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GK24
राज्य समाचारमध्यम

नीलामी के स्मृति चिह्नों में शामिल कोंडापल्ली काष्ठ शिल्प किस राज्य से जुड़ा है?

  1. A.ओडिशा
  2. B.कर्नाटक
  3. C.आंध्र प्रदेश
  4. D.तेलंगाना

सही उत्तर

C. आंध्र प्रदेश

व्याख्या

सही उत्तर आंध्र प्रदेश है। जिस संग्रह की चर्चा हो रही है, वह प्रधानमंत्री को आंध्र प्रदेश से मिले स्मृति चिह्नों का समूह है, और उसमें कोंडापल्ली शैली में बनी लकड़ी की बैलगाड़ी शामिल है। यह शिल्प उस राज्य में ग्रामीण जीवन और पारंपरिक कारीगरी का प्रतीक माना जाता है। इसी समूह में कलमकारी वस्त्र भी है, जो आंध्र प्रदेश से जुड़ी दूसरी प्रसिद्ध परंपरा है। विकल्प A का ओडिशा पट्टचित्र और पत्थर की नक्काशी के लिए जाना जाता है, कोंडापल्ली खिलौनों के लिए नहीं। विकल्प B के कर्नाटक की अपनी काष्ठ परंपरा है, जैसे चन्नापटना के लाख लगे खिलौने, जिन्हें परीक्षा में कोंडापल्ली के साथ भ्रमित किया जाता है। विकल्प D का तेलंगाना पड़ोसी राज्य है और निर्मल तथा पेंबर्थी शिल्प के लिए जाना जाता है। इसलिए कोंडापल्ली और कलमकारी को आंध्र प्रदेश के साथ जोड़कर याद रखना चाहिए।

पूरा लेख पढ़ें: पीएम स्मृति चिह्न ई-नीलामी में आंध्र प्रदेश के 18 उपहार

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Q1.राज्य समाचारआसान

पीएम मेमेंटोज ई-नीलामी से प्राप्त राशि किस कार्यक्रम को दी जाती है?

  1. A.स्वच्छ भारत मिशन
  2. B.नमामि गंगे
  3. C.जल जीवन मिशन
  4. D.अटल भूजल योजना
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. नमामि गंगे

व्याख्या

सही उत्तर नमामि गंगे है। प्रधानमंत्री को मिले उपहार और स्मृति चिह्न सार्वजनिक ई-नीलामी के जरिये बेचे जाते हैं, और उनसे मिली राशि नमामि गंगे कार्यक्रम को दी जाती है, जो गंगा नदी के संरक्षण और पुनरुद्धार का काम करता है। यही बात इस पहल को अर्थ देती है, क्योंकि शिष्टाचार में मिली कोई वस्तु एक राष्ट्रीय मिशन का सहयोग बन जाती है। विकल्प A का स्वच्छ भारत मिशन स्वच्छता और शौचालय से जुड़ा है और उसे इस नीलामी की राशि नहीं मिलती। विकल्प C का जल जीवन मिशन घरों तक नल से जल पहुंचाने का कार्यक्रम है, और विकल्प D की अटल भूजल योजना भूजल प्रबंधन से जुड़ी है; इन दोनों को भी स्मृति चिह्नों की नीलामी से राशि नहीं जाती। अभ्यर्थी पीएम मेमेंटोज ई-नीलामी को गंगा संरक्षण के साथ जोड़कर याद रखें, क्योंकि परीक्षा में यही जोड़ सबसे अधिक पूछा जाता है।

Q2.राज्य समाचारआसान

पीएम मेमेंटोज ई-नीलामी को किस तारीख तक बढ़ाया गया है?

  1. A.31 अक्टूबर 2026
  2. B.30 नवंबर 2026
  3. C.15 अक्टूबर 2026
  4. D.31 दिसंबर 2026
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. 31 अक्टूबर 2026

व्याख्या

सही उत्तर 31 अक्टूबर 2026 है। ई-नीलामी इस समय चल रही है और उसकी अंतिम तिथि अक्टूबर के अंत तक बढ़ा दी गई है, जिससे बोलीदाताओं को संग्रह देखने और आधिकारिक पीएम मेमेंटोज पोर्टल पर बोली लगाने के लिए अधिक समय मिल सके। आंध्र प्रदेश से मिले अठारह स्मृति चिह्न इसी चालू संग्रह का हिस्सा हैं। विकल्प B और विकल्प D में दी गई तारीखें इससे बाद की हैं और घोषित विस्तार से मेल नहीं खातीं। विकल्प C की तारीख पहले पड़ती है और उससे बोली की अवधि छोटी हो जाती। परीक्षा की दृष्टि से उपयोगी संयोजन यह है कि राज्य से आए स्मृति चिह्नों की संख्या, पहल चलाने वाला मंत्रालय, राशि का गंतव्य और यह अंतिम तिथि एक साथ याद रखी जाए, क्योंकि ऐसी नीलामियों पर प्रश्न इन्हीं चार बिंदुओं के आसपास बनते हैं।

Q3.राज्य समाचारमध्यम

अनुमान के अनुसार 2025-26 के दौरान रेशम उत्पादन कितने व्यक्तियों को रोजगार देगा?

  1. A.लगभग 9.50 लाख व्यक्ति
  2. B.लगभग 19.50 लाख व्यक्ति
  3. C.लगभग 29.50 लाख व्यक्ति
  4. D.लगभग 39.50 लाख व्यक्ति
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. लगभग 29.50 लाख व्यक्ति

व्याख्या

सही उत्तर लगभग 29.50 लाख व्यक्ति है। मंत्री ने यह अनुमान यह दिखाने के लिए दिया कि कितनी आजीविका इस क्षेत्र पर टिकी है, और इसी कारण बीज की गुणवत्ता तथा आधुनिक ढांचा पालन-कक्ष से बहुत आगे तक महत्व रखते हैं। विकल्प ए, बी और डी वास्तविक आंकड़े का पहला अंक बदलकर बनाए गए हैं और रोजगार से जुड़े प्रश्नों में यही आम जाल है। इसके साथ संदर्भ भी याद रखें: केंद्रीय रेशम बोर्ड का बीज नेटवर्क शहतूत तथा वन्या दोनों क्षेत्रों को समेटता है, जिसमें राष्ट्रीय रेशमकीट बीज संगठन शहतूत पक्ष की जरूरत पूरी करता है और दो अलग संगठन वन्या बीज को सहयोग देते हैं। मंत्री ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण बीज, आधुनिक ढांचा, प्रौद्योगिकी और कौशल विकास मिलकर क्षेत्र की उत्पादकता तय करते हैं, और उन्होंने इसे आत्मनिर्भर पूर्वोत्तर से जोड़ा।

Q4.राज्य समाचारमध्यम

अक्टूबर 2026 में उद्घाटित नया ग्रेनेज भवन तथा शीतगृह किस रेशमकीट बीज उत्पादन केंद्र में है?

  1. A.रोवरिया, जोरहाट, असम
  2. B.लहदोईगढ़, जोरहाट, असम
  3. C.मैसूरु, कर्नाटक
  4. D.बहरामपुर, पश्चिम बंगाल
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. रोवरिया, जोरहाट, असम

व्याख्या

सही उत्तर रोवरिया, जोरहाट, असम है। वहां स्थित केंद्रीय रेशम बोर्ड के रेशमकीट बीज उत्पादन केंद्र में नवनिर्मित ग्रेनेज भवन तथा शीतगृह सुविधा का उद्घाटन केंद्रीय वस्त्र राज्य मंत्री ने पूर्वोत्तर क्षेत्र वस्त्र प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत किया। विकल्प बी उसी कस्बे के पास की दूसरी जगह का नाम है और यह उस अभ्यर्थी को फंसाता है जिसे केवल जिला याद रहता है। विकल्प सी और डी देश में रेशम अनुसंधान तथा बीज कार्य से पुराने जुड़े स्थान हैं, इसी कारण इन्हें यहां रखा गया है; इस उद्घाटन से इनका कोई संबंध नहीं। यह सुविधा प्रति वर्ष शहतूत संकर बीज की 30 लाख रोगमुक्त अंडोत्पत्ति तैयार कर सकती है और 1 करोड़ तक संरक्षित रख सकती है, जिससे क्षेत्र के किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण बीज मिलेगा।

Q5.राज्य समाचारकठिन

भारत के मुगा रेशम उत्पादन में असम का हिस्सा लगभग कितना है?

  1. A.54 प्रतिशत
  2. B.64 प्रतिशत
  3. C.74 प्रतिशत
  4. D.84 प्रतिशत
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. 84 प्रतिशत

व्याख्या

सही उत्तर लगभग 84 प्रतिशत है, जो 73 मीट्रिक टन मुगा रेशम बैठता है। यहां जाल विकल्प सी है: 74 प्रतिशत असम का एरी रेशम उत्पादन में हिस्सा है, जो 2,131 मीट्रिक टन है, और प्रश्नपत्रों में ये दोनों हिस्से आपस में बदल दिए जाते हैं, इसलिए जोड़ी को साथ याद करना चाहिए। विकल्प ए और बी गढ़े गए आंकड़े हैं। मुगा वही सुनहरा रेशम है जिसके लिए असम जाना जाता है, और मंत्री ने मिशन सेनेहजोरी को इसे वैश्विक बाजार के लिए उच्च मूल्य वाला उत्पाद बनाने का रास्ता बताया। पूर्णता के लिए यह भी जानें कि राज्य ने 2026-27 में जुलाई तक शहतूत कच्चे रेशम उत्पादन का 6 प्रतिशत यानी 9 मीट्रिक टन दर्ज किया, और इसी अवधि में पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र ने 142 मीट्रिक टन शहतूत रेशम दर्ज किया।