खरगोशों में होने वाले गंभीर विषाणु रोग मिक्सोमैटोसिस के फैलने के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा एक कारक उत्तरदायी है?
- A.जल का अधिक तापमान
- B.मिट्टी का अधिक तापमान
- C.खरगोशों का उच्च जनसंख्या घनत्व
- D.खरगोशों का निम्न जनसंख्या घनत्व
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है C, खरगोशों का उच्च जनसंख्या घनत्व। मिक्सोमैटोसिस काटने वाले कीटों और संपर्क से एक खरगोश से दूसरे में जाता है, इसलिए जहाँ खरगोश घने रहते हैं वहाँ यह सबसे तेज़ फैलता है।
मिक्सोमैटोसिस मिक्सोमा विषाणु से होता है और मुख्यतः मच्छरों और पिस्सुओं से फैलता है। 1950 में ऑस्ट्रेलिया में यूरोपीय खरगोशों की भारी आबादी पर नियंत्रण के लिए इसे जानबूझकर फैलाया गया, और पहले प्रकोपों में अधिकांश खरगोश मर गए। पारिस्थितिकी में इसे घनत्व-आश्रित सीमाकारी कारक का प्रसिद्ध उदाहरण माना जाता है: रोग, परजीवी और प्रतिस्पर्धा आबादी बढ़ने के साथ अधिक प्रभावी होते हैं, क्योंकि सदस्यों का आपसी संपर्क बढ़ जाता है। इसके विपरीत बाढ़, पाला और सूखा घनत्व-निरपेक्ष कारक हैं, जो आबादी के आकार से स्वतंत्र असर डालते हैं।
A और B गलत हैं क्योंकि जल और मिट्टी का तापमान भौतिक परिस्थितियाँ हैं, जो यह तय नहीं करतीं कि विषाणु कितनी बार आगे जाता है। D गलत है क्योंकि कम घनत्व पर खरगोश कम मिलते हैं और रोग धीरे फैलता है।
Exam tip: रोग, परभक्षण और प्रतिस्पर्धा घनत्व-आश्रित; मौसम और प्राकृतिक आपदाएँ घनत्व-निरपेक्ष।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंअम्ल वर्षा के लिए वर्षा जल का pH किससे कम होना चाहिए?
- A.7.0
- B.6.6
- C.5.6
- D.8.0
उत्तर देखें
जब वर्षा जल का pH 5.6 से नीचे चला जाता है, तब उसे अम्ल वर्षा कहते हैं। साफ वर्षा भी थोड़ी अम्लीय होती है, क्योंकि हवा की कार्बन डाइऑक्साइड उसमें घुलकर दुर्बल कार्बोनिक अम्ल बनाती है और उसका pH लगभग 5.6 तक आ जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →ओज़ोन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
- A.ओज़ोन वायुमंडल में अधिकतर 15-55 किमी की ऊँचाई पर पाई जाती है।
- B.ओज़ोन गैसीय रासायनिक अभिक्रियाओं से बनती है।
- C.16 नवंबर को अंतर्राष्ट्रीय ओज़ोन परत संरक्षण दिवस के रूप में मनाया जाता है।
- D.ओज़ोन ऑक्सीजन का एक रूप है जिसमें ऑक्सीजन के तीन परमाणु आपस में जुड़े होते हैं।
उत्तर देखें
अंतर्राष्ट्रीय ओज़ोन परत संरक्षण दिवस 16 सितंबर को मनाया जाता है, 16 नवंबर को नहीं। यह तिथि 16 सितंबर 1987 को मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर की याद में है, वह संधि जिसने क्लोरोफ़्लोरोकार्बन और अन्य ओज़ोन-क्षयकारी पदार्थों को चरणबद्ध रूप से समाप्त किया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →पारितंत्र में ऊर्जा और पोषक तत्व एक पोषी स्तर से दूसरे पोषी स्तर तक प्रवाहित होते हैं। निम्नलिखित में से कौन-सा कथन पारितंत्र में ऊर्जा और पोषक तत्वों के प्रवाह की दिशा का सही वर्णन करता है?
- A.ऊर्जा का प्रवाह चक्रीय है और पोषक तत्वों का प्रवाह एकदिशीय है।
- B.ऊर्जा का प्रवाह एकदिशीय है और पोषक तत्वों का प्रवाह चक्रीय है।
- C.ऊर्जा और पोषक तत्वों दोनों का प्रवाह एकदिशीय है।
- D.ऊर्जा और पोषक तत्वों दोनों का प्रवाह चक्रीय है।
उत्तर देखें
ऊर्जा सूर्य से खाद्य शृंखला में एक ही दिशा में चलती है और ऊष्मा के रूप में खो जाती है, जबकि पोषक तत्व बार-बार इस्तेमाल होते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल नंदा देवी राष्ट्रीय उद्यान निम्नलिखित में से किस राज्य में स्थित है?
- A.अरुणाचल प्रदेश
- B.उत्तराखंड
- C.हिमाचल प्रदेश
- D.सिक्किम
उत्तर देखें
नंदा देवी राष्ट्रीय उद्यान उत्तराखंड के चमोली ज़िले में भारत की दूसरी सबसे ऊँची चोटी नंदा देवी के चारों ओर फैला है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा वैश्विक मंदन (ग्लोबल डिमिंग) से संबंधित है?
- A.कणिकीय पदार्थों में वृद्धि के कारण वायुमंडलीय दाब में गिरावट
- B.कणिकीय पदार्थों में वृद्धि के कारण वायुमंडलीय दाब में वृद्धि
- C.कणिकीय पदार्थों में वृद्धि के कारण तापमान में वृद्धि
- D.कणिकीय पदार्थों में वृद्धि के कारण तापमान में गिरावट
उत्तर देखें
हवा में मौजूद कणों के कारण धरती तक पहुँचने वाली धूप का घटना और उससे होने वाली ठंडक ही ग्लोबल डिमिंग है।
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