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GK24

एनएलएमसी ने दिल्ली में एचआईएल की 5.119 एकड़ भूमि की बोली मांगी

राष्ट्रीय भूमि मौद्रीकरण निगम ने नई दिल्ली में एचआईएल (इंडिया) लिमिटेड की 5.119 एकड़ भूमि के लिए 829.69 करोड़ रुपये आरक्षित मूल्य पर बोली मांगी है।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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एनएलएमसी ने दिल्ली में एचआईएल की 5.119 एकड़ भूमि की बोली मांगी — GK24 title card

चर्चा में क्यों

राष्ट्रीय भूमि मौद्रीकरण निगम ने नई दिल्ली में एचआईएल (इंडिया) लिमिटेड की 5.119 एकड़ स्वतंत्र स्वामित्व वाली भूमि की सीधी बिक्री के लिए 829.69 करोड़ रुपये आरक्षित मूल्य पर बोली आमंत्रित की। दो महीने में यह उसकी तीसरी सार्वजनिक ई-नीलामी है।

राष्ट्रीय भूमि मौद्रीकरण निगम (एनएलएमसी) ने राष्ट्रीय राजधानी में एचआईएल (इंडिया) लिमिटेड की स्वतंत्र स्वामित्व वाली भूमि बेचने के लिए बोलियां आमंत्रित की हैं। यह भूमि रोहतक रोड, शिवाजी मार्ग स्थित नजफगढ़ औद्योगिक क्षेत्र में है और इसे इलेक्ट्रॉनिक बोली के जरिये सीधी बिक्री के लिए रखा गया है। दो महीने में यह तीसरी ई-नीलामी है जिसका निगम ने सार्वजनिक प्रचार किया है, जो सरकार की भूमि मौद्रीकरण योजनाओं को मिल रही गति दिखाती है।

भूखंड और उसका मूल्य

यह भूखंड लगभग 5.119 एकड़, यानी करीब 20,722.93 वर्ग मीटर का है और उसका भू-उपयोग औद्योगिक है। आरक्षित मूल्य 829.69 करोड़ रुपये तय किया गया है। बोली प्रति एकड़ कम से कम 1 करोड़ रुपये की वृद्धि में बढ़ेगी और भाग लेने के लिए बोलीदाता को 16.60 करोड़ रुपये की बयाना राशि जमा करनी होगी। 24 लाख रुपये का प्रक्रिया शुल्क, लागू करों के साथ, केवल सर्वोच्च बोलीदाता पर पड़ेगा। बताया गया क्षेत्र संकेतात्मक है; वास्तविक माप सफल बोलीदाता के साथ किए जाने वाले संयुक्त सर्वेक्षण से तय होगा।

विवरणब्यौरा
स्वामीएचआईएल (इंडिया) लिमिटेड
क्षेत्र5.119 एकड़
आरक्षित मूल्य829.69 करोड़ रुपये
बयाना राशि16.60 करोड़ रुपये
भू-उपयोगऔद्योगिक

बिक्री की प्रक्रिया

बिक्री दो चरणों में होगी: पहले ई-निविदा और फिर ई-नीलामी। पंजीकरण, तकनीकी बोली और बयाना राशि या बैंक गारंटी 19 नवंबर 2026 तक निगम के पास पहुंचनी चाहिए। तकनीकी बोलियां 20 नवंबर 2026 को खोली जाएंगी और 23 नवंबर 2026 को मॉक नीलामी होगी, जबकि नीलामी की तारीख बोलियां खुलने के बाद बताई जाएगी। पूर्व-बोली बैठक 3 नवंबर 2026 को नई दिल्ली में तय है, प्रश्न 29 अक्टूबर 2026 तक भेजे जा सकते हैं और उनके उत्तर 6 नवंबर 2026 तक दिए जाएंगे। नीलामी की अधिसूचना 8 अक्टूबर 2026 को जारी हुई थी।

एनएलएमसी का काम

निगम वित्त मंत्रालय के लोक उद्यम विभाग के अंतर्गत काम करता है। इसका काम केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और अन्य सरकारी संस्थाओं की अतिरिक्त भूमि तथा गैर-प्रमुख परिसंपत्तियों से मूल्य निकालने में मदद करना है, जो कम उपयोग में पड़ी रहती हैं। बिक्री जहां है जैसी है के आधार पर होगी और बोली ई-निविदा मंच पर चलाई जा रही है, जिसमें पंजीकरण तथा इलेक्ट्रॉनिक नीलामी में रेलटेल कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड सहायता कर रहा है।

महत्वपूर्ण तथ्य

एजेंसीराष्ट्रीय भूमि मौद्रीकरण निगम (एनएलएमसी)
विभागलोक उद्यम विभाग, वित्त मंत्रालय
भूमि का स्वामीएचआईएल (इंडिया) लिमिटेड
स्थाननजफगढ़ औद्योगिक क्षेत्र, रोहतक रोड, शिवाजी मार्ग, नई दिल्ली
क्षेत्रलगभग 5.119 एकड़ (20,722.93 वर्ग मीटर)
भू-उपयोगऔद्योगिक
बिक्री का तरीकाई-निविदा के बाद ई-नीलामी
आरक्षित मूल्य829.69 करोड़ रुपये
बयाना राशि16.60 करोड़ रुपये
बोली में वृद्धिप्रति एकड़ 1 करोड़ रुपये
बोली की अंतिम तिथि19 नवंबर 2026
मंचई-निविदा, रेलटेल कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड की सहायता से

परीक्षा की दृष्टि से

याद रखें: एजेंसी (एनएलएमसी) और उसका विभाग (लोक उद्यम विभाग, वित्त मंत्रालय), भूमि का स्वामी (एचआईएल (इंडिया) लिमिटेड), स्थान (नजफगढ़ औद्योगिक क्षेत्र, रोहतक रोड, नई दिल्ली), क्षेत्र (5.119 एकड़ या लगभग 20,722.93 वर्ग मीटर), आरक्षित मूल्य (829.69 करोड़ रुपये), बयाना राशि (16.60 करोड़ रुपये), अंतिम तिथि (19 नवंबर 2026) और मंच (ई-निविदा, रेलटेल की सहायता से)।

अभ्यास प्रश्न

Q1.अर्थव्यवस्थामध्यम

नई दिल्ली के नजफगढ़ में एचआईएल (इंडिया) लिमिटेड की भूमि का आरक्षित मूल्य कितना तय किया गया है?

  1. A.629.69 करोड़ रुपये
  2. B.829.69 करोड़ रुपये
  3. C.1,029.69 करोड़ रुपये
  4. D.16.60 करोड़ रुपये
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 829.69 करोड़ रुपये

व्याख्या

सही उत्तर 829.69 करोड़ रुपये है। यही वह न्यूनतम सीमा है जिसके नीचे नजफगढ़ औद्योगिक क्षेत्र का यह स्वतंत्र स्वामित्व वाला भूखंड नहीं बेचा जाएगा, और इलेक्ट्रॉनिक नीलामी में हर बोली इसी से शुरू होगी। इसके बाद बोली प्रति एकड़ कम से कम 1 करोड़ रुपये की वृद्धि में आगे बढ़ेगी। विकल्प A और विकल्प C असली आंकड़े के आसपास के मान हैं और ऐसे भ्रम पहला अंक बदलकर बनाए जाते हैं, इसलिए यह संख्या ठीक-ठीक याद रखनी चाहिए। विकल्प D भी इसी नीलामी से लिया गया है, लेकिन वह बयाना राशि है, जो प्रक्रिया में शामिल होने के लिए जमा करनी होती है, आरक्षित मूल्य नहीं; इन दोनों को आपस में मिला देना इस तरह के प्रश्नों में सबसे आम गलती है। एक और आंकड़ा जिसे अलग रखना चाहिए, वह 24 लाख रुपये का प्रक्रिया शुल्क है, जो केवल सर्वोच्च बोलीदाता से लिया जाएगा।

Q2.अर्थव्यवस्थामध्यम

राष्ट्रीय भूमि मौद्रीकरण निगम किस विभाग के अंतर्गत काम करता है?

  1. A.लोक उद्यम विभाग, वित्त मंत्रालय
  2. B.भूमि संसाधन विभाग, ग्रामीण विकास मंत्रालय
  3. C.उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग
  4. D.व्यय विभाग, गृह मंत्रालय
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. लोक उद्यम विभाग, वित्त मंत्रालय

व्याख्या

सही उत्तर लोक उद्यम विभाग, वित्त मंत्रालय है। एनएलएमसी इसी विभाग के अंतर्गत है और उसका गठन केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों तथा अन्य सरकारी संस्थाओं की अतिरिक्त भूमि और गैर-प्रमुख परिसंपत्तियों के मौद्रीकरण में मदद के लिए हुआ था। इस मामले में वह भूखंड के स्वामी एचआईएल (इंडिया) लिमिटेड की ओर से बिक्री प्रक्रिया चला रहा है। विकल्प B का भूमि संसाधन विभाग ग्रामीण विकास मंत्रालय के अंतर्गत भूमि अभिलेख और जलग्रहण कार्यक्रम देखता है, उपक्रमों की परिसंपत्ति बेचने से उसका संबंध नहीं है। विकल्प C का उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग औद्योगिक नीति और प्रत्यक्ष विदेशी निवेश से जुड़े विषय देखता है। विकल्प D में व्यय विभाग को गलत मंत्रालय के साथ जोड़ा गया है, क्योंकि वह विभाग वित्त मंत्रालय का हिस्सा है, गृह मंत्रालय का नहीं। अभ्यर्थी यह क्रम याद रखें: एनएलएमसी, लोक उद्यम विभाग, वित्त मंत्रालय।

Q3.अर्थव्यवस्थामध्यम

मौद्रीकरण के लिए रखे गए इस भूखंड का अनुमानित क्षेत्र कितना है?

  1. A.2.119 एकड़
  2. B.5.119 एकड़
  3. C.15.119 एकड़
  4. D.51.19 एकड़
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 5.119 एकड़

व्याख्या

सही उत्तर 5.119 एकड़ है, जो लगभग 20,722.93 वर्ग मीटर के बराबर बैठता है। इस भूखंड का भू-उपयोग औद्योगिक है और इसे ई-निविदा के बाद ई-नीलामी के जरिये सीधी बिक्री के लिए रखा गया है। विज्ञप्ति में साफ कहा गया है कि क्षेत्र संकेतात्मक है और वास्तविक माप सफल बोलीदाता के साथ किए जाने वाले संयुक्त सर्वेक्षण से तय होगा, इसलिए आंकड़े के साथ यह शर्त भी याद रखनी चाहिए। विकल्प A, विकल्प C और विकल्प D एक अंक बदलकर या दशमलव हटाकर बनाए गए हैं, और वस्तुनिष्ठ प्रश्नपत्रों में भ्रम इसी तरह गढ़े जाते हैं। अभ्यर्थी भूखंड को उसके दोनों मापों, एकड़ और वर्ग मीटर, के साथ जोड़कर याद रखें और यह भी ध्यान रखें कि बिक्री जहां है जैसी है के आधार पर हो रही है।

Q4.अर्थव्यवस्थाकठिन

नीलामी के लिए पंजीकरण, तकनीकी बोली और बयाना राशि जमा करने की अंतिम तिथि क्या है?

  1. A.29 अक्टूबर 2026
  2. B.3 नवंबर 2026
  3. C.19 नवंबर 2026
  4. D.23 नवंबर 2026
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 19 नवंबर 2026

व्याख्या

सही उत्तर 19 नवंबर 2026 है। पंजीकरण, तकनीकी बोली और बयाना राशि या बैंक गारंटी इसी तिथि तक निगम के पास पहुंचनी चाहिए, जिसके बाद तकनीकी बोलियां 20 नवंबर 2026 को खोली जाएंगी। विकल्प A की तारीख नीलामी से जुड़े प्रश्न भेजने की अंतिम तिथि है, बोली जमा करने की नहीं। विकल्प B की तारीख नई दिल्ली में होने वाली पूर्व-बोली बैठक की है, जिसमें संभावित बोलीदाताओं को प्रक्रिया समझाई जाएगी। विकल्प D की तारीख मॉक नीलामी की है, जो असली बोली से पहले किया जाने वाला अभ्यास है; ई-नीलामी की तारीख तकनीकी बोलियां खुलने के बाद ही बताई जाएगी। इस प्रश्न का उद्देश्य यही कैलेंडर क्रम में रखना है, क्योंकि चारों तारीखें एक ही नीलामी से जुड़ी हैं और आपस में आसानी से भ्रमित हो जाती हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस भूखंड के लिए बोली किस संस्था ने आमंत्रित की है?

राष्ट्रीय भूमि मौद्रीकरण निगम ने, जो वित्त मंत्रालय के लोक उद्यम विभाग के अंतर्गत काम करता है। वह भूखंड के स्वामी एचआईएल (इंडिया) लिमिटेड की ओर से यह बिक्री प्रक्रिया चला रहा है।

नजफगढ़ की इस भूमि का आरक्षित मूल्य कितना है?

829.69 करोड़ रुपये। बोली प्रति एकड़ कम से कम 1 करोड़ रुपये की वृद्धि में बढ़ेगी और भाग लेने के लिए 16.60 करोड़ रुपये की बयाना राशि जमा करनी होगी।

एनएलएमसी का काम क्या है?

यह केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और अन्य सरकारी संस्थाओं की अतिरिक्त भूमि तथा गैर-प्रमुख परिसंपत्तियों का पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया से मौद्रीकरण कराता है, जिससे कम उपयोग वाली परिसंपत्तियों से मूल्य निकाला जा सके।

स्रोत

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