विशेष अभियान 6.0: 2 से 31 अक्टूबर तक चलेगा स्वच्छता अभियान
डीएआरपीजी का विशेष अभियान 6.0 दो से 31 अक्टूबर 2026 तक चलेगा, तैयारी चरण 16 से 30 सितंबर तक है और इस बार ई-कचरे के निपटान पर विशेष जोर रहेगा।

चर्चा में क्यों
24 सितंबर 2026 को दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग ने विशेष अभियान 6.0 की तैयारियों का ब्योरा दिया, जो डीएआरपीजी का स्वच्छता और लंबित मामलों का अभियान है और 2 से 31 अक्टूबर 2026 तक चलेगा।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के अधीन दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग (डीईपीडब्ल्यूडी) ने विशेष अभियान 6.0 की तैयारी शुरू कर दी है। यह सरकार भर में चलने वाला वह अभियान है, जिसका मकसद लंबित मामलों का निपटान और कार्यालयों की स्वच्छता है। इसे प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) ने शुरू किया है और इसका उद्देश्य स्वच्छता को साल में एक बार का आयोजन नहीं, बल्कि रोजमर्रा के कामकाज का हिस्सा बनाना है।
अभियान के दो चरण
अभियान दो चरणों में चलेगा। तैयारी चरण 16 से 30 सितंबर 2026 तक है, जिसमें कार्यालय उन फाइलों, संदर्भों और शिकायतों की पहचान करते हैं जिन्हें निपटाना है। कार्यान्वयन चरण 2 से 31 अक्टूबर 2026 तक चलेगा, जब उन लंबित मामलों का वास्तविक निपटान होगा। इस बार ई-कचरे के प्रभावी संग्रह, पृथक्करण और निपटान पर विशेष जोर दिया गया है।
विभाग ने क्या तैयारी की है
विभाग ने अपने लिए एक नोडल अधिकारी मनोनीत कर लिया है। उसके प्रशासनिक नियंत्रण वाले सभी अधीनस्थ व संबद्ध कार्यालयों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और स्वायत्त निकायों से कहा गया है कि वे अपने-अपने नोडल अधिकारी नामित करें और डीएआरपीजी के तय मापदंडों के अनुसार लंबित मामलों की पहचान करें।
पिछले अभियान की उपलब्धियां
- 11,972 फाइलों और दस्तावेजों का डिजिटलीकरण हुआ तथा अनावश्यक फाइलें हटाई गईं।
- लगभग 15,588 वर्ग फुट कार्यालय स्थान खाली कराया गया।
- निपटान से 14,47,619 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।
- देश भर में 64 स्वच्छता अभियान चलाए गए।
ये आंकड़े विशेष अभियान 5.0 के हैं, जो 2 से 31 अक्टूबर 2025 तक चला था और जिसमें विभाग तथा उसके संगठनों ने तय लक्ष्य हासिल किए थे। काम उस महीने के साथ रुका नहीं। डीएआरपीजी के दिशानिर्देशों पर चलते हुए विभाग और उसके संगठन नवंबर 2025 से हर महीने स्वच्छता तथा लंबित मामलों में कमी लाने का काम कर रहे हैं और अपनी उपलब्धियां विशेष अभियान 6.0 पोर्टल एससीडीपीएम पर डालते हैं।
अभियान क्यों मायने रखता है
यह अभियान पुरानी फाइलों, बेकार सामग्री और लंबित मामलों को कचरा नहीं, संसाधन मानता है। खाली हुई जगह दोबारा काम आती है, अभिलेख डिजिटल रूप ले लेते हैं, पुराने उपकरण जिम्मेदारी से हटाए जाते हैं और लंबे समय से अटके फैसले आखिरकार हो जाते हैं।
महत्वपूर्ण तथ्य
| अभियान | विशेष अभियान 6.0, स्वच्छता व लंबित मामलों का निपटान |
|---|---|
| शुरू करने वाला विभाग | प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) |
| तैयारी चरण | 16 से 30 सितंबर 2026 |
| कार्यान्वयन चरण | 2 से 31 अक्टूबर 2026 |
| विशेष जोर | ई-कचरे का संग्रह, पृथक्करण और निपटान |
| संबंधित विभाग | डीईपीडब्ल्यूडी, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय |
| अभियान 5.0 की अवधि | 2 से 31 अक्टूबर 2025 |
| अभियान 5.0 के नतीजे | 11,972 फाइलें, 15,588 वर्ग फुट जगह, 14,47,619 रुपये राजस्व, 64 स्वच्छता अभियान |
| पोर्टल | विशेष अभियान 6.0 पोर्टल (एससीडीपीएम) |
परीक्षा की दृष्टि से
ध्यान रखें: अभियान का नोडल विभाग डीएआरपीजी है, दोनों चरणों की तिथियां, इस बार ई-कचरे पर विशेष जोर, डीईपीडब्ल्यूडी किस मंत्रालय के अधीन है, तथा विशेष अभियान 5.0 के मुख्य आंकड़े - 11,972 फाइलें, 15,588 वर्ग फुट जगह और 14,47,619 रुपये का राजस्व।
अभ्यास प्रश्न
स्वच्छता और लंबित मामलों के निपटान का विशेष अभियान 6.0 किस विभाग ने शुरू किया है?
- A.प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग
- B.दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग
- C.कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग
- D.व्यय विभाग
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग
व्याख्या
सही उत्तर प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग है, जिसे संक्षेप में डीएआरपीजी कहा जाता है। यही विभाग पूरे सरकार में यह अभियान चलाता है, वे मापदंड तय करता है जिनके आधार पर हर कार्यालय अपने लंबित मामलों की पहचान करता है, दिशानिर्देश जारी करता है और पोर्टल पर उपलब्धियों की रिपोर्टिंग कराता है। विकल्प B उस विभाग का नाम है जो इस मामले में अभियान को लागू कर रहा है, और यही प्रश्न का असली जाल है: दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग भागीदार विभाग है, अभियान शुरू करने वाला नहीं। विकल्प C सरकार के कार्मिक और सेवा मामलों को देखता है, इस अभियान का नोडल विभाग नहीं है। विकल्प D सार्वजनिक वित्त और व्यय नियंत्रण से जुड़ा है और इस अभियान के संचालन में उसकी कोई भूमिका नहीं है। याद रखें कि नोडल विभाग डीएआरपीजी है और हर भागीदार विभाग अपना नोडल अधिकारी अलग से नामित करता है।
विशेष अभियान 6.0 के कार्यान्वयन चरण की अवधि क्या है?
- A.16 से 30 सितंबर 2026
- B.2 से 31 अक्टूबर 2026
- C.1 से 30 नवंबर 2026
- D.2 से 31 अक्टूबर 2025
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 2 से 31 अक्टूबर 2026
व्याख्या
सही उत्तर 2 से 31 अक्टूबर 2026 है। यह अभियान दो स्पष्ट रूप से अलग चरणों में चलता है और इस तरह के प्रश्न प्रायः इन्हीं दोनों में अंतर करने पर टिके होते हैं। विकल्प A तैयारी चरण की तिथियां देता है, यानी वह अवधि जिसमें कार्यालय उन फाइलों, संदर्भों और शिकायतों की पहचान करते हैं जिन्हें निपटाना है, लक्ष्य तय करते हैं और संस्थागत व्यवस्था खड़ी करते हैं। इसके बाद आने वाला कार्यान्वयन चरण वह महीना है जिसमें चिह्नित लंबित मामलों का वास्तविक निपटान होता है, जगह खाली कराई जाती है और ई-कचरे का संग्रह, पृथक्करण तथा निपटान किया जाता है। विकल्प C में दिया महीना अभियान के किसी चरण में नहीं आता। विकल्प D पिछले संस्करण यानी विशेष अभियान 5.0 की तिथियां दोहराता है, जो एक वर्ष पहले चला था और जिसके नतीजे इस बार के अभियान का आधार हैं।
विशेष अभियान 5.0 के दौरान विभाग और उसके संगठनों ने कितना राजस्व अर्जित किया था?
- A.11,972 रुपये
- B.15,588 रुपये
- C.14,47,619 रुपये
- D.64,00,000 रुपये
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 14,47,619 रुपये
व्याख्या
सही उत्तर 14,47,619 रुपये है। यह राशि 2 से 31 अक्टूबर 2025 तक चले महीने भर के अभियान में फाइलों, पुरानी सामग्री और कबाड़ के निपटान से मिली थी। बाकी विकल्प उसी अभियान के दूसरे आंकड़ों को गलत जगह रखकर बनाए गए हैं और परीक्षा में प्रश्न प्रायः इसी तरह गढ़े जाते हैं। विकल्प A उन भौतिक फाइलों और दस्तावेजों की संख्या है, जिनका डिजिटलीकरण किया गया और जिन्हें हटाया गया। विकल्प B वह कार्यालय स्थान है, जिसे वर्ग फुट में मापकर खाली कराया गया। विकल्प D स्वच्छता अभियानों की संख्या 64 को बढ़ाकर उसे रुपये की राशि बना देता है। इसलिए उम्मीदवार को विशेष अभियान 5.0 के चारों नतीजे उनकी इकाई के साथ याद रखने चाहिए, क्योंकि परीक्षक इकाई को ही परखता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
विशेष अभियान 6.0 कब चलाया जा रहा है?
तैयारी चरण 16 से 30 सितंबर 2026 तक और कार्यान्वयन चरण 2 से 31 अक्टूबर 2026 तक चलेगा। यह अभियान डीएआरपीजी ने स्वच्छता और लंबित मामलों के निपटान के लिए शुरू किया है।
इस बार अभियान का विशेष जोर किस पर है?
ई-कचरे के प्रभावी संग्रह, पृथक्करण और निपटान पर, साथ ही लंबित मामलों के तेज निपटान, बेहतर अभिलेख प्रबंधन और कार्यालय स्थान खाली कराने पर।
विशेष अभियान 5.0 में विभाग ने क्या हासिल किया था?
उसने 11,972 फाइलों का डिजिटलीकरण किया, लगभग 15,588 वर्ग फुट जगह खाली कराई, 14,47,619 रुपये का राजस्व अर्जित किया और 64 स्वच्छता अभियान चलाए।
स्रोत
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