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GK24

विशेष अभियान 6.0: सरकारी दफ्तरों में 2 से 31 अक्टूबर 2026 तक

प्रशासनिक सुधार विभाग का विशेष अभियान 6.0 केंद्र सरकार के कार्यालयों में 2 से 31 अक्टूबर 2026 तक चलेगा, जिसमें स्वच्छता और लंबित संदर्भों का निपटारा होगा।

लेखक प्रकाशित · अपडेट · 3 मिनट
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विशेष अभियान 6.0: सरकारी दफ्तरों में 2 से 31 अक्टूबर 2026 तक — GK24 title card

चर्चा में क्यों

28 सितंबर 2026 को नीति आयोग, जल शक्ति मंत्रालय के जल संसाधन विभाग, दूरसंचार विभाग और खान मंत्रालय ने विशेष अभियान 6.0 के लिए अपनी तैयारियाँ बताईं। डीएआरपीजी का यह स्वच्छता और लंबित मामलों के निपटारे का अभियान 2 से 31 अक्टूबर 2026 तक चलेगा।

केंद्र सरकार के दफ्तरों की सालाना साफ-सफाई और फाइल निपटान की कवायद अक्टूबर में फिर शुरू होगी। प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) के दिशा-निर्देशों पर चलने वाला विशेष अभियान 6.0 मंत्रालयों, विभागों और उनके क्षेत्रीय कार्यालयों में 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक चलाया जाएगा। इसके दो मकसद हैं — सफाई को रोज़ के दफ्तरी कामकाज का हिस्सा बनाना, और उन फाइलों तथा संदर्भों को निपटाना जो फैसले का इंतजार कर रहे हैं।

अभियान की शुरुआत कहाँ से हुई

डीएआरपीजी ने यह अभियान पहली बार 2021 में चलाया था और महात्मा गांधी को स्वच्छ भारत की श्रद्धांजलि के रूप में इसे पेश किया था। इसके बाद इसे 2022, 2023, 2024, 2025 और अब 2026 में भी दोहराया गया। पिछला दौर, विशेष अभियान 5.0, नवंबर 2025 से अगस्त 2026 तक चला। उसमें लोक शिकायतों, सांसदों और राज्य सरकारों से आए संदर्भों, अंतर-मंत्रालयी परामर्शों तथा संसदीय आश्वासनों को निपटाने पर जोर था।

6.0 में क्या होगा

  • सांसदों, राज्य सरकारों और मंत्रालयों के बीच के संदर्भों, संसदीय आश्वासनों, पीएमओ संदर्भों, लोक शिकायतों तथा शिकायत अपीलों का लंबित बोझ घटाना।
  • बेकार पड़ी फाइलें और कागजात हटाकर दफ्तर में जगह खाली कराना।
  • ई-कचरे का वैज्ञानिक प्रबंधन — नियमों के मुताबिक संग्रहण, पृथक्करण और निपटान।

नीति आयोग का हिसाब

नीति आयोग ने पिछला दौर अपने संबद्ध कार्यालयों के साथ चलाया — नीति भवन में स्थित विकास निगरानी एवं मूल्यांकन कार्यालय (डीएमईओ) और अटल इनोवेशन मिशन, तथा नई दिल्ली के नरेला में स्थित राष्ट्रीय श्रम अर्थशास्त्र अनुसंधान एवं विकास संस्थान (एनआईएलईआरडी)। इस दौरान 4,105 लोक शिकायतें, 127 पीएमओ संदर्भ, 34 शिकायत अपीलें और 5 संसदीय आश्वासन निपटाए गए। फाइलें हटाकर करीब 90 वर्ग फुट जगह खाली हुई और कबाड़ बेचकर 1,96,905 रुपये की आमदनी हुई।

विशेष अभियान 5.0 में नीति आयोगनिपटारा
लोक शिकायतें4,105
पीएमओ संदर्भ127
शिकायत अपीलें34
संसदीय आश्वासन5
खाली हुई जगहकरीब 90 वर्ग फुट
कबाड़ से आमदनी1,96,905 रुपये

जल शक्ति के आंकड़े और बड़े

जल शक्ति मंत्रालय के अंतर्गत जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण विभाग ने इसी अवधि, नवंबर 2025 से अगस्त 2026, के लिए कहीं बड़े आंकड़े दिए हैं। विभाग ने सांसदों के संदर्भ, पीएमओ संदर्भ, लोक शिकायतें, शिकायत अपीलें और संसदीय आश्वासन निपटाए, ई-फाइलें बंद कीं और सैकड़ों स्थलों की सफाई कराई। कबाड़ बेचकर ही विभाग को 2,60,46,149 रुपये मिले। विभाग की सचिव श्रीमती अर्चना वर्मा ने 28 सितंबर 2026 को विंग्स और संगठनों के प्रमुखों के साथ तैयारी बैठक की और अधिकारियों से लक्ष्य तय करने को कहा। प्रगति डीएआरपीजी के एससीडीपीएम पोर्टल पर दर्ज होती है।

ई-कचरा और महत्वपूर्ण खनिज

खान मंत्रालय ने अपने ई-कचरा संग्रहण को महत्वपूर्ण खनिजों की तलाश से जोड़ दिया है, क्योंकि फेंके गए इलेक्ट्रॉनिक सामान में ऐसी धातुएँ होती हैं जिन्हें रीसाइक्लिंग से वापस पाया जा सकता है। नागपुर स्थित जवाहरलाल नेहरू एल्युमिनियम अनुसंधान विकास एवं डिजाइन केंद्र (जेएनएआरडीडीसी) को नोडल एजेंसी बनाया गया है और वह मटेरियल रिसाइक्लिंग एसोसिएशन ऑफ इंडिया के साथ काम कर रहा है। देशभर में 44 से अधिक कार्यालय स्थल तय किए गए हैं, जिनमें 28 से अधिक महाराष्ट्र में हैं, और नई दिल्ली स्थित मंत्रालय का दफ्तर भी एक संग्रहण केंद्र है।

महत्वपूर्ण तथ्य

अभियानविशेष अभियान 6.0 — लंबित मामलों का निपटारा और स्वच्छता
अवधि2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026
दिशा-निर्देश देने वाला विभागप्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी)
अभियान की शुरुआत2021, महात्मा गांधी को स्वच्छ भारत की श्रद्धांजलि के रूप में
पिछला संस्करणविशेष अभियान 5.0, नवंबर 2025 से अगस्त 2026
नीति आयोग: निपटाई गई लोक शिकायतें4,105
नीति आयोग: कबाड़ से आमदनी1,96,905 रुपये
नीति आयोग: खाली हुई जगहकरीब 90 वर्ग फुट
जल संसाधन विभाग: कबाड़ से आमदनी2,60,46,149 रुपये
खान मंत्रालय: ई-कचरा नोडल एजेंसीजेएनएआरडीडीसी, नागपुर, मटेरियल रिसाइक्लिंग एसोसिएशन ऑफ इंडिया के साथ
निगरानी पोर्टलडीएआरपीजी का एससीडीपीएम पोर्टल

परीक्षा की दृष्टि से

याद रखें कि विशेष अभियान 6.0 2 से 31 अक्टूबर 2026 तक चलेगा, इसे डीएआरपीजी चलाता है, अभियान 2021 में शुरू हुआ था, विशेष अभियान 5.0 नवंबर 2025 से अगस्त 2026 तक चला, नीति आयोग ने 4,105 लोक शिकायतें निपटाईं और कबाड़ से 1,96,905 रुपये कमाए, जल संसाधन विभाग ने कबाड़ से 2,60,46,149 रुपये कमाए, तथा खान मंत्रालय के ई-कचरा अभियान की नोडल एजेंसी नागपुर का जेएनएआरडीडीसी है।

अभ्यास प्रश्न

Q1.राष्ट्रीयआसान

विशेष अभियान 6.0 केंद्र सरकार के कार्यालयों में किस अवधि में चलाया जाएगा?

  1. A.15 अगस्त से 15 सितंबर 2026
  2. B.2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026
  3. C.1 नवंबर से 30 नवंबर 2026
  4. D.2 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2026
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026

व्याख्या

सही उत्तर 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 है। मंत्रालयों और विभागों ने बताया है कि विशेष अभियान 6.0 का कार्यान्वयन चरण ठीक इसी एक महीने का है, जो गांधी जयंती से शुरू होकर अक्टूबर के अंत में समाप्त होता है, और यह प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप है। विकल्प A गलत है क्योंकि सितंबर 2026 का उत्तरार्ध केवल तैयारी का चरण था, जिसमें लंबित वीआईपी संदर्भ, लोक शिकायतें और शिकायत अपीलें चिह्नित की गईं; अगस्त में अभियान का कोई हिस्सा तय नहीं था। विकल्प C गलत है क्योंकि नवंबर पिछले दौर से जुड़ा है — विशेष अभियान 5.0 नवंबर 2025 में शुरू होकर अगस्त 2026 तक चला था, इसलिए नवंबर पिछले संस्करण के आरंभ का महीना है। विकल्प D गलत है क्योंकि अभियान 31 अक्टूबर को समाप्त हो जाता है और दिसंबर तक नहीं खिंचता; इस संस्करण के लिए तीन महीने की अवधि घोषित नहीं हुई है।

Q2.राष्ट्रीयमध्यम

केंद्र सरकार के कार्यालयों में लंबित मामलों के निपटारे का विशेष अभियान किस विभाग के दिशा-निर्देशों पर चलता है?

  1. A.कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग
  2. B.मंत्रिमंडल सचिवालय
  3. C.प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग
  4. D.व्यय विभाग
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग

व्याख्या

सही उत्तर प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) है। डीएआरपीजी ने यह विशेष अभियान 2021 में शुरू किया था और स्वच्छ भारत को महात्मा गांधी की श्रद्धांजलि के रूप में रखा था; इसके बाद इसे 2022, 2023, 2024, 2025 और 2026 में जारी रखने का निर्णय हुआ। मंत्रालय हर संस्करण को इसी विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुसार लागू करते हैं और प्रगति डीएआरपीजी के एससीडीपीएम पोर्टल पर दर्ज करते हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग सेवा संबंधी मामलों और भर्ती नियमों को देखता है, इस अभियान का संचालक नहीं है। विकल्प B गलत है क्योंकि मंत्रिमंडल सचिवालय मंत्रिमंडल स्तर के कामकाज का समन्वय करता है, लंबित मामलों के निपटारे और दफ्तरी स्वच्छता के मापदंड जारी नहीं करता। विकल्प D गलत है क्योंकि व्यय विभाग सरकारी खर्च और वित्तीय नियंत्रण से जुड़ा है और इस अभियान को तय करने में उसकी कोई भूमिका नहीं रही।

Q3.राष्ट्रीयमध्यम

विशेष अभियान 5.0 के दौरान नीति आयोग ने कितनी लोक शिकायतों का निपटारा किया?

  1. A.340
  2. B.3,878
  3. C.4,105
  4. D.1,96,905
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 4,105

व्याख्या

सही उत्तर 4,105 है। नवंबर 2025 से अगस्त 2026 तक चले दौर का ब्यौरा देते हुए नीति आयोग ने बताया कि उसने 4,105 लोक शिकायतें निपटाईं, साथ ही 127 पीएमओ संदर्भ, 34 शिकायत अपीलें और 5 संसदीय आश्वासन भी निपटाए, और करीब 90 वर्ग फुट जगह खाली कराई। विकल्प A गलत है क्योंकि 340 जल शक्ति मंत्रालय के जल संसाधन विभाग द्वारा निपटाए गए सांसदों के संदर्भों की संख्या है, नीति आयोग की शिकायतों की नहीं। विकल्प B इसी कारण गलत है — 3,878 उसी विभाग का लोक शिकायतों का आंकड़ा है, जो एक अलग और बड़े संगठन का अलग हिसाब है। विकल्प D गलत है क्योंकि 1,96,905 मामलों की गिनती ही नहीं है; यह वह रकम है, रुपये में, जो नीति आयोग ने अभियान के दौरान कबाड़ बेचकर कमाई, और इन दोनों आंकड़ों को मिला देना ही यहाँ का जाल है।

Q4.राष्ट्रीयमध्यम

विशेष अभियान 6 के तहत खान मंत्रालय के ई-कचरा संग्रहण अभियान की नोडल एजेंसी कौन है?

  1. A.भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण
  2. B.भारतीय खान ब्यूरो
  3. C.राष्ट्रीय शैल यांत्रिकी संस्थान
  4. D.जवाहरलाल नेहरू एल्युमिनियम अनुसंधान विकास एवं डिजाइन केंद्र, नागपुर
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. जवाहरलाल नेहरू एल्युमिनियम अनुसंधान विकास एवं डिजाइन केंद्र, नागपुर

व्याख्या

सही उत्तर नागपुर स्थित जवाहरलाल नेहरू एल्युमिनियम अनुसंधान विकास एवं डिजाइन केंद्र (जेएनएआरडीडीसी) है। इसे नोडल एजेंसी नामित किया गया है और यह मटेरियल रिसाइक्लिंग एसोसिएशन ऑफ इंडिया के सहयोग से अभियान चला रहा है, तथा मंत्रालय के कार्यालयों के नोडल अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठकें कर रहा है। देशभर में 44 से अधिक कार्यालय स्थल तय हुए हैं, जिनमें 28 से अधिक महाराष्ट्र में हैं। विकल्प A, B और C उन संगठनों के नाम हैं जो अभियान में भाग ले रहे हैं, पर उसका समन्वय नहीं कर रहे। भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण और भारतीय खान ब्यूरो उन कार्यालयों में हैं जिनके नोडल अधिकारियों को जानकारी दी गई, और राष्ट्रीय शैल यांत्रिकी संस्थान भी एक भागीदार है, जैसे नाल्को, हिंदुस्तान जिंक, एमईसीएल और हिंदुस्तान कॉपर जैसी सार्वजनिक कंपनियाँ हैं। मंत्रालय इसे आधुनिक तकनीक के लिए जरूरी धातुओं की पुनर्प्राप्ति और चक्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का रास्ता बताता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विशेष अभियान 6.0 कब चलेगा?

2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक, केंद्र सरकार के मंत्रालयों, विभागों और उनके संबद्ध तथा क्षेत्रीय कार्यालयों में, डीएआरपीजी के दिशा-निर्देशों के अनुसार। तैयारी का चरण सितंबर 2026 के उत्तरार्ध में चला।

लंबित मामलों के निपटारे का यह विशेष अभियान कौन चलाता है?

प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी)। इसने अभियान 2021 में शुरू किया और 2022, 2023, 2024, 2025 तथा 2026 में जारी रखा; प्रगति एससीडीपीएम पोर्टल पर दर्ज होती है।

विशेष अभियान 6.0 में नया जोर किस पर है?

ई-कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन पर, साथ ही लंबित संदर्भों के निपटारे और जगह के बेहतर प्रबंधन पर। खान मंत्रालय अपने ई-कचरा अभियान को महत्वपूर्ण खनिजों की पुनर्प्राप्ति से जोड़ता है, जिसकी नोडल एजेंसी नागपुर का जेएनएआरडीडीसी है।

विशेष अभियान 5.0 में नीति आयोग ने कितना निपटारा किया?

उसने 4,105 लोक शिकायतें, 127 पीएमओ संदर्भ, 34 शिकायत अपीलें और 5 संसदीय आश्वासन निपटाए, करीब 90 वर्ग फुट जगह खाली कराई और कबाड़ बेचकर 1,96,905 रुपये कमाए।

स्रोत

इनके लिए उपयोगी:SSCSSC CGLIBPS