किसी पदार्थ के एक मोल का ग्राम में द्रव्यमान उसका कहलाता है
- A.किलोग्राम द्रव्यमान
- B.ग्राम द्रव्यमान
- C.मोलर द्रव्यमान
- D.उपर्युक्त सभी
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है C, मोलर द्रव्यमान। किसी भी पदार्थ के एक मोल का ग्राम में व्यक्त द्रव्यमान परिभाषा के अनुसार उसका मोलर द्रव्यमान होता है। एक मोल में आवोगाद्रो संख्या, लगभग 6.022 × 1023, कण होते हैं, इसलिए मोलर द्रव्यमान तौले जा सकने वाले द्रव्यमान को परमाणुओं या अणुओं की संख्या से जोड़ता है। इसकी इकाई ग्राम प्रति मोल (g/mol) है और इसका मान परमाणु या आणविक द्रव्यमान (u में) के बराबर होता है। जल (H2O) का आणविक द्रव्यमान 18 u है, इसलिए एक मोल जल का द्रव्यमान 18 ग्राम होता है; कार्बन-12 का एक मोल ठीक 12 ग्राम का होता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि 'किलोग्राम द्रव्यमान' कोई रासायनिक पद नहीं है। विकल्प B गलत है, क्योंकि एक मोल के द्रव्यमान को 'ग्राम द्रव्यमान' नहीं कहते। विकल्प D गलत है, क्योंकि केवल एक ही पद सही है। परीक्षा टिप: मोलों की संख्या = दिया गया द्रव्यमान ÷ मोलर द्रव्यमान; एक मोल में 6.022 × 1023 कण।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंLi, Na, Be और O की परमाणु त्रिज्या का सही क्रम है
- A.Na > Li > Be > O
- B.Na > Be > Li > O
- C.Be > Li > Na > O
- D.O > Be > Li > Na
उत्तर देखें
आवर्त सारणी की दो प्रवृत्तियाँ यह क्रम तय करती हैं। किसी वर्ग में नीचे जाने पर परमाणु त्रिज्या बढ़ती है, क्योंकि हर नया आवर्त एक नया इलेक्ट्रॉन कोश जोड़ता है; इसलिए वर्ग 1 में आवर्त 3 का सोडियम आवर्त 2 के लीथियम से बड़ा है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →सूक्ष्मदर्शी से देखने पर खुरदरी अंतर्द्रव्यी जालिका 'खुरदरी' क्यों दिखाई देती है?
- A.इसकी सतह पर राइबोसोम की उपस्थिति के कारण
- B.इसकी सतह पर राइबोसोम की अनुपस्थिति के कारण
- C.इसकी सतह पर लाइसोसोम की उपस्थिति के कारण
- D.इसकी सतह पर माइटोकॉन्ड्रिया की उपस्थिति के कारण
उत्तर देखें
अंतर्द्रव्यी जालिका (ईआर) कोशिका के भीतर झिल्लियों से बनी नलिकाओं और थैलियों का जाल है। इसके एक भाग की बाहरी सतह पर राइबोसोम नामक छोटे कण जड़े होते हैं, जिनसे इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी में यह बिंदीदार और खुरदरा दिखता है; यही खुरदरी ईआर है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →किसी अम्ल का जलीय विलयन विद्युत का चालन करता है। इसका कारण है कि
- A.इसमें हाइड्रोजन आयन होते हैं
- B.इसमें जल के अणु होते हैं
- C.इसमें से विद्युत गुज़रती है
- D.यह विद्युत उत्पन्न करता है
उत्तर देखें
जब हाइड्रोक्लोरिक अम्ल जैसा कोई अम्ल पानी में घुलता है, तो वह आयनों में टूट जाता है: हाइड्रोजन आयन (H⁺, जो जल के अणुओं से जुड़कर हाइड्रोनियम आयन H₃O⁺ बनाते हैं) और क्लोराइड (Cl⁻) जैसे ऋणात्मक आयन।
पूरी व्याख्या पढ़ें →लंबाई l और अनुप्रस्थ काट क्षेत्रफल A वाला ताँबे का एक तार लिया जाता है और उसमें धारा I प्रवाहित की जाती है। तार में क्षयित शक्ति P है। यदि समान आयामों वाला एल्युमिनियम का तार लेकर उसमें समान धारा प्रवाहित की जाए, तो क्षयित शक्ति होगी
- A.P
- B.< P
- C.> P
- D.2P
उत्तर देखें
धारा I वाले तार में ऊष्मा में बदलने वाली शक्ति P = I²R होती है, और तार का प्रतिरोध R = ρl/A होता है, जहाँ ρ उसके पदार्थ की प्रतिरोधकता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →मायोपिया को और किस नाम से जाना जाता है?
- A.दूर-दृष्टि दोष
- B.निकट-दृष्टि दोष
- C.मोतियाबिंद
- D.जरा-दूरदर्शिता
उत्तर देखें
मायोपिया से ग्रस्त व्यक्ति पास की वस्तुएँ साफ़ देख लेता है, पर दूर की वस्तुएँ धुँधली दिखती हैं, इसलिए इसे निकट-दृष्टि दोष कहते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →