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ऑपरेशन ट्राइडेंट: NCB ने असम, मिजोरम, मणिपुर में 38 छापे

NCB के नेतृत्व वाले ऑपरेशन ट्राइडेंट में 23 अक्टूबर 2026 को असम, मिजोरम और मणिपुर की 38 जगहों पर छापे पड़े, 1,424 बैंक खाते फ्रीज हुए और 18 लोग गिरफ्तार हुए।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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ऑपरेशन ट्राइडेंट: NCB ने असम, मिजोरम, मणिपुर में 38 छापे — GK24 title card

चर्चा में क्यों

गृह मंत्रालय ने 25 अक्टूबर 2026 को ऑपरेशन ट्राइडेंट की जानकारी दी, जिसमें 23 अक्टूबर 2026 को NCB की अगुवाई में 38 टीमों ने असम, मिजोरम और मणिपुर के 38 ठिकानों पर छापे मारकर म्यांमार से जुड़े तस्करी गिरोह का वित्तीय ढांचा तोड़ा।

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने ऑपरेशन ट्राइडेंट के जरिए पूर्वोत्तर में सक्रिय एक अंतरराष्ट्रीय तस्करी गिरोह की ढुलाई व्यवस्था और उसके पैसे के रास्ते, दोनों पर एक ही समय प्रहार किया। यह कार्रवाई 23 अक्टूबर 2026 की सुबह शुरू हुई। केन्द्रीय एजेंसियों और तीन राज्यों की पुलिस से बनी 38 संयुक्त टीमें असम, मिजोरम और मणिपुर में पहले से चिह्नित 38 ठिकानों पर एक साथ पहुंचीं।

कार्रवाई की तैयारी

ब्यूरो ने मिजोरम पुलिस और प्रवर्तन निदेशालय (ED) के साथ एक ही कमान के नीचे काम किया। इससे पहले कई दिनों तक खुफिया सूचनाएं साझा की गईं, लक्ष्य मिलकर तय किए गए और उच्चस्तरीय बैठकें हुईं। तलाशी, पूछताछ और वित्तीय ऑडिट का समय इस तरह रखा गया कि सब एक साथ शुरू हो, जिससे न कोई संदिग्ध भाग सके और न कोई संपत्ति छिपाई जा सके। छापे शहरी केंद्रों और संवेदनशील सीमावर्ती इलाकों, दोनों में पड़े, जिनमें मिजोरम के आइजॉल और चम्फाई, भारत-म्यांमार सीमा का व्यापारिक कस्बा जोखॉथर, मणिपुर के चूड़ाचांदपुर के ठिकाने और असम का कछार ट्रांजिट कॉरिडोर शामिल रहे।

कार्रवाई के नतीजे

विवरणआंकड़ा
टीमें और ठिकाने38 टीमें, 38 ठिकाने
फ्रीज बैंक खाते1,424
जब्त संपत्ति17.82 करोड़ रुपये
हवाला लेनदेन का पतालगभग 100 करोड़ रुपये
डेटोनेटर500
नकद12 लाख रुपये
गिरफ्तारियां18

गिरोह का ढांचा

जांच में यह नेटवर्क म्यांमार में बैठे सरगना थांगसिंतुआंग उर्फ चिंतुआंग उर्फ त्लुआंगा तक पहुंचा, जो NCB, चम्फाई पुलिस और मिजोरम आबकारी विभाग के 10 से अधिक NDPS मामलों में वांछित है। वह म्यांमार-मिजोरम-मणिपुर-असम-त्रिपुरा गलियारे से मेथामफेटामाइन और हेरोइन भारत के मुख्य भूभाग और बांग्लादेश तक पहुंचाता था। जांच के पहले चरणों में उसके प्रमुख सहयोगी पकड़े जा चुके थे - वुंगखानथॉना, जिसे बाद में PIT-NDPS अधिनियम के तहत हिरासत में लिया गया; प्रमुख हवाला संचालक ललरमपारी, जिसकी गिरफ्तारी 08.08.2024 को हुई; और असम कॉरिडोर का लॉजिस्टिक्स प्रमुख अबू सालेह उर्फ सैफुद्दीन, जिसे 20.11.2025 को कछार से पकड़ा गया। इन गिरफ्तारियों के बाद हुई वित्तीय पड़ताल और डिजिटल फॉरेंसिक जांच से शेल कंपनियों और मनी म्यूल का बड़ा जाल सामने आया, और उसी पर ऑपरेशन ट्राइडेंट केन्द्रित था।

नीति का संदर्भ

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने X पर कहा कि एजेंसियों ने एक अंतरराष्ट्रीय नार्को-कार्टेल ध्वस्त कर दिया, और उन्होंने केन्द्रीय एजेंसियों तथा तीनों राज्यों की पुलिस वाली टीम को बधाई दी। गिरोह Death Triangle Corridor के जरिए भारत, म्यांमार और बांग्लादेश की सीमाओं पर तस्करी करता था। यह अभियान नारकोटिक्स कंट्रोल विजन डॉक्यूमेंट (2026-2029) के अनुरूप है, जिसमें 31 दिसंबर 2029 तक हर नशा नेटवर्क खत्म करने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें जोर जब्ती गिनने पर नहीं, बल्कि पूरे नेटवर्क और उसके पैसे के स्रोत तोड़ने पर है।

महत्वपूर्ण तथ्य

अभियानऑपरेशन ट्राइडेंट
अगुवाईनारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB)
सहयोगी एजेंसियांमिजोरम पुलिस और प्रवर्तन निदेशालय (ED)
तारीख23 अक्टूबर 2026
राज्यअसम, मिजोरम और मणिपुर
टीमें और ठिकाने38 टीमें, 38 ठिकाने
फ्रीज बैंक खाते1,424
जब्त संपत्ति17.82 करोड़ रुपये
हवाला लेनदेनलगभग 100 करोड़ रुपये
अन्य जब्ती500 डेटोनेटर और 12 लाख रुपये नकद
गिरफ्तारियां18
नीति लक्ष्य31 दिसंबर 2029 तक हर नशा नेटवर्क का खात्मा

परीक्षा की दृष्टि से

अभियान का नाम, अगुवाई करने वाली एजेंसी (NCB), सहयोगी (मिजोरम पुलिस और प्रवर्तन निदेशालय), तीन राज्य, तारीख 23 अक्टूबर 2026, नतीजे (1,424 खाते फ्रीज, 17.82 करोड़ रुपये की संपत्ति, 500 डेटोनेटर, 18 गिरफ्तारियां), Death Triangle Corridor और नारकोटिक्स कंट्रोल विजन डॉक्यूमेंट (2026-2029) का 31 दिसंबर 2029 का लक्ष्य याद रखें।

अभ्यास प्रश्न

Q1.राष्ट्रीयआसान

अक्टूबर 2026 में पूर्वोत्तर में चलाए गए ऑपरेशन ट्राइडेंट की अगुवाई किस एजेंसी ने की?

  1. A.राष्ट्रीय जांच एजेंसी
  2. B.नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो
  3. C.केन्द्रीय जांच ब्यूरो
  4. D.राजस्व आसूचना निदेशालय
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो

इस ब्यूरो ने ही अभियान की योजना बनाई और 23 अक्टूबर 2026 की सुबह मिजोरम पुलिस तथा प्रवर्तन निदेशालय के साथ एक ही कमान के नीचे इसे अंजाम दिया।

Q2.राष्ट्रीयमध्यम

ऑपरेशन ट्राइडेंट के तहत 38 ठिकानों पर छापे किन तीन राज्यों में पड़े?

  1. A.असम, मेघालय और मिजोरम
  2. B.नगालैंड, मणिपुर और त्रिपुरा
  3. C.असम, मिजोरम और मणिपुर
  4. D.मिजोरम, त्रिपुरा और नगालैंड
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. असम, मिजोरम और मणिपुर

टीमों ने इन्हीं तीन राज्यों के शहरी केंद्रों और सीमावर्ती इलाकों में कार्रवाई की, जिनमें मिजोरम के आइजॉल और चम्फाई, भारत-म्यांमार सीमा का व्यापारिक कस्बा जोखॉथर, मणिपुर के चूड़ाचांदपुर के ठिकाने और असम का कछार ट्रांजिट कॉरिडोर शामिल थे।

Q3.राष्ट्रीयकठिन

ऑपरेशन ट्राइडेंट के जरिए दोहराए गए लक्ष्य के अनुसार भारत किस तारीख तक हर नशा नेटवर्क खत्म करना चाहता है?

  1. A.2 अक्टूबर 2029
  2. B.31 दिसंबर 2029
  3. C.31 मार्च 2030
  4. D.31 दिसंबर 2027
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 31 दिसंबर 2029

इस कार्रवाई को उसी संकल्प का प्रमाण बताया गया कि भारत इस तारीख तक नशीले पदार्थों का हर नेटवर्क जड़ से खत्म कर देगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ऑपरेशन ट्राइडेंट किस एजेंसी ने चलाया?

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने मिजोरम पुलिस और प्रवर्तन निदेशालय के साथ मिलकर 23 अक्टूबर 2026 की सुबह असम, मिजोरम और मणिपुर में यह अभियान चलाया।

इस कार्रवाई में क्या हासिल हुआ?

1,424 बैंक खाते फ्रीज हुए, 17.82 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त हुई, लगभग 100 करोड़ रुपये के हवाला लेनदेन सामने आए, 500 डेटोनेटर और 12 लाख रुपये नकद जब्त हुए तथा 18 लोग गिरफ्तार हुए।

Death Triangle Corridor क्या है?

यह वही रास्ता है जिससे गिरोह भारत, म्यांमार और बांग्लादेश की सीमाओं के आसपास नशीले पदार्थ ले जाता था और मेथामफेटामाइन तथा हेरोइन भारत के मुख्य भूभाग तक पहुंचाता था।

स्रोत

इनके लिए उपयोगी:SSCSSC CGLIBPS