मुख्य सामग्री पर जाएं
GK24

नाबकिसान ने भारत के पहले WASH सामाजिक बॉन्ड से ₹180 करोड़ जुटाए

नाबार्ड की अनुषंगी नाबकिसान फाइनेंस ने जल, स्वच्छता एवं स्वच्छता क्षेत्र के लिए भारत का पहला सामाजिक बॉन्ड एनएसई पर सूचीबद्ध कराकर ₹180 करोड़ जुटाए।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
Read in English
नाबकिसान ने भारत के पहले WASH सामाजिक बॉन्ड से ₹180 करोड़ जुटाए — GK24 title card

चर्चा में क्यों

वित्त मंत्रालय ने 3 अक्टूबर 2026 को बताया कि नाबार्ड की अनुषंगी नाबकिसान फाइनेंस लिमिटेड ने जल, स्वच्छता और साफ-सफाई क्षेत्र के लिए समर्पित भारत का पहला सामाजिक बॉन्ड राष्ट्रीय शेयर बाज़ार में सूचीबद्ध कराया और उससे ₹180 करोड़ जुटाए।

नाबकिसान फाइनेंस लिमिटेड ने देश का पहला ऐसा सामाजिक बॉन्ड बाज़ार में उतारा है जिसका पैसा केवल पीने के पानी, शौचालय और साफ-सफाई पर खर्च होगा। यह कंपनी राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) की अनुषंगी है। बॉन्ड को 1 अक्टूबर 2026 को मुंबई के राष्ट्रीय शेयर बाज़ार में सूचीबद्ध किया गया और वित्त मंत्रालय ने 3 अक्टूबर 2026 को इसकी जानकारी दी। इससे पहले देश में किसी ने भी केवल इसी एक मकसद के लिए बॉन्ड बाज़ार से रकम नहीं जुटाई थी।

निवेशकों की प्रतिक्रिया

जितने बॉन्ड बेचे जा रहे थे, मांग उससे कहीं ज़्यादा रही। निर्गम 1.8 गुना भरा और कंपनी के हाथ ₹180 करोड़ आए। यह बॉन्ड पाँच साल चलेगा, हर साल 8.10% ब्याज देगा और सितंबर 2031 में परिपक्व होगा। दोनों रेटिंग एजेंसियों ने इसे घरेलू स्तर की सर्वोच्च श्रेणी दी — क्रिसिल ने AAA (स्थिर) और केयर ने भी AAA (स्थिर)।

मुख्य आंकड़े

जुटाई गई रकम₹180 करोड़
मांग1.8 गुना अभिदान
ब्याज दर8.10% वार्षिक
अवधिपाँच वर्ष, सितंबर 2031 में परिपक्वता
रेटिंगक्रिसिल AAA (स्थिर) और केयर AAA (स्थिर)

पैसा कहाँ लगेगा

यह रकम ऐसे कर्ज़ों पर लगेगी जिनसे गाँव के घरों तक और उन तबकों तक नल, शौचालय और सफ़ाई की सुविधाएँ पहुँचें जिन्हें कर्ज़दाता आमतौर पर छोड़ देते हैं। नाबार्ड का अनुमान है कि इसका असर बेहतर सेहत, स्थिर आजीविका और आसान दिनचर्या के रूप में दिखेगा, खासकर उन महिलाओं के लिए जिनके कई घंटे पानी ढोने में निकल जाते हैं।

समारोह में क्या कहा गया

नाबार्ड के अध्यक्ष डॉ. शाजी कृष्णन वी ने कहा कि यह निर्गम बताता है कि वित्त जुटाने के नए तरीके विकास की ज़रूरी प्राथमिकताओं के लिए कितना कर सकते हैं, और विकास संस्थाएँ ऐसी परियोजनाओं को इस हद तक कर्ज़-योग्य बनाती हैं कि वाणिज्यिक बैंक और पूंजी बाज़ार भी साथ आ जाएँ। नाबकिसान के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी श्री इम्मानुवेल गणेशन ने कहा कि यह बॉन्ड दिखाता है कि बाज़ार के साधन विकास क्षेत्रों के लिए संसाधन जुटा सकते हैं और सामाजिक असर नापा भी जा सकता है। उन्होंने तगड़ी मांग को टिकाऊ वित्त पर बढ़ते भरोसे का संकेत बताया। Water.org ने इस सौदे में तकनीकी सलाहकार और ज्ञान साझेदार की भूमिका निभाई। सूचीबद्धता समारोह में नाबार्ड, नाबकिसान, Water.org, ट्रस्ट ग्रुप और एनएसई के प्रतिनिधियों ने संबोधन दिया और अंत में परंपरा के अनुसार घंटी बजाई गई।

महत्वपूर्ण तथ्य

जारीकर्तानाबकिसान फाइनेंस लिमिटेड, नाबार्ड की अनुषंगी
नया क्या हैWASH क्षेत्र के लिए समर्पित भारत का पहला सामाजिक बॉन्ड
सूचीबद्धताराष्ट्रीय शेयर बाज़ार (एनएसई), मुंबई
सूचीबद्धता की तारीख1 अक्टूबर 2026
जुटाई गई रकम₹180 करोड़
अभिदान1.8 गुना
ब्याज दर8.10% वार्षिक
अवधि एवं परिपक्वतापाँच वर्ष; सितंबर 2031
क्रेडिट रेटिंगक्रिसिल AAA (स्थिर) और केयर AAA (स्थिर)
ज्ञान साझेदारWater.org, तकनीकी सलाहकार भी
नाबार्ड अध्यक्षडॉ. शाजी कृष्णन वी
नाबकिसान एमडी एवं सीईओश्री इम्मानुवेल गणेशन

परीक्षा की दृष्टि से

याद रखें कि WASH क्षेत्र के लिए भारत का पहला सामाजिक बॉन्ड नाबकिसान ने जारी किया, जो नाबार्ड की अनुषंगी है; यह 1 अक्टूबर 2026 को मुंबई के एनएसई में सूचीबद्ध हुआ, 1.8 गुना भरा, ₹180 करोड़ जुटाए, ब्याज दर 8.10% है, परिपक्वता सितंबर 2031 में है और रेटिंग क्रिसिल AAA (स्थिर) तथा केयर AAA (स्थिर) है।

अभ्यास प्रश्न

Q1.बैंकिंग और वित्तआसान

नाबकिसान फाइनेंस लिमिटेड ने भारत के पहले WASH सामाजिक बॉन्ड से कितनी राशि जुटाई?

  1. A.₹90 करोड़
  2. B.₹180 करोड़
  3. C.₹250 करोड़
  4. D.₹360 करोड़
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. ₹180 करोड़

व्याख्या

सही उत्तर ₹180 करोड़ है। नाबार्ड की अनुषंगी नाबकिसान फाइनेंस लिमिटेड ने जल, स्वच्छता और साफ-सफाई के काम के लिए समर्पित देश का पहला सामाजिक बॉन्ड बाज़ार में उतारा और निवेशकों ने बिक्री के लिए रखे बॉन्ड से 1.8 गुना अधिक की बोली लगाई। इसी मांग के कारण कंपनी ₹180 करोड़ जुटा सकी, जो गाँवों और उन इलाकों में सुरक्षित पानी, शौचालय तथा साफ-सफाई की सेवाओं पर कर्ज़ के रूप में लगेगी जिन्हें कर्ज़दाता आमतौर पर छोड़ देते हैं। विकल्प A यानी ₹90 करोड़ असली रकम का आधा है और निर्गम से इसका कोई संबंध नहीं है। विकल्प C यानी ₹250 करोड़ तथा विकल्प D यानी ₹360 करोड़ बड़ी गोल संख्याएँ हैं, जो कभी जुटाई ही नहीं गईं; मांग अधिक रहने पर भी निर्गम तय राशि पर ही बंद हुआ। परीक्षा के लिहाज़ से इस रकम को बॉन्ड की बाकी शर्तों के साथ याद रखें — पाँच वर्ष की अवधि, 8.10% वार्षिक ब्याज, सितंबर 2031 में परिपक्वता तथा क्रिसिल और केयर दोनों से AAA (स्थिर) रेटिंग।

Q2.बैंकिंग और वित्तआसान

भारत का पहला WASH सामाजिक बॉन्ड जारी करने वाली नाबकिसान फाइनेंस लिमिटेड किस संस्था की अनुषंगी है?

  1. A.भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक
  2. B.राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक
  3. C.राष्ट्रीय आवास बैंक
  4. D.भारतीय निर्यात-आयात बैंक
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक

व्याख्या

सही उत्तर राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक यानी नाबार्ड है। नाबकिसान फाइनेंस लिमिटेड नाबार्ड की अनुषंगी कंपनी है, और इस बॉन्ड की सूचीबद्धता को ऐसा कदम बताया गया जो ग्रामीण विकास के लिए नए वित्तीय तरीकों के प्रति नाबार्ड तथा नाबकिसान, दोनों की प्रतिबद्धता को मज़बूत करता है। नाबार्ड के अध्यक्ष डॉ. शाजी कृष्णन वी ने समारोह में कहा कि विकास संस्थाएँ ऐसी परियोजनाओं को इतना कर्ज़-योग्य बना देती हैं कि वाणिज्यिक बैंक और पूंजी बाज़ार भी उनमें हिस्सा लेने लगते हैं। विकल्प A यानी भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक छोटे और मध्यम उद्योगों के लिए काम करता है, इस कंपनी से उसका कोई नाता नहीं है। विकल्प C यानी राष्ट्रीय आवास बैंक आवास वित्त का पुनर्वित्त करता है और विकल्प D यानी भारतीय निर्यात-आयात बैंक विदेश व्यापार को सहारा देता है; यहाँ इनकी कोई भूमिका नहीं है। मूल संस्था याद रखना ज़रूरी है क्योंकि उसी से समझ आता है कि यह रकम ग्रामीण और वंचित परिवारों पर क्यों केंद्रित है।

Q3.बैंकिंग और वित्तमध्यम

अक्टूबर 2026 में सूचीबद्ध नाबकिसान के WASH सामाजिक बॉन्ड की ब्याज दर क्या है?

  1. A.7.10% वार्षिक
  2. B.7.75% वार्षिक
  3. C.8.10% वार्षिक
  4. D.8.60% वार्षिक
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 8.10% वार्षिक

व्याख्या

सही उत्तर 8.10% वार्षिक है। नाबकिसान ने जो बॉन्ड मुंबई के राष्ट्रीय शेयर बाज़ार में सूचीबद्ध कराया, वह पाँच वर्ष चलता है और परिपक्वता यानी सितंबर 2031 तक अपने धारकों को यही दर देता रहेगा। क्रिसिल और केयर, दोनों रेटिंग एजेंसियों ने इस बॉन्ड को घरेलू स्तर की सर्वोच्च गुणवत्ता का माना और AAA (स्थिर) श्रेणी दी। इसी वजह से इस स्तर की ब्याज दर पर बिक्री के लिए रखी रकम से 1.8 गुना अधिक बोलियाँ आईं और कंपनी ₹180 करोड़ जुटा सकी। विकल्प A और B में दी गई 7.10% तथा 7.75% दरें वास्तविक दर से कम हैं, जबकि विकल्प D की 8.60% दर उससे अधिक है; इनमें से कोई भी दर इस निर्गम में नहीं दी गई। परीक्षा में बॉन्ड से जुड़े प्रश्न आमतौर पर पाँच आंकड़ों में से किसी एक पर होते हैं, इसलिए ब्याज दर के साथ अवधि, परिपक्वता का महीना, अभिदान और जुटाई गई रकम भी साथ ही याद करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत का पहला WASH सामाजिक बॉन्ड क्या है?

यह नाबार्ड की अनुषंगी नाबकिसान फाइनेंस लिमिटेड का बॉन्ड है, जिसका पैसा केवल जल, स्वच्छता और साफ-सफाई के काम पर खर्च होगा। इसे 1 अक्टूबर 2026 को मुंबई के एनएसई में सूचीबद्ध किया गया और इससे ₹180 करोड़ जुटे।

नाबकिसान के इस बॉन्ड की शर्तें क्या हैं?

यह पाँच वर्ष का बॉन्ड है, जिसकी ब्याज दर 8.10% वार्षिक है और परिपक्वता सितंबर 2031 में होगी। निर्गम 1.8 गुना भरा और इसे क्रिसिल AAA (स्थिर) तथा केयर AAA (स्थिर) रेटिंग मिली है।

इस बॉन्ड में तकनीकी सलाहकार कौन था?

Water.org ने तकनीकी सलाहकार और ज्ञान साझेदार की भूमिका निभाई। इसके अलावा बाज़ार संस्थाओं, सलाहकारों, न्यासियों और प्रबंधकों ने भी निर्गम में योगदान दिया और समारोह में एनएसई के प्रतिनिधि शामिल हुए।

स्रोत

इनके लिए उपयोगी:SSC CGLबैंकिंगIBPS