विशेष अभियान 6 के तहत खान मंत्रालय के ई-कचरा संग्रहण अभियान की नोडल एजेंसी कौन है?
- A.भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण
- B.भारतीय खान ब्यूरो
- C.राष्ट्रीय शैल यांत्रिकी संस्थान
- D.जवाहरलाल नेहरू एल्युमिनियम अनुसंधान विकास एवं डिजाइन केंद्र, नागपुर
सही उत्तर
D. जवाहरलाल नेहरू एल्युमिनियम अनुसंधान विकास एवं डिजाइन केंद्र, नागपुर
व्याख्या
सही उत्तर नागपुर स्थित जवाहरलाल नेहरू एल्युमिनियम अनुसंधान विकास एवं डिजाइन केंद्र (जेएनएआरडीडीसी) है। इसे नोडल एजेंसी नामित किया गया है और यह मटेरियल रिसाइक्लिंग एसोसिएशन ऑफ इंडिया के सहयोग से अभियान चला रहा है, तथा मंत्रालय के कार्यालयों के नोडल अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठकें कर रहा है। देशभर में 44 से अधिक कार्यालय स्थल तय हुए हैं, जिनमें 28 से अधिक महाराष्ट्र में हैं। विकल्प A, B और C उन संगठनों के नाम हैं जो अभियान में भाग ले रहे हैं, पर उसका समन्वय नहीं कर रहे। भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण और भारतीय खान ब्यूरो उन कार्यालयों में हैं जिनके नोडल अधिकारियों को जानकारी दी गई, और राष्ट्रीय शैल यांत्रिकी संस्थान भी एक भागीदार है, जैसे नाल्को, हिंदुस्तान जिंक, एमईसीएल और हिंदुस्तान कॉपर जैसी सार्वजनिक कंपनियाँ हैं। मंत्रालय इसे आधुनिक तकनीक के लिए जरूरी धातुओं की पुनर्प्राप्ति और चक्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का रास्ता बताता है।
पूरा लेख पढ़ें: विशेष अभियान 6.0: सरकारी दफ्तरों में 2 से 31 अक्टूबर 2026 तक
अभ्यास प्रश्न
विशेष अभियान 6.0 केंद्र सरकार के कार्यालयों में किस अवधि में चलाया जाएगा?
- A.15 अगस्त से 15 सितंबर 2026
- B.2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026
- C.1 नवंबर से 30 नवंबर 2026
- D.2 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2026
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सही उत्तर: B. 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026
व्याख्या
सही उत्तर 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 है। मंत्रालयों और विभागों ने बताया है कि विशेष अभियान 6.0 का कार्यान्वयन चरण ठीक इसी एक महीने का है, जो गांधी जयंती से शुरू होकर अक्टूबर के अंत में समाप्त होता है, और यह प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप है। विकल्प A गलत है क्योंकि सितंबर 2026 का उत्तरार्ध केवल तैयारी का चरण था, जिसमें लंबित वीआईपी संदर्भ, लोक शिकायतें और शिकायत अपीलें चिह्नित की गईं; अगस्त में अभियान का कोई हिस्सा तय नहीं था। विकल्प C गलत है क्योंकि नवंबर पिछले दौर से जुड़ा है — विशेष अभियान 5.0 नवंबर 2025 में शुरू होकर अगस्त 2026 तक चला था, इसलिए नवंबर पिछले संस्करण के आरंभ का महीना है। विकल्प D गलत है क्योंकि अभियान 31 अक्टूबर को समाप्त हो जाता है और दिसंबर तक नहीं खिंचता; इस संस्करण के लिए तीन महीने की अवधि घोषित नहीं हुई है।
केंद्र सरकार के कार्यालयों में लंबित मामलों के निपटारे का विशेष अभियान किस विभाग के दिशा-निर्देशों पर चलता है?
- A.कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग
- B.मंत्रिमंडल सचिवालय
- C.प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग
- D.व्यय विभाग
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सही उत्तर: C. प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग
व्याख्या
सही उत्तर प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) है। डीएआरपीजी ने यह विशेष अभियान 2021 में शुरू किया था और स्वच्छ भारत को महात्मा गांधी की श्रद्धांजलि के रूप में रखा था; इसके बाद इसे 2022, 2023, 2024, 2025 और 2026 में जारी रखने का निर्णय हुआ। मंत्रालय हर संस्करण को इसी विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुसार लागू करते हैं और प्रगति डीएआरपीजी के एससीडीपीएम पोर्टल पर दर्ज करते हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग सेवा संबंधी मामलों और भर्ती नियमों को देखता है, इस अभियान का संचालक नहीं है। विकल्प B गलत है क्योंकि मंत्रिमंडल सचिवालय मंत्रिमंडल स्तर के कामकाज का समन्वय करता है, लंबित मामलों के निपटारे और दफ्तरी स्वच्छता के मापदंड जारी नहीं करता। विकल्प D गलत है क्योंकि व्यय विभाग सरकारी खर्च और वित्तीय नियंत्रण से जुड़ा है और इस अभियान को तय करने में उसकी कोई भूमिका नहीं रही।
विशेष अभियान 5.0 के दौरान नीति आयोग ने कितनी लोक शिकायतों का निपटारा किया?
- A.340
- B.3,878
- C.4,105
- D.1,96,905
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सही उत्तर: C. 4,105
व्याख्या
सही उत्तर 4,105 है। नवंबर 2025 से अगस्त 2026 तक चले दौर का ब्यौरा देते हुए नीति आयोग ने बताया कि उसने 4,105 लोक शिकायतें निपटाईं, साथ ही 127 पीएमओ संदर्भ, 34 शिकायत अपीलें और 5 संसदीय आश्वासन भी निपटाए, और करीब 90 वर्ग फुट जगह खाली कराई। विकल्प A गलत है क्योंकि 340 जल शक्ति मंत्रालय के जल संसाधन विभाग द्वारा निपटाए गए सांसदों के संदर्भों की संख्या है, नीति आयोग की शिकायतों की नहीं। विकल्प B इसी कारण गलत है — 3,878 उसी विभाग का लोक शिकायतों का आंकड़ा है, जो एक अलग और बड़े संगठन का अलग हिसाब है। विकल्प D गलत है क्योंकि 1,96,905 मामलों की गिनती ही नहीं है; यह वह रकम है, रुपये में, जो नीति आयोग ने अभियान के दौरान कबाड़ बेचकर कमाई, और इन दोनों आंकड़ों को मिला देना ही यहाँ का जाल है।
नीलामी में तमिलनाडु के संग्रह में ऊंची कूद के किस तीन बार के पैरालंपिक पदक विजेता से जुड़े जूते शामिल हैं?
- A.मरियप्पन थंगावेलु
- B.तुलसिमथी मुरुगेसन
- C.नित्या श्री सिवन
- D.शरत कमल
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सही उत्तर: A. मरियप्पन थंगावेलु
व्याख्या
सही उत्तर मरियप्पन थंगावेलु हैं, जिन्होंने ऊंची कूद में तीन बार पैरालंपिक पदक जीते हैं और जिनके जूते इस संग्रह की खेल यादगार वस्तुओं का हिस्सा हैं। विकल्प B यानी तुलसिमथी मुरुगेसन गलत है, क्योंकि उनकी ओर से हस्ताक्षरित बैडमिंटन रैकेट शामिल किया गया है और उन्हें पैरालंपिक की बैडमिंटन एकल स्पर्धा में रजत पदक जीतने के लिए जाना जाता है। विकल्प C यानी नित्या श्री सिवन भी इसी कारण गलत है, क्योंकि उनसे जुड़ी वस्तु बैडमिंटन रैकेट है और उन्होंने पेरिस में हुए पैरालंपिक में पदक जीता था। विकल्प D गलत है, क्योंकि उस टेबल टेनिस खिलाड़ी का कोई सामान तमिलनाडु की बताई गई वस्तुओं की सूची में नहीं है। ध्यान दें कि तीनों वास्तविक खेल वस्तुएं पैरा खिलाड़ियों से जुड़ी हैं।
पीएम मेमेंटोज़ ई-ऑक्शन 2026 में तमिलनाडु की कितनी यादगार वस्तुएं शामिल हैं?
- A.18
- B.24
- C.31
- D.47
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 31
व्याख्या
सही उत्तर 31 है। नीलामी के इस दौर में तमिलनाडु की इतनी ही वस्तुएं रखी गई हैं और मिलकर ये राज्य की आध्यात्मिक परंपराओं, शास्त्रीय कला, शिल्पकारी, ऐतिहासिक हस्तियों, वस्त्रों तथा खेल उपलब्धियों को दर्शाती हैं। बाकी तीनों संख्याएं काल्पनिक हैं और केवल सटीक आंकड़े की याददाश्त परखने के लिए दी गई हैं। इन वस्तुओं में कन्याकुमारी की वह फ्रेम की हुई शुभ पद-छाप शामिल है जो विवेकानंद रॉक मेमोरियल से जुड़ी है, सिखाने की मुद्रा में संत श्री रामानुजाचार्य की कृति, हाथ से बना तिरुवल्लुवर रथ, धातु की नटराज मूर्ति, सोने की पन्नी तथा कुंदन पत्थरों से सजी तंजौर शैली की वीणा कलाकृति और मदुरै मीनाक्षी अम्मन मंदिर को दर्शाता पीतल का तोहफा भी है। खेल से जुड़ी वस्तुएं इसी संग्रह का दूसरा हिस्सा हैं।