पीएम स्मृति चिह्न ई-नीलामी में आंध्र प्रदेश के 18 उपहार
प्रधानमंत्री को आंध्र प्रदेश से मिले अठारह स्मृति चिह्न पीएम मेमेंटोज ई-नीलामी में शामिल हैं, जिनसे मिली राशि नमामि गंगे कार्यक्रम को जाती है।

चर्चा में क्यों
संस्कृति मंत्रालय ने पीएम मेमेंटोज ई-नीलामी में शामिल आंध्र प्रदेश के अठारह स्मृति चिह्नों को सामने रखा। इस नीलामी में प्रधानमंत्री को मिले उपहार बेचे जाते हैं और प्राप्त राशि नमामि गंगे कार्यक्रम को दी जाती है।
प्रधानमंत्री को आंध्र प्रदेश से मिले अठारह स्मृति चिह्न पीएम मेमेंटोज ई-नीलामी का हिस्सा हैं। यह पहल संस्कृति मंत्रालय चलाता है। प्रधानमंत्री को मिले उपहार निजी संपत्ति के रूप में नहीं रखे जाते; उन्हें सार्वजनिक बोली के लिए रखा जाता है और उनसे मिलने वाली राशि एक राष्ट्रीय उद्देश्य की ओर मोड़ दी जाती है।
आंध्र प्रदेश के संग्रह में क्या है
राज्य का यह चयन उसकी शिल्प परंपरा की छोटी झलक जैसा है। इसमें कोंडापल्ली शैली में बनी लकड़ी की बैलगाड़ी है, जो ग्रामीण जीवन और उस कस्बे की प्रसिद्ध काष्ठ शिल्प परंपरा को दर्शाती है। एक कलमकारी वस्त्र भी है, जिस पर प्रधानमंत्री का फोटोप्रिंट है; इसमें राज्य की चित्रित वस्त्र परंपरा और एक समकालीन छवि एक साथ आ जाती हैं। श्रीशैलम स्थित श्री शिवाजी स्फूर्ति केंद्रम का एक स्मृति चिह्न भी इसी समूह का हिस्सा है, जो राज्य के सांस्कृतिक और धार्मिक इतिहास की एक कड़ी जोड़ता है।
इस संग्रह की दो वस्तुएं परंपरा से अधिक आज की चिंताओं की बात कहती हैं। एक है स्त्री शक्ति प्रतिभा अवॉर्ड-2025 का स्मृति चिह्न, जो महिलाओं की उपलब्धियों को रेखांकित करता है। दूसरी है गुड गवर्नेंस ऑफ इंडिया नाम की एक्रिलिक पेंटिंग, जिसमें कल्याण योजनाएं, कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी ढांचा जैसे विषय उभरते हैं। कुल मिलाकर ये अठारह वस्तुएं राज्य की पहचान और उसकी दिशा, दोनों को सामने रखती हैं।
राशि कहां जाती है
इस पहल का मर्म बोली के बाद शुरू होता है। इन स्मृति चिह्नों की बिक्री से मिली राशि नमामि गंगे कार्यक्रम को दी जाती है, जो गंगा नदी के संरक्षण और उसे फिर से स्वस्थ बनाने का राष्ट्रीय प्रयास है। इस तरह आंध्र प्रदेश के किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में दिया गया उपहार दूर कहीं नदी के काम का खर्च उठाता है, वस्तु उस बोलीदाता के पास पहुंच जाती है जो उसका मूल्य समझता है, और उसका सांस्कृतिक अर्थ भंडार गृह में खोने के बजाय बचा रहता है।
कैसे भाग लें
ई-नीलामी चल रही है और उसे 31 अक्टूबर 2026 तक बढ़ा दिया गया है। इच्छुक बोलीदाता आंध्र प्रदेश का संग्रह देख सकते हैं और आधिकारिक पीएम मेमेंटोज पोर्टल पर अपनी बोली लगा सकते हैं। इस नीलामी के पहले दौर भी वस्तुओं की विविधता के कारण चर्चा में रहे हैं, जिनमें पेंटिंग और मूर्तियों से लेकर शॉल, मॉडल और खेल से जुड़ी वस्तुएं शामिल रही हैं।
महत्वपूर्ण तथ्य
| पहल | पीएम मेमेंटोज ई-नीलामी |
|---|---|
| मंत्रालय | संस्कृति मंत्रालय |
| संबंधित राज्य | आंध्र प्रदेश |
| स्मृति चिह्नों की संख्या | अठारह |
| शिल्प | कोंडापल्ली काष्ठ शिल्प, कलमकारी वस्त्र |
| पुरस्कार स्मृति चिह्न | स्त्री शक्ति प्रतिभा अवॉर्ड-2025 |
| पेंटिंग | गुड गवर्नेंस ऑफ इंडिया (एक्रिलिक) |
| धार्मिक स्थल | श्री शिवाजी स्फूर्ति केंद्रम, श्रीशैलम |
| राशि किसे | नमामि गंगे कार्यक्रम |
| नीलामी की अंतिम तिथि | 31 अक्टूबर 2026 |
परीक्षा की दृष्टि से
याद रखें: आंध्र प्रदेश के स्मृति चिह्नों की संख्या (अठारह), शिल्प के नाम (कोंडापल्ली काष्ठ शिल्प और कलमकारी वस्त्र), पुरस्कार स्मृति चिह्न (स्त्री शक्ति प्रतिभा अवॉर्ड-2025), पेंटिंग (गुड गवर्नेंस ऑफ इंडिया), धार्मिक स्थल (श्री शिवाजी स्फूर्ति केंद्रम, श्रीशैलम), पहल चलाने वाला मंत्रालय (संस्कृति) और राशि का गंतव्य (नमामि गंगे) तथा अंतिम तिथि 31 अक्टूबर 2026।
अभ्यास प्रश्न
पीएम मेमेंटोज ई-नीलामी से प्राप्त राशि किस कार्यक्रम को दी जाती है?
- A.स्वच्छ भारत मिशन
- B.नमामि गंगे
- C.जल जीवन मिशन
- D.अटल भूजल योजना
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर नमामि गंगे है। प्रधानमंत्री को मिले उपहार और स्मृति चिह्न सार्वजनिक ई-नीलामी के जरिये बेचे जाते हैं, और उनसे मिली राशि नमामि गंगे कार्यक्रम को दी जाती है, जो गंगा नदी के संरक्षण और पुनरुद्धार का काम करता है। यही बात इस पहल को अर्थ देती है, क्योंकि शिष्टाचार में मिली कोई वस्तु एक राष्ट्रीय मिशन का सहयोग बन जाती है। विकल्प A का स्वच्छ भारत मिशन स्वच्छता और शौचालय से जुड़ा है और उसे इस नीलामी की राशि नहीं मिलती। विकल्प C का जल जीवन मिशन घरों तक नल से जल पहुंचाने का कार्यक्रम है, और विकल्प D की अटल भूजल योजना भूजल प्रबंधन से जुड़ी है; इन दोनों को भी स्मृति चिह्नों की नीलामी से राशि नहीं जाती। अभ्यर्थी पीएम मेमेंटोज ई-नीलामी को गंगा संरक्षण के साथ जोड़कर याद रखें, क्योंकि परीक्षा में यही जोड़ सबसे अधिक पूछा जाता है।
नीलामी के स्मृति चिह्नों में शामिल कोंडापल्ली काष्ठ शिल्प किस राज्य से जुड़ा है?
- A.ओडिशा
- B.कर्नाटक
- C.आंध्र प्रदेश
- D.तेलंगाना
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर आंध्र प्रदेश है। जिस संग्रह की चर्चा हो रही है, वह प्रधानमंत्री को आंध्र प्रदेश से मिले स्मृति चिह्नों का समूह है, और उसमें कोंडापल्ली शैली में बनी लकड़ी की बैलगाड़ी शामिल है। यह शिल्प उस राज्य में ग्रामीण जीवन और पारंपरिक कारीगरी का प्रतीक माना जाता है। इसी समूह में कलमकारी वस्त्र भी है, जो आंध्र प्रदेश से जुड़ी दूसरी प्रसिद्ध परंपरा है। विकल्प A का ओडिशा पट्टचित्र और पत्थर की नक्काशी के लिए जाना जाता है, कोंडापल्ली खिलौनों के लिए नहीं। विकल्प B के कर्नाटक की अपनी काष्ठ परंपरा है, जैसे चन्नापटना के लाख लगे खिलौने, जिन्हें परीक्षा में कोंडापल्ली के साथ भ्रमित किया जाता है। विकल्प D का तेलंगाना पड़ोसी राज्य है और निर्मल तथा पेंबर्थी शिल्प के लिए जाना जाता है। इसलिए कोंडापल्ली और कलमकारी को आंध्र प्रदेश के साथ जोड़कर याद रखना चाहिए।
पीएम मेमेंटोज ई-नीलामी को किस तारीख तक बढ़ाया गया है?
- A.31 अक्टूबर 2026
- B.30 नवंबर 2026
- C.15 अक्टूबर 2026
- D.31 दिसंबर 2026
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर 31 अक्टूबर 2026 है। ई-नीलामी इस समय चल रही है और उसकी अंतिम तिथि अक्टूबर के अंत तक बढ़ा दी गई है, जिससे बोलीदाताओं को संग्रह देखने और आधिकारिक पीएम मेमेंटोज पोर्टल पर बोली लगाने के लिए अधिक समय मिल सके। आंध्र प्रदेश से मिले अठारह स्मृति चिह्न इसी चालू संग्रह का हिस्सा हैं। विकल्प B और विकल्प D में दी गई तारीखें इससे बाद की हैं और घोषित विस्तार से मेल नहीं खातीं। विकल्प C की तारीख पहले पड़ती है और उससे बोली की अवधि छोटी हो जाती। परीक्षा की दृष्टि से उपयोगी संयोजन यह है कि राज्य से आए स्मृति चिह्नों की संख्या, पहल चलाने वाला मंत्रालय, राशि का गंतव्य और यह अंतिम तिथि एक साथ याद रखी जाए, क्योंकि ऐसी नीलामियों पर प्रश्न इन्हीं चार बिंदुओं के आसपास बनते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
पीएम मेमेंटोज ई-नीलामी से मिली राशि कहां जाती है?
यह राशि नमामि गंगे कार्यक्रम को दी जाती है, जो गंगा नदी के संरक्षण और पुनरुद्धार का राष्ट्रीय प्रयास है। प्रधानमंत्री को मिले उपहार सार्वजनिक रूप से नीलाम होते हैं और उससे मिली राशि इस काम में लगती है।
आंध्र प्रदेश के कौन से शिल्प इस संग्रह में हैं?
कोंडापल्ली काष्ठ शिल्प, जो लकड़ी की बैलगाड़ी में दिखता है, और कलमकारी कला, जो प्रधानमंत्री के फोटोप्रिंट वाले वस्त्र में है। श्रीशैलम के श्री शिवाजी स्फूर्ति केंद्रम का स्मृति चिह्न भी शामिल है।
ई-नीलामी कब तक खुली है?
इसे 31 अक्टूबर 2026 तक बढ़ाया गया है। आंध्र प्रदेश के अठारह स्मृति चिह्नों के लिए बोली संस्कृति मंत्रालय के आधिकारिक पीएम मेमेंटोज पोर्टल पर लगाई जा सकती है।
स्रोत
- https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2321268 (नए टैब में खुलेगा) — Press Information Bureau
करेंट अफेयर्स 9 अक्टूबर 2026
- विश्व कपास दिवस: संयुक्त राष्ट्र में भारत-माली कार्यक्रममहत्वपूर्ण दिवस
- सिंगापुर भारत में एफडीआई का सबसे बड़ा स्रोत, सीतारमण की यात्राअर्थव्यवस्था
- बिजली घरों को कोयला आपूर्ति सितंबर के न्यूनतम से 36% बढ़ीअर्थव्यवस्था
- 15वीं आसियान-भारत वस्तु व्यापार समिति बैठक जकार्ता मेंअंतरराष्ट्रीय
- पर्चे वाली दवाओं के विज्ञापन पर सख्ती का मसौदा प्रस्तावराष्ट्रीय
- खादी: निफ्ट दिल्ली केंद्र ने 2,129 डिजाइन संग्रह तैयार किएसरकारी योजनाएं
- राष्ट्रीय चिकित्सा पुस्तकालय में 5वां ईआरमेड सम्मेलन हुआराष्ट्रीय
- सीटीआईएल का नौवां स्थापना दिवस, व्यापार पत्रिका का विमोचनराष्ट्रीय
संबंधित करेंट अफेयर्स
संबंधित GK
- भारत के प्रमाणन चिह्न: आईएसआई, एगमार्क और हॉलमार्क
9 अक्टूबर 2026 · विज्ञान और प्रौद्योगिकी
- भारत के केंद्र शासित प्रदेश: अनुच्छेद, राजधानियां और तथ्य
9 अक्टूबर 2026 · भारत के राज्य और केंद्र शासित प्रदेश
- जम्मू-कश्मीर और लद्दाख सामान्य ज्ञान: परीक्षा तथ्य
9 अक्टूबर 2026 · भारत के राज्य और केंद्र शासित प्रदेश
क्विज खेलें
- करेंट अफेयर्स क्विज
राज्य परीक्षाएं करेंट अफेयर्स क्विज: 9 अक्टूबर 2026
25 प्रश्न25 मिनटक्विज शुरू करें



