, नीचे निर्धन महिलाओं का समूह, उसके ऊपर ग्राम संगठन और मंडल स्तर पर महासंघ, जिसमें पहले बचत और उसके बाद साख होती है।

विकल्प A, सीडीएफ मॉडल, आंध्र प्रदेश में सहकारी विकास प्रतिष्ठान का कार्य है, जो सहकारी बचत का मॉडल है। विकल्प B, सेवा मॉडल, अहमदाबाद की स्वरोजगार महिला संस्था और उसके बैंक से निकला। विकल्प D, डीडब्ल्यूसीआरए अर्थात ग्रामीण क्षेत्रों में महिला और बाल विकास, 1982 का सरकारी कार्यक्रम था और घरेलू मॉडल है।

Q3.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतामध्यम

भारत के बैंकों ने नए अस्थिर दर ऋणों का मूल्य निधियों की सीमांत लागत आधारित ऋण दर एमसीएलआर पर किस तिथि से तय करना आरंभ किया?

  1. A.1 जुलाई 2010
  2. B.1 अप्रैल 2016
  3. C.1 अक्टूबर 2019
  4. D.1 अप्रैल 2003
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 1 अप्रैल 2016

व्याख्या

सही उत्तर B, 1 अप्रैल 2016 है। रिज़र्व बैंक ने एमसीएलआर इसी तिथि से लागू की, जिससे ऋण का मूल्य निधि जुटाने की सीमांत अर्थात नवीनतम लागत के अनुसार चले, पुरानी जमाओं की औसत लागत के अनुसार नहीं। एमसीएलआर जमाओं तथा उधारों की सीमांत लागत, नकद आरक्षित अनुपात के लिए रखे शेष पर ऋणात्मक वहन, परिचालन लागत और अवधि प्रीमियम से बनती है, और प्रत्येक बैंक इसे रातोंरात से एक वर्ष तक की अवधियों के लिए प्रकाशित करता है।

विकल्प A, 1 जुलाई 2010, वह तिथि है जब आधार दर लागू हुई। विकल्प C, 1 अक्टूबर 2019, वह तिथि है जब नए अस्थिर दर खुदरा और लघु व्यवसाय ऋणों को रेपो जैसे बाह्य बेंचमार्क से जोड़ना अनिवार्य हुआ। विकल्प D, 2003, बेंचमार्क प्राइम लेंडिंग रेट व्यवस्था के आने के वर्ष के निकट है। तीनों तिथियाँ क्रम से 2010, 2016 और 2019 हैं।

Q4.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतामध्यम

रिज़र्व बैंक द्वारा जुलाई 2010 में लागू आधार दर व्यवस्था ने निम्नलिखित में से किसका स्थान लिया?

  1. A.निधियों की सीमांत लागत आधारित ऋण दर
  2. B.बेंचमार्क प्राइम लेंडिंग रेट
  3. C.बाह्य बेंचमार्क ऋण दर
  4. D.बैंक दर
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. बेंचमार्क प्राइम लेंडिंग रेट

व्याख्या

सही उत्तर B, बेंचमार्क प्राइम लेंडिंग रेट है। बीपीएलआर व्यवस्था में बैंक अपने सर्वोत्तम ग्राहकों के लिए एक प्राइम दर घोषित करता था और फिर अनेक उधारकर्ताओं को उससे नीचे ऋण देता था, इसलिए घोषित दर से ग्राहक को बहुत कम पता चलता था और ऋण बही पारदर्शी नहीं रहती थी। आधार दर, जो 1 जुलाई 2010 से लागू हुई, वह न्यूनतम सीमा थी जिसके नीचे कोई बैंक ऋण नहीं दे सकता था, कुछ अपवादों को छोड़कर जैसे अपनी ही जमाओं के विरुद्ध ऋण और अपने कर्मचारियों को ऋण।

विकल्प A, एमसीएलआर, आधार दर के चार वर्ष बाद आई, पहले नहीं। विकल्प C, बाह्य बेंचमार्क ऋण दर, 2019 में आई और तीनों व्यवस्थाओं में नवीनतम है। विकल्प D, बैंक दर, रिज़र्व बैंक की नीतिगत दर है जो सीमांत स्थायी सुविधा से संबद्ध है और किसी बैंक का अपना ऋण बेंचमार्क नहीं है।

Q5.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतामध्यम

चल संपत्ति पर बनने वाले निम्नलिखित प्रभारों में किसमें माल का कब्ज़ा उधारकर्ता के पास ही रहता है?

  1. A.गिरवी
  2. B.दृष्टिबंधक
  3. C.धारणाधिकार
  4. D.बंधक
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. दृष्टिबंधक

व्याख्या

सही उत्तर B, दृष्टिबंधक है। दृष्टिबंधक में चल संपत्ति पर प्रभार बनता है, जैसे वित्तपोषित वाहन या व्यापारी की दुकान का स्टॉक, और माल उधारकर्ता के ही पास रहता है तथा वह उसका उपयोग करता रहता है। चूँकि ऋणदाता के पास कब्ज़ा नहीं है, उसे बेचने से पहले परिसंपत्ति अधिकार में लेनी पड़ती है, इसीलिए चूक करने वाले उधारकर्ता की कार जब्त करनी पड़ती है, और 2002 का सरफेसी अधिनियम प्रतिभूत लेनदार को यही शक्ति देता है।

विकल्प A, गिरवी, वह प्रभार है जिसमें माल ऋणदाता को सौंपा जाता है, जैसे बैंक की तिजोरी में रखा स्वर्ण, और यह 1872 के भारतीय संविदा अधिनियम से शासित है। विकल्प C, धारणाधिकार, ऋणदाता का वह अधिकार है जिससे वह पहले से अपने पास आए माल या प्रतिभूति को बकाया चुकने तक रोक सकता है। विकल्प D, बंधक, अचल संपत्ति पर प्रभार है, इसलिए वह इस समूह में ही नहीं आता।

Q6.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकताआसान

भारत में अचल संपत्ति का बंधक निम्नलिखित में से किस अधिनियम से शासित होता है?

  1. A.भारतीय संविदा अधिनियम, 1872
  2. B.संपत्ति अंतरण अधिनियम, 1882
  3. C.परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881
  4. D.बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. संपत्ति अंतरण अधिनियम, 1882

व्याख्या

सही उत्तर B, संपत्ति अंतरण अधिनियम, 1882 है। उस अधिनियम की धारा अट्ठावन बंधक को इस रूप में परिभाषित करती है कि ऋण सुरक्षित करने के लिए किसी विशिष्ट अचल संपत्ति में हित का अंतरण किया जाए, और वह छह प्रकार बताती है: साधारण बंधक, सशर्त विक्रय द्वारा बंधक, भोगबंधक, अंग्रेजी बंधक, स्वत्व विलेख निक्षेप द्वारा बंधक जिसे साम्यिक बंधक भी कहते हैं, तथा विषम बंधक। आवास वित्त में बैंक साधारण बंधक और स्वत्व विलेख निक्षेप द्वारा बंधक का सर्वाधिक प्रयोग करते हैं।

विकल्प A, 1872 का भारतीय संविदा अधिनियम, गिरवी और धारणाधिकार को शासित करता है, जो चल माल पर प्रभार हैं। विकल्प C, 1881 का परक्राम्य लिखत अधिनियम, चेक, विनिमय पत्र और वचन पत्र से संबंधित है। विकल्प D, 1949 का बैंककारी विनियमन अधिनियम, बैंकों के लाइसेंस और कार्य को शासित करता है, भूमि पर प्रतिभूति बनाने को नहीं।

Q7.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकताआसान

बैंक का ऋण खाता गैर निष्पादित परिसंपत्ति कब वर्गीकृत होता है, जब ब्याज या मूलधन कितने दिन से अधिक अतिदेय रहे?

  1. A.30 दिन
  2. B.60 दिन
  3. C.90 दिन
  4. D.180 दिन
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 90 दिन

व्याख्या

सही उत्तर C, 90 दिन है। रिज़र्व बैंक के आय निर्धारण और परिसंपत्ति वर्गीकरण नियमों के अनुसार सावधि ऋण गैर निष्पादित परिसंपत्ति बनता है जब ब्याज या मूलधन की किश्त नब्बे दिन से अधिक अतिदेय रहे, और नकद ऋण या ओवरड्राफ्ट खाता उतनी ही अवधि तक अनियमित रहने पर ऐसा बनता है। नब्बे दिन का यह नियम मार्च 2004 को समाप्त वर्ष से लागू हुआ और उसने पहले के एक सौ अस्सी दिन के नियम का स्थान लिया।

विकल्प A, तीस दिन, और विकल्प B, साठ दिन, विशेष उल्लेख खाते की अवस्थाओं की सीमाएँ हैं, एसएमए एक इकतीस से साठ दिन और एसएमए दो इकसठ से नब्बे दिन, जो पूर्व चेतावनी श्रेणियाँ हैं, अभी एनपीए नहीं। विकल्प D, एक सौ अस्सी दिन, पुराना नियम था और पुरानी पुस्तक पढ़ने वाले अभ्यर्थी के लिए जाल है।

Q8.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकताकठिन

सीमांत स्थायी सुविधा के अंतर्गत बैंक रिज़र्व बैंक से रातोंरात उधार किसके विरुद्ध लेता है?

  1. A.अपने नकद आरक्षित अनुपात के शेष के विरुद्ध
  2. B.अपनी सांविधिक चलनिधि अनुपात प्रतिभूतियों के विरुद्ध
  3. C.अपने पास रखे कॉर्पोरेट बॉन्ड के विरुद्ध
  4. D.किसी भी प्रतिभूति के बिना
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. अपनी सांविधिक चलनिधि अनुपात प्रतिभूतियों के विरुद्ध

व्याख्या

सही उत्तर B, अपनी सांविधिक चलनिधि अनुपात प्रतिभूतियों के विरुद्ध है। सीमांत स्थायी सुविधा बैंक को यह छूट देती है कि वह सांविधिक चलनिधि अनुपात के लिए रखी सरकारी प्रतिभूतियों में से निर्धारित सीमा तक निकालकर रिज़र्व बैंक से रातोंरात उधार ले। इसकी दर रेपो से ऊपर रहती है क्योंकि यह आपात खिड़की है, और बैंक दर इसी एमएसएफ दर से संबद्ध रहती है, इसलिए दोनों साथ चलती हैं।

विकल्प A गलत है क्योंकि नकद आरक्षित अनुपात का शेष रिज़र्व बैंक के पास नकद आरक्षित है और उसे प्रतिभूति के रूप में नहीं दिया जा सकता। विकल्प C गलत है क्योंकि यह खिड़की केवल पात्र सरकारी प्रतिभूतियाँ स्वीकार करती है, कॉर्पोरेट बॉन्ड नहीं। विकल्प D स्थायी जमा सुविधा का वर्णन है, जिसमें रिज़र्व बैंक बैंकों से धन बिना प्रतिभूति दिए अवशोषित करता है, जो उधार लेने का उल्टा है।

Q9.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकताआसान

यदि किसी जमा पर सांकेतिक ब्याज दर सात प्रतिशत है और महँगाई दर छह प्रतिशत है, तो वास्तविक ब्याज दर लगभग कितनी होगी?

  1. A.तेरह प्रतिशत
  2. B.सात प्रतिशत
  3. C.एक प्रतिशत
  4. D.छह प्रतिशत
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. एक प्रतिशत

व्याख्या

सही उत्तर C, लगभग एक प्रतिशत है। वास्तविक ब्याज दर सांकेतिक दर में से महँगाई दर घटाने पर मिलती है, इसलिए सात प्रतिशत में से छह प्रतिशत घटाकर लगभग एक प्रतिशत बचता है। यही संबंध फिशर समीकरण बताता है, और बचतकर्ता के लिए वास्तव में यही महत्व रखता है, क्योंकि जो धन सात प्रतिशत से बढ़े और कीमतें छह प्रतिशत से बढ़ें, वह वर्ष के अंत में केवल लगभग एक प्रतिशत अधिक वस्तुएँ खरीद पाता है।

विकल्प A, तेरह प्रतिशत, दोनों दरों को घटाने के स्थान पर जोड़ने से आता है, जो सबसे सामान्य भूल है। विकल्प B, सात प्रतिशत, सांकेतिक दर ही है और महँगाई को छोड़ देता है। विकल्प D, छह प्रतिशत, महँगाई दर है। ध्यान रखें कि जब महँगाई सांकेतिक दर से अधिक हो तो वास्तविक दर ऋणात्मक हो जाती है, और यही ऊँची महँगाई के समय बचत का मूल्य घटाती है।

Q10.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतामध्यम

घरेलू अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक का कुल प्राथमिकता क्षेत्र ऋण लक्ष्य उसके समायोजित शुद्ध बैंक ऋण का कितना भाग है?

  1. A.अठारह प्रतिशत
  2. B.पच्चीस प्रतिशत
  3. C.चालीस प्रतिशत
  4. D.पचहत्तर प्रतिशत
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. चालीस प्रतिशत

व्याख्या

सही उत्तर C, चालीस प्रतिशत है। घरेलू अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक को अपने समायोजित शुद्ध बैंक ऋण का, अथवा उससे अधिक होने पर अपने तुलन पत्र से बाहर के जोखिम के साख समतुल्य का, चालीस प्रतिशत प्राथमिकता क्षेत्र को देना होता है। इसकी श्रेणियाँ कृषि, सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्यम, निर्यात साख, शिक्षा, आवास, सामाजिक अधिसंरचना, नवीकरणीय ऊर्जा तथा दुर्बल वर्ग हैं, और कमी की राशि नाबार्ड के ग्रामीण अधिसंरचना विकास निधि तथा अन्य निधियों में रखनी पड़ती है।

विकल्प A, अठारह प्रतिशत, उस चालीस प्रतिशत के भीतर कृषि का उप लक्ष्य है। विकल्प B, पच्चीस प्रतिशत, प्राथमिकता क्षेत्र का कोई आँकड़ा नहीं है। विकल्प D, पचहत्तर प्रतिशत, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों और लघु वित्त बैंकों के लिए निर्धारित बहुत ऊँचा लक्ष्य है, जो इन्हीं उधारकर्ताओं की सेवा के लिए बने हैं, इसलिए बैंक श्रेणियाँ मिला देने वाले अभ्यर्थी के लिए यही जाल है।

Q11.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतामध्यम

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के अंतर्गत किशोर श्रेणी का ऋण किस सीमा में आता है?

  1. A.पचास हजार रुपये तक
  2. B.पचास हजार से पाँच लाख रुपये
  3. C.पाँच लाख से दस लाख रुपये
  4. D.दस लाख से बीस लाख रुपये
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. पचास हजार से पाँच लाख रुपये

व्याख्या

सही उत्तर B, पचास हजार से पाँच लाख रुपये है। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना अप्रैल 2015 में आरंभ हुई, जिसका उद्देश्य बैंकों, गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों और सूक्ष्म वित्त संस्थाओं द्वारा गैर कृषि आय अर्जक गतिविधियों को दिए गए छोटे ऋणों का पुनर्वित्त करना है। इसकी तीन मूल श्रेणियाँ वृद्धि की अवस्थाओं के नाम पर रखी गईं, सबसे छोटे ऋण के लिए शिशु, मध्य श्रेणी के लिए किशोर और सबसे बड़े के लिए तरुण, और इन ऋणों पर संपार्श्विक प्रतिभूति नहीं ली जाती।

विकल्प A, पचास हजार रुपये तक, शिशु श्रेणी है, जो अभी काम आरंभ करने वाले के लिए है। विकल्प C, पाँच लाख से दस लाख रुपये, योजना के आरंभ के समय की तरुण श्रेणी है। विकल्प D उस ऊँची श्रेणी का वर्णन है जो बाद में उन उधारकर्ताओं के लिए जोड़ी गई जिन्होंने पहले का मुद्रा ऋण चुका दिया था। परीक्षक शिशु, किशोर, तरुण का बढ़ता क्रम ही जाँचता है।

Q12.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतामध्यम

निम्नलिखित में से कौन बैंक की निधि रहित साख सुविधा है?

  1. A.नकद ऋण
  2. B.ओवरड्राफ्ट
  3. C.साख पत्र
  4. D.सावधि ऋण
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. साख पत्र

व्याख्या

सही उत्तर C, साख पत्र है। निधि रहित सुविधा में बैंक सुविधा देते समय धन नहीं देता; वह केवल यह वचन देता है कि ग्राहक चूकने पर वह भुगतान करेगा, और उस वचन के लिए कमीशन लेता है। साख पत्र विक्रेता को दिया गया ऐसा ही वचन है कि क्रेता का बिल चुकाया जाएगा, और बैंक गारंटी दूसरा सामान्य उदाहरण है। यह जोखिम निधि आधारित तभी बनता है जब वचन का उपयोग कर लिया जाए।

विकल्प A, नकद ऋण, स्टॉक और प्राप्य के विरुद्ध चालू सीमा है और निधि आधारित है। विकल्प B, ओवरड्राफ्ट, निधि आधारित है क्योंकि ग्राहक खाते के शेष से अधिक धन वास्तव में निकालता है। विकल्प D, सावधि ऋण, स्पष्ट रूप से निधि आधारित है, क्योंकि स्वीकृत राशि स्थिर परिसंपत्ति के लिए वितरित होती है। बिल बट्टाकरण भी निधि आधारित है, क्योंकि बैंक विक्रेता को तत्काल भुगतान करता है।

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