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अगस्त 2026 में औद्योगिक उत्पादन सूचकांक 8.0 प्रतिशत बढ़ा

अगस्त 2026 में भारत का औद्योगिक उत्पादन सूचकांक 8.0 प्रतिशत बढ़ा, विनिर्माण में 9.0 प्रतिशत तथा बिजली एवं गैस आपूर्ति में 12.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई।

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चर्चा में क्यों

सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने 28 सितंबर 2026 को अगस्त 2026 के औद्योगिक उत्पादन सूचकांक का त्वरित अनुमान जारी किया, जिसमें 8.0 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने अगस्त 2026 के लिए औद्योगिक उत्पादन सूचकांक का त्वरित अनुमान जारी किया है। इस महीने कारखाना उत्पादन एक वर्ष पहले की तुलना में 8.0 प्रतिशत बढ़ा, जबकि जुलाई का त्वरित अनुमान 6.7 प्रतिशत था। यह शृंखला 2022-23 को आधार वर्ष मानकर तैयार की जाती है और हर महीने की 28 तारीख को, या अवकाश होने पर अगले कार्य दिवस पर जारी होती है।

क्षेत्रवार प्रदर्शन

विनिर्माण क्षेत्र ने 9.0 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की, जबकि बिजली एवं गैस आपूर्ति 12.3 प्रतिशत बढ़ी। जल आपूर्ति, मल निकासी एवं अपशिष्ट प्रबंधन में 6.3 प्रतिशत की बढ़त रही। केवल खनन एवं उत्खनन क्षेत्र में गिरावट आई, जो 5.6 प्रतिशत घटा। विनिर्माण लगातार तीन महीनों से आठ प्रतिशत या उससे अधिक की दर से बढ़ रहा है।

क्षेत्रसूचकांकवृद्धि
सामान्य123.38.0%
खनन एवं उत्खनन85.7-5.6%
विनिर्माण126.69.0%
बिजली एवं गैस आपूर्ति133.912.3%
जल आपूर्ति एवं अपशिष्ट147.66.3%

कौन से उद्योग आगे रहे

महीने का सामान्य सूचकांक 123.3 रहा, जो एक साल पहले 114.2 था। विनिर्माण के भीतर राष्ट्रीय औद्योगिक वर्गीकरण के दो अंकों वाले 23 में से 18 उद्योग समूहों में बढ़त दर्ज हुई। सबसे बड़े तीन योगदानकर्ता रहे विद्युत उपकरण निर्माण, जिसमें 30.9 प्रतिशत की वृद्धि हुई, अन्य परिवहन उपकरण निर्माण, जिसमें 25.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई, तथा मोटर वाहन, ट्रेलर एवं अर्ध-ट्रेलर निर्माण, जिसमें 25.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई। यात्री कारों, वाणिज्यिक वाहनों और वाहन कलपुर्जों ने वाहन समूह को आगे बढ़ाया।

उपयोग आधारित तस्वीर

उपयोग के आधार पर वर्गीकरण में पूंजीगत वस्तुओं की वृद्धि सबसे तेज 16.9 प्रतिशत रही, इसके बाद मध्यवर्ती वस्तुएं 13.7 प्रतिशत और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुएं 11.1 प्रतिशत रहीं। बुनियादी ढांचा एवं निर्माण वस्तुएं 6.4 प्रतिशत, प्राथमिक वस्तुएं 3.5 प्रतिशत तथा उपभोक्ता गैर-टिकाऊ वस्तुएं 2.1 प्रतिशत बढ़ीं। महीने की वृद्धि में सबसे अधिक योगदान मध्यवर्ती वस्तुओं, पूंजीगत वस्तुओं और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुओं का रहा। सितंबर का सूचकांक 28 अक्टूबर 2026 को जारी होगा।

महत्वपूर्ण तथ्य

संकेतकऔद्योगिक उत्पादन सूचकांक, त्वरित अनुमान
माहअगस्त 2026
जारीकर्तासांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय
आधार वर्ष2022-23 = 100
कुल वृद्धि8.0 प्रतिशत
सामान्य सूचकांक123.3, एक वर्ष पहले 114.2
विनिर्माण9.0 प्रतिशत वृद्धि; सूचकांक 126.6
बिजली एवं गैस आपूर्ति12.3 प्रतिशत वृद्धि; सूचकांक 133.9
खनन एवं उत्खनन5.6 प्रतिशत की गिरावट; सूचकांक 85.7
सबसे तेज उपयोग आधारित श्रेणीपूंजीगत वस्तुएं, 16.9 प्रतिशत
अगला जारी28 अक्टूबर 2026

परीक्षा की दृष्टि से

मुख्य वृद्धि दर 8.0 प्रतिशत, सूचकांक मान 123.3 और पिछले वर्ष का 114.2, आधार वर्ष 2022-23, क्षेत्रवार वृद्धि दरें, खनन में गिरावट तथा पूंजीगत वस्तुओं की 16.9 प्रतिशत की सबसे तेज वृद्धि याद रखें।

अभ्यास प्रश्न

Q1.अर्थव्यवस्थाआसान

अगस्त 2026 में भारत के औद्योगिक उत्पादन सूचकांक की वृद्धि दर कितनी रही?

  1. A.5.4 प्रतिशत
  2. B.6.7 प्रतिशत
  3. C.8.0 प्रतिशत
  4. D.9.6 प्रतिशत
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 8.0 प्रतिशत

व्याख्या

सही उत्तर 8.0 प्रतिशत है। औद्योगिक उत्पादन सूचकांक से मापा गया कारखाना उत्पादन अगस्त 2026 में एक वर्ष पहले की तुलना में इसी दर से बढ़ा, जिसमें विनिर्माण तथा बिजली एवं गैस आपूर्ति का बड़ा योगदान रहा। विकल्प 6.7 प्रतिशत गलत है, क्योंकि यह पिछले महीने जुलाई 2026 का त्वरित अनुमान था और उसे केवल तुलना के लिए दिया गया है। विकल्प 5.4 प्रतिशत भी गलत है, क्योंकि इस महीने के लिए ऐसी कोई मुख्य दर नहीं बताई गई। विकल्प 9.6 प्रतिशत भी सही नहीं है; इसके सबसे निकट का आंकड़ा विनिर्माण क्षेत्र की अपनी वृद्धि दर 9.0 प्रतिशत है, जो केवल एक क्षेत्र पर लागू होती है, पूरे सूचकांक पर नहीं। यह आंकड़ा त्वरित अनुमान के रूप में जारी होता है और आगे के प्रकाशनों में संशोधन नीति के अनुसार इसमें बदलाव संभव है। यही कारण है कि हर महीने पिछले महीने के आंकड़े को अंतिम रूप भी दिया जाता है, जिससे तुलना अधिक भरोसेमंद बनती है।

Q2.अर्थव्यवस्थामध्यम

अगस्त 2026 के औद्योगिक उत्पादन सूचकांक में किस क्षेत्र में गिरावट दर्ज की गई?

  1. A.विनिर्माण
  2. B.खनन एवं उत्खनन
  3. C.बिजली एवं गैस आपूर्ति
  4. D.जल आपूर्ति एवं अपशिष्ट प्रबंधन
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. खनन एवं उत्खनन

व्याख्या

सही उत्तर खनन एवं उत्खनन है। चारों क्षेत्रों में केवल यही सिकुड़ा, जिसमें 5.6 प्रतिशत की गिरावट आई और इसका सूचकांक 85.7 रहा, जो चारों में सबसे कम है। विनिर्माण विकल्प गलत है, क्योंकि यह 9.0 प्रतिशत बढ़ा और मुख्य आंकड़े में सबसे बड़ा योगदानकर्ता रहा, इसका सूचकांक 126.6 तक पहुंचा। बिजली एवं गैस आपूर्ति विकल्प भी गलत है, क्योंकि यह 12.3 प्रतिशत की दर से महीने का सबसे तेज बढ़ने वाला क्षेत्र रहा और इसका सूचकांक 133.9 रहा। जल आपूर्ति एवं अपशिष्ट प्रबंधन भी गलत है, क्योंकि इसमें 6.3 प्रतिशत की बढ़त रही और इसका सूचकांक 147.6 रहा, जो महीने का सबसे ऊंचा क्षेत्रीय सूचकांक है। इस तरह चार में से तीन क्षेत्रों में बढ़त रही और केवल एक में गिरावट आई, जिससे महीने की समग्र तस्वीर सकारात्मक बनी रही। विनिर्माण का भार सबसे अधिक होने के कारण उसकी वृद्धि का असर मुख्य सूचकांक पर सबसे अधिक पड़ता है।

Q3.अर्थव्यवस्थाकठिन

उपयोग आधारित वर्गीकरण में अगस्त 2026 के दौरान सबसे अधिक वृद्धि किस श्रेणी में दर्ज हुई?

  1. A.प्राथमिक वस्तुएं
  2. B.उपभोक्ता गैर-टिकाऊ वस्तुएं
  3. C.पूंजीगत वस्तुएं
  4. D.बुनियादी ढांचा एवं निर्माण वस्तुएं
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. पूंजीगत वस्तुएं

व्याख्या

सही उत्तर पूंजीगत वस्तुएं है, जिनमें 16.9 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह महीने की सभी उपयोग आधारित श्रेणियों में सबसे अधिक रही। पूंजीगत वस्तुओं में वे मशीनें और उपकरण आते हैं जिनसे अन्य वस्तुओं का उत्पादन होता है, इसलिए इस दर को निवेश मांग का संकेत माना जाता है। प्राथमिक वस्तुएं विकल्प गलत है, क्योंकि इस श्रेणी में केवल 3.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई। उपभोक्ता गैर-टिकाऊ वस्तुएं विकल्प भी गलत है, क्योंकि यह 2.1 प्रतिशत के साथ सबसे धीमी रही। बुनियादी ढांचा एवं निर्माण वस्तुएं विकल्प भी सही नहीं है, क्योंकि इसमें 6.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई। पूंजीगत वस्तुओं के बाद मध्यवर्ती वस्तुएं 13.7 प्रतिशत और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुएं 11.1 प्रतिशत रहीं। उपयोग आधारित वर्गीकरण वस्तुओं को उनके अंतिम उपयोग के अनुसार छह समूहों में बांटता है, जिससे यह समझना आसान होता है कि वृद्धि निवेश से आ रही है या उपभोग से। इस महीने की वृद्धि में सबसे अधिक योगदान मध्यवर्ती वस्तुओं, पूंजीगत वस्तुओं और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुओं का रहा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अगस्त 2026 में भारत की औद्योगिक उत्पादन वृद्धि कितनी रही?

अगस्त 2026 में औद्योगिक उत्पादन सूचकांक एक वर्ष पहले की तुलना में 8.0 प्रतिशत बढ़ा। जुलाई 2026 के लिए त्वरित अनुमान 6.7 प्रतिशत था।

अगस्त 2026 में किस क्षेत्र में गिरावट आई?

केवल खनन एवं उत्खनन क्षेत्र में 5.6 प्रतिशत की गिरावट आई और इसका सूचकांक 85.7 रहा। विनिर्माण, बिजली एवं गैस तथा जल आपूर्ति सभी में बढ़त रही।

औद्योगिक उत्पादन सूचकांक का आधार वर्ष क्या है?

वर्तमान शृंखला में आधार वर्ष 2022-23 है, जिसे 100 माना जाता है। त्वरित अनुमान हर महीने की 28 तारीख को या अगले कार्य दिवस पर जारी होता है।

उपयोग आधारित वर्गीकरण में सबसे तेज वृद्धि किसमें रही?

पूंजीगत वस्तुओं में सबसे तेज 16.9 प्रतिशत की वृद्धि रही, इसके बाद मध्यवर्ती वस्तुएं 13.7 प्रतिशत और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुएं 11.1 प्रतिशत रहीं।

स्रोत

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