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GK24

पर्यावरण और पारिस्थितिकी पिछले वर्षों के प्रश्न (PYQ) उत्तर सहित – पेज 2

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SSC, बैंकिंग, रेलवे और अन्य परीक्षाओं के पिछले वर्षों के पेपरों में पूछे गए पर्यावरण और पारिस्थितिकी के प्रश्न, परीक्षा और वर्ष, उत्तर और व्याख्या सहित।

54 पिछले वर्षों के प्रश्न

Q21.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · Prelims GS Paper I, 28 May 2023मध्यम

'इनवेसिव स्पीशीज़ स्पेशलिस्ट ग्रुप' (जो ग्लोबल इनवेसिव स्पीशीज़ डेटाबेस विकसित करता है) निम्नलिखित में से किस संगठन से संबंधित है?

  1. A.अंतरराष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (IUCN)
  2. B.संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम
  3. C.संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण एवं विकास विश्व आयोग
  4. D.वर्ल्ड वाइड फंड फॉर नेचर
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. अंतरराष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (IUCN)

व्याख्या

सही उत्तर है A, अंतरराष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (IUCN)। इनवेसिव स्पीशीज़ स्पेशलिस्ट ग्रुप (ISSG) IUCN के प्रजाति अस्तित्व आयोग (Species Survival Commission) का एक विशेषज्ञ समूह है, और यही ग्लोबल इनवेसिव स्पीशीज़ डेटाबेस चलाता है। ISSG वैज्ञानिकों और नीति विशेषज्ञों का नेटवर्क है, जो उन बाहरी प्रजातियों की जानकारी जुटाता है जो फैलकर स्थानीय वन्यजीवों को नुकसान पहुँचाती हैं; इसी ने 'दुनिया की 100 सबसे खराब आक्रामक विदेशी प्रजातियों' की प्रसिद्ध सूची बनाई। 1948 में स्थापित और स्विट्ज़रलैंड के ग्लैंड में स्थित IUCN संकटग्रस्त प्रजातियों की रेड लिस्ट भी जारी करता है। लैंटाना, जलकुंभी और प्रोसोपिस जूलीफ्लोरा जैसे आक्रामक पौधे भारत के वनों और आर्द्रभूमियों के लिए बड़ा खतरा हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि UNEP पर्यावरण कार्यक्रम और समझौते चलाता है, यह विशेषज्ञ समूह नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि पर्यावरण एवं विकास विश्व आयोग, यानी ब्रंटलैंड आयोग, 1987 की रिपोर्ट 'अवर कॉमन फ्यूचर' के लिए जाना जाता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि WWF एक अलग संरक्षण NGO है। परीक्षा टिप: IUCN यानी रेड लिस्ट, प्रजाति अस्तित्व आयोग और आक्रामक प्रजाति डेटाबेस।

Q22.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 10 Jan 2023, Shift 1मध्यम

जीवाश्म ईंधन जलाने से होने वाले प्रदूषण को कम करने का एक तरीका पहचानिए।

  1. A.जलने के तापमान को कम करके
  2. B.दहन प्रक्रिया की दक्षता बढ़ाकर
  3. C.कार्बन अणुओं की संख्या बढ़ाकर
  4. D.गुप्त ऊष्मा घटाकर
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. दहन प्रक्रिया की दक्षता बढ़ाकर

व्याख्या

सही उत्तर है B, दहन प्रक्रिया की दक्षता बढ़ाकर। जब कोयला, पेट्रोल या डीजल कम ऑक्सीजन में जलते हैं तो दहन अधूरा होता है और कार्बन मोनोऑक्साइड, कालिख और बिना जले हाइड्रोकार्बन निकलते हैं, जो वाहनों और बिजलीघरों के सबसे खतरनाक प्रदूषक हैं। कुशल और पूर्ण दहन ईंधन के ज्यादा हिस्से को कार्बन डाइऑक्साइड और पानी में बदल देता है और हर लीटर या किलो से ज्यादा ऊर्जा देता है, इसलिए कम ईंधन जलाना पड़ता है। वाहनों के कैटेलिटिक कन्वर्टर, जो कार्बन मोनोऑक्साइड और नाइट्रोजन ऑक्साइड को कम हानिकारक गैसों में बदलते हैं, और CNG जैसे स्वच्छ ईंधन इसी सिद्धांत पर काम करते हैं। A गलत है क्योंकि जलने का तापमान घटाने से दहन अधूरा होता है और धुआं व कार्बन मोनोऑक्साइड बढ़ते हैं। C गलत है क्योंकि ज्यादा कार्बन का मतलब है ज्यादा कार्बन डाइऑक्साइड और ज्यादा कालिख। D गलत है क्योंकि गुप्त ऊष्मा किसी पदार्थ की अवस्था बदलने, जैसे बर्फ से पानी बनने, में लगने वाली ऊष्मा है और इसका जलने से होने वाले प्रदूषण से कोई संबंध नहीं। परीक्षा टिप: पूर्ण दहन से CO2 और पानी, अपूर्ण दहन से कार्बन मोनोऑक्साइड और कालिख।

Q23.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: SSC CPO · 4 Oct 2023, Shift 3मध्यम

अर्न्स्ट हेकेल ने जीवों की 'अर्थव्यवस्था' का वर्णन करने के लिए 'पारिस्थितिकी' (इकोलॉजी) शब्द किस वर्ष दिया?

  1. A.1888
  2. B.1884
  3. C.1887
  4. D.1866
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. 1866

व्याख्या

सही उत्तर है D, 1866। जर्मन प्राणी-विज्ञानी अर्न्स्ट हेकेल ने 1866 में अपनी पुस्तक 'जनरेल मॉर्फोलॉजी डेर ऑर्गेनिस्मेन' में 'ओकोलॉजी' शब्द गढ़ा। उन्होंने इसे ग्रीक के ओइकोस, यानी घर, और लोगोस, यानी अध्ययन, से बनाया; इसलिए पारिस्थितिकी का अर्थ है जीवों का उनके घर में, आपस में और आसपास के वातावरण से संबंधों का अध्ययन। इसीलिए प्रश्न जीवों की 'अर्थव्यवस्था' की बात करता है, क्योंकि इकोनॉमी शब्द भी इसी ओइकोस से बना है। हेकेल डार्विन के प्रबल समर्थक थे और उन्होंने जीवविज्ञान को 'फाइलम' जैसे शब्द भी दिए। परीक्षा में एक और तिथि पूछी जाती है: 1935, जब ब्रिटिश पारिस्थितिकीविद् ए. जी. टान्सले ने 'पारितंत्र' (इकोसिस्टम) शब्द दिया। A गलत है क्योंकि 1888 का इस शब्द से कोई संबंध नहीं; तब तक यह बीस साल से ज़्यादा समय से चलन में था। B गलत है क्योंकि 1884 भी बहुत बाद का वर्ष है और इस नामकरण से नहीं जुड़ा। C गलत है क्योंकि 1887 का भी हेकेल के शब्द-निर्माण से कोई संबंध नहीं है। परीक्षा टिप: इकोलॉजी हेकेल 1866, इकोसिस्टम टान्सले 1935।

Q24.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: CDS · CDS (II) 2023, 3 Sep 2023मध्यम

'रेस टू ज़ीरो अभियान' के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

1. रेस टू ज़ीरो अभियान के मुख्य उद्देश्यों में से एक, कार्बन-मुक्त अर्थव्यवस्था की ओर बदलाव के लिए गति तैयार करना है।

2. यह शून्य-योग खेल (ज़ीरो-सम गेम) के सिद्धांत से संबंधित है।

  1. A.केवल 1
  2. B.केवल 2
  3. C.1 और 2 दोनों
  4. D.न तो 1, न ही 2
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. केवल 1

व्याख्या

सही उत्तर है A, केवल 1। कथन 1 सही है और कथन 2 गलत। रेस टू ज़ीरो संयुक्त राष्ट्र समर्थित एक वैश्विक अभियान है, जो ग्लासगो की COP26 जलवायु वार्ता से पहले 2020 में शुरू हुआ। यह व्यवसायों, शहरों, क्षेत्रों, निवेशकों और विश्वविद्यालयों को जोड़ता है ताकि वे 2030 तक वैश्विक उत्सर्जन आधा करने और अधिक से अधिक 2050 तक नेट-ज़ीरो उत्सर्जन तक पहुंचने के लिए ठोस कदम उठाएं, जो तापमान वृद्धि को 1.5 डिग्री सेल्सियस तक सीमित रखने के पेरिस समझौते के लक्ष्य के अनुरूप है। कार्बन-मुक्त अर्थव्यवस्था की ओर बदलाव को गति देना ही इसका उद्देश्य है, इसलिए कथन 1 सही है। कथन 2 गलत है: नाम में ज़ीरो का अर्थ नेट-ज़ीरो कार्बन उत्सर्जन है, शून्य-योग खेल नहीं, जिसमें एक पक्ष का लाभ दूसरे का नुकसान होता है; जलवायु कार्रवाई सबके फायदे के लिए है। B गलत है, क्योंकि गलत कथन 2 ही है। C गलत है, यह गलत शून्य-योग कथन को भी मान लेता है। D गलत है, कथन 1 अभियान का सही वर्णन करता है। परीक्षा टिप: रेस टू ज़ीरो, UN समर्थित, 2020, 2030 तक उत्सर्जन आधा, 2050 तक नेट ज़ीरो।

Q25.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: NDA · NDA (II) 2023, 3 Sep 2023मध्यम

स्थलीय पारितंत्र में हरे पौधे अपनी पत्तियों पर पड़ने वाले सूर्य के प्रकाश को अवशोषित कर भोजन ऊर्जा में बदलते हैं। प्रकाश संश्लेषण के लिए सभी हरे पौधों द्वारा अवशोषित सौर विकिरण का प्रतिशत लगभग कितना है?

  1. A.1%
  2. B.5%
  3. C.8%
  4. D.10%
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. 1%

व्याख्या

सही उत्तर है A, 1%। हरे पौधे स्थलीय पारितंत्र के उत्पादक हैं, और एनसीईआरटी कक्षा 10 के अध्याय 'हमारा पर्यावरण' में लिखा है कि वे अपनी पत्तियों पर पड़ने वाले सूर्य के प्रकाश की ऊर्जा का लगभग 1 प्रतिशत ग्रहण करके प्रकाश संश्लेषण से भोजन ऊर्जा में बदलते हैं। बाकी प्रकाश परावर्तित हो जाता है, पत्ती से आर-पार निकल जाता है या ऊष्मा के रूप में खो जाता है। यही छोटा अंश हर खाद्य शृंखला का आधार है, और इसका भी केवल लगभग 10 प्रतिशत एक पोषण स्तर से अगले स्तर तक पहुँचता है, जिसे लिंडमैन का दस प्रतिशत नियम कहते हैं; इसीलिए खाद्य शृंखलाओं में प्रायः तीन-चार से अधिक कड़ियाँ नहीं होतीं और पारितंत्र में ऊर्जा का प्रवाह एक दिशा में होता है। B, 5%, C, 8% और D, 10% सभी बहुत अधिक हैं: 10 प्रतिशत पोषण स्तरों के बीच स्थानांतरित ऊर्जा का हिस्सा है, पौधों द्वारा ग्रहण किए गए सूर्य प्रकाश का नहीं, और छात्र अक्सर इन दोनों संख्याओं को मिला देते हैं। परीक्षा टिप: पौधे सूर्य प्रकाश का लगभग 1 प्रतिशत ग्रहण करते हैं; हर पोषण स्तर पर लगभग 10 प्रतिशत ऊर्जा आगे जाती है।

Q26.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: NDA · NDA (I) 2023, 16 Apr 2023आसान

निम्नलिखित में से कौन-सी मुख्य ग्रीनहाउस गैस नहीं है?

  1. A.जलवाष्प
  2. B.ऑक्सीजन
  3. C.कार्बन डाइऑक्साइड
  4. D.मीथेन
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. ऑक्सीजन

व्याख्या

सही उत्तर है B, ऑक्सीजन। ग्रीनहाउस गैस वह है जिसके अणु पृथ्वी की गर्म सतह से निकलने वाले दीर्घ-तरंग अवरक्त विकिरण को सोखकर उसका कुछ भाग वापस भेजते हैं, जिससे ग्रह लगभग 33 डिग्री सेल्सियस अधिक गर्म रहता है। ऐसा अवशोषण उन अणुओं में होता है जिनमें तीन या अधिक परमाणु हों, या दो अलग परमाणु हों, जो सही ढंग से कंपन कर सकें। ऑक्सीजन (O2) और नाइट्रोजन (N2), जो मिलकर हवा का 99 प्रतिशत हैं, दो समान परमाणुओं से बनी हैं, अवरक्त विकिरण नहीं सोखतीं और इसलिए सबसे अधिक मात्रा में होने के बावजूद ग्रीनहाउस गैस नहीं हैं। A, जलवाष्प, ग्रीनहाउस प्रभाव में सबसे बड़ा प्राकृतिक योगदान देती है। C, कार्बन डाइऑक्साइड, कोयला, तेल और गैस जलाने से मनुष्य द्वारा जोड़ी जाने वाली मुख्य ग्रीनहाउस गैस है और ग्लोबल वार्मिंग क्षमता की संदर्भ गैस है। D, मीथेन, सौ वर्ष में कार्बन डाइऑक्साइड से लगभग 28 गुना अधिक गर्मी रोकती है और धान के खेतों, पशुओं और कूड़े के ढेरों से निकलती है। परीक्षा टिप: मुख्य ग्रीनहाउस गैसें: जलवाष्प, CO2, मीथेन, नाइट्रस ऑक्साइड, ओज़ोन, CFC; N2 और O2 नहीं।

Q27.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: SSC MTS · 20 Jun 2023, Shift 1मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा भारत का बायोस्फीयर रिजर्व नहीं है?

  1. A.कोल्ड डेजर्ट
  2. B.सुंदरबन
  3. C.गिर वन
  4. D.नीलगिरि
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. गिर वन

व्याख्या

सही उत्तर है C, गिर वन। गुजरात का गिर एक राष्ट्रीय उद्यान और वन्यजीव अभयारण्य है, जो एशियाई शेरों के एकमात्र घर के रूप में प्रसिद्ध है, लेकिन इसे कभी बायोस्फीयर रिजर्व घोषित नहीं किया गया। बायोस्फीयर रिजर्व कहीं बड़ा क्षेत्र होता है, जिसे यूनेस्को के मानव और जीवमंडल कार्यक्रम के तहत अधिसूचित किया जाता है; इसमें संरक्षित कोर क्षेत्र, बफर क्षेत्र और संक्रमण क्षेत्र होते हैं, जहां लोग रहते और काम करते हैं। भारत की सूची 1986 में नीलगिरि से शुरू हुई और 2011 में जुड़ा मध्य प्रदेश का पन्ना अठारहवां था। A गलत है क्योंकि कोल्ड डेजर्ट बायोस्फीयर रिजर्व 2009 में हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति क्षेत्र में बनाया गया। B गलत है क्योंकि पश्चिम बंगाल का सुंदरबन, जो रॉयल बंगाल टाइगर और मैंग्रोव का घर है, 1989 में बायोस्फीयर रिजर्व बना और यूनेस्को के विश्व नेटवर्क में है। D गलत है क्योंकि तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक में फैला नीलगिरि बायोस्फीयर रिजर्व 1986 में घोषित भारत का पहला बायोस्फीयर रिजर्व था। परीक्षा टिप: नीलगिरि पहला (1986), सुंदरबन 1989, कोल्ड डेजर्ट 2009; गिर = शेर, राष्ट्रीय उद्यान, बायोस्फीयर रिजर्व नहीं।

Q28.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: SSC CHSL · 11 Aug 2023, Shift 3कठिन

2009 में भारत का 16वाँ जीवमंडल रिज़र्व किसे घोषित किया गया, जो लाल लोमड़ी, ब्लू रॉक पिजन और लैमरगेयर के संरक्षण के लिए जाना जाता है?

  1. A.शीत मरुस्थल (कोल्ड डेज़र्ट)
  2. B.शेषाचलम
  3. C.अगस्त्यमलाई
  4. D.देहांग-देबांग
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. शीत मरुस्थल (कोल्ड डेज़र्ट)

व्याख्या

सही उत्तर है A, शीत मरुस्थल (कोल्ड डेज़र्ट)। हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति क्षेत्र का शीत मरुस्थल जीवमंडल रिज़र्व 2009 में अधिसूचित हुआ और यह भारत का 16वाँ जीवमंडल रिज़र्व है। इसमें पिन वैली राष्ट्रीय उद्यान, किब्बर वन्यजीव अभयारण्य और चंद्रताल व सरचू की ऊँचाई वाली आर्द्रभूमियाँ आती हैं; यह 3,000 मीटर से ऊपर का पार-हिमालयी इलाका है जहाँ बहुत कम बारिश होती है। यहाँ के वन्यजीवों में हिम तेंदुआ, हिमालयी आइबेक्स, लाल लोमड़ी, नीला कबूतर (ब्लू रॉक पिजन) और लैमरगेयर यानी दाढ़ी वाला गिद्ध शामिल हैं, वह पक्षी जो हड्डियाँ ऊँचाई से गिराकर उनका मज्जा खाता है। विकल्प B गलत है क्योंकि आंध्र प्रदेश का शेषाचलम, जो लाल चंदन के लिए प्रसिद्ध है, 2010 में 17वें रिज़र्व के रूप में बाद में आया। विकल्प C गलत है क्योंकि केरल-तमिलनाडु सीमा पर अगस्त्यमलाई 2001 में अधिसूचित हुआ। विकल्प D गलत है क्योंकि अरुणाचल प्रदेश का देहांग-देबांग 1998 का है। परीक्षा टिप: सूची के अंत का क्रम है शीत मरुस्थल 2009 (16वाँ), शेषाचलम 2010 (17वाँ), पन्ना 2011 (18वाँ); पहला नीलगिरि 1986 में था।

Q29.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: RRB ग्रुप D · 23 Aug 2022, Shift 1आसान

निम्नलिखित में से कौन ओजोन परत के क्षय का परिणाम नहीं है?

  1. A.सुनामी
  2. B.त्वचा कैंसर
  3. C.पृथ्वी पर सूर्य से अधिक पराबैंगनी किरणें पहुँचना
  4. D.प्रतिरक्षा अक्षमता संबंधी विकार
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. सुनामी

व्याख्या

सही उत्तर है A, सुनामी। सुनामी समुद्र के नीचे आए भूकंप, ज्वालामुखी विस्फोट अथवा समुद्री तल पर भूस्खलन से उत्पन्न होती है, इसका ओजोन परत से कोई संबंध नहीं है।

ओजोन परत समतापमंडल में धरातल से लगभग 15 से 35 किलोमीटर की ऊँचाई पर स्थित है और सूर्य की हानिकारक पराबैंगनी विकिरण का बड़ा भाग सोख लेती है। रेफ्रिजरेटर, वातानुकूलन यंत्र तथा एयरोसोल स्प्रे में प्रयुक्त क्लोरोफ्लोरो कार्बन से निकलने वाली क्लोरीन ओजोन को नष्ट करती है, इसी कारण 1987 के मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल के अंतर्गत इनका उपयोग समाप्त किया गया। विश्व ओजोन दिवस 16 सितंबर को मनाया जाता है।

विकल्प B वास्तविक परिणाम है, क्योंकि अतिरिक्त पराबैंगनी विकिरण त्वचा कोशिकाओं को हानि पहुँचाकर त्वचा कैंसर का खतरा बढ़ाता है। विकल्प C वास्तविक परिणाम है, क्योंकि पतली परत से अधिक पराबैंगनी किरणें पृथ्वी तक पहुँचती हैं। विकल्प D वास्तविक परिणाम है, क्योंकि पराबैंगनी विकिरण प्रतिरक्षा तंत्र को कमजोर करता है तथा मोतियाबिंद, फसलों और प्लवक को भी हानि पहुँचाता है।

परीक्षा टिप: ओजोन क्षय से त्वचा कैंसर, मोतियाबिंद और कमजोर प्रतिरक्षा; सुनामी समुद्र तल से आती है।

Q30.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: SSC CGL · 20 April 2022, Shift 3कठिन

भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) (IS-10500 : 2012) के अनुसार पेयजल में गंदलापन की अधिकतम अनुमेय सीमा क्या है?

  1. A.5 NTU
  2. B.1 NTU
  3. C.3 NTU
  4. D.7 NTU
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. 5 NTU

व्याख्या

सही उत्तर है A, 5 NTU। भारतीय मानक ब्यूरो के पेयजल मानक IS 10500:2012 के अनुसार गंदलापन की स्वीकार्य सीमा 1 NTU है और किसी वैकल्पिक स्रोत के अभाव में अधिकतम अनुमेय सीमा 5 NTU है। गंदलापन जल में निलंबित चिकनी मिट्टी, गाद और कार्बनिक पदार्थ से आने वाला धुँधलापन है, और इसे नेफेलोमेट्रिक टर्बिडिटी यूनिट में इस आधार पर मापा जाता है कि नमूना प्रकाश को कितना बगल की ओर बिखेरता है। इसे कम रखा जाता है, क्योंकि निलंबित कण जीवाणुओं और विषाणुओं को क्लोरीन से बचा लेते हैं और कीटाणुशोधन को कमजोर कर देते हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि 1 NTU स्वीकार्य सीमा है, अधिकतम अनुमेय सीमा नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि 3 NTU मानक के किसी भी स्तंभ में नहीं आता। विकल्प D गलत है, क्योंकि 7 NTU मानक की अनुमति से अधिक है। परीक्षा टिप: IS 10500:2012 में जोड़ी याद रखें — गंदलापन स्वीकार्य 1 NTU और अनुमेय 5 NTU, तथा pH 6.5 से 8.5 के बीच।

Q31.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: दिल्ली · DSSSB PRT, 7 Mar 2022, Shift 1आसान

हर घर में छत पर वर्षा जल संचयन ढाँचा बनाना अनिवार्य करने वाला भारत का पहला राज्य कौन-सा है?

  1. A.केरल
  2. B.गुजरात
  3. C.राजस्थान
  4. D.तमिलनाडु
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. तमिलनाडु

व्याख्या

सही उत्तर है D, तमिलनाडु। तमिलनाडु भारत का पहला राज्य है जिसने पूरे राज्य में सभी घरों और इमारतों के लिए छत पर वर्षा जल संचयन ढाँचा अनिवार्य किया; इसके लिए 2003 में कानून लाया गया। यह राज्य उत्तर-पूर्वी मानसून और भूजल पर बहुत निर्भर है, और चेन्नई को पानी की भारी कमी झेलनी पड़ी, इसलिए छत के पानी को इकट्ठा करके ज़मीन में उतारना प्राथमिकता बन गया। इसमें छतों से बारिश का पानी टंकियों में जमा किया जाता है या कुओं और जलभृतों को रिचार्ज करने में लगाया जाता है, जिससे भूजल स्तर ऊपर आता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि केरल में भारी वर्षा होती है और वहाँ संचयन को बढ़ावा दिया गया, पर हर घर के लिए इसे अनिवार्य करने वाला वह पहला राज्य नहीं था। विकल्प B गलत है, क्योंकि गुजरात चेक डैम और दूसरे जल कार्यों के लिए जाना जाता है, इस पहले कानून के लिए नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि राजस्थान बीकानेर और फलोदी के टांकों जैसे पारंपरिक संचयन के लिए प्रसिद्ध है, इस पहले कानून के लिए नहीं। परीक्षा टिप: तमिलनाडु छत पर वर्षा जल संचयन अनिवार्य करने वाला पहला राज्य है (2003); टांका राजस्थान के पारंपरिक भूमिगत टैंक हैं।

Q32.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: RRB ग्रुप D · 28 Sep 2022, Shift 2मध्यम

भौगोलिक क्षेत्रफल की दृष्टि से भारत का सबसे बड़ा बायोस्फीयर रिज़र्व निम्नलिखित में से कौन-सा है?

  1. A.सुंदरबन
  2. B.मन्नार की खाड़ी
  3. C.कच्छ
  4. D.नंदा देवी
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. कच्छ

व्याख्या

सही उत्तर है C, कच्छ। गुजरात का कच्छ बायोस्फीयर रिज़र्व, जो 2008 में अधिसूचित हुआ, लगभग 12,454 वर्ग किलोमीटर में फैला है और क्षेत्रफल में भारत का सबसे बड़ा बायोस्फीयर रिज़र्व है। इसमें कच्छ का बड़ा रण और छोटा रण शामिल हैं, जो नमक के दलदल हैं और मानसून में पानी से भर जाते हैं; यहाँ भारतीय जंगली गधा (घुड़खर), फ्लेमिंगो के प्रजनन स्थल और रेगिस्तानी लोमड़ी पाए जाते हैं। भारत का पहला बायोस्फीयर रिज़र्व नीलगिरि है, जो 1986 में तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक में फैले क्षेत्र में बना। A गलत है क्योंकि पश्चिम बंगाल का सुंदरबन रिज़र्व लगभग 9,630 वर्ग किलोमीटर का है। B गलत है क्योंकि तमिलनाडु का मन्नार की खाड़ी रिज़र्व लगभग 10,500 वर्ग किलोमीटर का है। D गलत है क्योंकि उत्तराखंड का नंदा देवी रिज़र्व लगभग 5,860 वर्ग किलोमीटर का है। परीक्षा टिप: क्षेत्रफल में सबसे बड़ा बायोस्फीयर रिज़र्व = कच्छ (गुजरात); पहला = नीलगिरि (1986); इसे सबसे बड़े राष्ट्रीय उद्यान, लद्दाख के हेमिस, से न मिलाएँ।

Q33.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: RRB ग्रुप D · 16 Sep 2022, Shift 2आसान

निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प अपशिष्ट प्रबंधन के 3 R में शामिल नहीं है?

  1. A.रिफ्यूज़ (Refuse)
  2. B.रिसाइकल (Recycle)
  3. C.रिड्यूस (Reduce)
  4. D.रियूज़ (Reuse)
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. रिफ्यूज़ (Refuse)

व्याख्या

सही उत्तर है A, रिफ्यूज़ (Refuse)। अपशिष्ट प्रबंधन के 3 R हैं Reduce (कम करना), Reuse (फिर से उपयोग) और Recycle (पुनर्चक्रण); Refuse इनमें नहीं है। Reduce का मतलब है शुरू में ही कम कचरा बनाना, जैसे कम पैकेट वाला सामान खरीदना और बिजली बचाने के लिए लाइट बंद करना। Reuse का मतलब है किसी चीज़ को दोबारा काम में लेना, जैसे बोतल को फिर से भरना या पुराने कपड़ों से थैले बनाना। Recycle का मतलब है कागज़, काँच, धातु और प्लास्टिक जैसे कचरे को नए उत्पाद बनाने के लिए भेजना। NCERT इन तीनों को इसी क्रम में देती है और क्रम मायने रखता है: कम करना सबसे अच्छा विकल्प है और पुनर्चक्रण अंतिम उपाय, क्योंकि उसमें भी ऊर्जा लगती है। कुछ नई सूचियाँ Refuse और Repurpose जोड़कर 5 R बनाती हैं, पर पेपर 3 R के बारे में पूछता है। B गलत है क्योंकि पुनर्चक्रण तीनों में से एक है। C गलत है क्योंकि कम करना पहला R है। D गलत है क्योंकि फिर से उपयोग दूसरा R है। परीक्षा टिप: 3 R = Reduce, Reuse, Recycle, प्राथमिकता के इसी क्रम में।

Q34.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: SSC CPO · 10 Nov 2022, Shift 2आसान

किसी पारितंत्र में अलग-अलग स्तरों पर रहने वाली विभिन्न प्रजातियों के ऊर्ध्वाधर वितरण को ______ कहते हैं।

  1. A.समतलन
  2. B.समूहन
  3. C.शाखन
  4. D.स्तरीकरण
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. स्तरीकरण

व्याख्या

सही उत्तर है D, स्तरीकरण। इसका अर्थ है पारितंत्र की ऊपर से नीचे तक परतें, जिनमें हर परत में अपनी प्रजातियाँ रहती हैं। NCERT का उदाहरण वन है: ऊँचे पेड़ सबसे ऊपरी परत बनाते हैं, झाड़ियाँ दूसरी और शाक व घास सबसे निचली परत, और हर परत को प्रकाश, गर्मी और नमी अलग मात्रा में मिलती है। उष्णकटिबंधीय वर्षावन में सबसे अधिक परतें होती हैं, जैसे ऊपर उभरे पेड़, वितान (कैनोपी), निचली परत और वन भूमि, और पक्षी, बंदर व कीट भी तय ऊँचाइयों पर रहते हैं। झीलों में भी स्तरीकरण होता है, ऊपर गर्म परत और नीचे ठंडी परत। स्तरीकरण से कई प्रजातियाँ बिना सीधी प्रतिस्पर्धा के एक ही जगह साझा कर पाती हैं। A गलत है क्योंकि समतलन पारिस्थितिकी में ऊर्ध्वाधर परतों के लिए प्रयुक्त शब्द नहीं है। B गलत है क्योंकि समूहन का अर्थ केवल चीज़ों को साथ रखना है, इसमें ऊँचाई की बात नहीं। C गलत है क्योंकि शाखन का अर्थ शाखाओं में बँटना है, प्रजातियों की परतें नहीं। परीक्षा टिप: पारितंत्र में ऊर्ध्वाधर परतें = स्तरीकरण; ऊपर से नीचे पेड़, झाड़ियाँ, शाक।

Q35.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: SSC CHSL · 24 May 2022, Shift 1आसान

शेषाचलम जीवमंडल रिज़र्व भारत के किस राज्य में स्थित है?

  1. A.तमिलनाडु
  2. B.कर्नाटक
  3. C.केरल
  4. D.आंध्र प्रदेश
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. आंध्र प्रदेश

व्याख्या

सही उत्तर है D, आंध्र प्रदेश। शेषाचलम जीवमंडल रिज़र्व दक्षिणी आंध्र प्रदेश में पूर्वी घाट की शेषाचलम पहाड़ियों में, पुराने चित्तूर और कडपा जिलों में फैला है, और 2010 में भारत के 17वें जीवमंडल रिज़र्व के रूप में अधिसूचित हुआ। भगवान वेंकटेश्वर का तिरुमला मंदिर इन्हीं पहाड़ियों पर है, और रिज़र्व में श्री वेंकटेश्वर राष्ट्रीय उद्यान शामिल है। यह लाल चंदन के लिए प्रसिद्ध है, वह कीमती लाल लकड़ी वाला पेड़ जो दुनिया में लगभग कहीं और नहीं मिलता, और यहाँ स्लेंडर लोरिस, गोल्डन गेको और भारतीय विशाल गिलहरी रहते हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि तमिलनाडु के जीवमंडल रिज़र्व मन्नार की खाड़ी और नीलगिरि व अगस्त्यमलाई में उसका हिस्सा हैं। विकल्प B गलत है क्योंकि कर्नाटक का एकमात्र जीवमंडल रिज़र्व नीलगिरि का उसका भाग है। विकल्प C गलत है क्योंकि केरल नीलगिरि और अगस्त्यमलाई में हिस्सेदार है, पर वहाँ कोई शेषाचलम नहीं। परीक्षा टिप: शेषाचलम = आंध्र प्रदेश, लाल चंदन, तिरुमला पहाड़ियाँ, 2010 में 17वें रिज़र्व के रूप में अधिसूचित।

Q36.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: SSC CGL · 13 Apr 2022, Shift 3कठिन

क्षेत्रीय कार्यों और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से सभी आर्द्रभूमियों के संरक्षण और विवेकपूर्ण उपयोग को बढ़ावा देने वाला रामसर अभिसमय भारत में निम्नलिखित में से किस वर्ष लागू हुआ?

  1. A.1982
  2. B.1980
  3. C.1989
  4. D.1990
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. 1982

व्याख्या

सही उत्तर है A, 1982। रामसर अभिसमय भारत के लिए 1 फरवरी 1982 को लागू हुआ, यही वह तारीख है जब भारत का इसमें शामिल होना प्रभावी हुआ। यह संधि 2 फरवरी 1971 को कैस्पियन सागर के किनारे ईरान के रामसर शहर में हस्ताक्षरित हुई थी और 1975 में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लागू हुई; इसीलिए 2 फरवरी को विश्व आर्द्रभूमि दिवस मनाया जाता है। यह एक ही प्रकार के पारिस्थितिकी तंत्र को समर्पित एकमात्र वैश्विक अभिसमय है, और इसके तहत सूचीबद्ध स्थल रामसर स्थल या अंतरराष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमि कहलाते हैं। भारत के पहले दो स्थल, ओडिशा की चिल्का झील और राजस्थान का केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान, 1 अक्टूबर 1981 को घोषित हुए, यानी देश में अभिसमय लागू होने से ठीक पहले। इसलिए तीन साल अलग-अलग याद रखें: 1971 हस्ताक्षर, 1975 विश्व में लागू, 1982 भारत में लागू। B, 1980, वन (संरक्षण) अधिनियम का साल है, रामसर का नहीं। C, 1989, और D, 1990, का भारत में इस अभिसमय से कोई संबंध नहीं। परीक्षा टिप: रामसर 1971, आर्द्रभूमि, ईरान; भारत 1982 में जुड़ा; चिल्का और केवलादेव पहले स्थल।

Q37.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: CTET · CTET Jan 2021 Paper 2 (Social Studies) (आसान

बायोगैस मुख्यतः किसका मिश्रण है?

  1. A.मेथेन और हाइड्रोजन
  2. B.मेथेन और हीलियम
  3. C.मेथेन और कार्बन डाइऑक्साइड
  4. D.मेथेन और नाइट्रोजन
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. मेथेन और कार्बन डाइऑक्साइड

व्याख्या

सही उत्तर है C, मेथेन और कार्बन डाइऑक्साइड। बायोगैस तब बनती है जब गोबर, फ़सल अवशेष और मलजल को हवा रहित बंद टंकी में जीवाणुओं द्वारा विघटित किया जाता है, इस प्रक्रिया को अवायवीय पाचन कहते हैं। इसमें जो गैस इकट्ठी होती है उसमें लगभग 55 से 70 प्रतिशत मेथेन होती है और शेष का बड़ा भाग कार्बन डाइऑक्साइड होता है, साथ में हाइड्रोजन सल्फाइड और जलवाष्प की थोड़ी मात्रा। जलने वाला भाग मेथेन है, इसीलिए बायोगैस साफ़ नीली लौ देती है और गाँवों में खाना पकाने तथा रोशनी के लिए काम आती है; बची हुई कीचड़ अच्छी खाद बनती है। इस प्रकार गोबर गैस संयंत्र अपशिष्ट से एक ही समय में ईंधन और खाद, दोनों देता है। A गलत है क्योंकि हाइड्रोजन बायोगैस का मुख्य घटक नहीं है। B गलत है क्योंकि हीलियम निष्क्रिय गैस है, जिसे कोई जीवाणु नहीं बनाता। D गलत है क्योंकि नाइट्रोजन केवल अल्प मात्रा में होती है और जलती नहीं। परीक्षा टिप: बायोगैस = मुख्यतः मेथेन + कार्बन डाइऑक्साइड, अवायवीय पाचन से, बची कीचड़ खाद।

Q38.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 18 Nov 2021, Shift 1कठिन

निम्नलिखित में से किस स्थान पर गिद्ध संरक्षण एवं प्रजनन केंद्र स्थित है?

  1. A.पुष्कर
  2. B.पिंजौर
  3. C.रामपुर
  4. D.आगरा
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. पिंजौर

व्याख्या

सही उत्तर है B, पिंजौर। भारत का पहला गिद्ध प्रजनन केंद्र, जटायु संरक्षण प्रजनन केंद्र, 2001 में हरियाणा के पंचकूला जिले के पिंजौर में स्थापित किया गया। इसकी आवश्यकता तब पड़ी जब 1990 के दशक में सफेद पीठ वाले, लंबी चोंच वाले और पतली चोंच वाले गिद्धों की संख्या नब्बे प्रतिशत से अधिक घट गई। इसका कारण डाइक्लोफेनाक था, जो मवेशियों को दी जाने वाली दर्द निवारक दवा है और शवों को खाने वाले गिद्धों में गुर्दे की विफलता कर देती थी; भारत में 2006 में इसके पशु चिकित्सा उपयोग पर प्रतिबंध लगा। यह केंद्र इन तीनों गंभीर संकटग्रस्त प्रजातियों का बंदी प्रजनन कराकर उन्हें जंगल में छोड़ता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि राजस्थान का पुष्कर अपनी झील और ब्रह्मा मंदिर के लिए जाना जाता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि उत्तर प्रदेश के रामपुर में ऐसा कोई केंद्र नहीं है, हालाँकि असम के रानी में एक गिद्ध केंद्र है। विकल्प D गलत है, क्योंकि आगरा ताजमहल और भालू बचाव केंद्र के लिए जाना जाता है। परीक्षा टिप: गिद्धों के लिए हरियाणा का पिंजौर, और उनकी गिरावट का कारण डाइक्लोफेनाक।

Q39.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: राजस्थान · RPSC RAS Pre, 27 Oct 2021मध्यम

बायोमास का एक उल्टा पिरामिड किस पारिस्थितिकी तंत्र में पाया जा सकता है?

  1. A.घास का मैदान
  2. B.समुद्री
  3. C.टुंड्रा
  4. D.वन
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. समुद्री

व्याख्या

सही उत्तर है B, समुद्री। समुद्र में उत्पादक सूक्ष्म पादप प्लवक (फाइटोप्लैंकटन) होते हैं। किसी भी समय उनका कुल द्रव्यमान उन्हें खाने वाले जंतु प्लवक और मछलियों के द्रव्यमान से कम होता है, इसलिए बायोमास का पिरामिड उल्टा बनता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि पादप प्लवक बहुत तेज़ी से बढ़ते और विभाजित होते हैं और लगभग उतनी ही तेज़ी से खा भी लिए जाते हैं, इसलिए उनका छोटा खड़ा भंडार भी उपभोक्ताओं के बड़े द्रव्यमान को पाल लेता है। लेकिन ऊर्जा का पिरामिड हर पारिस्थितिकी तंत्र में हमेशा सीधा रहता है, क्योंकि हर स्तर पर ऊर्जा ऊष्मा बनकर खोती है और केवल लगभग 10 प्रतिशत ही अगले स्तर तक पहुँचती है। विकल्प A गलत है, क्योंकि घास के मैदान में घास का द्रव्यमान चरने वाले जानवरों से कहीं अधिक होता है, इसलिए पिरामिड सीधा बनता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि टुंड्रा में भी पौधों का द्रव्यमान जानवरों से अधिक है। विकल्प D गलत है, क्योंकि वन में विशाल पेड़ बायोमास का बड़ा आधार देते हैं, इसलिए वहाँ बायोमास का पिरामिड सीधा होता है, भले ही संख्या का पिरामिड उल्टा हो सकता है। परीक्षा टिप: पेड़ वाले तंत्र में संख्या, समुद्र में बायोमास उल्टा, पर ऊर्जा कभी नहीं।

Q40.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · Prelims GS Paper I, 10 Oct 2021मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-से अपरदाहारी (detritivores) हैं?

1. केंचुए

2. जेलीफ़िश

3. मिलीपीड

4. समुद्री घोड़े

5. वुडलाइस

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।

  1. A.केवल 1, 2 और 4
  2. B.केवल 2, 3, 4 और 5
  3. C.केवल 1, 3 और 5
  4. D.1, 2, 3, 4 और 5
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. केवल 1, 3 और 5

व्याख्या

सही उत्तर है C, केवल 1, 3 और 5। केंचुए, मिलीपीड और वुडलाइस मृत पौधों और जीवों के अवशेष, यानी अपरद, खाते हैं, इसलिए ये अपरदाहारी हैं। अपरदाहारी मृत पत्तियों और शरीरों को छोटे टुकड़ों में तोड़ते हैं, जिससे बैक्टीरिया और कवक जैसे अपघटकों का काम तेज होता है, जो अपघटन पूरा कर पोषक तत्व मिट्टी में लौटाते हैं। केंचुए सड़ती पत्तियाँ और मिट्टी खाते हैं, मिलीपीड जंगल की जमीन पर पड़ी पत्तियाँ चबाते हैं, और वुडलाइस लकड़ियों के नीचे रहने वाले छोटे स्थलीय क्रस्टेशियन हैं जो सड़ी लकड़ी खाते हैं। मुख्य अंतर यह है कि अपरदाहारी अपरद निगलते हैं, जबकि अपघटक उसे शरीर के बाहर पचाते हैं। जेलीफ़िश (2) गलत है, क्योंकि यह डंक मारकर प्लवक और छोटी मछलियाँ खाने वाली मांसाहारी है। समुद्री घोड़े (4) गलत हैं, क्योंकि वे छोटे जीवित क्रस्टेशियन चूसकर खाते हैं। इसलिए जेलीफ़िश या समुद्री घोड़े वाले विकल्प A, B और D गलत हैं। परीक्षा टिप: केंचुआ, मिलीपीड, वुडलाइस और गोबर भृंग अपरदाहारी; बैक्टीरिया और कवक अपघटक।