निम्नलिखित में से किसे पर्यावरणीय समस्याओं के शमन (निवारण) से संबद्ध माना जा सकता है?
- A.जैव आवर्धन
- B.त्वरित सुपोषण
- C.नाभिकीय अपशिष्टों को छोड़ना
- D.विभिन्न अपशिष्टों का श्रेणीबद्ध निपटान
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है D, विभिन्न अपशिष्टों का श्रेणीबद्ध निपटान। कचरे को श्रेणियों में छाँटकर हर श्रेणी का सही तरीके से निपटान करने से प्रदूषण घटता है, इसलिए यह पर्यावरणीय समस्याएँ पैदा नहीं करता बल्कि उन्हें सुलझाने में मदद करता है।
कचरे को स्रोत पर ही जैव-निम्नीकरणीय, पुनर्चक्रण योग्य, खतरनाक और जैव-चिकित्सीय जैसी श्रेणियों में अलग करने से गीले कचरे से खाद बनाना, प्लास्टिक, कागज़ और धातुओं का पुनर्चक्रण और विषैले पदार्थों का सुरक्षित उपचार संभव होता है। भारत के ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2016 घरों और संस्थाओं के लिए स्रोत पर पृथक्करण अनिवार्य करते हैं।
विकल्प A गलत है क्योंकि जैव आवर्धन स्वयं एक समस्या है: डीडीटी और पारे जैसे स्थायी विषैले पदार्थ खाद्य शृंखला के हर स्तर पर अधिक सांद्रता में जमा होते जाते हैं। विकल्प B गलत है क्योंकि उर्वरकों के बहाव और सीवेज से होने वाला त्वरित सुपोषण शैवाल प्रस्फुटन, ऑक्सीजन की कमी और मछलियों की मौत लाता है। विकल्प C गलत है क्योंकि नाभिकीय अपशिष्ट छोड़ने से लंबे समय तक रहने वाला विकिरण फैलता है और रेडियोधर्मी प्रदूषण होता है।
परीक्षा टिप: जैव आवर्धन, सुपोषण और रेडियोधर्मी कचरा = समस्याएँ; पृथक्करण और 3R (कम करें, पुनः उपयोग करें, पुनर्चक्रण करें) = समाधान।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंजैव-सुरक्षा प्रोटोकॉल के लिए प्रसिद्ध कार्टाजेना शहर कहाँ स्थित है?
- A.कोलंबिया
- B.वेनेज़ुएला
- C.ब्राज़ील
- D.गुयाना
उत्तर देखें
कार्टाजेना कोलंबिया के कैरिबियाई तट पर स्थित बंदरगाह शहर है, जहाँ 1999 में जैव-सुरक्षा प्रोटोकॉल पर वार्ता हुई थी। कार्टाजेना जैव-सुरक्षा प्रोटोकॉल 1992 के जैव विविधता अभिसमय का एक पूरक समझौता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा एक जैव-नियंत्रण कारक नहीं है?
- A.बैसिलस थुरिंजिएंसिस
- B.लेडीबर्ड भृंग
- C.ट्राइकोडर्मा
- D.एफ़िड
उत्तर देखें
एफ़िड फ़सलों का रस चूसने वाला कीट है, इसलिए वह जैव-नियंत्रण का निशाना है, उसका कारक नहीं। जैव-नियंत्रण का अर्थ है रासायनिक कीटनाशकों के बजाय जीवों या उनके उत्पादों से कीटों और पौधों के रोगों को नियंत्रित करना।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा एक भारत में संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम के लिए नोडल एजेंसी है?
- A.पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय
- B.विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय
- C.पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय
- D.गृह मंत्रालय
उत्तर देखें
यही मंत्रालय भारत की पर्यावरण नीति की योजना, प्रोत्साहन और समन्वय करता है, इसलिए भारत की ओर से UNEP से यही जुड़ता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा अम्ल वर्षा का एक कारण है?
- A.ओज़ोन
- B.अमोनिया
- C.सल्फ़र डाइऑक्साइड
- D.कार्बन मोनोऑक्साइड
उत्तर देखें
सल्फ़र डाइऑक्साइड वर्षा जल में घुलकर सल्फ़्यूरिक अम्ल बनाती है, जो अम्ल वर्षा का मुख्य कारण है। बिजलीघरों, प्रगलकों और वाहनों में कोयला और तेल जलने से सल्फ़र डाइऑक्साइड और नाइट्रोजन के ऑक्साइड वायु में पहुँचते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-से भारत के प्रमुख प्रवाल भित्ति क्षेत्र हैं?
1. कच्छ की खाड़ी
2. मन्नार की खाड़ी
3. लक्षद्वीप
4. अंडमान और निकोबार द्वीप समूह
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :
- A.केवल 1 और 3
- B.केवल 2 और 4
- C.केवल 1, 2 और 3
- D.1, 2, 3 और 4
उत्तर देखें
ये चारों क्षेत्र भारत के प्रमुख प्रवाल भित्ति क्षेत्र माने जाते हैं। भारत की प्रवाल भित्तियाँ चार मुख्य क्षेत्रों में हैं।
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