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स्वच्छ वायु दिवस 2026: 5वें स्वच्छ वायु सर्वेक्षण पुरस्कार प्रदान

पर्यावरण मंत्रालय ने स्वच्छ वायु दिवस 2026 पर 5वें स्वच्छ वायु सर्वेक्षण के पुरस्कार दिए और एनसीएपी की सर्वोत्तम पद्धतियों का संकलन जारी किया।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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स्वच्छ वायु दिवस 2026: 5वें स्वच्छ वायु सर्वेक्षण पुरस्कार प्रदान

चर्चा में क्यों

7 सितंबर 2026 को, जो स्वच्छ आकाश के लिए अंतरराष्ट्रीय स्वच्छ वायु दिवस है, पर्यावरण मंत्रालय ने स्वच्छ वायु दिवस मनाया और राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के अंतर्गत सर्वश्रेष्ठ शहरों तथा वार्डों को 5वें स्वच्छ वायु सर्वेक्षण के पुरस्कार प्रदान किए।

पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने 7 सितंबर 2026 को स्वच्छ वायु दिवस 2026 का आयोजन किया। यही तिथि स्वच्छ आकाश के लिए अंतरराष्ट्रीय स्वच्छ वायु दिवस भी है। राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण के अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव मुख्य अतिथि रहे और उन्होंने कार्यक्रम की अध्यक्षता की।

किसने क्या कहा

न्यायमूर्ति श्रीवास्तव ने कहा कि स्वच्छ वायु मूलभूत आवश्यकता है, विलासिता नहीं। उन्होंने कहा कि विकास और पर्यावरण संरक्षण साथ-साथ चल सकते हैं। उन्होंने वायु प्रदूषण को कठिन चुनौती बताया, क्योंकि यह राजनीतिक सीमाएं नहीं देखता और इसके स्रोत अनेक हैं; उन्होंने शहरी तथा ग्रामीण स्थानीय निकायों को अग्रिम पंक्ति की संस्थाएं बताया। मंत्रालय के सचिव श्री तन्मय कुमार ने कहा कि वायु प्रदूषण से लड़ाई सतत कार्यक्रम है और इसके लिए मिशन मोड में नागरिकों का आंदोलन चाहिए। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के अध्यक्ष श्री राजेश वर्मा और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष श्री अमनदीप गर्ग भी उपस्थित रहे।

पुरस्कार कैसे तय हुए

स्वच्छ वायु सर्वेक्षण का ढांचा 2022-23 में जारी हुआ था। इसमें शहर को सड़क की धूल, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, वाहन उत्सर्जन, औद्योगिक प्रदूषण, निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट, डीजी सेट जैसे अन्य उत्सर्जन तथा जागरूकता कार्यों पर अंक मिलते हैं। एनसीएपी के सभी 130 शहरों ने भाग लिया, जिन्हें जनसंख्या के आधार पर तीन समूहों में बांटा गया: तीन लाख से कम, तीन से दस लाख, और दस लाख से अधिक। पहले शहरों ने स्वयं मूल्यांकन किया, फिर राज्य स्तरीय निगरानी समिति ने मंजूरी दी, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने आकलन किया, स्वतंत्र समितियों ने मौके पर सत्यापन किया और अंत में दस सर्वश्रेष्ठ शहर चुने गए।

एनसीएपी की उपलब्धियां

मानकआंकड़ा
एनसीएपी के शहर24 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 130 शहर
प्रदर्शन आधारित अनुदान130 शहरों को 16,425 करोड़ रुपये
पीएम10 में सुधार वाले शहर108
पीएम10 में 20 प्रतिशत से अधिक कमी72 शहर
40 प्रतिशत से अधिक कमी26 शहर
एनएएक्यूएस पूरा करने वाले शहर14

ये सभी उपलब्धियां 2025-26 की तुलना वित्त वर्ष 2017-18 के स्तरों से करके निकाली गई हैं। प्राण पोर्टल इन 130 शहरों के वायु गुणवत्ता प्रबंधन पर नजर रखता है। इस अवसर पर एनसीएपी के अंतर्गत सर्वोत्तम प्रबंधन पद्धतियों का संकलन भी जारी किया गया, ताकि एक शहर का सफल उपाय दूसरा शहर अपना सके।

महत्वपूर्ण तथ्य

अवसरस्वच्छ वायु दिवस 2026, स्वच्छ आकाश के लिए अंतरराष्ट्रीय स्वच्छ वायु दिवस
तिथि7 सितंबर 2026
आयोजकपर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय
मुख्य अतिथिन्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव, अध्यक्ष, राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण
पुरस्कार5वें स्वच्छ वायु सर्वेक्षण के पुरस्कार, सर्वश्रेष्ठ शहरों और वार्डों को
एनसीएपी का दायरा24 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 130 शहर
जारी अनुदान16,425 करोड़ रुपये, प्रदर्शन आधारित अनुदान
पीएम10 में सुधार108 शहरों में सुधार; 72 में 20 प्रतिशत से अधिक कमी; 26 में 40 प्रतिशत से अधिक
एनएएक्यूएस पूरा करने वाले शहर14
रैंकिंग समूहतीन लाख से कम, तीन से दस लाख, दस लाख से अधिक जनसंख्या
पोर्टलप्राण पोर्टल, जो एनसीएपी शहरों की निगरानी करता है
जारी दस्तावेजएनसीएपी के अंतर्गत सर्वोत्तम प्रबंधन पद्धतियों का संकलन

परीक्षा की दृष्टि से

याद रखें कि स्वच्छ वायु दिवस स्वच्छ आकाश के लिए अंतरराष्ट्रीय स्वच्छ वायु दिवस पर पड़ता है, सर्वेक्षण का संस्करण 5वां है, मुख्य अतिथि एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव थे, एनसीएपी में 24 राज्यों के 130 शहर हैं, अनुदान 16,425 करोड़ रुपये है, पीएम10 पर आंकड़े 108, 72, 26 और 14 हैं, रैंकिंग के तीन जनसंख्या समूह हैं तथा पोर्टल का नाम प्राण है।

अभ्यास प्रश्न

Q1.पर्यावरणआसान

राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के अंतर्गत कितने शहर आते हैं?

  1. A.102 शहर
  2. B.130 शहर
  3. C.150 शहर
  4. D.178 शहर
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 130 शहर

व्याख्या

सही उत्तर है 130 शहर, जो 24 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में फैले हैं। विज्ञप्ति में यह आंकड़ा तीन बार आता है, एक बार कार्यक्रम के दायरे के लिए, एक बार रैंकिंग में भाग लेने वाले शहरों के लिए और एक बार प्राण पोर्टल पर निगरानी वाले शहरों के लिए, इसलिए छात्र को यही एक अंक पक्का याद रखना चाहिए। इन्हीं शहरों को वायु प्रदूषण रोकने के उपायों के लिए महत्वपूर्ण अंतर निधि के रूप में 16,425 करोड़ रुपये का प्रदर्शन आधारित अनुदान दिया गया है। शेष विकल्पों में ऐसे गोल-मटोल अंक हैं जो विज्ञप्ति में कहीं नहीं आते, और इस तरह का प्रश्न उसी छात्र को अंक देता है जिसने अनुमान के बजाय सटीक संख्या याद की हो। यह भी याद रखें कि रैंकिंग से पहले शहरों को जनसंख्या के तीन समूहों में बांटा गया और फिर दस सर्वश्रेष्ठ चुने गए।

Q2.पर्यावरणमध्यम

स्वच्छ वायु दिवस किस अंतरराष्ट्रीय दिवस पर मनाया जाता है?

  1. A.विश्व पर्यावरण दिवस
  2. B.विश्व ओजोन दिवस
  3. C.स्वच्छ आकाश के लिए अंतरराष्ट्रीय स्वच्छ वायु दिवस
  4. D.विश्व मौसम विज्ञान दिवस
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. स्वच्छ आकाश के लिए अंतरराष्ट्रीय स्वच्छ वायु दिवस

व्याख्या

सही उत्तर है स्वच्छ आकाश के लिए अंतरराष्ट्रीय स्वच्छ वायु दिवस, जिस दिन मंत्रालय ने स्वच्छ वायु दिवस मनाया और स्वच्छ वायु सर्वेक्षण के पांचवें दौर के पुरस्कार दिए। विकल्प ए में विश्व पर्यावरण दिवस है, जो सबसे जाना-पहचाना पर्यावरणीय दिवस होने के कारण सबसे आकर्षक गलत उत्तर बनता है, पर वह जून में पड़ता है और इस आयोजन से नहीं जुड़ा। विकल्प बी में विश्व ओजोन दिवस है, जो मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल से जुड़ा है और ओजोन क्षयकारी पदार्थों से संबंधित है, परिवेशी वायु गुणवत्ता से नहीं। विकल्प डी में विश्व मौसम विज्ञान दिवस है, जो मौसम और जलवायु सेवाओं से संबंधित है। याद रखने की कड़ी सीधी है: स्वच्छ वायु दिवस, स्वच्छ वायु सर्वेक्षण, स्वच्छ वायु कार्यक्रम। इस बार मुख्य अतिथि एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव थे।

Q3.पर्यावरणकठिन

एनसीएपी के कितने शहरों ने राष्ट्रीय परिवेशी वायु गुणवत्ता मानक पूरे कर लिए हैं?

  1. A.14
  2. B.26
  3. C.72
  4. D.108
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. 14

व्याख्या

सही उत्तर है 14। मंत्रालय ने वर्ष 2025-26 के पीएम10 के आंकड़े वित्त वर्ष 2017-18 के आधार से तुलना करके चार चरणों में रखे, और उन चारों चरणों के अंक यहां विकल्पों में मौजूद हैं, इसीलिए यह प्रश्न अभ्यास के लायक है। विकल्प डी में 108 है, यानी वे शहर जिनमें पीएम10 के स्तर में किसी भी तरह का सुधार दिखा। विकल्प सी में 72 है, यानी वे शहर जहां पीएम10 की सांद्रता में कमी 20 प्रतिशत से आगे गई। विकल्प बी में 26 है, यानी वे शहर जहां कमी 40 प्रतिशत से आगे गई। केवल 14 शहर ही राष्ट्रीय परिवेशी वायु गुणवत्ता मानक पूरे कर सके, जो इन चारों में सबसे कठिन कसौटी है, और वही उत्तर है। इस शृंखला को घटते क्रम में याद रखें, 108 फिर 72 फिर 26 फिर 14।

Q4.पर्यावरणमध्यम

एनसीएपी शहरों के वायु गुणवत्ता प्रबंधन मापदंडों पर कौन सा पोर्टल नजर रखता है?

  1. A.समीर पोर्टल
  2. B.प्राण पोर्टल
  3. C.परिवेश पोर्टल
  4. D.नमस्ते पोर्टल
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. प्राण पोर्टल

व्याख्या

सही उत्तर है प्राण पोर्टल। मंत्रालय के सचिव ने बताया कि राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम हर शहर को ऐसा ढांचा देता है जिसके भीतर वह स्वच्छ हवा के लिए अपनी रणनीति बनाता है, जबकि यह पोर्टल कार्यक्रम के अंतर्गत आने वाले शहरों के वायु गुणवत्ता प्रबंधन के विभिन्न मापदंडों पर नजर रखता है। विकल्प ए में वह पोर्टल है जो आम लोगों को वायु गुणवत्ता की जानकारी देने से जोड़ा जाता है, विकल्प सी में मंत्रालय का पर्यावरणीय मंजूरी मंच है और विकल्प डी में स्वच्छता क्षेत्र की एक योजना है; इनमें से किसी को भी विज्ञप्ति इस निगरानी का श्रेय नहीं देती। दोहराते समय तीनों नाम साथ याद रखें: कार्यक्रम एनसीएपी, रैंकिंग करने वाला सर्वेक्षण स्वच्छ वायु सर्वेक्षण जो अब पांचवें दौर में है, और वर्ष भर हिसाब रखने वाला पोर्टल प्राण।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

स्वच्छ वायु दिवस किस दिन मनाया जाता है?

स्वच्छ आकाश के लिए अंतरराष्ट्रीय स्वच्छ वायु दिवस पर, जो इस वर्ष 7 सितंबर 2026 को पड़ा। इसका आयोजन पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय करता है।

राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम में कितने शहर हैं?

24 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 130 शहर। इन्हें महत्वपूर्ण अंतर निधि के रूप में 16,425 करोड़ रुपये का प्रदर्शन आधारित अनुदान दिया गया है।

पीएम10 पर एनसीएपी की प्रगति क्या रही?

वित्त वर्ष 2017-18 की तुलना में 130 में से 108 शहरों में सुधार हुआ। 72 शहरों में 20 प्रतिशत से अधिक और 26 शहरों में 40 प्रतिशत से अधिक कमी आई, तथा 14 शहरों ने राष्ट्रीय परिवेशी वायु गुणवत्ता मानक पूरे किए।

स्रोत

इनके लिए उपयोगी:SSCSSC CGLIBPS