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शिल्प समागम मेला 2026 गुवाहाटी में जारी, 75 कारीगर

सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय का शिल्प समागम मेला गुवाहाटी के खानापारा में 28 अक्टूबर तक चलेगा, जिसमें 75 कारीगर 40 तरह के उत्पाद दिखा रहे हैं।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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शिल्प समागम मेला 2026 गुवाहाटी में जारी, 75 कारीगर

चर्चा में क्यों

इस श्रृंखला का दूसरा शिल्प समागम मेला गुवाहाटी के खानापारा स्थित फार्म गेट में हजारों आगंतुकों को खींच रहा है, जहां 75 कारीगर 28 अक्टूबर तक पारंपरिक हस्तशिल्प और हथकरघा उत्पाद दिखा रहे हैं।

इस श्रृंखला का दूसरा शिल्प समागम मेला असम की राजधानी गुवाहाटी के खानापारा स्थित फार्म गेट में हजारों लोगों को खींच रहा है। पारंपरिक हस्तशिल्प और हथकरघा उत्पादों का यह आठ दिवसीय मेला सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की पहल है और आम लोगों के लिए सुबह 11 बजे से रात 9 बजे तक खुला रहता है।

तिथियां और आकार

मेला 21 अक्टूबर को शुरू हुआ और बुधवार 28 अक्टूबर तक चलेगा। इसमें कुल 75 कारीगर हिस्सा ले रहे हैं, जिनमें 31 महिला कारीगर हैं, और वे लगभग 40 तरह के हथकरघा तथा हस्तशिल्प उत्पाद दिखा रहे हैं। आगंतुक पूर्वोत्तर राज्यों के कलाकारों के पारंपरिक संगीत और नृत्य कार्यक्रम भी देख रहे हैं।

मेला किसके लिए

शिल्प समागम मेला मंत्रालय की तीन राष्ट्रीय संस्थाओं से जुड़े कारीगरों और लाभार्थियों को विपणन सहायता देता है। ये संस्थाएं हैं राष्ट्रीय अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम (एनएसएफडीसी), राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी वित्त एवं विकास निगम (एनएसकेएफडीसी) और राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम (एनबीसीएफडीसी)। 'सबका साथ, सबका विकास' के सिद्धांत से प्रेरित यह मेला अनुसूचित जातियों, अन्य पिछड़ा वर्ग, सफाई मित्रों और विमुक्त जनजातियों के कारीगरों के आर्थिक सशक्तीकरण पर काम करता है।

भारत-ट्यूलिप पर जोर

गुवाहाटी संस्करण का मुख्य केंद्र भारत-ट्यूलिप यानी पारंपरिक कारीगर उत्थान आजीविका कार्यक्रम है। यह लक्षित समूहों के कारीगरों के उत्पादों को दुकानों और ई-कॉमर्स मंचों के जरिए बाजार तक पहुंचाने में मदद करता है। बड़े बाजार और डिजिटल रास्ते खोलकर इसका मकसद बाजार से जुड़ाव मजबूत करना, ग्राहकों तक पहुंच बढ़ाना और कारीगरों की कमाई बढ़ाना है, साथ ही बदलते उपभोक्ता बाजार में पारंपरिक शिल्प को बनाए रखना है।

श्रृंखला कहां पहुंची

यह वित्त वर्ष 2026-27 में हो रही शिल्प समागम मेला श्रृंखला का दूसरा मेला है। पहला संस्करण कर्नाटक के मैसूर में दशहरा प्रदर्शनी मैदान में नौ दिन चलकर 19 अक्टूबर को समाप्त हुआ था, जिसमें भी हजारों लोग पहुंचे। गुवाहाटी में पूर्वोत्तर राज्यों के कारीगर देश के दूसरे हिस्सों के कारीगरों के साथ अपना काम दिखा रहे हैं, जिससे आगंतुकों को एक ही जगह कई इलाकों के शिल्प देखने को मिलते हैं।

महत्व

मेला कारीगरों को बिचौलिये के बिना सीधे ग्राहकों को बेचने, संभावित खरीदारों से मिलने और अपनी बाजार पहुंच बढ़ाने का मौका देता है, जिसे मंत्रालय उद्यमिता और स्थिर आजीविका से जोड़ता है। यहां मंत्रालय और उसकी तीन संस्थाओं की कल्याण, वित्तीय सहायता तथा विकास योजनाओं की जानकारी भी दी जा रही है, जिससे कर्ज और विकास सहायता के साथ बाजार से जुड़ी मदद भी मिलती है।

महत्वपूर्ण तथ्य

आयोजनशिल्प समागम मेला 2026, गुवाहाटी संस्करण
मंत्रालयसामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय
स्थानफार्म गेट, खानापारा, गुवाहाटी, असम
तिथियां21 से 28 अक्टूबर, आठ दिवसीय मेला, सुबह 11 से रात 9 बजे तक
कारीगरकुल 75, जिनमें 31 महिलाएं, लगभग 40 तरह के उत्पाद
संस्करणवित्त वर्ष 2026-27 की श्रृंखला का दूसरा मेला
पहला संस्करणकर्नाटक के मैसूर में 19 अक्टूबर को समाप्त, दशहरा प्रदर्शनी मैदान में नौ दिन
संस्थाएंएनएसएफडीसी, एनएसकेएफडीसी और एनबीसीएफडीसी
कार्यक्रमभारत-ट्यूलिप, पारंपरिक कारीगर उत्थान आजीविका कार्यक्रम
लक्षित समूहअनुसूचित जातियां, अन्य पिछड़ा वर्ग, सफाई मित्र और विमुक्त जनजातियां

परीक्षा की दृष्टि से

मंत्रालय (सामाजिक न्याय और अधिकारिता), स्थान और शहर (फार्म गेट, खानापारा, गुवाहाटी, असम), तिथियां (21 से 28 अक्टूबर, आठ दिन), संस्करण (2026-27 की श्रृंखला का दूसरा, मैसूर के बाद), आंकड़े (75 कारीगर, 31 महिलाएं, लगभग 40 तरह के उत्पाद), तीन संस्थाएं (एनएसएफडीसी, एनएसकेएफडीसी, एनबीसीएफडीसी) और भारत-ट्यूलिप का पूरा नाम याद रखें।

अभ्यास प्रश्न

Q1.सरकारी योजनाएंआसान

गुवाहाटी के खानापारा में चल रहा शिल्प समागम मेला कौन सा मंत्रालय कराता है?

  1. A.वस्त्र मंत्रालय
  2. B.सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय
  3. C.जनजातीय कार्य मंत्रालय
  4. D.ग्रामीण विकास मंत्रालय
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय

शिल्प समागम मेला इसी मंत्रालय की पहल है, जिसका मकसद अपनी तीन राष्ट्रीय संस्थाओं - राष्ट्रीय अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम, राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी वित्त एवं विकास निगम और राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम - से जुड़े कारीगरों तथा लाभार्थियों को विपणन सहायता देना है।

Q2.सरकारी योजनाएंमध्यम

गुवाहाटी के शिल्प समागम मेले में कुल कितने कारीगर हिस्सा ले रहे हैं और उनमें कितनी महिलाएं हैं?

  1. A.40 कारीगर, 21 महिलाएं
  2. B.60 कारीगर, 28 महिलाएं
  3. C.75 कारीगर, 31 महिलाएं
  4. D.90 कारीगर, 45 महिलाएं
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 75 कारीगर, 31 महिलाएं

गुवाहाटी संस्करण में देश भर से, पूर्वोत्तर राज्यों सहित, ये कारीगर पहुंचे हैं और सब मिलकर लगभग 40 तरह के हथकरघा और हस्तशिल्प उत्पाद दिखा रहे हैं।

Q3.सरकारी योजनाएंमध्यम

शिल्प समागम मेले में प्रचारित भारत-ट्यूलिप का पूरा नाम क्या है?

  1. A.पारंपरिक कारीगर उत्थान आजीविका कार्यक्रम
  2. B.जनजातीय कारीगर शहरी निवेश योजना
  3. C.वस्त्र इकाई आजीविका सुधार कार्यक्रम
  4. D.पारंपरिक कला उन्नयन एवं प्रशिक्षण योजना
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. पारंपरिक कारीगर उत्थान आजीविका कार्यक्रम

भारत-ट्यूलिप गुवाहाटी मेले का मुख्य केंद्र है और इसका मकसद मंत्रालय के लक्षित समूहों के कारीगरों के उत्पादों को दुकानों के साथ-साथ ई-कॉमर्स मंचों के जरिए बाजार तक पहुंचाना है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शिल्प समागम मेला कौन सा मंत्रालय कराता है?

सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय, जो अपनी तीन राष्ट्रीय संस्थाओं एनएसएफडीसी, एनएसकेएफडीसी और एनबीसीएफडीसी से जुड़े कारीगरों को विपणन सहायता देने के लिए इसे कराता है।

भारत-ट्यूलिप क्या है?

पारंपरिक कारीगर उत्थान आजीविका कार्यक्रम, जो लक्षित समूहों के कारीगरों के उत्पादों को दुकानों और ई-कॉमर्स मंचों के जरिए बाजार तक पहुंचाकर उनकी ग्राहक पहुंच बढ़ाता है।

इस श्रृंखला का पहला शिल्प समागम मेला कहां हुआ था?

कर्नाटक के मैसूर में दशहरा प्रदर्शनी मैदान में। नौ दिन का यह मेला 19 अक्टूबर को समाप्त हुआ और इसके बाद गुवाहाटी संस्करण श्रृंखला का दूसरा मेला है।

स्रोत

इनके लिए उपयोगी:SSCSSC CGLSSC CHSL