संशोधित कैंसर रोधी दवा कीमतों से उपभोक्ताओं को सालाना कितनी बचत का अनुमान है?
- A.1,250 करोड़ रुपये
- B.2,340 करोड़ रुपये
- C.3,502.31 करोड़ रुपये
- D.7,800 करोड़ रुपये
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर 3,502.31 करोड़ रुपये है। 9 नवंबर 2026 से नई दरें शुरू होने पर सरकार को खरीदारों की इतनी सालाना बचत का अनुमान है। यह आँकड़ा 1031 कैंसर रोधी फॉर्मूलेशन में दर्ज कीमत कटौती से निकलता है; कुल 1225 फॉर्मूलेशन के दाम 76 कंपनियों ने दर्ज कराए थे, जिनमें 121 दवाएँ शामिल हैं। करीब 600 ब्रांड आधे से भी कम दाम पर आ गए और सबसे बड़ी एकल कटौती 96.45 प्रतिशत तक पहुँची, इसीलिए कुल बचत इतनी बड़ी बनती है। विकल्प A, B और D देखने में ठीक लगने वाली रकमें हैं, पर घोषित आँकड़ा इनमें कोई नहीं है। जिस छात्र को केवल मोटा आँकड़ा याद है कि बचत 3500 करोड़ रुपये से अधिक है, वह भी इन तीनों को छोड़ सकता है। परीक्षा में सटीक संख्या ही काम आती है।
पूरा लेख पढ़ें: एनपीपीए ने 137 कैंसर रोधी दवाओं पर व्यापार मार्जिन सीमित किया
अभ्यास प्रश्न
137 कैंसर रोधी दवाओं की संशोधित कीमतें किस तारीख से प्रभावी होंगी?
- A.1 नवंबर 2026
- B.9 नवंबर 2026
- C.17 अक्टूबर 2026
- D.1 जनवरी 2027
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एनपीपीए ने 137 कैंसर रोधी दवाओं के अधिकतम खुदरा मूल्य पर व्यापार मार्जिन की सीमा तय की, और उससे घटने वाली कीमतें इसी दिन से लागू होंगी।
पूरी व्याख्या पढ़ें →अनुसूची से बाहर की कैंसर रोधी दवाओं पर व्यापार मार्जिन की सीमा किस संस्था ने तय की?
- A.केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन
- B.राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण
- C.भारत के औषधि महानियंत्रक
- D.स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय
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सही उत्तर राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) है, जो रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के औषध विभाग के अधीन काम करता है और जिसने 137 कैंसर रोधी दवाओं पर व्यापार मार्जिन की ऊपरी सीमा तय की।
पूरी व्याख्या पढ़ें →इन कैंसर रोधी दवाओं पर अधिकतम अनुमेय व्यापार मार्जिन कितना है?
- A.10 प्रतिशत
- B.20 प्रतिशत
- C.30 प्रतिशत
- D.50 प्रतिशत
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इन कैंसर रोधी दवाओं को बेचने वालों को इसी सीमा के भीतर रहना होगा, और कोई कंपनी औषधि (मूल्य नियंत्रण) आदेश, 2013 के पैराग्राफ 20(1) से मिलने वाली सालाना मूल्य वृद्धि तभी ले सकती है जब वह इस सीमा का पालन करती रहे।
पूरी व्याख्या पढ़ें →विधायी विभाग की संवाद श्रृंखला के पहले सत्र की अध्यक्षता किसने की?
- A.श्रीमती अकाली वी. कांगहे, अपर सचिव
- B.डॉ. मनोज कुमार, अपर सचिव
- C.केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री
- D.सचिव, विधायी विभाग
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सही उत्तर डॉ. मनोज कुमार, अपर सचिव, विधायी विभाग है, जिन्होंने पहले सत्र की अध्यक्षता की।
पूरी व्याख्या पढ़ें →विधायी विभाग की संवाद श्रृंखला का पहला सत्र कहाँ आयोजित हुआ?
- A.कर्तव्य भवन 2, नई दिल्ली
- B.विज्ञान भवन, नई दिल्ली
- C.शास्त्री भवन, नई दिल्ली
- D.भारत मंडपम, नई दिल्ली
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सही उत्तर कर्तव्य भवन 2, नई दिल्ली है, जहाँ विधायी प्रशिक्षण सभागार में 5 नवंबर 2026 को यह सत्र हुआ।
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