नीलामी के लिए पंजीकरण, तकनीकी बोली और बयाना राशि जमा करने की अंतिम तिथि क्या है?
- A.29 अक्टूबर 2026
- B.3 नवंबर 2026
- C.19 नवंबर 2026
- D.23 नवंबर 2026
सही उत्तर
C. 19 नवंबर 2026
व्याख्या
सही उत्तर 19 नवंबर 2026 है। पंजीकरण, तकनीकी बोली और बयाना राशि या बैंक गारंटी इसी तिथि तक निगम के पास पहुंचनी चाहिए, जिसके बाद तकनीकी बोलियां 20 नवंबर 2026 को खोली जाएंगी। विकल्प A की तारीख नीलामी से जुड़े प्रश्न भेजने की अंतिम तिथि है, बोली जमा करने की नहीं। विकल्प B की तारीख नई दिल्ली में होने वाली पूर्व-बोली बैठक की है, जिसमें संभावित बोलीदाताओं को प्रक्रिया समझाई जाएगी। विकल्प D की तारीख मॉक नीलामी की है, जो असली बोली से पहले किया जाने वाला अभ्यास है; ई-नीलामी की तारीख तकनीकी बोलियां खुलने के बाद ही बताई जाएगी। इस प्रश्न का उद्देश्य यही कैलेंडर क्रम में रखना है, क्योंकि चारों तारीखें एक ही नीलामी से जुड़ी हैं और आपस में आसानी से भ्रमित हो जाती हैं।
पूरा लेख पढ़ें: एनएलएमसी ने दिल्ली में एचआईएल की 5.119 एकड़ भूमि की बोली मांगी
अभ्यास प्रश्न
नई दिल्ली के नजफगढ़ में एचआईएल (इंडिया) लिमिटेड की भूमि का आरक्षित मूल्य कितना तय किया गया है?
- A.629.69 करोड़ रुपये
- B.829.69 करोड़ रुपये
- C.1,029.69 करोड़ रुपये
- D.16.60 करोड़ रुपये
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर 829.69 करोड़ रुपये है। यही वह न्यूनतम सीमा है जिसके नीचे नजफगढ़ औद्योगिक क्षेत्र का यह स्वतंत्र स्वामित्व वाला भूखंड नहीं बेचा जाएगा, और इलेक्ट्रॉनिक नीलामी में हर बोली इसी से शुरू होगी। इसके बाद बोली प्रति एकड़ कम से कम 1 करोड़ रुपये की वृद्धि में आगे बढ़ेगी। विकल्प A और विकल्प C असली आंकड़े के आसपास के मान हैं और ऐसे भ्रम पहला अंक बदलकर बनाए जाते हैं, इसलिए यह संख्या ठीक-ठीक याद रखनी चाहिए। विकल्प D भी इसी नीलामी से लिया गया है, लेकिन वह बयाना राशि है, जो प्रक्रिया में शामिल होने के लिए जमा करनी होती है, आरक्षित मूल्य नहीं; इन दोनों को आपस में मिला देना इस तरह के प्रश्नों में सबसे आम गलती है। एक और आंकड़ा जिसे अलग रखना चाहिए, वह 24 लाख रुपये का प्रक्रिया शुल्क है, जो केवल सर्वोच्च बोलीदाता से लिया जाएगा।
राष्ट्रीय भूमि मौद्रीकरण निगम किस विभाग के अंतर्गत काम करता है?
- A.लोक उद्यम विभाग, वित्त मंत्रालय
- B.भूमि संसाधन विभाग, ग्रामीण विकास मंत्रालय
- C.उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग
- D.व्यय विभाग, गृह मंत्रालय
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर लोक उद्यम विभाग, वित्त मंत्रालय है। एनएलएमसी इसी विभाग के अंतर्गत है और उसका गठन केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों तथा अन्य सरकारी संस्थाओं की अतिरिक्त भूमि और गैर-प्रमुख परिसंपत्तियों के मौद्रीकरण में मदद के लिए हुआ था। इस मामले में वह भूखंड के स्वामी एचआईएल (इंडिया) लिमिटेड की ओर से बिक्री प्रक्रिया चला रहा है। विकल्प B का भूमि संसाधन विभाग ग्रामीण विकास मंत्रालय के अंतर्गत भूमि अभिलेख और जलग्रहण कार्यक्रम देखता है, उपक्रमों की परिसंपत्ति बेचने से उसका संबंध नहीं है। विकल्प C का उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग औद्योगिक नीति और प्रत्यक्ष विदेशी निवेश से जुड़े विषय देखता है। विकल्प D में व्यय विभाग को गलत मंत्रालय के साथ जोड़ा गया है, क्योंकि वह विभाग वित्त मंत्रालय का हिस्सा है, गृह मंत्रालय का नहीं। अभ्यर्थी यह क्रम याद रखें: एनएलएमसी, लोक उद्यम विभाग, वित्त मंत्रालय।
मौद्रीकरण के लिए रखे गए इस भूखंड का अनुमानित क्षेत्र कितना है?
- A.2.119 एकड़
- B.5.119 एकड़
- C.15.119 एकड़
- D.51.19 एकड़
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर 5.119 एकड़ है, जो लगभग 20,722.93 वर्ग मीटर के बराबर बैठता है। इस भूखंड का भू-उपयोग औद्योगिक है और इसे ई-निविदा के बाद ई-नीलामी के जरिये सीधी बिक्री के लिए रखा गया है। विज्ञप्ति में साफ कहा गया है कि क्षेत्र संकेतात्मक है और वास्तविक माप सफल बोलीदाता के साथ किए जाने वाले संयुक्त सर्वेक्षण से तय होगा, इसलिए आंकड़े के साथ यह शर्त भी याद रखनी चाहिए। विकल्प A, विकल्प C और विकल्प D एक अंक बदलकर या दशमलव हटाकर बनाए गए हैं, और वस्तुनिष्ठ प्रश्नपत्रों में भ्रम इसी तरह गढ़े जाते हैं। अभ्यर्थी भूखंड को उसके दोनों मापों, एकड़ और वर्ग मीटर, के साथ जोड़कर याद रखें और यह भी ध्यान रखें कि बिक्री जहां है जैसी है के आधार पर हो रही है।
बिजली घरों में कोयला भंडार की दैनिक निकासी सितंबर के 0.243 मिलियन टन से अक्टूबर 2026 में घटकर कितनी रह गई?
- A.0.198 मिलियन टन प्रतिदिन
- B.0.116 मिलियन टन प्रतिदिन
- C.0.085 मिलियन टन प्रतिदिन
- D.0.150 मिलियन टन प्रतिदिन
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर 0.116 मिलियन टन प्रतिदिन है। कोयला मंत्रालय ने बताया कि बिजली घरों में भंडार घटने की रफ्तार तेजी से धीमी हुई और दैनिक निकासी आधे से अधिक गिरकर सितंबर के 0.243 मिलियन टन प्रतिदिन से अक्टूबर में 0.116 मिलियन टन प्रतिदिन रह गई। मंत्रालय ने स्थिति को संभलती हुई बताया, साथ ही यह भी माना कि भंडार फिर से भरने का काम अभी शुरू नहीं हुआ है। विकल्प A, विकल्प C और विकल्प D में दिए स्तर स्पष्टीकरण में नहीं हैं। विकल्प C में गिरावट आधे से बहुत अधिक दिखती है, जबकि विकल्प A और विकल्प D में बताई गई सुस्ती रिपोर्ट की गई गिरावट से बहुत कम है। परीक्षा के लिए उपयोगी आधार यही तुलना है, अर्थात सितंबर में 0.243 और अक्टूबर में 0.116 मिलियन टन प्रतिदिन, यानी पचास प्रतिशत से अधिक की कमी।
कोयला मंत्रालय के अनुसार अक्टूबर 2026 में लगातार तीन दिन रेक लदान का कौन सा लक्ष्य हासिल किया गया?
- A.420 रेक प्रतिदिन
- B.450 रेक प्रतिदिन
- C.470 रेक प्रतिदिन
- D.510 रेक प्रतिदिन
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर 470 रेक प्रतिदिन है। अक्टूबर में कोयले का रेल लदान औसतन 465 रेक प्रतिदिन से अधिक रहा और मंत्रालय ने बताया कि 470 रेक का लक्ष्य लगातार तीन दिन पूरा हुआ, जिसे उसने उत्पादन के साथ साथ लॉजिस्टिक्स के मजबूत होने का संकेत माना। आगे के लिए मंत्रालय ने कहा कि 465 से 475 रेक प्रतिदिन के दायरे में लदान बना रहे तो स्थिति और स्थिर होगी तथा भंडार फिर भरा जा सकेगा। विकल्प A और विकल्प B में बताए दैनिक आंकड़े स्पष्टीकरण में कहीं नहीं हैं और दोनों पहले से हासिल मासिक औसत से भी नीचे हैं। विकल्प D में दी संख्या उस दायरे से काफी ऊपर है जिसे मंत्रालय बनाए रखना चाहता है, इसलिए वह हासिल किया गया लक्ष्य नहीं हो सकता। याद रखने योग्य अंतर यही है कि लक्ष्य 470 रेक का था, जबकि मासिक औसत 465 रेक से अधिक रहा।