तीन प्रतिरोधक R1, R2 और R3 (R1 > R2 > R3) वोल्टता V की एक बैटरी से इस प्रकार जोड़े जाते हैं कि परिपथ प्रति इकाई समय में अधिकतम ऊष्मा उत्पन्न करे। इसके लिए निम्नलिखित में से कौन-सा परिपथ संयोजन सही है?
- A.R1, R2 और R3 श्रेणी संयोजन में जुड़े हैं
- B.R1, R2 और R3 समांतर संयोजन में जुड़े हैं
- C.R1 और R3 समांतर में जुड़े हैं और R2 इस संयोजन से श्रेणी में जुड़ा है
- D.R1 और R3 श्रेणी में जुड़े हैं और R2 इस संयोजन के समांतर जुड़ा है
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है B, R1, R2 और R3 समांतर संयोजन में जुड़े हैं। प्रति इकाई समय में उत्पन्न ऊष्मा ही शक्ति है, और बैटरी की वोल्टता स्थिर हो तो शक्ति P = V²/R होती है। इसलिए परिपथ सबसे अधिक ऊष्मा तब देगा जब उसका कुल प्रतिरोध सबसे कम हो, और सबसे कम प्रतिरोध तीनों प्रतिरोधकों को समांतर में जोड़ने से मिलता है। समांतर परिपथ में 1/R = 1/R1 + 1/R2 + 1/R3 होता है और कुल प्रतिरोध सबसे छोटे प्रतिरोधक R3 से भी कम आता है। हर प्रतिरोधक को पूरी वोल्टता V मिलती है, इसलिए हर एक अधिकतम धारा लेता है। इसी कारण घरों के उपकरण समांतर में जोड़े जाते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि श्रेणी में प्रतिरोध जुड़कर R1 + R2 + R3 हो जाता है, जो सबसे अधिक है और ऊष्मा सबसे कम देता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि समांतर जोड़ी के साथ R2 को श्रेणी में जोड़ने से कुल प्रतिरोध R2 से भी अधिक हो जाता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि (R1 + R3) के समांतर R2 से कुल प्रतिरोध R2 से थोड़ा कम होता है, पर तीनों के समांतर संयोजन से फिर भी अधिक। परीक्षा टिप: स्थिर वोल्टता पर P = V²/R, यानी न्यूनतम प्रतिरोध (सब समांतर) पर अधिकतम ऊष्मा।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंसमान ताप और दाब की परिस्थितियों में सभी गैसों के समान आयतन में अणुओं की संख्या समान होती है। यह कथन किस नियम के रूप में जाना जाता है?
- A.आवोगाद्रो का नियम
- B.बॉयल का नियम
- C.चार्ल्स का नियम
- D.डाल्टन का आंशिक दाब नियम
उत्तर देखें
इसी से प्रत्येक गैस का एक मोल मानक ताप और दाब पर वही 22.4 लीटर घेरता है, और इसी से रसायनज्ञ हाइड्रोजन तथा ऑक्सीजन जैसी गैसों के सूत्र दो परमाणु वाले तय कर सके।
पूरी व्याख्या पढ़ें →कार्बन दो ऑक्साइड बनाता है, कार्बन मोनोऑक्साइड और कार्बन डाइऑक्साइड, जिनमें बारह ग्राम कार्बन क्रमशः सोलह और बत्तीस ग्राम ऑक्सीजन से संयोग करता है। यह किस नियम का उदाहरण है?
- A.द्रव्यमान संरक्षण का नियम
- B.स्थिर अनुपात का नियम
- C.गुणित अनुपात का नियम
- D.आवोगाद्रो का नियम
उत्तर देखें
जब दो तत्व एक से अधिक यौगिक बनाते हैं, तो एक तत्व के निश्चित द्रव्यमान से संयोग करने वाले दूसरे तत्व के द्रव्यमान सरल पूर्ण संख्या अनुपात में होते हैं, और यहाँ उसी बारह ग्राम कार्बन के लिए सोलह तथा बत्तीस ग्राम ऑक्सीजन का अनुपात एक और दो है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →36 ग्राम जल में कितने मोल उपस्थित हैं?
- A.एक मोल
- B.दो मोल
- C.तीन मोल
- D.आधा मोल
उत्तर देखें
जल का आण्विक द्रव्यमान अठारह एकीकृत परमाणु द्रव्यमान इकाई है, अर्थात 1 u के दो हाइड्रोजन परमाणु और 16 u का एक ऑक्सीजन परमाणु, इसलिए एक मोल जल का भार अठारह ग्राम होता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →एक एकीकृत परमाणु द्रव्यमान इकाई, जिसे u लिखा जाता है, किसे कहते हैं?
- A.एक हाइड्रोजन परमाणु का द्रव्यमान
- B.कार्बन बारह के एक परमाणु के द्रव्यमान का बारहवाँ भाग
- C.एक ऑक्सीजन परमाणु के द्रव्यमान का सोलहवाँ भाग
- D.एक इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान
उत्तर देखें
यह मानक इसलिए अपनाया गया कि सभी तत्वों के परमाणु द्रव्यमान एक ही सापेक्ष पैमाने पर तुले जा सकें, और उसी पर हाइड्रोजन लगभग 1 u, ऑक्सीजन 16 u तथा क्लोरीन 35.5 u का आता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →मानक ताप और दाब पर किसी भी गैस का एक मोल कितना आयतन घेरता है?
- A.11.2 लीटर
- B.22.4 लीटर
- C.24.4 लीटर
- D.1 लीटर
उत्तर देखें
यह आवोगाद्रो के नियम से निकलता है: चूँकि समान ताप और दाब पर सभी गैसों के समान आयतन में अणुओं की संख्या समान होती है, इसलिए हाइड्रोजन, ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड का एक एक मोल मानक ताप और दाब पर समान स्थान घेरता है, भले ही उनके द्रव्यमान दो, बत्तीस…
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