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पीएम-एमकेएसएसवाई: मत्स्य बीमा पर 40% प्रोत्साहन

मत्स्य पालन मंत्रालय ने 28 सितंबर 2026 को बताया कि पीएम-एमकेएसएसवाई में जलकृषि बीमा प्रीमियम का 40% प्रोत्साहन मिलता है, अधिकतम 1,00,000 रुपये तक।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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चर्चा में क्यों

मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय ने 28 सितंबर 2026 को पीएम-एमकेएसएसवाई के जलकृषि बीमा की रूपरेखा बताई, जिसमें प्रीमियम पर 40% प्रोत्साहन, तय ऊपरी सीमाएं और 30 तथा 45 दिन की दावा निपटान अवधि शामिल है।

मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय ने 28 सितंबर 2026 को बताया कि प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह-योजना (पीएम-एमकेएसएसवाई) के अंतर्गत जलकृषि बीमा किस तरह काम करता है। सरकार ने यह योजना 8 फरवरी 2024 को मंजूर की थी और बीमा इसके घटक 1-बी में आता है। लाभ राष्ट्रीय मत्स्य डिजिटल प्लेटफॉर्म (एनएफडीपी) के जरिए सीधे लाभ अंतरण से किसान तक पहुंचता है। बीमारी, गर्मी से होने वाली मछली मृत्यु, प्रदूषण, चक्रवात और बाढ़ पूरी फसल चक्र को चौपट कर सकते हैं, और एक असफल चक्र छोटे किसान को वर्षों के कर्ज में धकेल देता है।

किसान को क्या मिलता है

  • एक फसल चक्र के लिए बीमा प्रीमियम का 40% तक एकमुश्त प्रोत्साहन
  • तालाब आधारित जलकृषि में जल क्षेत्र के प्रति हेक्टेयर 25,000 रुपये, चार हेक्टेयर तक अधिकतम 1,00,000 रुपये; एक हेक्टेयर से कम पर आनुपातिक भुगतान
  • केज कल्चर, पुनर्चक्रीय जलकृषि प्रणाली, बायोफ्लॉक और रेसवे जैसी उन्नत प्रणालियों पर भी 40%, अधिकतम 1,00,000 रुपये और इकाई आकार की सीमा 1,800 घन मीटर
  • अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और महिला लाभार्थियों को सामान्य श्रेणी के प्रोत्साहन से 10% अधिक

दावा कैसे निपटता है

बीमित घटना होते ही किसान को बीमा कंपनी को सूचित करना होता है और पॉलिसी के अनुसार दस्तावेज देने होते हैं। कंपनी हानि निर्धारक नियुक्त करती है, नुकसान का आकलन होता है और उसी रिपोर्ट के आधार पर भुगतान किया जाता है; स्थिति बीमा कंपनी के पोर्टल पर दिखती रहती है। झींगा पालन में पूरा निपटान 30 दिन और अन्य जलकृषि गतिविधियों में 45 दिन के भीतर होना चाहिए। अभी चार सरकारी बीमा कंपनियां — ओआईसीएल, एआईसीएल, एनआईएएल और यूआईआईसी — झींगा, मीठे पानी की मछली और शीतजल प्रजातियों को कवर दे रही हैं, और निजी कंपनियों को भी जोड़ा जा रहा है।

क्षेत्र की तस्वीर

संकेतकआंकड़ा
भारत का मत्स्य उत्पादन, 2024-2519.8 मिलियन टन (रिकॉर्ड)
विश्व में स्थानदूसरा, लगभग 8% हिस्सा
उत्पादन में जलकृषि का हिस्सालगभग 74%
समुद्री उत्पाद निर्यात, 2025-268.46 अरब अमेरिकी डॉलर
औसत जलकृषि उत्पादकता4.77 टन प्रति हेक्टेयर, लक्ष्य 5 टन

उत्पादन 2013-14 के 9.6 मिलियन टन से बढ़कर 2024-25 में 19.8 मिलियन टन हो गया, यानी 106% से अधिक की वृद्धि, और निर्यात इसी अवधि में 5.08 अरब डॉलर से 8.46 अरब डॉलर पहुंच गया। अकेले जमे हुए झींगे से समुद्री खाद्य निर्यात की लगभग दो-तिहाई कमाई आती है और मत्स्य क्षेत्र तीन करोड़ से अधिक लोगों की आजीविका है।

प्रोत्साहन के शुरुआती आंकड़े

एकमुश्त प्रोत्साहन के लिए अब तक 316 आवेदन आए हैं, जो 730.61 हेक्टेयर क्षेत्र से जुड़े हैं। इनमें 127 आवेदन मंजूर होकर भुगतान हो चुके हैं, जिनसे 321.74 हेक्टेयर के किसानों को 40.03 लाख रुपये मिले। वैश्विक स्तर पर 2024 में मत्स्य और जलकृषि उत्पादन रिकॉर्ड 235 मिलियन टन रहा।

महत्वपूर्ण तथ्य

योजनाप्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह-योजना (पीएम-एमकेएसएसवाई)
मंजूरी8 फरवरी 2024
मंत्रालयमत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय
बीमा घटकघटक 1-बी, एनएफडीपी के माध्यम से डीबीटी
प्रोत्साहनएक फसल चक्र के प्रीमियम का 40%
तालाब जलकृषि सीमा25,000 रुपये प्रति हेक्टेयर, चार हेक्टेयर तक अधिकतम 1,00,000 रुपये
उन्नत प्रणाली सीमाअधिकतम 1,00,000 रुपये, इकाई आकार 1,800 घन मीटर तक
अतिरिक्त सहायताअनुसूचित जाति, जनजाति और महिलाओं को 10% अधिक
दावा निपटानझींगा 30 दिन, अन्य जलकृषि 45 दिन
बीमा कंपनियांओआईसीएल, एआईसीएल, एनआईएएल और यूआईआईसी
भारत का उत्पादन 2024-2519.8 मिलियन टन, विश्व में दूसरा स्थान

परीक्षा की दृष्टि से

पीएम-एमकेएसएसवाई का पूरा नाम, 8 फरवरी 2024 की मंजूरी, बीमा का घटक 1-बी, एनएफडीपी के जरिए डीबीटी, 40% प्रोत्साहन, 25,000 रुपये प्रति हेक्टेयर और 1,00,000 रुपये की सीमा, अनुसूचित जाति-जनजाति तथा महिलाओं के लिए 10% अतिरिक्त, 30 और 45 दिन की दावा अवधि तथा 2024-25 में 19.8 मिलियन टन उत्पादन के साथ भारत का दूसरा स्थान याद रखें।

अभ्यास प्रश्न

Q1.सरकारी योजनाएंआसान

पीएम-एमकेएसएसवाई के अंतर्गत पात्र किसान को जलकृषि बीमा प्रीमियम का कितना हिस्सा एकमुश्त प्रोत्साहन के रूप में मिलता है?

  1. A.25%
  2. B.40%
  3. C.50%
  4. D.75%
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 40%

व्याख्या

सही उत्तर 40% है। पीएम-एमकेएसएसवाई के घटक 1-बी में पात्र जलकृषि किसान को एक फसल चक्र के बीमा प्रीमियम का 40% तक एकमुश्त प्रोत्साहन दिया जाता है, जो राष्ट्रीय मत्स्य डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए सीधे उसके बैंक खाते में जाता है। तालाब आधारित जलकृषि में यह भुगतान जल क्षेत्र के प्रति हेक्टेयर 25,000 रुपये तक सीमित है और चार हेक्टेयर तक अधिकतम 1,00,000 रुपये मिलते हैं, जबकि केज कल्चर, पुनर्चक्रीय जलकृषि प्रणाली, बायोफ्लॉक और रेसवे जैसी उन्नत प्रणालियों पर भी यही हिस्सा लागू होता है, जिसमें इकाई आकार की सीमा 1,800 घन मीटर है। 25%, 50% और 75% विकल्प गलत हैं, क्योंकि योजना में ऐसा कोई हिस्सा तय नहीं है; एकमात्र अतिरिक्त राहत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और महिला लाभार्थियों को देय प्रोत्साहन का 10% अधिक है। 40% के साथ दोनों ऊपरी सीमाएं भी याद रखें।

Q2.सरकारी योजनाएंमध्यम

पीएम-एमकेएसएसवाई में झींगा पालन के बीमा दावे का निपटान कितने दिनों में करना अनिवार्य है?

  1. A.15 दिन
  2. B.30 दिन
  3. C.45 दिन
  4. D.60 दिन
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 30 दिन

व्याख्या

सही उत्तर 30 दिन है। दावे की प्रक्रिया तब शुरू होती है जब बीमित किसान घटना की सूचना बीमा कंपनी को देता है और पॉलिसी की शर्तों के अनुसार दस्तावेज जमा करता है; इसके बाद कंपनी हानि निर्धारक नियुक्त करती है, नुकसान का आकलन होता है और उसी रिपोर्ट पर भुगतान किया जाता है, जिसकी स्थिति कंपनी के पोर्टल पर दिखती रहती है। झींगा पालन में यह निपटान 30 दिन के भीतर और अन्य जलकृषि गतिविधियों में 45 दिन के भीतर पूरा होना चाहिए। इसलिए 45 दिन झींगा के लिए गलत उत्तर है, वह शेष गतिविधियों की अवधि है और परीक्षार्थी अकसर दोनों को आपस में बदल देते हैं। 15 दिन गलत है क्योंकि इतनी छोटी अवधि तय नहीं की गई, और 60 दिन गलत है क्योंकि वह दोनों सीमाओं से अधिक है। अभी ओआईसीएल, एआईसीएल, एनआईएएल और यूआईआईसी कवर दे रही हैं।

Q3.सरकारी योजनाएंमध्यम

2024-25 में 19.8 मिलियन टन उत्पादन के साथ विश्व मत्स्य उत्पादन में भारत का स्थान कौन सा है?

  1. A.पहला
  2. B.दूसरा
  3. C.तीसरा
  4. D.चौथा
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. दूसरा

व्याख्या

सही उत्तर दूसरा है। भारत लगभग 8% हिस्सेदारी के साथ विश्व का दूसरा सबसे बड़ा मत्स्य उत्पादक देश है और उसका वार्षिक उत्पादन 2024-25 में रिकॉर्ड 19.8 मिलियन टन तक पहुंचा। जलकृषि, जिसमें मीठे पानी की कार्प मछलियों का तालाब पालन, खारे पानी में झींगा पालन, केज कल्चर तथा शीतजल और समुद्री प्रजातियां शामिल हैं, अब इस उत्पादन का लगभग 74% देती है। पहला विकल्प गलत है, क्योंकि विश्व मत्स्य उत्पादन में चीन बड़े अंतर से आगे है। तीसरा और चौथा विकल्प भी गलत हैं, क्योंकि उत्पादन 2013-14 के 9.6 मिलियन टन से बढ़कर 2024-25 में 19.8 मिलियन टन हो गया, यानी 106% से अधिक की वृद्धि हुई। इसके साथ यह भी याद रखें कि 2025-26 में समुद्री उत्पाद निर्यात 8.46 अरब अमेरिकी डॉलर रहा।

Q4.सरकारी योजनाएंकठिन

भारत सरकार ने प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह-योजना (पीएम-एमकेएसएसवाई) को कब मंजूरी दी थी?

  1. A.8 फरवरी 2024
  2. B.10 सितंबर 2020
  3. C.1 अप्रैल 2021
  4. D.15 अगस्त 2023
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. 8 फरवरी 2024

व्याख्या

सही उत्तर 8 फरवरी 2024 है। सरकार ने इसी तारीख को पीएम-एमकेएसएसवाई को मंजूरी दी थी, जिसका उद्देश्य मत्स्य क्षेत्र को औपचारिक रूप देना और किसानों के जोखिम का प्रबंधन करना है, और 28 सितंबर 2026 को बताया गया जलकृषि बीमा इसी योजना का घटक 1-बी है। लाभ राष्ट्रीय मत्स्य डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए सीधे लाभ अंतरण से किसान तक पहुंचता है। 10 सितंबर 2020 गलत है; वह प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना की शुरुआत से जुड़ा है, जिसके अंतर्गत औसत जलकृषि उत्पादकता को मौजूदा 4.77 टन प्रति हेक्टेयर से बढ़ाकर पांच टन प्रति हेक्टेयर के लक्ष्य तक ले जाया जा रहा है। 1 अप्रैल 2021 गलत है क्योंकि उस दिन इस योजना को कोई मंजूरी नहीं मिली, और 15 अगस्त 2023 भी गलत विकल्प है। दोनों मत्स्य योजनाओं की तिथियां अलग-अलग याद रखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीएम-एमकेएसएसवाई में जलकृषि बीमा पर क्या मिलता है?

एक फसल चक्र के प्रीमियम का 40% तक एकमुश्त प्रोत्साहन, जो एनएफडीपी के जरिए डीबीटी से मिलता है। तालाब जलकृषि में प्रति हेक्टेयर 25,000 रुपये और चार हेक्टेयर तक अधिकतम 1,00,000 रुपये।

दावा कितने दिनों में निपटाना जरूरी है?

झींगा पालन में 30 दिन और अन्य जलकृषि गतिविधियों में 45 दिन के भीतर। बीमा कंपनी हानि निर्धारक नियुक्त करती है और आकलन रिपोर्ट के आधार पर भुगतान करती है।

विश्व मत्स्य उत्पादन में भारत कहां है?

भारत लगभग 8% हिस्से के साथ दूसरा सबसे बड़ा मत्स्य उत्पादक देश है। 2024-25 में उत्पादन रिकॉर्ड 19.8 मिलियन टन रहा, जिसमें जलकृषि का हिस्सा लगभग 74% है।

स्रोत

इनके लिए उपयोगी:SSCSSC CGLIBPS