एक छड़ को उसके एक सिरे पर ऊर्ध्वाधर संतुलित किया गया है। निम्नलिखित में से कौन-सा उसकी साम्यावस्था की सही प्रकृति है?
- A.उदासीन साम्यावस्था
- B.स्थायी साम्यावस्था
- C.अस्थायी साम्यावस्था
- D.सशर्त स्थायी साम्यावस्था
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है C, अस्थायी साम्यावस्था। एक सिरे पर सीधी खड़ी छड़ हल्के से धक्के से ही गिर जाती है, क्योंकि उसका गुरुत्व केंद्र ऊंचा होता है और आधार बहुत छोटा। जब हल्का-सा विस्थापन वस्तु को वापस लाने वाला बल पैदा न करे, बल्कि उसका गुरुत्व केंद्र नीचे आ जाए और वस्तु अपनी जगह से और दूर चली जाए, तो उसे अस्थायी साम्यावस्था कहते हैं। खड़ी छड़ इसका सबसे सरल उदाहरण है: थोड़ा झुकते ही गुरुत्व केंद्र से गुजरने वाली रेखा संकरे आधार से बाहर चली जाती है, भार घूर्णन पैदा करता है और छड़ गिर जाती है। यही छड़ जमीन पर लिटा दी जाए तो स्थायी या उदासीन साम्यावस्था में होगी। विकल्प A गलत है, क्योंकि उदासीन साम्यावस्था में हिलने पर भी गुरुत्व केंद्र की ऊंचाई नहीं बदलती, जैसे समतल फर्श पर गेंद। विकल्प B गलत है, क्योंकि स्थायी वस्तु अपनी जगह लौट आती है, जैसे आधार पर रखा शंकु। विकल्प D गलत है, क्योंकि यह साम्यावस्था का कोई मानक प्रकार नहीं है। परीक्षा टिप: आधार पर शंकु स्थायी, नोक पर अस्थायी और करवट पर उदासीन।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंनिम्नलिखित में से कौन-सा, स्तनपान कराने वाली माँ द्वारा उत्पन्न वह विशेष प्रकार का दूध है, जो मानव नवजात शिशु में प्रतिरक्षा अनुक्रिया के विकास के लिए आवश्यक है?
- A.प्रसव के एक महीने बाद बनने वाला स्तन दूध
- B.संक्रमणकालीन दूध
- C.खीस (कोलोस्ट्रम)
- D.खनिजयुक्त दूध
उत्तर देखें
खीस वह गाढ़ा, पीलापन लिए पहला दूध है जो माँ प्रसव के बाद शुरुआती कुछ दिनों में बनाती है। इसकी मात्रा कम होती है, पर इसमें प्रतिरक्षी (एंटीबॉडी), विशेषकर इम्युनोग्लोबुलिन A (IgA), के साथ श्वेत रक्त कोशिकाएँ, प्रोटीन और विटामिन A भरपूर होते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →यदि किसी कुंडली के अंदर गतिमान चुंबक की चाल बढ़ा दी जाए, तो कुंडली में विद्युत धारा
- A.बढ़ जाती है
- B.घट जाती है
- C.उलट जाती है
- D.वैसी ही रहती है
उत्तर देखें
जब कोई चुंबक कुंडली के भीतर चलता है, तो कुंडली से जुड़ा चुंबकीय फ्लक्स बदलता है, और यही बदलाव विद्युत वाहक बल (emf) तथा धारा पैदा करता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →खाने के सोडे (कुकिंग सोडा) का रासायनिक सूत्र है
- A.NaCl
- B.NaOCl
- C.Na2CO3
- D.NaHCO3
उत्तर देखें
खाने का सोडा, जिसे बेकिंग सोडा भी कहते हैं, सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट यानी सोडियम बाइकार्बोनेट है। यह एक हल्का क्षार है, जिसमें सोडियम, हाइड्रोजन और कार्बन का एक-एक तथा ऑक्सीजन के तीन परमाणु होते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →थर्मस फ़्लास्क के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
- A.फ़्लास्क की दीवारों के बीच निर्वात होता है और वे कांच की बनी होती हैं, जो ऊष्मा का कुचालक है
- B.कांच की दीवारों की सतहें स्वयं चमकीली होती हैं
- C.भीतरी दीवार की सतह अच्छी मात्रा में ऊष्मा विकिरित करती है और बाहरी दीवार की सतह भीतरी दीवार से विकिरित ऊष्मा का कुछ भाग अवशोषित करती है
- D.कॉर्क के आधार ऊष्मा के कुचालक होते हैं
उत्तर देखें
यह कथन गलत है, क्योंकि थर्मस फ़्लास्क की भीतरी दीवार पर चांदी की परत होती है, जिससे वह बहुत कम ऊष्मा विकिरित करती है; बाहरी दीवार की चमकीली सतह भी ऊष्मा को अवशोषित करने के बजाय वापस परावर्तित करती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →कार्य एक जूल कहा जाता है, जब किसी बल द्वारा
- A.4 N का बल किसी वस्तु को 25 cm विस्थापित करता है।
- B.2 N का बल किसी वस्तु को 1 m विस्थापित करता है।
- C.1 N का बल किसी वस्तु को 1 cm विस्थापित करता है।
- D.1 N का बल किसी वस्तु को 50 cm विस्थापित करता है।
उत्तर देखें
कार्य बल और विस्थापन का गुणनफल है, और 4 N गुणा 0.25 m ठीक 1 जूल होता है। एक जूल वह कार्य है जो तब होता है जब एक न्यूटन का बल किसी वस्तु को बल की दिशा में एक मीटर खिसकाता है, अर्थात 1 J = 1 N m।
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