अग्निवीरों के लिए सेकंड टूर ऑफ ड्यूटी दीवाली का उपहार
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बागडोगरा में वायुसैनिकों से बातचीत में मंत्रिमंडल से मंजूर सेकंड टूर ऑफ ड्यूटी को अग्निवीरों के लिए दीवाली का तोहफा बताया।

चर्चा में क्यों
7 नवंबर 2026 को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दीवाली की पूर्व संध्या पर पश्चिम बंगाल के वायुसेना स्टेशन बागडोगरा में वायुसैनिकों से बातचीत की और मंत्रिमंडल से मंजूर सेकंड टूर ऑफ ड्यूटी को अग्निवीरों के लिए दीवाली का महत्वपूर्ण उपहार बताया।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दीवाली की पूर्व संध्या पर पश्चिम बंगाल के वायुसेना स्टेशन बागडोगरा में भारतीय वायुसेना के जवानों से बातचीत की। उन्होंने सशस्त्र बलों से कहा कि वे परिचालन तैयारी का उच्चतम स्तर बनाए रखें, क्योंकि आज खतरे केवल सीमा पार से नहीं आते।
अग्निवीरों के लिए सेकंड टूर ऑफ ड्यूटी
रक्षा मंत्री ने केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा अग्निवीरों के लिए मंजूर सेकंड टूर ऑफ ड्यूटी का उल्लेख किया और इसे उनके लिए दीवाली का महत्वपूर्ण उपहार कहा। इस निर्णय के तहत दो वर्ष की सेवा अवधि पूरी करने वाले अग्निवीर को देश की सेवा का एक और अवसर मिलेगा। अवधि पूरी होने पर सभी अग्निवीर नियमित सैनिक के रूप में भर्ती के लिए आवेदन कर सकेंगे, बशर्ते वे इच्छुक हों और चयन की निर्धारित शर्तें पूरी करें। उन्होंने इसे सैनिकों तथा उनके परिवारों के कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण बताया।
युद्ध का बदला स्वरूप
श्री सिंह ने कहा कि सुरक्षा का परिदृश्य पहले से कहीं अधिक जटिल हो गया है और टकराव अब पारंपरिक सीमा संघर्ष से आगे बढ़कर असममित युद्ध, छद्म युद्ध, साइबर हमले, ड्रोन के झुंड, सूचना अभियान और नैरेटिव गढ़ने तक फैल गया है। उन्होंने बलों से तीन क्षमताओं को विशेष रूप से मजबूत करने को कहा—डोमेन जागरूकता, साइबर लचीलापन और सूचना की विश्वसनीयता। उन्होंने चेताया कि विरोधी प्रायः सीधी भिड़ंत से बचता है और कमजोरियों की तलाश करता है, तथा सोशल मीडिया के जरिये स्थानीय लोगों और सैनिकों के मन में संदेह बोने का प्रयास करता है। ऐसे माहौल में सैनिक की भूमिका एक सामान्य सिपाही से बड़ी हो जाती है।
बागडोगरा का महत्व
रक्षा मंत्री ने बागडोगरा क्षेत्र को सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण तथा देश के सुरक्षा ढांचे की एक अहम कड़ी बताया, विशेष रूप से पूर्वोत्तर के लिए। उन्होंने कहा कि वहां तैनात वायुसैनिक पूर्वी क्षेत्र की सुरक्षा के लिए मजबूत कवच हैं और उनकी तैयारी ही क्षेत्र की स्थिरता का आधार है। उन्होंने जोड़ा कि तकनीक कितनी भी आगे बढ़े, अनुशासन और साहस अपरिहार्य रहेंगे, क्योंकि सैनिकों का आचरण, व्यवहार, भाषा और संयम ही स्थानीय समाज में सेना की छवि बनाते हैं। उन्होंने बागडोगरा और आसपास के लोगों से जुड़ाव और गहरा करने का आग्रह किया और कहा कि समाज से जुड़ाव जितना बढ़ेगा, विरोधी की साजिशें उतनी ही कमजोर होंगी।
रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत
आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को दोहराते हुए उन्होंने ड्रोन, एंटी-ड्रोन प्रणाली और उन्नत सैन्य उपकरण बनाने में भारतीय स्टार्टअप तथा उद्योग की बढ़ती भागीदारी का उल्लेख किया। उन्होंने स्वदेशी तकनीक अपनाने तथा ड्रोन संचालन और साइबर सुरक्षा में नए कौशल सीखने के लिए बलों की सराहना की और कहा कि तकनीक पर अधिक आधारित सेना भविष्य की चुनौतियों के लिए बेहतर तैयार होगी।
कौन उपस्थित रहे
| वायुसेना प्रमुख | एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित |
| एयर ऑफिसर कमांडिंग, बागडोगरा | एयर कमोडोर मनीष शर्मा |
रक्षा मंत्री ने वायुसैनिकों और उनके परिवारों को दीवाली की शुभकामनाएं दीं तथा उनके स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि त्योहार पर परिवार से दूर रहकर भी ये जवान देशवासियों की सुरक्षा में डटे रहते हैं, और राष्ट्र उनके परिवारों के साथ सदैव खड़ा रहेगा।
महत्वपूर्ण तथ्य
| कौन | रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह |
|---|---|
| कहां | वायुसेना स्टेशन बागडोगरा, पश्चिम बंगाल |
| अवसर | दीवाली की पूर्व संध्या पर भारतीय वायुसेना के जवानों से बातचीत |
| मुख्य निर्णय | अग्निवीरों के लिए 'सेकंड टूर ऑफ ड्यूटी' को केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी |
| लाभ | दो वर्ष की सेवा अवधि पूरी करने पर अग्निवीर इच्छा और चयन मानदंड के अधीन नियमित सैनिक बन सकेंगे |
| तीन प्राथमिकताएं | डोमेन जागरूकता, साइबर लचीलापन और सूचना की विश्वसनीयता |
| गिनाए गए खतरे | असममित युद्ध, छद्म युद्ध, साइबर हमले, ड्रोन के झुंड, सूचना अभियान और नैरेटिव प्रबंधन |
| वायुसेना प्रमुख | एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित |
| एयर ऑफिसर कमांडिंग, बागडोगरा | एयर कमोडोर मनीष शर्मा |
| सुरक्षा क्षेत्र | पूर्वी क्षेत्र, पूर्वोत्तर के लिए अहम कड़ी |
परीक्षा की दृष्टि से
याद रखें—स्थान (वायुसेना स्टेशन बागडोगरा, पश्चिम बंगाल), जिस क्षेत्र की रक्षा (पूर्वी क्षेत्र तथा पूर्वोत्तर की अहम कड़ी), योजना (अग्निवीरों के लिए सेकंड टूर ऑफ ड्यूटी, केंद्रीय मंत्रिमंडल से मंजूर), नियमित सैनिक बनने की शर्त (दो वर्ष की अवधि के बाद इच्छा तथा चयन मानदंड), तीन घोषित प्राथमिकताएं (डोमेन जागरूकता, साइबर लचीलापन, सूचना की विश्वसनीयता) और वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित।
अभ्यास प्रश्न
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दीवाली 2026 की पूर्व संध्या पर किस वायुसेना स्टेशन पर वायुसैनिकों से बातचीत की?
- A.हासीमारा
- B.बागडोगरा
- C.तेजपुर
- D.छबुआ
उत्तर देखें
रक्षा मंत्री ने दीवाली की पूर्व संध्या पर पश्चिम बंगाल के वायुसेना स्टेशन बागडोगरा में वायुसैनिकों से बातचीत की और बलों से परिचालन तैयारी का उच्चतम स्तर बनाए रखने को कहा।
पूरी व्याख्या पढ़ें →मंत्रिमंडल से मंजूर 'सेकंड टूर ऑफ ड्यूटी' के अंतर्गत सेवा अवधि पूरी करने के बाद अग्निवीरों को क्या अवसर मिलेगा?
- A.स्वतः अधिकारी के रूप में कमीशन
- B.इच्छा और चयन मानदंड के अधीन नियमित सैनिक के रूप में भर्ती
- C.केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में अनिवार्य स्थानांतरण
- D.सेवा के बिना आजीवन पेंशन
उत्तर देखें
रक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि दो वर्ष की सेवा अवधि पूरी करने पर सभी अग्निवीरों को नियमित सैनिक के रूप में भर्ती होने का अवसर मिलेगा, बशर्ते वे इच्छुक हों और निर्धारित चयन मानदंड पूरे करें।
पूरी व्याख्या पढ़ें →उभरते सुरक्षा खतरों से निपटने के लिए रक्षा मंत्री ने किन तीन क्षमताओं को मजबूत करने पर बल दिया?
- A.डोमेन जागरूकता, साइबर लचीलापन और सूचना की विश्वसनीयता
- B.परमाणु प्रतिरोध, समुद्री निषेध और वायु श्रेष्ठता
- C.रसद, भर्ती और पूर्व सैनिक कल्याण
- D.अंतरिक्ष प्रक्षेपण, उपग्रह चित्रण और नौवहन
उत्तर देखें
बागडोगरा में वायुसैनिकों को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने बलों से परिचालन तैयारी का उच्चतम स्तर बनाए रखने तथा इन्हीं तीन क्षमताओं पर विशेष ध्यान देने का आह्वान किया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →बागडोगरा में रक्षा मंत्री की इस बातचीत के दौरान वायुसेना प्रमुख के रूप में कौन उपस्थित थे?
- A.एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित
- B.एयर कमोडोर मनीष शर्मा
- C.एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह
- D.एयर मार्शल नर्मदेश्वर तिवारी
उत्तर देखें
सही उत्तर एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित है, जो वायुसेना प्रमुख के रूप में उस समय उपस्थित थे जब रक्षा मंत्री ने दीवाली की पूर्व संध्या पर वायुसेना स्टेशन बागडोगरा में भारतीय वायुसेना के जवानों से बातचीत की।
पूरी व्याख्या पढ़ें →अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
अग्निवीरों के लिए 'सेकंड टूर ऑफ ड्यूटी' क्या है?
यह केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा मंजूर निर्णय है, जो अग्निवीर को देश की सेवा का एक और अवसर देता है। दो वर्ष की सेवा अवधि पूरी करने पर सभी अग्निवीरों को नियमित सैनिक के रूप में भर्ती होने का अवसर मिलेगा, बशर्ते वे इच्छुक हों और चयन के निर्धारित मानदंड पूरे करें। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसे अग्निवीरों के लिए दीवाली का महत्वपूर्ण उपहार कहा।
रक्षा मंत्री ने दीवाली की पूर्व संध्या पर वायुसैनिकों से कहां बातचीत की?
पश्चिम बंगाल के वायुसेना स्टेशन बागडोगरा में। उन्होंने इस क्षेत्र को सामरिक रूप से महत्वपूर्ण और भारत के सुरक्षा ढांचे की अहम कड़ी बताया, विशेषकर पूर्वोत्तर के लिए, और कहा कि वहां तैनात वायुसैनिक पूर्वी क्षेत्र की सुरक्षा के लिए मजबूत कवच हैं।
रक्षा मंत्री ने किन तीन क्षमताओं को मजबूत करने पर बल दिया?
डोमेन जागरूकता, साइबर लचीलापन और सूचना की विश्वसनीयता। उन्होंने कहा कि युद्ध अब सीमा पर पारंपरिक टकराव से आगे बढ़कर असममित युद्ध, छद्म युद्ध, साइबर हमले, ड्रोन के झुंड, सूचना अभियान और नैरेटिव प्रबंधन तक पहुंच गया है।
स्रोत
- https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2333922 (नए टैब में खुलेगा) — Press Information Bureau
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