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वित्तीय समावेशन योजनाओं की समीक्षा, एफआई संतृप्ति अभियान तय

वित्तीय सेवा विभाग के सचिव संजय लोहिया ने बैंकों के साथ वित्तीय समावेशन योजनाओं की समीक्षा की और 21 अक्टूबर से संतृप्ति अभियान में भागीदारी का आग्रह किया।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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वित्तीय समावेशन योजनाओं की समीक्षा, एफआई संतृप्ति अभियान तय

चर्चा में क्यों

6 अक्टूबर 2026 को वित्तीय सेवा विभाग ने नई दिल्ली में सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैंकों के साथ वित्तीय समावेशन योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की और आगामी एफआई संतृप्ति अभियान की तिथियां बताईं।

वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग में सचिव संजय लोहिया ने नई दिल्ली में सभी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के प्रमुखों तथा प्रमुख निजी क्षेत्र के बैंकों के कार्यकारी निदेशकों के साथ समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

किन योजनाओं की समीक्षा हुई

बैठक में वित्तीय समावेशन की दस प्रमुख योजनाओं की एक-एक कर समीक्षा की गई।

योजनासंक्षिप्त नाम
जन धन योजनापीएमजेडीवाई
जीवन ज्योति बीमा योजनापीएमजेजेबीवाई
सुरक्षा बीमा योजनापीएमएसबीवाई
अटल पेंशन योजनाएपीवाई
मुद्रा योजनापीएमएमवाई
स्टैंड अप इंडिया-
स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधिपीएम स्वनिधि
पीएम विश्वकर्मा-
पीएम सूर्य घर-
किसान क्रेडिट कार्डकेसीसी

इसके अलावा दो बातों पर भी नजर डाली गई, बैंकों की ईंट-गारे वाली शाखाएं कहां तक पहुंची हैं और जिन गांवों में अब तक कोई बैंकिंग सुविधा नहीं है, वहां बैंकिंग संवाददाता तैनात हुए हैं या नहीं।

डिजिटल ऋण प्रक्रिया पर जोर

सचिव ने कहा कि इन योजनाओं से देश में वित्तीय समावेशन काफी गहरा हुआ है, फिर भी बैंकों को अपनी डिजिटल पहुंच बढ़ानी होगी और ऋणों की पूरी प्रक्रिया डिजिटल रूप से पूरी करने की दिशा में बढ़ना होगा। कार्यशील पूंजी के लिए दो माध्यमों की जानकारी दी गई, यूपीआई पर क्रेडिट लाइन तथा सूक्ष्म उद्यमों के लिए क्रेडिट कार्ड (सीसीएमई)। निजी क्षेत्र के बैंकों से इन योजनाओं में अपनी भागीदारी बढ़ाने का आग्रह किया गया।

बीमा दावे और जन सुरक्षा पोर्टल

बैंकों को निर्देश दिया गया कि जन सुरक्षा बीमा योजनाओं में दावे की पात्रता के बारे में जागरूकता बढ़ाएं, जिससे लाभार्थी की मृत्यु के बाद नामित व्यक्ति को राशि वास्तव में मिल सके, और दावों से जुड़ी शिकायतों का निपटारा विशेष सावधानी से करें। पीएमजेजेबीवाई तथा पीएमएसबीवाई के सभी नए नामांकन जन सुरक्षा पोर्टल के माध्यम से करने को कहा गया, जिसे सभी बैंकों और बीमा कंपनियों से जोड़ा जा रहा है ताकि आंकड़ों की गुणवत्ता और कामकाज की सुगमता बढ़े। अटल पेंशन योजना के पर्सिस्टेंसी अनुपात को बढ़ाने के उपायों पर भी बात हुई।

आगे का संतृप्ति अभियान

विवरणब्यौरा
अभियानएफआई संतृप्ति अभियान
प्रारंभ21 अक्टूबर 2026
समाप्ति31 दिसंबर 2026
केंद्र मेंवंचित वर्ग और उनकी बैंकिंग आवश्यकताएं

श्री लोहिया ने सभी बैंकों से इस अभियान में पूरे उत्साह के साथ भाग लेने और समाज के कमजोर वर्गों की सेवा पर अधिक जोर देने को कहा।

महत्वपूर्ण तथ्य

बैठकवित्तीय समावेशन योजनाओं की समीक्षा, नई दिल्ली
अध्यक्षतासंजय लोहिया, सचिव, वित्तीय सेवा विभाग
मंत्रालयवित्त मंत्रालय
उपस्थितिसभी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के प्रमुख और प्रमुख निजी बैंकों के कार्यकारी निदेशक
समीक्षित योजनाएंपीएमजेडीवाई, पीएमजेजेबीवाई, पीएमएसबीवाई, एपीवाई, पीएमएमवाई, स्टैंड अप इंडिया, पीएम स्वनिधि, पीएम विश्वकर्मा, पीएम सूर्य घर, केसीसी
एफआई संतृप्ति अभियान21 अक्टूबर 2026 से 31 दिसंबर 2026
नामांकन पोर्टलजन सुरक्षा पोर्टल, पीएमजेजेबीवाई और पीएमएसबीवाई के नए लाभार्थियों के लिए
ऋण माध्यमयूपीआई पर क्रेडिट लाइन; सूक्ष्म उद्यमों के लिए क्रेडिट कार्ड (सीसीएमई)

परीक्षा की दृष्टि से

बैठक की अध्यक्षता करने वाले अधिकारी और उनका पद, वित्तीय समावेशन योजनाओं की सूची और उनके संक्षिप्त नाम, एफआई संतृप्ति अभियान की तिथियां, पीएमजेजेबीवाई तथा पीएमएसबीवाई के नामांकन का पोर्टल, कार्यशील पूंजी के दो माध्यम तथा जिस योजना के पर्सिस्टेंसी अनुपात पर चर्चा हुई, ये सब याद रखें।

अभ्यास प्रश्न

Q1.बैंकिंग और वित्तआसान

सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैंकों के साथ वित्तीय समावेशन योजनाओं की प्रगति पर समीक्षा बैठक की अध्यक्षता किसने की?

  1. A.भारतीय रिज़र्व बैंक के गवर्नर
  2. B.सचिव, वित्तीय सेवा विभाग
  3. C.केंद्रीय वित्त मंत्री
  4. D.भारतीय स्टेट बैंक के अध्यक्ष
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. सचिव, वित्तीय सेवा विभाग

व्याख्या

सही उत्तर सचिव, वित्तीय सेवा विभाग है, अर्थात संजय लोहिया, जिन्होंने नई दिल्ली में सभी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के प्रमुखों और प्रमुख निजी बैंकों के कार्यकारी निदेशकों के साथ यह समीक्षा की, जिसमें विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल रहे। विकल्प A गलत है क्योंकि यह बैठक केंद्रीय बैंक ने नहीं, बल्कि वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग ने बुलाई थी। विकल्प C गलत है क्योंकि बैठक मंत्री स्तर की नहीं, सचिव स्तर की थी। विकल्प D गलत है क्योंकि बैंकों के प्रमुख इस बैठक में प्रतिभागी थे, अध्यक्ष नहीं। याद रखें कि जन धन, जन सुरक्षा और मुद्रा जैसी योजनाएं इसी विभाग के अधीन आती हैं। बैठक में विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ निजी क्षेत्र के बैंकों के कार्यकारी निदेशक भी उपस्थित थे, और उनसे इन योजनाओं में अपनी भागीदारी बढ़ाने का आग्रह किया गया।

Q2.बैंकिंग और वित्तमध्यम

बैंकों से जिस एफआई संतृप्ति अभियान में भाग लेने को कहा गया, वह किस अवधि में चलेगा?

  1. A.1 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2026
  2. B.21 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2026
  3. C.21 अक्टूबर 2026 से 31 मार्च 2027
  4. D.1 नवंबर से 31 दिसंबर 2026
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 21 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2026

व्याख्या

सही उत्तर 21 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2026 है। वित्तीय सेवा विभाग के सचिव ने बैंकों से इसी अवधि में चलने वाले संतृप्ति अभियान में पूरे उत्साह से भाग लेने और समाज के कमजोर वर्गों की बैंकिंग आवश्यकताओं को पूरा करने पर अधिक जोर देने का आग्रह किया। विकल्प A गलत है क्योंकि अभियान महीने की पहली तारीख से नहीं, बाद में शुरू होता है। विकल्प C गलत है क्योंकि इसमें अभियान को वित्तीय वर्ष के अंत तक खींच दिया गया है, जो घोषणा में नहीं है। विकल्प D में भी प्रारंभ तिथि अगले महीने कर दी गई है, इसलिए वह गलत है। परीक्षा में ऐसे अभियानों की प्रारंभ और समाप्ति तिथि दोनों पूछी जाती हैं, इसलिए दोनों लिख लें।

Q3.बैंकिंग और वित्तमध्यम

पीएमजेजेबीवाई और पीएमएसबीवाई के नए लाभार्थियों का नामांकन किस पोर्टल के माध्यम से किया जाना है?

  1. A.जन धन दर्शक पोर्टल
  2. B.उद्यम रजिस्ट्रेशन पोर्टल
  3. C.जन सुरक्षा पोर्टल
  4. D.पीएम स्वनिधि पोर्टल
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. जन सुरक्षा पोर्टल

व्याख्या

सही उत्तर जन सुरक्षा पोर्टल है। बैंकों को निर्देश दिया गया कि प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के सभी नए नामांकन इसी पोर्टल से करें, क्योंकि इसे सभी बैंकों और बीमा कंपनियों से जोड़ा जा रहा है, जिससे आंकड़ों की गुणवत्ता और रोजमर्रा के कामकाज की सुगमता बढ़ेगी। विकल्प A गलत है क्योंकि वह मंच बैंकिंग सुविधाओं का पता लगाने से जुड़ा है, बीमा नामांकन से नहीं। विकल्प B गलत है क्योंकि उद्यम पंजीकरण का इन दोनों बीमा योजनाओं से कोई संबंध नहीं है। विकल्प D गलत है क्योंकि रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं की ऋण योजना अलग कार्यक्रम है, भले उसकी समीक्षा भी इसी बैठक में हुई। इसी बैठक में बैंकों को दावे की पात्रता के बारे में जागरूकता बढ़ाने तथा दावों से जुड़ी शिकायतों का निपटारा विशेष सावधानी से करने का निर्देश भी दिया गया।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बैंकों के साथ वित्तीय समावेशन योजनाओं की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता किसने की?

वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग में सचिव संजय लोहिया ने। बैठक नई दिल्ली में सभी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के प्रमुखों और प्रमुख निजी बैंकों के कार्यकारी निदेशकों के साथ हुई।

एफआई संतृप्ति अभियान कब चलेगा?

21 अक्टूबर 2026 से 31 दिसंबर 2026 तक। बैंकों से इसमें पूरे उत्साह के साथ भाग लेने और समाज के वंचित वर्गों की बैंकिंग आवश्यकताओं पर ध्यान देने को कहा गया है।

पीएमजेजेबीवाई और पीएमएसबीवाई के नए लाभार्थियों का नामांकन किस पोर्टल से होगा?

जन सुरक्षा पोर्टल से। इसे सभी बैंकों और बीमा कंपनियों के साथ एकीकृत किया जा रहा है, जिससे आंकड़ों की गुणवत्ता और कामकाज की सुगमता बढ़ेगी।

स्रोत

करेंट अफेयर्स 6 अक्टूबर 2026

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