खाने के सोडे (कुकिंग सोडा) का रासायनिक सूत्र है
- A.NaCl
- B.NaOCl
- C.Na2CO3
- D.NaHCO3
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है D, NaHCO3। खाने का सोडा, जिसे बेकिंग सोडा भी कहते हैं, सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट यानी सोडियम बाइकार्बोनेट है। यह एक हल्का क्षार है, जिसमें सोडियम, हाइड्रोजन और कार्बन का एक-एक तथा ऑक्सीजन के तीन परमाणु होते हैं। गर्म करने पर या दही, नींबू जैसे अम्ल के संपर्क में आने पर यह कार्बन डाइऑक्साइड गैस छोड़ता है। इसी गैस के बुलबुले केक, ढोकला और ब्रेड को मुलायम और फूला हुआ बनाते हैं। बेकिंग पाउडर असल में बेकिंग सोडा और टार्टरिक अम्ल जैसे हल्के खाद्य अम्ल का मिश्रण है। यही यौगिक पेट की अम्लता दूर करने वाली दवा (एंटासिड) और कुछ अग्निशामकों में भी काम आता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि NaCl साधारण नमक यानी सोडियम क्लोराइड है। विकल्प B गलत है, क्योंकि NaOCl सोडियम हाइपोक्लोराइट है, जो ब्लीच का घोल है। विकल्प C गलत है, क्योंकि Na2CO3 धोने का सोडा यानी सोडियम कार्बोनेट है, जो सफाई और कठोर जल को मृदु बनाने में काम आता है। परीक्षा टिप: बेकिंग सोडा NaHCO3, धोने का सोडा Na2CO3·10H2O, साधारण नमक NaCl।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंविद्युत चुंबकीय तरंगों, ध्वनि तरंगों और जल तरंगों के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? 1. इनमें परावर्तन होता है 2. ये ऊर्जा का वहन करती हैं 3. ये दाब डालती हैं 4. ये निर्वात में चल सकती हैं नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :
- A.1, 2 और 3
- B.2 और 4
- C.केवल 1 और 3
- D.केवल 1
उत्तर देखें
तीनों प्रकार की तरंगें परावर्तित होती हैं, ऊर्जा ले जाती हैं और दाब डालती हैं, पर केवल विद्युत चुंबकीय तरंगें निर्वात में चल सकती हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा ऊर्जा का मात्रक नहीं है?
- A.जूल
- B.वाट-घंटा
- C.न्यूटन-मीटर
- D.kg-मीटर/सेकंड²
उत्तर देखें
किलोग्राम-मीटर प्रति सेकंड² द्रव्यमान और त्वरण का गुणनफल है, यानी बल; यह न्यूटन है, ऊर्जा का मात्रक नहीं। ऊर्जा और कार्य की विमाएँ बल गुणा दूरी की होती हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →इस्पात और लोहे को जंग से बचाने के लिए निम्नलिखित में से किस धातु की पतली परत चढ़ाई जाती है?
- A.मैग्नीशियम
- B.ज़िंक (जस्ता)
- C.ऐलुमिनियम
- D.लेड (सीसा)
उत्तर देखें
लोहे या इस्पात पर ज़िंक की पतली परत चढ़ाने को यशदलेपन (गैल्वनीकरण) कहते हैं और जंग से बचाने का यह सबसे आम तरीका है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →एक विद्युत परिपथ में 10 Ω प्रतिरोध का एक तार प्रयुक्त है। यदि इस तार को खींचकर इसकी लंबाई मूल लंबाई की दोगुनी कर दी जाए, तो परिपथ में धारा हो जाएगी :
- A.अपने मूल मान की आधी।
- B.अपने मूल मान की दोगुनी।
- C.अपने मूल मान की एक-चौथाई।
- D.अपने मूल मान की चार गुनी।
उत्तर देखें
तार को खींचकर दोगुना लंबा करने से उसका प्रतिरोध चार गुना हो जाता है, इसलिए उसी वोल्टता पर धारा एक-चौथाई रह जाती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से किस वैज्ञानिक ने बताया कि परमाणु में इलेक्ट्रॉन विकिरण ऊर्जा उत्सर्जित किए बिना कुछ निश्चित स्थायी कक्षाओं में परिक्रमा कर सकता है?
- A.अर्नेस्ट रदरफ़ोर्ड
- B.जे. जे. थॉमसन
- C.नील्स बोर
- D.अल्बर्ट आइंस्टीन
उत्तर देखें
1913 के अपने परमाणु मॉडल में बोर ने बताया कि इलेक्ट्रॉन कुछ निश्चित कक्षाओं, जिन्हें स्थायी अवस्थाएँ कहा जाता है, में घूमते हैं और उनमें ऊर्जा विकिरित नहीं करते।
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