निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : 1. कई शहरी और उपनगरीय क्षेत्रों का तापमान आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से अधिक रहता है, जिन्हें नगरीय ऊष्मा द्वीप कहा जाता है। 2. शहरी हरित आवरण में कमी और निर्मित कठोर सतहों में वृद्धि ही नगरीय ऊष्मा द्वीप का एकमात्र कारण है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- A.केवल 1
- B.केवल 2
- C.1 और 2 दोनों
- D.न तो 1 और न ही 2
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है A, केवल 1। कथन 1 नगरीय ऊष्मा द्वीप की सही परिभाषा देता है, पर कथन 2 गलत है क्योंकि हरियाली की कमी और कठोर सतहें इसका एकमात्र कारण नहीं हैं।
नगरीय ऊष्मा द्वीप वह शहर या उपनगर है जो आसपास के ग्रामीण इलाके से अधिक गर्म रहता है, और यह अंतर रात में सबसे साफ़ दिखता है। कंक्रीट, डामर और ईंट दिन में धूप सोखते हैं और सूर्यास्त के बाद धीरे-धीरे गर्मी छोड़ते हैं, जबकि पेड़ कम होने से छाया और वाष्पन द्वारा मिलने वाली ठंडक घट जाती है। इसके अलावा वाहनों, कारखानों और एयर कंडीशनरों से निकलने वाली गर्मी, ऊँची इमारतों के बीच फँसी हवा, गहरे रंग की छतें और प्रदूषित वायु भी तापमान बढ़ाते हैं। जब कई कारण मिलकर काम करते हैं, तो किसी एक को एकमात्र कारण कहना गलत है।
B गलत है क्योंकि कथन 2 असत्य है। C गलत है क्योंकि केवल कथन 1 सही है। D गलत है क्योंकि कथन 1 सही विवरण है।
Exam tip: ऊष्मा द्वीप सतहों, घटती हरियाली, अपशिष्ट ऊष्मा और शहरी बनावट के मेल से बनता है; ठंडी छतें और शहरी वृक्ष इसके प्रमुख उपाय हैं।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंभारत में विश्व के दुर्लभतम स्तनधारियों में से एक, सिंधु डॉल्फ़िन मुख्य रूप से निम्नलिखित में से किस नदी में पाई जाती है?
- A.गंगा
- B.कावेरी
- C.ब्रह्मपुत्र
- D.ब्यास
उत्तर देखें
भारत में सिंधु नदी डॉल्फ़िन केवल पंजाब में ब्यास नदी के एक छोटे हिस्से में, हरिके आर्द्रभूमि के आसपास बची है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →दो निकटवर्ती और भिन्न पादप समुदायों की सीमा पर स्थित विविध प्राकृतिक वनस्पति वाले संक्रमण क्षेत्र को क्या कहा जाता है?
- A.पारिस्थितिक अनुक्रमण
- B.इकोटोन
- C.पारिस्थितिक निकेत
- D.चरमावस्था
उत्तर देखें
इकोटोन वह संक्रमण क्षेत्र है जहाँ दो भिन्न समुदाय या पारितंत्र मिलते और आपस में घुलते-मिलते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →कार्टाजेना प्रोटोकॉल, जिसका भारत एक पक्षकार है, किससे संबंधित है?
- A.ग्रीनहाउस गैसों से निपटना तथा वैश्विक तापन और जलवायु परिवर्तन को कम करना
- B.जैव सुरक्षा, जिस पर जैविक विविधता अभिसमय के तत्वावधान में वार्ता हुई
- C.मानव जीवन को रोगों से बचाने के लिए ओज़ोन क्षयकारी पदार्थों से निपटना
- D.शुष्क क्षेत्रों में शुष्क भूमि कृषि सुधारकर मरुस्थलीकरण की परिघटना से निपटना
उत्तर देखें
कार्टाजेना जैव सुरक्षा प्रोटोकॉल जीवित संशोधित जीवों के सुरक्षित प्रबंधन से जुड़ा है। यह प्रोटोकॉल 2000 में जैविक विविधता अभिसमय के पूरक समझौते के रूप में अपनाया गया और 2003 में लागू हुआ; भारत इसका पक्षकार है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →'द इकोनॉमिक्स ऑफ़ इकोसिस्टम्स एंड बायोडायवर्सिटी (TEEB)' नामक पहल के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
1. यह UNEP, IMF और विश्व आर्थिक मंच द्वारा संचालित एक पहल है।
2. यह एक वैश्विक पहल है जो जैव विविधता के आर्थिक लाभों की ओर ध्यान आकर्षित करने पर केंद्रित है।
3. यह एक ऐसा दृष्टिकोण प्रस्तुत करती है जो निर्णयकर्ताओं को पारितंत्रों और जैव विविधता के मूल्य को पहचानने, प्रदर्शित करने और अधिग्रहीत करने में सहायता कर सकता है।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
- A.केवल 1 और 2
- B.केवल 3
- C.केवल 2 और 3
- D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
कथन 1 गलत है, क्योंकि TEEB का संचालन केवल संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) करता है, IMF और विश्व आर्थिक मंच के साथ मिलकर नहीं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →"बायोरॉक प्रौद्योगिकी" की चर्चा निम्नलिखित में से किस स्थिति में की जाती है?
- A.क्षतिग्रस्त प्रवाल भित्तियों का पुनरुद्धार
- B.पादप अवशेषों का उपयोग करके भवन निर्माण सामग्री का विकास
- C.शेल गैस के अन्वेषण/निष्कर्षण हेतु क्षेत्रों की पहचान
- D.वनों/संरक्षित क्षेत्रों में वन्य पशुओं के लिए लवण-चाट उपलब्ध कराना
उत्तर देखें
बायोरॉक समुद्र के भीतर हल्की विद्युत धारा से भित्ति-संरचनाएँ विकसित करने की विधि है, ताकि प्रवाल उन पर बसकर फिर से पनप सकें।
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