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92 गीगावाट घंटा भंडारण को 14,500 करोड़ की मंजूरी

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ग्रिड स्तर पर 92 गीगावाट घंटा ऊर्जा भंडारण के लिए 14,500 करोड़ रुपये की व्यवहार्यता अंतर वित्तपोषण योजना को मंजूरी दे दी है।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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92 गीगावाट घंटा भंडारण को 14,500 करोड़ की मंजूरी — GK24 title card

चर्चा में क्यों

4 नवंबर 2026 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश भर में 92 गीगावाट घंटा ग्रिड स्तरीय ऊर्जा भंडारण प्रणालियां विकसित करने के लिए 14,500 करोड़ रुपये की व्यवहार्यता अंतर वित्तपोषण योजना को मंजूरी दी।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 4 नवंबर 2026 को ग्रिड स्तरीय ऊर्जा भंडारण प्रणालियों के विकास के लिए व्यवहार्यता अंतर वित्तपोषण योजना को मंजूरी दी। विद्युत मंत्रालय की इस योजना में वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक 14,500 करोड़ रुपये की सहायता दी जाएगी, जिससे 92 गीगावाट घंटा भंडारण क्षमता विकसित होगी, जो अभी चालू नहीं हुई है।

क्षमता का बंटवारा

92 गीगावाट घंटा तीन हिस्सों में बंटा है: 60 गीगावाट घंटा पंप भंडारण जल परियोजनाओं से, 30 गीगावाट घंटा बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली से और 2 गीगावाट घंटा वैकल्पिक भंडारण प्रौद्योगिकियों से। इन परियोजनाओं में कुल निवेश 97,600 करोड़ रुपये आंका गया है, और सरकारी सहायता केवल उस अंतर को भरेगी जिससे परियोजनाएं आर्थिक रूप से व्यवहार्य बनें।

आंकड़े क्यों अहम हैं

नई क्षमता देश में आज मौजूद पूरी ग्रिड स्तरीय भंडारण क्षमता की 170 प्रतिशत के बराबर है, यानी एक ही योजना से भंडारण का आधार दोगुने से अधिक हो जाएगा। यह 2031-32 तक जरूरी मानी गई 411 गीगावाट घंटा ग्रिड भंडारण क्षमता की दिशा में भी कदम है।

बोली और पात्रता

क्षमता का आवंटन शुल्क आधारित प्रतिस्पर्धी बोली से होगा। सरकारी और निजी, दोनों क्षेत्रों की बिजली वितरण कंपनियां बैटरी भंडारण तथा पंप भंडारण परियोजनाओं के लिए सहायता मांग सकेंगी, जबकि वैकल्पिक प्रौद्योगिकी वाली परियोजनाएं सरकारी और निजी संस्थाएं लगा सकेंगी।

घरेलू निर्माण को बल

बैटरी भंडारण परियोजनाओं के लिए न्यूनतम 40 प्रतिशत घरेलू सामग्री की शर्त रखी गई है। इसका मकसद मांग को भारत में बनी कोशिकाओं तथा कलपुर्जों की ओर मोड़ना, आयात पर निर्भरता घटाना और बैटरी निर्माण के लिए पहले से चल रहे प्रोत्साहनों के साथ तालमेल बिठाना है।

क्या हासिल होगा

भंडारण से ग्रिड सौर और पवन बिजली को उस समय संजो सकती है जब वह अधिक मात्रा में मिलती है और जरूरत पड़ने पर छोड़ सकती है, जो नवीकरणीय बिजली की सबसे बड़ी दिक्कत का हल है। सरकार को ग्रिड के स्थिर संचालन, चौबीस घंटे सस्ती बिजली, संतुलन के लिए परंपरागत संयंत्रों पर घटती निर्भरता और मजबूत ऊर्जा सुरक्षा की उम्मीद है।

महत्वपूर्ण तथ्य

योजनाग्रिड स्तरीय ऊर्जा भंडारण प्रणालियों के विकास के लिए व्यवहार्यता अंतर वित्तपोषण योजना
मंजूरीकेंद्रीय मंत्रिमंडल, अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी
वित्तीय सहायता14,500 करोड़ रुपये
अवधिवित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31
कुल क्षमता92 गीगावाट घंटा
बंटवारा60 पंप भंडारण, 30 बैटरी भंडारण, 2 गीगावाट घंटा वैकल्पिक प्रौद्योगिकी
कुल निवेश97,600 करोड़ रुपये
2031-32 तक जरूरत411 गीगावाट घंटा ग्रिड स्तरीय भंडारण
घरेलू सामग्री शर्तबैटरी भंडारण परियोजनाओं के लिए न्यूनतम 40 प्रतिशत
आवंटनशुल्क आधारित प्रतिस्पर्धी बोली

परीक्षा की दृष्टि से

सहायता राशि (14,500 करोड़ रुपये), अवधि (वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31), क्षमता का बंटवारा (60 पंप भंडारण, 30 बैटरी, 2 वैकल्पिक, कुल 92 गीगावाट घंटा), कुल निवेश (97,600 करोड़ रुपये), 170 प्रतिशत की तुलना, 2031-32 तक 411 गीगावाट घंटा की जरूरत, 40 प्रतिशत घरेलू सामग्री शर्त और संबंधित मंत्रालय (विद्युत) याद रखें।

अभ्यास प्रश्न

Q1.पर्यावरणआसान

ग्रिड स्तरीय ऊर्जा भंडारण के लिए मंत्रिमंडल द्वारा मंजूर व्यवहार्यता अंतर वित्तपोषण योजना में कुल कितनी वित्तीय सहायता दी जाएगी?

  1. A.9,500 करोड़ रुपये
  2. B.12,500 करोड़ रुपये
  3. C.14,500 करोड़ रुपये
  4. D.18,500 करोड़ रुपये
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 14,500 करोड़ रुपये

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ग्रिड स्तरीय ऊर्जा भंडारण प्रणालियों के विकास के लिए व्यवहार्यता अंतर वित्तपोषण योजना को इसी राशि के साथ वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 की अवधि के लिए मंजूरी दी है।

Q2.पर्यावरणमध्यम

योजना से बनने वाली 92 गीगावाट घंटा क्षमता में पंप भंडारण जल परियोजनाओं का हिस्सा कितना है?

  1. A.2 गीगावाट घंटा
  2. B.30 गीगावाट घंटा
  3. C.45 गीगावाट घंटा
  4. D.60 गीगावाट घंटा
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. 60 गीगावाट घंटा

योजना में 60 गीगावाट घंटा पंप भंडारण जल परियोजनाओं से, 30 गीगावाट घंटा बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली से और 2 गीगावाट घंटा वैकल्पिक ऊर्जा भंडारण प्रौद्योगिकियों से जोड़ने का प्रस्ताव है, जिनका योग कुल 92 गीगावाट घंटा बनता है।

Q3.पर्यावरणमध्यम

योजना के तहत बैटरी ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं के लिए न्यूनतम घरेलू सामग्री की शर्त कितनी रखी गई है?

  1. A.20 प्रतिशत
  2. B.30 प्रतिशत
  3. C.40 प्रतिशत
  4. D.50 प्रतिशत
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 40 प्रतिशत

योजना से सहायता मांगने वाली बैटरी ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं को न्यूनतम 40 प्रतिशत घरेलू सामग्री की शर्त पूरी करनी होगी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नई व्यवहार्यता अंतर वित्तपोषण योजना से कितनी भंडारण क्षमता बनेगी?

92 गीगावाट घंटा, जिसमें 60 गीगावाट घंटा पंप भंडारण जल परियोजनाओं से, 30 गीगावाट घंटा बैटरी ऊर्जा भंडारण से और 2 गीगावाट घंटा वैकल्पिक प्रौद्योगिकियों से आएगा। सहायता 14,500 करोड़ रुपये की है।

योजना में घरेलू सामग्री की शर्त क्या है?

बैटरी ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं के लिए न्यूनतम 40 प्रतिशत घरेलू सामग्री अनिवार्य है, जिससे मांग भारतीय निर्माण की ओर मुड़े और आयात पर निर्भरता घटे।

भारत को 2031-32 तक कितनी ग्रिड स्तरीय भंडारण क्षमता चाहिए?

411 गीगावाट घंटा। योजना से बनने वाली नई क्षमता देश की आज की ग्रिड स्तरीय भंडारण क्षमता की 170 प्रतिशत के बराबर है और इन परियोजनाओं में कुल निवेश 97,600 करोड़ रुपये अनुमानित है।

स्रोत

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