शिल्प समागम मेला 2026 गुवाहाटी के खानापाड़ा में चल रहा है
सामाजिक न्याय मंत्रालय का 2026-27 का दूसरा शिल्प समागम मेला गुवाहाटी के फार्म गेट, खानापाड़ा में 28 अक्टूबर तक चलेगा, जिसमें 75 शिल्पकार भाग ले रहे हैं।

चर्चा में क्यों
24 अक्टूबर 2026 को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने गुवाहाटी के फार्म गेट, खानापाड़ा में चल रहे शिल्प समागम मेले के चौथे दिन की जानकारी दी, जहां 31 महिलाओं सहित 75 शिल्पकार हथकरघा तथा हस्तशिल्प की लगभग 40 किस्में बेच रहे हैं।
आठ दिन का शिल्प समागम मेला 2026 असम की राजधानी गुवाहाटी में चल रहा है और 24 अक्टूबर को इसका चौथा दिन रहा। यह सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की शिल्प समागम मेला श्रृंखला का दूसरा मेला है, जो वित्त वर्ष 2026-27 में आयोजित हो रहा है। मेले में पूर्वोत्तर राज्यों सहित देश भर के शिल्पकार जुटते हैं, जिससे भारत की हस्तशिल्प और हथकरघा परंपराएं एक ही जगह खरीदारों के सामने आ जाती हैं।
कहां और कब
स्थान है फार्म गेट, खानापाड़ा, गुवाहाटी, और मेला सुबह 11 बजे से रात 9 बजे तक जनता के लिए खुला रहता है। मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि यह 28 अक्टूबर, बुधवार तक चलेगा। आने वाले लोग सीधे शिल्पकारों से खरीद रहे हैं और साथ में पारंपरिक संगीत तथा नृत्य कार्यक्रमों का आनंद ले रहे हैं।
कौन भाग ले रहा है
| भाग लेने वाले शिल्पकार | कुल 75 |
| महिला शिल्पकार | 31 |
| प्रदर्शित किस्में | हथकरघा एवं हस्तशिल्प की लगभग 40 किस्में |
| खुलने का समय | सुबह 11 बजे से रात 9 बजे तक |
आमने-सामने बिक्री से शिल्पकार बिचौलिये के बिना ग्राहक तक पहुंचता है, दोबारा खरीदने वाले ग्राहक बनाता है और खुद परख लेता है कि बड़ा बाजार क्या चाहता है।
भारत-ट्यूलिप
मेले का एक मुख्य उद्देश्य भारत-ट्यूलिप को आगे बढ़ाना है, जिसका पूरा नाम ट्रेडिशनल आर्टिजंस अपलिफ्टमेंट लाइवलीहुड प्रोग्राम है। यह कार्यक्रम मंत्रालय के लक्षित वर्गों के शिल्पकारों को उनके उत्पाद बेचने में मदद करता है, भौतिक दुकानों के जरिये भी और ई-कॉमर्स मंचों पर भी, ताकि गांव का शिल्पकार शहर के ग्राहक से कटा न रहे। व्यापक बाजार पहुंच तथा डिजिटल माध्यमों से आय बढ़ने और पारंपरिक शिल्प के जीवित रहने की आशा है।
तीन राष्ट्रीय निगम
शिल्प समागम मेला मंत्रालय के तीन राष्ट्रीय निगमों से जुड़े शिल्पकारों एवं लाभार्थियों के लिए विपणन सहायता कार्यक्रम है:
- राष्ट्रीय अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम (एनएसएफडीसी)
- राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी वित्त एवं विकास निगम (एनएसकेएफडीसी)
- राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम (एनबीसीएफडीसी)
‘सबका साथ, सबका विकास’ के सिद्धांत पर चलते हुए यह मेला अनुसूचित जातियों, अन्य पिछड़ा वर्गों, सफाई मित्रों तथा विमुक्त जनजातियों के आर्थिक सशक्तीकरण के लिए काम करता है। यह आने वाले लोगों और भाग लेने वाले समुदायों को इन निगमों की कल्याण, वित्तीय सहायता तथा विकास योजनाओं की जानकारी भी देता है।
श्रृंखला का पहला मेला
इस श्रृंखला का पहला मेला 19 अक्टूबर को मैसूरु में समाप्त हुआ, जो कर्नाटक के दसरा प्रदर्शनी मैदान में नौ दिन चला और उसमें हजारों लोग पहुंचे। कुल मिलाकर ये मेले मंत्रालय के ऋण और अनुदान के साथ एक बिक्री मंच जोड़ देते हैं, जिससे हुनर घाटे में चलने वाला काम न रहकर नियमित आय का जरिया बनता है।
महत्वपूर्ण तथ्य
| आयोजन | शिल्प समागम मेला 2026, गुवाहाटी (2026-27 श्रृंखला का दूसरा) |
|---|---|
| मंत्रालय | सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय |
| स्थान | फार्म गेट, खानापाड़ा, गुवाहाटी, असम |
| अवधि | आठ दिन, 28 अक्टूबर तक |
| शिल्पकार | 75, जिनमें 31 महिलाएं |
| उत्पाद | हथकरघा एवं हस्तशिल्प की लगभग 40 किस्में |
| प्रचारित कार्यक्रम | भारत-ट्यूलिप (ट्रेडिशनल आर्टिजंस अपलिफ्टमेंट लाइवलीहुड प्रोग्राम) |
| शामिल निगम | एनएसएफडीसी, एनएसकेएफडीसी तथा एनबीसीएफडीसी |
| लक्षित वर्ग | अनुसूचित जातियां, अन्य पिछड़ा वर्ग, सफाई मित्र तथा विमुक्त जनजातियां |
| श्रृंखला का पहला मेला | 19 अक्टूबर को दसरा प्रदर्शनी मैदान, मैसूरु, कर्नाटक में समाप्त |
परीक्षा की दृष्टि से
स्थान (फार्म गेट, खानापाड़ा, गुवाहाटी, असम), अवधि (आठ दिन, 28 अक्टूबर तक), यह 2026-27 का दूसरा मेला है, शिल्पकारों की संख्या (75, जिनमें 31 महिलाएं) और 40 किस्में, भारत-ट्यूलिप का पूरा नाम, तीन निगम एनएसएफडीसी, एनएसकेएफडीसी तथा एनबीसीएफडीसी, लक्षित वर्ग और यह कि पहला मेला 19 अक्टूबर को मैसूरु में समाप्त हुआ — ये सब याद रखें।
अभ्यास प्रश्न
शिल्प समागम मेला किस मंत्रालय द्वारा आयोजित किया जाता है?
- A.वस्त्र मंत्रालय
- B.सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय
- C.संस्कृति मंत्रालय
- D.सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय
उत्तर देखें
यह मेला उसके तीन राष्ट्रीय निगमों से जुड़े शिल्पकारों और लाभार्थियों के लिए विपणन सहायता की पहल है: राष्ट्रीय अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम, राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी वित्त एवं विकास निगम तथा राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम।
पूरी व्याख्या पढ़ें →शिल्प समागम मेले में प्रचारित भारत-ट्यूलिप का पूरा नाम क्या है?
- A.ट्रेडिशनल आर्टिजंस अपलिफ्टमेंट लाइवलीहुड प्रोग्राम
- B.ट्राइबल अपलिफ्टमेंट एंड लाइवलीहुड इंप्रूवमेंट प्लान
- C.टेक्सटाइल यूनिट्स लाइवलीहुड इंसेंटिव प्रोग्राम
- D.ट्रेडिशनल उद्यम लाइवलीहुड इन्वेस्टमेंट प्लान
उत्तर देखें
भारत-ट्यूलिप का उद्देश्य सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के लक्षित वर्गों के शिल्पकारों के उत्पादों का विपणन कराना है, और इसके लिए भौतिक दुकानें तथा ई-कॉमर्स मंच दोनों काम में लाए जाते हैं, ताकि छोटे कस्बे का शिल्पकार कहीं भी बैठे ग्राहक तक पहुंच सके।
पूरी व्याख्या पढ़ें →गुवाहाटी के शिल्प समागम मेले में कितने शिल्पकार भाग ले रहे हैं और उनमें कितनी महिलाएं हैं?
- A.50 शिल्पकार, जिनमें 20 महिलाएं
- B.75 शिल्पकार, जिनमें 31 महिलाएं
- C.90 शिल्पकार, जिनमें 45 महिलाएं
- D.60 शिल्पकार, जिनमें 31 महिलाएं
उत्तर देखें
वे गुवाहाटी के फार्म गेट, खानापाड़ा में हथकरघा तथा हस्तशिल्प की लगभग 40 किस्में दिखा रहे हैं, जहां मेला सुबह 11 बजे से रात 9 बजे तक जनता के लिए खुला है और 28 अक्टूबर तक चलेगा।
पूरी व्याख्या पढ़ें →2026 श्रृंखला का पहला शिल्प समागम मेला कहां समाप्त हुआ था?
- A.भुवनेश्वर, ओडिशा
- B.गुवाहाटी, असम
- C.मैसूरु, कर्नाटक
- D.नागपुर, महाराष्ट्र
उत्तर देखें
श्रृंखला का पहला मेला वहां दसरा प्रदर्शनी मैदान में नौ दिन चलकर 19 अक्टूबर को समाप्त हुआ और उसमें हजारों लोग पहुंचे।
पूरी व्याख्या पढ़ें →अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भारत-ट्यूलिप का पूरा नाम क्या है?
ट्रेडिशनल आर्टिजंस अपलिफ्टमेंट लाइवलीहुड प्रोग्राम। यह सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के लक्षित वर्गों के शिल्पकारों के उत्पाद भौतिक दुकानों तथा ई-कॉमर्स मंचों के जरिये बिकवाने में मदद करता है, जिससे उनकी पहुंच और आय बढ़ती है।
शिल्प समागम मेला कौन आयोजित करता है?
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, अपने तीन राष्ट्रीय निगमों एनएसएफडीसी, एनएसकेएफडीसी तथा एनबीसीएफडीसी के माध्यम से। यह मेला अनुसूचित जातियों, अन्य पिछड़ा वर्गों, सफाई मित्रों और विमुक्त जनजातियों के शिल्पकारों को विपणन सहायता देता है।
गुवाहाटी मेले में कितने शिल्पकार भाग ले रहे हैं?
कुल 75 शिल्पकार, जिनमें 31 महिलाएं हैं, फार्म गेट, खानापाड़ा, गुवाहाटी में हथकरघा तथा हस्तशिल्प की लगभग 40 किस्में दिखा रहे हैं। मेला 28 अक्टूबर तक चलेगा और सुबह 11 से रात 9 बजे तक खुला रहता है।
स्रोत
- https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2328079 (नए टैब में खुलेगा) — Press Information Bureau
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