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GK24

निर्माण श्रमिकों पर राष्ट्रीय सम्मेलन मुंबई में संपन्न

भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिकों पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन मुंबई में संपन्न हुआ, जिसमें राज्यों ने कौशल विकास और डिजिटल लेबर चौक की पहलें रखीं।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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निर्माण श्रमिकों पर राष्ट्रीय सम्मेलन मुंबई में संपन्न

चर्चा में क्यों

श्रम और रोजगार मंत्रालय तथा महाराष्ट्र सरकार द्वारा आयोजित भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिकों पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन 12 सितंबर 2026 को मुंबई में संपन्न हुआ।

भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिकों पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन 12 सितंबर 2026 को मुंबई में संपन्न हुआ। इसका आयोजन श्रम और रोजगार मंत्रालय ने महाराष्ट्र सरकार के साथ मिलकर किया। यह सम्मेलन 11 और 12 सितंबर 2026 को हुआ। इसमें केंद्र सरकार, राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारों, बीओसीडब्ल्यू कल्याण बोर्डों और अन्य संबंधित पक्षों के प्रतिनिधि शामिल हुए। केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने पहले दिन की अध्यक्षता की। राज्यमंत्री शोभा करंदलाजे भी उनके साथ मौजूद रहीं।

सचिव ने क्या कहा

श्रम और रोजगार मंत्रालय के सचिव डॉ. चंद्र भूषण कुमार ने दूसरे दिन की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि कौशल इकोसिस्टम को मजबूत करना होगा और नीति की रचना में श्रमिक की गरिमा को केंद्र में रखना होगा। उन्होंने कहा कि श्रम बाजार में जानकारी और पहुंच की खाई है, इसलिए नौकरी चाहने वालों और नियोक्ताओं के बीच जुड़ाव को मजबूत करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि सामाजिक सुरक्षा और कल्याण योजनाएं बनाते समय श्रमिकों की अंतरराज्यीय तथा अंतरराष्ट्रीय आवाजाही का ध्यान रखा जाए। उन्होंने कार्यस्थल पर पेशेगत सेहत और शारीरिक सुरक्षा पर अधिक ध्यान देने को कहा। उन्होंने मौजूदा अलग-अलग उपायों को समेकित करने और टिकाऊ कल्याणकारी पहलों के लिए बीमांकिक विश्लेषण के अधिक उपयोग का सुझाव दिया।

राज्यों ने क्या प्रस्तुत किया

उत्तर प्रदेशभवन निर्माण श्रमिकों का कौशल विकास
राजस्थानडिजिटल लेबर चौक
बिहारश्रम सेवा सुविधा केंद्र
असमनिर्माण सखी पोर्टल

सत्र

दूसरे दिन की शुरुआत नई श्रम संहिताओं के आलोक में बीओसीडब्ल्यू कल्याण बोर्डों की भूमिका और जिम्मेदारियों पर सत्र से हुई। इसमें राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने अपनी पहलें तथा सर्वोत्तम कार्यपद्धतियां रखीं और फिर चर्चा हुई। एक अलग सत्र कौशल विकास और रोजगार पर रहा। कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय ने कौशल पर प्रस्तुति दी। श्रम और रोजगार मंत्रालय ने भारत में रोजगार वृद्धि की कहानी रखी। एक अन्य सत्र लेबर स्टैक पर हुआ। इसके बाद निर्माण क्षेत्र तथा औद्योगिक श्रमिकों के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक पर चर्चा हुई। कुल मिलाकर इन दो दिनों में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को यह तुलना करने का मंच मिला कि निर्माण श्रमिकों तक कल्याण, कौशल और रोजगार सेवाएं पहुंचाने में कौन सा तरीका काम करता है, क्योंकि यह वर्ग बार-बार जगह बदलता है और किसी एक स्थिर योजना से इस तक पहुंचना कठिन होता है।

महत्वपूर्ण तथ्य

आयोजनभवन एवं अन्य निर्माण श्रमिकों (बीओसीडब्ल्यू) पर राष्ट्रीय सम्मेलन
स्थान और तिथिमुंबई, 11 और 12 सितंबर 2026
आयोजकश्रम और रोजगार मंत्रालय तथा महाराष्ट्र सरकार
पहले दिन की अध्यक्षताकेंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया
अन्य उपस्थितराज्यमंत्री शोभा करंदलाजे
दूसरे दिन की शुरुआतडॉ. चंद्र भूषण कुमार, सचिव, श्रम और रोजगार मंत्रालय
उत्तर प्रदेशभवन निर्माण श्रमिकों का कौशल विकास
राजस्थानडिजिटल लेबर चौक
बिहारश्रम सेवा सुविधा केंद्र
असमनिर्माण सखी पोर्टल
अन्य सत्रलेबर स्टैक तथा औद्योगिक श्रमिकों का उपभोक्ता मूल्य सूचकांक

परीक्षा की दृष्टि से

बीओसीडब्ल्यू का पूरा नाम, मेजबान शहर (मुंबई) और तिथियां, आयोजक मंत्रालय तथा साझेदार राज्य सरकार, नामित मंत्री और सचिव, तथा चार राज्य पहलें यानी उत्तर प्रदेश का कौशल विकास, राजस्थान के डिजिटल लेबर चौक, बिहार के श्रम सेवा सुविधा केंद्र और असम का निर्माण सखी पोर्टल याद रखें।

अभ्यास प्रश्न

Q1.राष्ट्रीयआसान

भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिकों पर राष्ट्रीय सम्मेलन किस शहर में संपन्न हुआ?

  1. A.नई दिल्ली
  2. B.मुंबई
  3. C.पुणे
  4. D.नागपुर
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. मुंबई

व्याख्या

सही उत्तर मुंबई है। दो दिवसीय यह सम्मेलन श्रम और रोजगार मंत्रालय ने महाराष्ट्र सरकार के साथ मिलकर आयोजित किया और दूसरे दिन इसी शहर में संपन्न हुआ। इसमें केंद्र सरकार, राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारों, बीओसीडब्ल्यू कल्याण बोर्डों और अन्य संबंधित पक्षों के प्रतिनिधि जुटे, जिन्होंने निर्माण श्रमिकों के कल्याण, कौशल विकास, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा पर चर्चा की। विकल्प A यानी नई दिल्ली किसी भी राष्ट्रीय सम्मेलन के लिए सबसे स्वाभाविक अनुमान है और इसीलिए सबसे बड़ा भ्रम भी। विकल्प C और D महाराष्ट्र के ही अन्य शहर हैं, जो यह परखते हैं कि अभ्यर्थी को केवल राज्य याद है या शहर भी। इसे याद रखने का भरोसेमंद तरीका यह है कि साझेदार राज्य को उसकी राजधानी से जोड़ लें, क्योंकि उसी राज्य की सरकार आयोजन में साझेदार थी।

Q2.राष्ट्रीयमध्यम

बीओसीडब्ल्यू सम्मेलन में डिजिटल लेबर चौक से जुड़ा अनुभव किस राज्य ने साझा किया?

  1. A.उत्तर प्रदेश
  2. B.बिहार
  3. C.राजस्थान
  4. D.असम
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. राजस्थान

व्याख्या

सही उत्तर राजस्थान है। नई श्रम संहिताओं के आलोक में बीओसीडब्ल्यू कल्याण बोर्डों की भूमिका और जिम्मेदारियों वाले सत्र में कई राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों ने अपनी पहलें प्रस्तुत कीं। राजस्थान ने डिजिटल लेबर चौक का अनुभव रखा, जो उस पारंपरिक चौक को डिजिटल रूप देता है जहां दिहाड़ी श्रमिक काम की प्रतीक्षा में जुटते हैं, ताकि श्रमिक और नियोक्ता एक-दूसरे तक आसानी से पहुंच सकें। विकल्प A यानी उत्तर प्रदेश ने भवन निर्माण श्रमिकों के कौशल विकास पर अपना काम रखा। विकल्प B यानी बिहार ने श्रम सेवा सुविधा केंद्रों पर प्रकाश डाला। विकल्प D यानी असम ने निर्माण सखी पोर्टल पेश किया। चारों प्रस्तुतियां एक ही सत्र की हैं, इसलिए इन्हें अलग-अलग तथ्य के बजाय एक मिलान सूची की तरह याद करना बेहतर है।

Q3.राष्ट्रीयमध्यम

भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिकों पर राष्ट्रीय सम्मेलन के पहले दिन की अध्यक्षता किसने की?

  1. A.शोभा करंदलाजे
  2. B.मनसुख मांडविया
  3. C.चंद्र भूषण कुमार
  4. D.भूपेंद्र यादव
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. मनसुख मांडविया

व्याख्या

सही उत्तर मनसुख मांडविया है, जो केंद्रीय श्रम और रोजगार तथा युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री हैं और जिन्होंने सम्मेलन के पहले दिन की अध्यक्षता की। विकल्प A यानी शोभा करंदलाजे श्रम और रोजगार तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम राज्यमंत्री हैं और उसी सत्र में मौजूद थीं, पर अध्यक्षता उन्होंने नहीं की, इसलिए यही सबसे नजदीकी भ्रामक विकल्प है। विकल्प C यानी डॉ. चंद्र भूषण कुमार श्रम और रोजगार मंत्रालय के सचिव हैं और उन्होंने दूसरे दिन की शुरुआत की, जहां उन्होंने कौशल इकोसिस्टम, श्रमिक की गरिमा, राज्यों और देशों के बीच श्रमिकों की आवाजाही, पेशेगत सेहत तथा कल्याणकारी उपायों में बीमांकिक विश्लेषण के उपयोग की बात रखी। विकल्प D में दूसरा विभाग संभालने वाले मंत्री का नाम है। मंत्री, राज्यमंत्री और सचिव को अलग-अलग याद रखना ही ऐसे प्रश्न का उद्देश्य है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बीओसीडब्ल्यू का पूरा नाम क्या है?

भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक। इनके कल्याण, कौशल और सामाजिक सुरक्षा पर राष्ट्रीय सम्मेलन 11 और 12 सितंबर 2026 को मुंबई में हुआ।

निर्माण सखी पोर्टल किस राज्य ने प्रस्तुत किया?

असम ने। इसी सत्र में उत्तर प्रदेश ने कौशल विकास, राजस्थान ने डिजिटल लेबर चौक और बिहार ने श्रम सेवा सुविधा केंद्र रखे।

सम्मेलन के पहले दिन की अध्यक्षता किसने की?

केंद्रीय श्रम और रोजगार तथा युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने, जिनके साथ राज्यमंत्री शोभा करंदलाजे मौजूद रहीं।

स्रोत

इनके लिए उपयोगी:SSCSSC CGLIBPS