एनपीपीए ने 137 कैंसर रोधी दवाओं पर व्यापार मार्जिन सीमित किया
एनपीपीए ने 137 कैंसर रोधी दवाओं पर व्यापार मार्जिन की सीमा तय की; 9 नवंबर 2026 से 1031 फॉर्मूलेशन सस्ते होंगे और सालाना 3,502.31 करोड़ रुपये बचेंगे।

चर्चा में क्यों
7 नवंबर 2026 को औषध विभाग ने बताया कि 137 कैंसर रोधी दवाओं पर एनपीपीए की व्यापार मार्जिन सीमा 9 नवंबर 2026 से लागू होगी, जिससे 1031 फॉर्मूलेशन सस्ते होंगे और खरीदारों को सालाना करीब 3,502.31 करोड़ रुपये की बचत होगी।
राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) ने 137 कैंसर रोधी दवाओं पर लिए जा सकने वाले व्यापार मार्जिन की ऊपरी सीमा तय कर दी है। इससे घटने वाली कीमतें 9 नवंबर 2026 से लागू होंगी।
निर्णय किसने लिया
एनपीपीए रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के औषध विभाग के अधीन काम करता है। उसने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अधीन स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (डीजीएचएस) द्वारा गठित विशेषज्ञ समिति की सिफारिश पर यह कदम उठाया। इस आदेश की अधिसूचना संख्या एसओ 5690 (ई) है, जिसकी तारीख 17 अक्टूबर 2026 है और जो अगले आदेश तक प्रभावी रहेगी। इस उपाय को व्यापार मार्जिन युक्तिकरण (टीएमआर) कहा जाता है। यह अनुसूची से बाहर की उन कैंसर रोधी दवाओं पर लागू होता है जिनके दाम पहले बंधे हुए नहीं थे। विक्रेता अब 30 प्रतिशत से अधिक मार्जिन नहीं जोड़ सकेगा।
दाम कितने घटे
अब तक 76 दवा कंपनियों ने 1225 कैंसर रोधी फॉर्मूलेशन के नए खुदरा मूल्य दर्ज कराए हैं, जिनमें कुल 121 दवाएँ शामिल हैं। इनमें से 1031 फॉर्मूलेशन के दाम घटे हैं। करीब 600 ब्रांड आधे से भी कम कीमत पर आ गए हैं और सबसे बड़ी कटौती 96.45 प्रतिशत तक पहुँची है। सूची की 137 दवाओं में से दस से पंद्रह दवाएँ भारत में अभी बिक्री के लिए नहीं आई हैं; बाजार में आने के दिन से उन पर भी यही मार्जिन सीमा लागू होगी।
मरीजों की बचत
नई दरें शुरू होने पर खरीदारों की सालाना बचत 3,502.31 करोड़ रुपये आँकी गई है। बेवासिजुमैब, एबिरेटेरोन, पालबोसिक्लिब और पर्टुजुमैब के कई प्रचलित ब्रांड अब पहले के मुकाबले बहुत कम दाम पर मिलेंगे। सीमा के दायरे में आई दवाएँ सबसे आम कैंसरों के इलाज में काम आती हैं।
| बेवासिजुमैब 100 मिलीग्राम इंजेक्शन | फेफड़े, आँत, अंडाशय और ग्रीवा कैंसर |
| डेनोसुमैब 60 मिलीग्राम इंजेक्शन | स्तन और प्रोस्टेट कैंसर; हड्डी का क्षय रोकने में |
| एबिरेटेरोन एसीटेट 250 मिलीग्राम गोली | प्रोस्टेट कैंसर |
| एजेसिटिडीन 100 मिलीग्राम इंजेक्शन | रक्त कैंसर |
| फुलवेस्ट्रैंट 250 मिलीग्राम इंजेक्शन | स्तन कैंसर |
| पालबोसिक्लिब 125 मिलीग्राम कैप्सूल | स्तन कैंसर |
| पेमेट्रेक्सेड 500 मिलीग्राम वायल | फेफड़े का कैंसर |
| पर्टुजुमैब 420 मिलीग्राम इंजेक्शन | स्तन कैंसर |
| पेगफिल्ग्रास्टिम 6 मिलीग्राम इंजेक्शन | कैंसर मरीजों में न्यूट्रोपीनिया रोकने में |
निगरानी कैसे होगी
हर खुदरा विक्रेता, डीलर, अस्पताल और संस्थान को कैंसर रोधी दवाओं की संशोधित मूल्य सूची अपने परिसर में तथा अपनी वेबसाइट पर प्रमुखता से लगानी होगी। राज्यों के औषधि नियंत्रक यह देखेंगे कि निर्माता, डीलर, अस्पताल और चिकित्सा संस्थान नई सीमा का पालन कर रहे हैं या नहीं। कोई भी मरीज फार्मा सही दाम मोबाइल ऐप या एनपीपीए की वेबसाइट पर सही कीमत देख सकता है और अधिक वसूली की शिकायत प्राधिकरण को भेज सकता है। कंपनियाँ औषधि (मूल्य नियंत्रण) आदेश, 2013 के पैराग्राफ 20(1) के तहत मिलने वाली सालाना वृद्धि अब भी ले सकती हैं, बशर्ते वे तय मार्जिन के भीतर रहें। सरकार इसे कैंसर के इलाज को सस्ता और सुलभ बनाने की लगातार कोशिश का हिस्सा बताती है।
महत्वपूर्ण तथ्य
| नियामक | राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) |
|---|---|
| संबंधित मंत्रालय | औषध विभाग, रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय |
| उपाय | अनुसूची से बाहर की 137 कैंसर रोधी दवाओं पर व्यापार मार्जिन युक्तिकरण (टीएमआर) |
| लागू होने की तारीख | 9 नवंबर 2026 |
| अधिसूचना | एसओ 5690 (ई), दिनांक 17 अक्टूबर 2026 |
| अधिकतम व्यापार मार्जिन | 30 प्रतिशत |
| दर्ज कराए गए मूल्य | 76 कंपनियों द्वारा 121 दवाओं के 1225 फॉर्मूलेशन |
| सस्ते हुए फॉर्मूलेशन | 1031, जिनमें करीब 600 ब्रांड आधे से कम दाम पर |
| सबसे बड़ी कटौती | 96.45 प्रतिशत |
| अनुमानित सालाना बचत | 3,502.31 करोड़ रुपये |
| विशेषज्ञ समिति गठित की | स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (डीजीएचएस), स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय |
| कीमत कहाँ देखें | फार्मा सही दाम मोबाइल ऐप और एनपीपीए की वेबसाइट |
परीक्षा की दृष्टि से
याद रखें: नियामक (एनपीपीए), विभाग (औषध विभाग, रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय), उपाय (व्यापार मार्जिन युक्तिकरण), दवाओं की संख्या (137), लागू होने की तारीख (9 नवंबर 2026), मार्जिन सीमा (30 प्रतिशत), सबसे बड़ी कटौती (96.45 प्रतिशत), सालाना बचत (3,502.31 करोड़ रुपये) और कीमत देखने वाला ऐप (फार्मा सही दाम)।
अभ्यास प्रश्न
137 कैंसर रोधी दवाओं की संशोधित कीमतें किस तारीख से प्रभावी होंगी?
- A.1 नवंबर 2026
- B.9 नवंबर 2026
- C.17 अक्टूबर 2026
- D.1 जनवरी 2027
उत्तर देखें
एनपीपीए ने 137 कैंसर रोधी दवाओं के अधिकतम खुदरा मूल्य पर व्यापार मार्जिन की सीमा तय की, और उससे घटने वाली कीमतें इसी दिन से लागू होंगी।
पूरी व्याख्या पढ़ें →अनुसूची से बाहर की कैंसर रोधी दवाओं पर व्यापार मार्जिन की सीमा किस संस्था ने तय की?
- A.केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन
- B.राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण
- C.भारत के औषधि महानियंत्रक
- D.स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय
उत्तर देखें
सही उत्तर राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) है, जो रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के औषध विभाग के अधीन काम करता है और जिसने 137 कैंसर रोधी दवाओं पर व्यापार मार्जिन की ऊपरी सीमा तय की।
पूरी व्याख्या पढ़ें →संशोधित कैंसर रोधी दवा कीमतों से उपभोक्ताओं को सालाना कितनी बचत का अनुमान है?
- A.1,250 करोड़ रुपये
- B.2,340 करोड़ रुपये
- C.3,502.31 करोड़ रुपये
- D.7,800 करोड़ रुपये
उत्तर देखें
9 नवंबर 2026 से नई दरें शुरू होने पर सरकार को खरीदारों की इतनी सालाना बचत का अनुमान है। यह आँकड़ा 1031 कैंसर रोधी फॉर्मूलेशन में दर्ज कीमत कटौती से निकलता है; कुल 1225 फॉर्मूलेशन के दाम 76 कंपनियों ने दर्ज कराए थे, जिनमें 121 दवाएँ शामिल हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →इन कैंसर रोधी दवाओं पर अधिकतम अनुमेय व्यापार मार्जिन कितना है?
- A.10 प्रतिशत
- B.20 प्रतिशत
- C.30 प्रतिशत
- D.50 प्रतिशत
उत्तर देखें
इन कैंसर रोधी दवाओं को बेचने वालों को इसी सीमा के भीतर रहना होगा, और कोई कंपनी औषधि (मूल्य नियंत्रण) आदेश, 2013 के पैराग्राफ 20(1) से मिलने वाली सालाना मूल्य वृद्धि तभी ले सकती है जब वह इस सीमा का पालन करती रहे।
पूरी व्याख्या पढ़ें →अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कैंसर रोधी दवाओं की संशोधित कीमतें किस तारीख से लागू होंगी?
9 नवंबर 2026 से। एनपीपीए ने 137 कैंसर रोधी दवाओं पर व्यापार मार्जिन सीमित किया है, 1031 फॉर्मूलेशन के दाम घटे हैं और खरीदारों की अनुमानित सालाना बचत 3,502.31 करोड़ रुपये है।
इन कैंसर रोधी दवाओं पर अधिकतम कितना व्यापार मार्जिन लिया जा सकता है?
30 प्रतिशत। यह सीमा 17 अक्टूबर 2026 की अधिसूचना एसओ 5690 (ई) से तय हुई है। कंपनियाँ औषधि (मूल्य नियंत्रण) आदेश, 2013 के पैराग्राफ 20(1) के तहत सालाना वृद्धि इसी सीमा के भीतर रहते हुए ले सकती हैं।
मरीज कैंसर रोधी दवा की सही कीमत कहाँ देख सकता है?
फार्मा सही दाम मोबाइल ऐप या एनपीपीए की वेबसाइट पर। खुदरा विक्रेताओं, डीलरों, अस्पतालों और संस्थानों को संशोधित मूल्य सूची भी लगानी होगी, और राज्यों के औषधि नियंत्रक पालन की निगरानी करेंगे।
स्रोत
- https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2333949 (नए टैब में खुलेगा) — Press Information Bureau
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