जलवायु अनुकूलन (क्लाइमेट रेज़िलिएंस) के संदर्भ में मैंग्रोव पारितंत्रों के संरक्षण का औचित्य निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सबसे अच्छी तरह स्पष्ट करता/करते है/हैं? 1. मैंग्रोव ज्वारीय ऊर्जा को कम करते हैं और मीठा पानी संचित करते हैं, जिससे वे खारे ज्वारनदमुख क्षेत्रों में धान की खेती के लिए आदर्श स्थल बनते हैं। 2. उनकी लवण-संवेदी जड़ें समुद्री जल को छानती हैं, जिससे मैंग्रोव तटीय भूमि को मीठे पानी के जलकृषि क्षेत्रों में बदलने की कुंजी बनते हैं। 3. ज्वारीय लहरों को झेलकर और जैव-संसाधन प्रदान करके मैंग्रोव प्राकृतिक जैव-कवच तथा ग्रामीण समुदायों की आजीविका के आधार, दोनों का काम करते हैं। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर उत्तर चुनिए :
- A.केवल 1
- B.1 और 2
- C.2 और 3
- D.केवल 3
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है D, केवल 3। मैंग्रोव तूफ़ानी लहरों को तोड़ते हैं और तटीय लोगों की आजीविका चलाते हैं, इसलिए जलवायु अनुकूलन में उनका महत्व है; बाकी दो कथन ऐसी बातें बताते हैं जो मैंग्रोव करते ही नहीं।
मैंग्रोव अंतर्ज्वारीय क्षेत्र के लवण-सहिष्णु वृक्ष हैं। इनकी घनी अवस्तंभ जड़ें और श्वसन मूल लहरों की गति धीमी करती हैं, गाद रोकती हैं और तट को थामे रखती हैं, इसलिए ये चक्रवात और सुनामी के विरुद्ध जीवित जैव-कवच हैं। 1999 के ओडिशा चक्रवात और 2004 की सुनामी में भितरकनिका और पिचावरम के पीछे बसे गाँव इसी कारण कम प्रभावित हुए। ये मछलियों की नर्सरी, शहद, ईंधन-लकड़ी और चारा देते हैं तथा मिट्टी में बहुत कार्बन जमा करते हैं। भारत का सबसे बड़ा मैंग्रोव वन सुंदरबन है।
कथन 1 गलत है: मैंग्रोव मीठा पानी जमा नहीं करते, और धान के लिए उन्हें काटना उनके विनाश का कारण है, संरक्षण का नहीं।
कथन 2 गलत है: मैंग्रोव की जड़ें लवण-सहिष्णु होती हैं, लवण-संवेदी नहीं, और इनकी भूमि को जलकृषि तालाबों में बदलना इन्हें नष्ट करता है।
इसलिए कथन 1 या 2 वाले A, B और C गलत हैं।
परीक्षा टिप: मैंग्रोव = जैव-कवच + कार्बन सिंक + मछली नर्सरी; सबसे बड़ा सुंदरबन।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंकिसी तालाब, महासागर, वन या एक्वेरियम जैसे अपने परिवेश सहित एक जैविक समुदाय को क्या कहा जाता है?
- A.बायोम (जीवोम)
- B.समुदाय
- C.अजैविक पर्यावरण
- D.पारितंत्र
उत्तर देखें
पारितंत्र जीवों का एक समुदाय और उसके साथ क्रिया करने वाला निर्जीव पर्यावरण है, और यह महासागर जितना बड़ा या एक्वेरियम जितना छोटा हो सकता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
I. भारत में कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) उत्सर्जन 0.5 t CO2/प्रति व्यक्ति से कम है।
II. ईंधन दहन से CO2 उत्सर्जन के मामले में भारत एशिया-प्रशांत क्षेत्र में दूसरे स्थान पर है।
III. भारत में बिजली और ऊष्मा उत्पादक CO2 उत्सर्जन के सबसे बड़े स्रोत हैं।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- A.केवल I और III
- B.केवल II
- C.केवल II और III
- D.I, II और III
उत्तर देखें
ईंधन दहन से CO2 उत्सर्जन में भारत एशिया-प्रशांत में चीन के बाद दूसरा सबसे बड़ा उत्सर्जक है और बिजली व ऊष्मा उत्पादन इसका सबसे बड़ा स्रोत है, पर इसका प्रति व्यक्ति उत्सर्जन 0.5 टन से काफ़ी अधिक है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →'घरेलू अंश आवश्यकता' (डोमेस्टिक कंटेंट रिक्वायरमेंट) शब्द कभी-कभी समाचारों में किसके संदर्भ में दिखाई देता है?
- A.हमारे देश में सौर ऊर्जा उत्पादन का विकास
- B.हमारे देश में विदेशी टी.वी. चैनलों को लाइसेंस देना
- C.हमारे खाद्य उत्पादों का अन्य देशों को निर्यात
- D.विदेशी शैक्षणिक संस्थानों को हमारे देश में अपने परिसर स्थापित करने की अनुमति
उत्तर देखें
घरेलू अंश आवश्यकता (DCR) वह नियम है जिसके अनुसार कुछ सौर परियोजनाओं में भारत में बने सौर सेल और मॉड्यूल ही लगाने होते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से किसके संदर्भ में कुछ वैज्ञानिक पक्षाभ मेघ विरलन (सिरस क्लाउड थिनिंग) तकनीक और समतापमंडल में सल्फेट वायुविलय के अंतःक्षेपण के उपयोग का सुझाव देते हैं?
- A.कुछ क्षेत्रों में कृत्रिम वर्षा कराना
- B.उष्णकटिबंधीय चक्रवातों की बारंबारता और तीव्रता घटाना
- C.पृथ्वी पर सौर पवनों के प्रतिकूल प्रभाव घटाना
- D.भूमंडलीय तापन घटाना
उत्तर देखें
दोनों उपाय भू-अभियांत्रिकी (जियोइंजीनियरिंग) के प्रस्ताव हैं, जिनका उद्देश्य पृथ्वी में आने या उससे जाने वाली ऊष्मा बदलकर ग्रह को ठंडा करना है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से किनकी प्रजातियाँ अन्य जीवों के साथ सहजीवी संबंध स्थापित कर सकती हैं?
1. नाइडेरियन
2. कवक
3. प्रोटोज़ोआ
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
- A.केवल 1 और 2
- B.केवल 2 और 3
- C.केवल 1 और 3
- D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
नाइडेरियन, कवक और प्रोटोज़ोआ, तीनों में ऐसी प्रजातियाँ हैं जो अन्य जीवों के साथ घनिष्ठ, परस्पर लाभकारी साझेदारी में रहती हैं।
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