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GK24

व्यय पद्धति से जीएसडीपी पर एनएसओ का मसौदा जारी

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय ने वर्ष 2022-23 को आधार वर्ष मानकर व्यय पद्धति से सकल राज्य घरेलू उत्पाद के संकलन का मसौदा दिशानिर्देश जारी किया।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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व्यय पद्धति से जीएसडीपी पर एनएसओ का मसौदा जारी — GK24 title card

चर्चा में क्यों

9 अक्तूबर 2026 को राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय ने व्यय पद्धति के आधार पर सकल राज्य घरेलू उत्पाद के अनुमान तैयार करने का मसौदा दिशानिर्देश जारी किया, जिसमें आधार वर्ष 2022-23 है, और हितधारकों से सुझाव माँगे।

सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय ने व्यय पद्धति के आधार पर सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) के अनुमान तैयार करने का मसौदा दिशानिर्देश जारी किया है, जिसमें 2022-23 को आधार वर्ष माना गया है। यह दस्तावेज़ मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट पर रखा गया है और हितधारक 28 अक्टूबर 2026 तक इस पर अपने सुझाव भेज सकते हैं।

दिशानिर्देश का उद्देश्य

राज्य और केंद्र शासित प्रदेश अभी जीएसडीपी मुख्य रूप से उत्पादन या आय पक्ष से निकालते हैं। नया दस्तावेज़ उसी उत्पादन को खर्च की ओर से मापने के लिए एक समान रूपरेखा देता है, जिससे अलग-अलग राज्यों के आँकड़े आपस में और राष्ट्रीय लेखा से तुलनीय बनें। संशोधित आधार वर्ष के अंतर्गत एकरूपता, तुलनीयता और पद्धतिगत मानकीकरण इसका घोषित लक्ष्य है।

शामिल व्यय घटक

घटकराज्यों में स्थिति
निजी अंतिम उपभोग व्यय (पीएफसीई)अभी किसी भी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश में तैयार नहीं
सरकारी अंतिम उपभोग व्यय (जीएफसीई)कुछ राज्य और केंद्र शासित प्रदेश तैयार करते हैं
सकल स्थिर पूँजी निर्माण (जीएफसीएफ)कुछ राज्य और केंद्र शासित प्रदेश तैयार करते हैं
इन्वेंटरी में परिवर्तन, मूल्यवान वस्तुएँ और शुद्ध निर्यातमसौदा रूपरेखा में शामिल

पद्धति और आँकड़ों के स्रोत

मसौदे में प्रत्येक घटक के लिए अवधारणाएँ, दायरा, आँकड़ों के स्रोत, आकलन की प्रक्रिया और पद्धतियाँ बताई गई हैं। इसमें कहा गया है कि जहाँ संभव हो, राज्य अपने ही राज्य-विशिष्ट आँकड़ों और उपयुक्त आवंटन संकेतकों पर भरोसा करें। जहाँ सीधे राज्य-स्तरीय आँकड़े उपलब्ध नहीं हैं, वहाँ ऐसी आवंटन पद्धतियाँ और संकेतक सुझाए गए हैं जो राज्यवार अनुमान सुसंगत और तुलनीय रूप में दें।

महत्व

खर्च की ओर से जीएसडीपी मापना उत्पादन और आय दृष्टिकोण का उपयोगी पूरक है, क्योंकि इससे पता चलता है कि राज्य की आय का कितना हिस्सा घरेलू उपभोग, सरकारी व्यय और निवेश में जाता है। दोनों दृष्टिकोण मिलकर किसी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश की आर्थिक गतिविधि का अधिक पूरा चित्र देते हैं। यह कवायद राज्य स्तरीय राष्ट्रीय लेखा ढाँचे को मजबूत करने और राज्य के अनुमानों को राष्ट्रीय स्तर की पद्धति के निकट लाने के लिए भी है। जिन राज्य अर्थशास्त्र एवं सांख्यिकी निदेशालयों को यह काम करना है, उनके लिए यह दिशानिर्देश तकनीकी पुस्तिका के साथ-साथ क्षमता निर्माण का कदम भी है। कार्यालय इसे देश भर में आकलन पद्धतियों में सामंजस्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताता है।

महत्वपूर्ण तथ्य

जारीकर्ताराष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय, सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय
विषयव्यय पद्धति से जीएसडीपी अनुमानों के संकलन का मसौदा दिशानिर्देश
आधार वर्ष2022-23
घटकपीएफसीई, जीएफसीई, जीएफसीएफ, इन्वेंटरी परिवर्तन, मूल्यवान वस्तुएँ और शुद्ध निर्यात
किसी राज्य में तैयार नहींनिजी अंतिम उपभोग व्यय (पीएफसीई)
सुझाव की अंतिम तिथि28 अक्टूबर 2026
संकलन करने वाली संस्थाएँराज्य अर्थशास्त्र एवं सांख्यिकी निदेशालय

परीक्षा की दृष्टि से

याद रखें कि राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के अधीन है, मसौदा दिशानिर्देश का आधार वर्ष 2022-23 है, इसमें कौन-कौन से व्यय घटक शामिल हैं, निजी अंतिम उपभोग व्यय अभी किसी राज्य में तैयार नहीं होता, सुझाव की अंतिम तिथि 28 अक्टूबर 2026 है और संकलन राज्य निदेशालय करेंगे।

अभ्यास प्रश्न

Q1.अर्थव्यवस्थाआसान

व्यय पद्धति से सकल राज्य घरेलू उत्पाद के अनुमानों के मसौदा दिशानिर्देश में कौन-सा आधार वर्ष लिया गया है?

  1. A.2011-12
  2. B.2017-18
  3. C.2022-23
  4. D.2024-25
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 2022-23

व्याख्या

सही उत्तर 2022-23 है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय ने व्यय पक्ष से सकल राज्य घरेलू उत्पाद के अनुमान तैयार करने का मसौदा दिशानिर्देश इसी आधार वर्ष को मानकर बनाया है, और पूरी रूपरेखा संशोधित आधार वर्ष व्यवस्था के अंतर्गत काम करती है। विकल्प A, B और D गलत हैं क्योंकि इस कवायद के लिए विज्ञप्ति में केवल एक आधार वर्ष बताया गया है और वह इनमें से कोई नहीं; इन्हें केवल भ्रमित करने वाले विकल्प के रूप में रखा गया है, क्योंकि आधार वर्ष समय-समय पर संशोधित होते रहते हैं। परीक्षा के लिए तीन बातें साथ जोड़कर याद रखें: दस्तावेज़ जारी करने वाली संस्था राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय, उसका मंत्रालय सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन, और आधार वर्ष 2022-23। यह भी ध्यान रखें कि हितधारकों से सुझाव 28 अक्टूबर 2026 तक माँगे गए थे।

Q2.अर्थव्यवस्थामध्यम

विज्ञप्ति के अनुसार कौन-सा व्यय घटक अभी किसी भी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश द्वारा तैयार नहीं किया जा रहा है?

  1. A.सकल स्थिर पूँजी निर्माण
  2. B.सरकारी अंतिम उपभोग व्यय
  3. C.निजी अंतिम उपभोग व्यय
  4. D.शुद्ध निर्यात
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. निजी अंतिम उपभोग व्यय

व्याख्या

सही उत्तर निजी अंतिम उपभोग व्यय है, जिसे संक्षेप में पीएफसीई कहा जाता है। विज्ञप्ति स्पष्ट कहती है कि कुछ राज्य और केंद्र शासित प्रदेश सकल स्थिर पूँजी निर्माण तथा सरकारी अंतिम उपभोग व्यय के अनुमान तैयार करते हैं, परंतु निजी अंतिम उपभोग व्यय के अनुमान अभी कोई भी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश तैयार नहीं कर रहा। इसी कारण विकल्प A और B गलत हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि शुद्ध निर्यात उन घटकों में गिना गया है जिन्हें रूपरेखा में शामिल किया गया है, उस घटक के रूप में नहीं जो हर जगह अनुपस्थित है। इसलिए मसौदा दिशानिर्देश राज्य स्तर पर इन घटकों को बनाने के लिए अवधारणाएँ, दायरा, आँकड़ों के स्रोत और आकलन पद्धतियाँ देता है। यह भी याद रखें कि मसौदा दिशानिर्देश 2022-23 को आधार वर्ष मानकर बना है और हितधारकों से 28 अक्टूबर 2026 तक सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से सुझाव माँगे गए थे, जबकि वास्तविक संकलन का काम राज्य अर्थशास्त्र एवं सांख्यिकी निदेशालयों के पास रहेगा।

Q3.अर्थव्यवस्थामध्यम

व्यय पद्धति से जीएसडीपी अनुमानों का मसौदा दिशानिर्देश किस संस्था ने जारी किया?

  1. A.नीति आयोग
  2. B.राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय
  3. C.भारतीय रिज़र्व बैंक
  4. D.वित्त आयोग
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय

व्याख्या

सही उत्तर राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय है, जो सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के अधीन काम करता है। उसने व्यय पक्ष से सकल राज्य घरेलू उत्पाद के अनुमान तैयार करने का मसौदा दिशानिर्देश बनाया और उसे व्यापक प्रसार तथा प्रतिक्रिया के लिए मंत्रालय की वेबसाइट पर रखा। विकल्प A गलत है क्योंकि नीति आयोग सरकार का नीति थिंक टैंक है और राष्ट्रीय लेखा तैयार नहीं करता। विकल्प C गलत है क्योंकि भारतीय रिज़र्व बैंक देश का केंद्रीय बैंक और मौद्रिक प्राधिकरण है, भले वह राज्य वित्त पर अपने अध्ययन प्रकाशित करता हो। विकल्प D गलत है क्योंकि वित्त आयोग संघ और राज्यों के बीच करों के बँटवारे की सिफारिश करता है। नए दिशानिर्देश के तहत वास्तविक संकलन राज्य अर्थशास्त्र एवं सांख्यिकी निदेशालय करेंगे।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

व्यय पद्धति से जीएसडीपी पर एनएसओ के मसौदा दिशानिर्देश का आधार वर्ष क्या है?

2022-23। यह दिशानिर्देश राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को संशोधित आधार वर्ष के अंतर्गत व्यय पक्ष से जीएसडीपी तैयार करने की एक समान रूपरेखा देता है।

कौन-सा व्यय घटक अभी किसी भी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश में तैयार नहीं होता?

निजी अंतिम उपभोग व्यय (पीएफसीई)। कुछ राज्य और केंद्र शासित प्रदेश सकल स्थिर पूँजी निर्माण तथा सरकारी अंतिम उपभोग व्यय के अनुमान तैयार करते हैं।

मसौदे पर सुझाव कब तक भेजे जा सकते हैं?

28 अक्टूबर 2026 तक। दस्तावेज़ व्यापक प्रसार के लिए सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है।

स्रोत

करेंट अफेयर्स 9 अक्टूबर 2026

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