निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
- A.हार्डी-वेनबर्ग सिद्धांत कहता है कि किसी समष्टि में युग्मविकल्पी (एलील) आवृत्तियाँ अस्थिर होती हैं
- B.शाखित अवतरण और प्राकृतिक वरण डार्विन के विकासवाद सिद्धांत की दो मुख्य अवधारणाएँ हैं
- C.लैमार्कवाद उपार्जित लक्षणों की वंशागति पर आधारित है
- D.उत्परिवर्तन, जीन प्रवाह, आनुवंशिक विचलन, जीन पुनर्योजन और प्राकृतिक वरण की अवधारणाएँ हार्डी-वेनबर्ग साम्य को प्रभावित करती हैं
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है A। हार्डी-वेनबर्ग सिद्धांत इसका उल्टा कहता है: किसी समष्टि में एलील आवृत्तियाँ पीढ़ी-दर-पीढ़ी स्थिर, यानी अपरिवर्तित, रहती हैं।
1908 में जी. एच. हार्डी और विल्हेम वेनबर्ग द्वारा दिया गया यह सिद्धांत ऐसी बड़ी समष्टि पर लागू होता है जिसमें यादृच्छिक संगम हो और कोई बाहरी व्यवधान न हो। इसे p² + 2pq + q² = 1 के रूप में लिखा जाता है, जहाँ p और q दो एलीलों की आवृत्तियाँ हैं। जब देखी गई आवृत्तियाँ इन अपेक्षित मानों से भिन्न हों, तो पता चलता है कि समष्टि में विकास हो रहा है।
विकल्प B सही कथन है, इसलिए उत्तर नहीं है: डार्विन का सिद्धांत शाखित अवतरण, यानी सभी जीवों के साझे पूर्वज, और प्राकृतिक वरण पर टिका है। विकल्प C भी सही है: ज्याँ-बैप्टिस्ट लैमार्क ने कहा कि उपयोग और अनुपयोग से अर्जित लक्षण, जैसे उनके उदाहरण में जिराफ़ की लंबी गर्दन, संतानों में जाते हैं। विकल्प D भी सही है, क्योंकि उत्परिवर्तन, जीन प्रवाह, आनुवंशिक विचलन, पुनर्योजन और प्राकृतिक वरण वे पाँच कारक हैं जो हार्डी-वेनबर्ग साम्य को बिगाड़ते हैं।
परीक्षा टिप: हार्डी-वेनबर्ग = आनुवंशिक साम्य (p² + 2pq + q² = 1); पाँच व्यवधानकारी कारक विकास लाते हैं।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंयह तथ्य कि ग्रह सूर्य के चारों ओर वृत्तों में नहीं, बल्कि दीर्घवृत्तों में घूमते हैं, सबसे पहले किसने प्रदर्शित किया?
- A.गैलीलियो
- B.मार्टिन लूथर
- C.योहानेस केप्लर
- D.कॉपरनिकस
उत्तर देखें
1609 में केप्लर ने दिखाया कि ग्रह सूर्य के चारों ओर दीर्घवृत्ताकार कक्षाओं में घूमते हैं और सूर्य उस दीर्घवृत्त की एक नाभि पर होता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- A.यूरिया यकृत में बनता है।
- B.यूरिया रक्त में बनता है।
- C.यूरिया स्टार्च के पाचन से बनता है।
- D.यूरिया फेफड़े और वृक्क में बनता है।
उत्तर देखें
यकृत की कोशिकाएँ अमीनो अम्लों के टूटने से निकले विषैले अमोनिया को ऑर्निथीन चक्र, जिसे यूरिया चक्र भी कहते हैं, के द्वारा यूरिया में बदलती हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →संयुक्त सूक्ष्मदर्शी में प्रकाश के गमन का सही क्रम निम्नलिखित में से कौन-सा है?
- A.संघनित्र-अभिदृश्यक लेंस-नेत्रिका-देह नलिका
- B.अभिदृश्यक लेंस-संघनित्र-देह नलिका-नेत्रिका
- C.संघनित्र-अभिदृश्यक लेंस-देह नलिका-नेत्रिका
- D.नेत्रिका-अभिदृश्यक लेंस-देह नलिका-दर्पण
उत्तर देखें
प्रकाश संघनित्र से होकर नमूने तक जाता है, अभिदृश्यक लेंस उसे ग्रहण करता है, फिर वह देह नलिका से ऊपर जाकर नेत्रिका के रास्ते आँख तक पहुँचता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →हीमोग्लोबिन के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- A.आरबीसी में उपस्थित हीमोग्लोबिन केवल ऑक्सीजन ले जा सकता है, कार्बन डाइऑक्साइड नहीं।
- B.आरबीसी का हीमोग्लोबिन ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड दोनों ले जा सकता है।
- C.आरबीसी का हीमोग्लोबिन केवल कार्बन डाइऑक्साइड ले जा सकता है।
- D.हीमोग्लोबिन का उपयोग केवल रक्त के थक्का बनने में होता है, गैसों को ले जाने में नहीं।
उत्तर देखें
यह अपने लौह-युक्त हीम समूहों पर ऑक्सीजन बाँधता है और अपनी प्रोटीन शृंखलाओं पर कुछ कार्बन डाइऑक्साइड ले जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →हिस्टोन प्रोटीनों के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- A.हिस्टोन ऐसे प्रोटीन हैं जो माइटोकॉन्ड्रिया की झिल्ली में पाए जाते हैं।
- B.हिस्टोन ऐसे प्रोटीन हैं जो केंद्रक में डीएनए के साथ जुड़े हुए पाए जाते हैं।
- C.हिस्टोन साइटोसोल में लिपिडों से जुड़े प्रोटीन हैं।
- D.हिस्टोन साइटोसोल में कार्बोहाइड्रेटों से जुड़े प्रोटीन हैं।
उत्तर देखें
यूकैरियोटिक कोशिकाओं के केंद्रक में डीएनए इन्हीं प्रोटीनों के चारों ओर लिपटकर क्रोमैटिन बनाता है। हिस्टोन छोटे क्षारीय प्रोटीन हैं जिनमें धनावेशित अमीनो अम्ल लाइसिन और आर्जिनिन अधिक होते हैं, जो डीएनए के ऋणावेशित फॉस्फेट समूहों को आकर्षित करते हैं।
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