निम्नलिखित में से कौन-सा एक खाद्य शृंखला बनाता है?
- A.घास, मछली और बकरी
- B.घास, कीट और मेंढक
- C.बकरी, गाय और हाथी
- D.बाघ, शेर और घास
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है B, घास, कीट और मेंढक। यही एकमात्र समूह है जिसमें हर जीव अपने से पहले वाले को खाता है, इसलिए ऊर्जा एक सीधी कड़ी में आगे बढ़ती है।
खाद्य शृंखला हमेशा उत्पादक से शुरू होती है, यानी वह हरा पौधा जो प्रकाश-संश्लेषण से भोजन बनाता है। पौधे को खाने वाले शाकाहारी प्राथमिक उपभोक्ता होते हैं और उन्हें खाने वाले जीव द्वितीयक उपभोक्ता। विकल्प B में घास उत्पादक है, टिड्डे जैसे कीट घास खाते हैं और मेंढक उन कीटों को पकड़कर खाता है। हर कड़ी एक पोषी स्तर है और एक स्तर से अगले स्तर तक लगभग दस प्रतिशत ऊर्जा ही पहुँचती है।
विकल्प A गलत है, क्योंकि बकरी मछली नहीं खाती। विकल्प C गलत है, क्योंकि बकरी, गाय और हाथी तीनों शाकाहारी हैं और कोई किसी को नहीं खाता। विकल्प D गलत है, क्योंकि बाघ और शेर घास नहीं खाते और शेर बाघ का शिकार नहीं करता।
Exam tip: उत्पादक, फिर शाकाहारी, फिर मांसाहारी; घास, कीट, मेंढक, साँप, बाज सबसे प्रचलित उदाहरण है।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंपर्यावरण संरक्षण एजेंसी (EPA) के अनुसार, निम्नलिखित में से कौन-सा सल्फर डाइऑक्साइड उत्सर्जन का सबसे बड़ा स्रोत है?
- A.जीवाश्म ईंधन का प्रयोग करने वाले रेल इंजन
- B.जीवाश्म ईंधन का प्रयोग करने वाले जहाज
- C.अयस्कों से धातुओं का निष्कर्षण
- D.जीवाश्म ईंधन का प्रयोग करने वाले बिजली संयंत्र
उत्तर देखें
EPA के अनुसार बिजली संयंत्रों और अन्य औद्योगिक इकाइयों में जीवाश्म ईंधन जलाना सल्फर डाइऑक्साइड का सबसे बड़ा स्रोत है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →जलीय पर्यावरण में स्वतंत्र रूप से तैरने वाले बड़े (आँख से दिखने वाले) जंतुओं को क्या कहा जाता है?
- A.प्लवक (प्लैंकटन)
- B.परिपादप (पेरीफाइटन)
- C.नितलस्थ जीव (बेन्थोस)
- D.तरणक (नेक्टन)
उत्तर देखें
नेक्टन वे जंतु हैं जो बिना सूक्ष्मदर्शी के दिखने जितने बड़े होते हैं, सक्रिय रूप से तैरते हैं और जल-धारा के विपरीत भी चल सकते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →वायु प्रदूषण घटाने के लिए कृत्रिम रूप से वर्षा कराने में किसका उपयोग होता है?
- A.सिल्वर आयोडाइड और पोटैशियम आयोडाइड
- B.सिल्वर नाइट्रेट और पोटैशियम आयोडाइड
- C.सिल्वर आयोडाइड और पोटैशियम नाइट्रेट
- D.सिल्वर नाइट्रेट और पोटैशियम क्लोराइड
उत्तर देखें
कृत्रिम वर्षा यानी क्लाउड सीडिंग में यही लवण आम तौर पर प्रयोग होते हैं। क्लाउड सीडिंग में नमी वाले बादलों में विमान, रॉकेट या ज़मीनी जनरेटर से बहुत छोटे कण छिड़के जाते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2016 के अनुसार, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- A.अपशिष्ट उत्पन्न करने वाले को अपशिष्ट को पाँच श्रेणियों में अलग करना होता है।
- B.ये नियम केवल अधिसूचित नगरीय स्थानीय निकायों, अधिसूचित नगरों और सभी औद्योगिक बस्तियों पर लागू होते हैं।
- C.ये नियम भराव क्षेत्रों और अपशिष्ट प्रसंस्करण सुविधाओं के स्थलों की पहचान के लिए सटीक और विस्तृत मानदंड देते हैं।
- D.अपशिष्ट उत्पन्न करने वाले के लिए यह अनिवार्य है कि एक ज़िले में उत्पन्न अपशिष्ट दूसरे ज़िले में न ले जाया जाए।
उत्तर देखें
2016 के नियम भराव क्षेत्रों और अपशिष्ट प्रसंस्करण सुविधाओं के स्थल चुनने के लिए विस्तृत मानदंड तय करते हैं। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2016 पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 के तहत बने और इन्होंने 2000 के नगरपालिका ठोस अपशिष्ट नियमों का स्थान लिया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →जैविक ऑक्सीजन माँग (BOD) किसके लिए एक मानक कसौटी है?
- A.रक्त में ऑक्सीजन स्तर मापने
- B.वन पारितंत्रों में ऑक्सीजन स्तर की गणना करने
- C.जलीय पारितंत्रों में प्रदूषण आकलन
- D.अधिक ऊँचाई वाले क्षेत्रों में ऑक्सीजन स्तर के आकलन
उत्तर देखें
BOD बताता है कि किसी जल में कितना कार्बनिक प्रदूषण है। जैविक या जैव-रासायनिक ऑक्सीजन माँग घुली हुई ऑक्सीजन की वह मात्रा है जिसे वायवीय सूक्ष्मजीव पानी के नमूने के कार्बनिक पदार्थ को तोड़ने में खर्च करते हैं।
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