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मनीला में 14वीं पूर्वी एशिया शिखर आर्थिक मंत्री बैठक में भारत शामिल

भारत ने मनीला में 14वीं पूर्वी एशिया शिखर आर्थिक मंत्री बैठक और 23वें आसियान-भारत परामर्श में भाग लिया; द्विपक्षीय व्यापार 128.38 अरब डॉलर रहा।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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मनीला में 14वीं पूर्वी एशिया शिखर आर्थिक मंत्री बैठक में भारत शामिल — GK24 title card

चर्चा में क्यों

भारत ने मनीला में हुई 14वीं पूर्वी एशिया शिखर आर्थिक मंत्री बैठक और 23वें आसियान-भारत आर्थिक मंत्री परामर्श में भाग लिया, जहां एआईटीआईजीए समीक्षा पर चर्चा हुई और 2025-26 का 128.38 अरब डॉलर का व्यापार आंकड़ा सामने आया।

वाणिज्य विभाग के अपर सचिव श्री नितिन कुमार यादव के नेतृत्व में भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने फिलीपींस के मनीला में हुई 14वीं पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन आर्थिक मंत्री बैठक (ईएएस-ईएमएम) और 23वें आसियान-भारत आर्थिक मंत्री परामर्श में हिस्सा लिया।

कौन शामिल हुआ

आसियान के सभी ग्यारह सदस्य देशों के आर्थिक मंत्री या उनके प्रतिनिधि बैठक में मौजूद रहे। ये देश हैं ब्रुनेई, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओस, मलेशिया, म्यांमार, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड, तिमोर-लेस्ते और वियतनाम। इनके साथ भारत, ऑस्ट्रेलिया, चीन, जापान, न्यूजीलैंड, कोरिया, रूस और अमेरिका जैसे पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन के साझेदार भी जुड़े।

किन विषयों पर बात हुई

बैठकों में क्षेत्रीय और वैश्विक अर्थव्यवस्था की मौजूदा स्थिति पर विचार साझा किए गए। आसियान सचिवालय ने 2027 के आर्थिक परिदृश्य तथा व्यापार और निवेश प्रवाह पर उसके संभावित असर की जानकारी दी। आसियान और पूर्वी एशिया के लिए आर्थिक अनुसंधान संस्थान (ईआरआईए) ने क्षेत्र की अगली विकास लहर पर अपना शोध पत्र रखा, जिसमें ऊर्जा ढांचे, डिजिटल तथा औद्योगिक मांग और सुसंगत व्यापार नीति को मिलाकर ऊर्जा सुरक्षा एवं औद्योगिक समूहों का एकीकृत खाका सुझाया गया।

एआईटीआईजीए की समीक्षा

आसियान के साथ परामर्श में भारत ने दोहराया कि क्षेत्रीय व्यापार समझौते दोनों पक्षों के लिए फायदेमंद होने चाहिए। चर्चा का बड़ा हिस्सा आसियान-भारत वस्तु व्यापार समझौते (एआईटीआईजीए) की चल रही समीक्षा पर रहा, जिसका उद्देश्य व्यापार बढ़ाना और मौजूदा असंतुलन दूर करना है। भारत का कहना है कि समीक्षा के बाद यह समझौता संतुलित, अधिक प्रभावी, सुविधाजनक और कारोबार के लिए आसान बनना चाहिए।

व्यापार के आंकड़े

वर्ष 2025-26 में भारत और आसियान के बीच आपसी व्यापार 128.38 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचा तथा भारत के कुल वैश्विक व्यापार में आसियान की हिस्सेदारी 10.55 प्रतिशत रही, जो इस साझेदारी का महत्व दिखाती है। बैठकों से अलग प्रतिनिधिमंडल ने 22 सितंबर 2026 को फिलीपींस में काम कर रहे भारतीय कारोबारियों से उनकी निर्यात संबंधी दिक्कतों पर बात की और 23 सितंबर 2026 को आयोजित आसियान-भारत व्यावसायिक मंच 2026 में भी भाग लिया।

महत्वपूर्ण तथ्य

बैठकें14वीं ईएएस आर्थिक मंत्री बैठक और 23वां आसियान-भारत आर्थिक मंत्री परामर्श
स्थानमनीला, फिलीपींस
भारतीय दल का नेतृत्वश्री नितिन कुमार यादव, अपर सचिव, वाणिज्य विभाग
आसियान सदस्यसभी ग्यारह देश, तिमोर-लेस्ते सहित
समीक्षाधीन समझौताआसियान-भारत वस्तु व्यापार समझौता (एआईटीआईजीए)
भारत-आसियान व्यापार2025-26 में 128.38 अरब अमेरिकी डॉलर
वैश्विक व्यापार में हिस्सा10.55 प्रतिशत
शोध पत्रईआरआईए ने ऊर्जा सुरक्षा और औद्योगिक समूहों पर प्रस्तुत किया
व्यावसायिक मंचआसियान-भारत व्यावसायिक मंच 2026, 23 सितंबर 2026

परीक्षा की दृष्टि से

याद रखें: संस्करण (14वीं ईएएस आर्थिक मंत्री बैठक, 23वां आसियान-भारत परामर्श), स्थान (मनीला, फिलीपींस), भारतीय नेतृत्व (अपर सचिव श्री नितिन कुमार यादव), समीक्षाधीन समझौता (एआईटीआईजीए), व्यापार आंकड़ा (2025-26 में 128.38 अरब डॉलर), आसियान की हिस्सेदारी (10.55 प्रतिशत) और यह तथ्य कि आसियान में अब तिमोर-लेस्ते सहित ग्यारह सदस्य हैं।

अभ्यास प्रश्न

Q1.अंतरराष्ट्रीयआसान

14वीं पूर्वी एशिया शिखर आर्थिक मंत्री बैठक और 23वां आसियान-भारत आर्थिक मंत्री परामर्श कहां आयोजित हुआ?

  1. A.जकार्ता, इंडोनेशिया
  2. B.मनीला, फिलीपींस
  3. C.कुआलालंपुर, मलेशिया
  4. D.हनोई, वियतनाम
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. मनीला, फिलीपींस

व्याख्या

सही उत्तर मनीला, फिलीपींस है। वाणिज्य विभाग के अपर सचिव श्री नितिन कुमार यादव के नेतृत्व में भारतीय प्रतिनिधिमंडल इन्हीं दोनों बैठकों के लिए मनीला गया था, जहां आसियान के सभी सदस्य देशों के आर्थिक मंत्री या उनके प्रतिनिधि तथा पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन के साझेदार देश मौजूद रहे। विकल्प ए गलत है, क्योंकि जकार्ता में आसियान सचिवालय जरूर है और उसी ने आर्थिक परिदृश्य पर जानकारी दी, पर सचिवालय का मुख्यालय होना इस दौर की मेजबानी नहीं है। विकल्प सी गलत है, क्योंकि कुआलालंपुर क्षेत्रीय बैठकों का जाना पहचाना स्थल होते हुए भी इस बार मेजबान नहीं था। विकल्प डी गलत है, क्योंकि वियतनाम आसियान सदस्य के रूप में शामिल हुआ, मेजबान नहीं था। यह भी याद रखें कि प्रतिनिधिमंडल ने वहीं आसियान-भारत व्यावसायिक मंच में भी भाग लिया।

Q2.अंतरराष्ट्रीयमध्यम

परामर्श में बताया गया कि 2025-26 में भारत-आसियान द्विपक्षीय व्यापार कितना रहा?

  1. A.98.24 अरब अमेरिकी डॉलर
  2. B.110.60 अरब अमेरिकी डॉलर
  3. C.128.38 अरब अमेरिकी डॉलर
  4. D.152.75 अरब अमेरिकी डॉलर
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 128.38 अरब अमेरिकी डॉलर

व्याख्या

सही उत्तर 128.38 अरब अमेरिकी डॉलर है। विज्ञप्ति के अनुसार 2025-26 में भारत और आसियान के बीच द्विपक्षीय व्यापार इसी स्तर पर पहुंचा और भारत के कुल वैश्विक व्यापार में आसियान की हिस्सेदारी 10.55 प्रतिशत रही। बाकी तीनों आंकड़े देखने में भरोसेमंद लगते हैं, पर घोषणा में उनका कोई उल्लेख नहीं है और उन्हें चुनना इस साझेदारी के आकार को गलत बताना होगा। विकल्प ए और विकल्प बी वास्तविक आंकड़े से कम हैं, जबकि विकल्प डी उसे बढ़ा-चढ़ाकर दिखाता है। यह संख्या इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि इसका उल्लेख आसियान-भारत वस्तु व्यापार समझौते की समीक्षा के साथ हुआ, जिसे भारत संतुलित, प्रभावी और व्यापार के लिए सुगम बनाना चाहता है ताकि आगे यह प्रवाह और बढ़ सके। परीक्षा में यह आंकड़ा आसियान की हिस्सेदारी के साथ पूछा जा सकता है, इसलिए दोनों को जोड़कर याद रखना उपयोगी रहेगा।

Q3.अंतरराष्ट्रीयमध्यम

मनीला परामर्श में भारत और आसियान के किस समझौते की समीक्षा पर चर्चा केंद्रित रही?

  1. A.आसियान-भारत वस्तु व्यापार समझौता
  2. B.क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक भागीदारी
  3. C.सिंगापुर के साथ व्यापक आर्थिक सहयोग समझौता
  4. D.भारत-जापान व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौता
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. आसियान-भारत वस्तु व्यापार समझौता

व्याख्या

सही उत्तर आसियान-भारत वस्तु व्यापार समझौता है, जिसे संक्षेप में एआईटीआईजीए कहा जाता है। इसकी चल रही समीक्षा ही परामर्श का मुख्य विषय रही, जिसका मकसद व्यापार प्रवाह बढ़ाना और समझौते में बने असंतुलन को दूर करना है। भारत ने कहा कि समीक्षा का नतीजा दोनों पक्षों के लिए लाभकारी हो तथा समझौता संतुलित, अधिक प्रभावी, सुविधाजनक और कारोबार के लिए आसान बने। विकल्प बी गलत है, क्योंकि भारत क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक भागीदारी का हिस्सा नहीं है और वहां उसकी चर्चा नहीं थी। विकल्प सी गलत है, क्योंकि सिंगापुर के साथ समझौता अलग द्विपक्षीय व्यवस्था है, पूरे समूह से जुड़ी नहीं। विकल्प डी गलत है, क्योंकि जापान के साथ समझौते का इस आसियान समीक्षा से कोई संबंध नहीं है, भले ही जापान पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन का साझेदार होने के नाते बैठक में मौजूद था।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत और आसियान के बीच व्यापार कितना है?

वर्ष 2025-26 में दोनों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 128.38 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचा। भारत के कुल वैश्विक व्यापार में आसियान की हिस्सेदारी 10.55 प्रतिशत रही, जो इस साझेदारी की अहमियत बताती है।

एआईटीआईजीए क्या है और इस पर चर्चा क्यों हुई?

एआईटीआईजीए यानी आसियान-भारत वस्तु व्यापार समझौता। इसकी समीक्षा चल रही है और परामर्श में यही मुख्य विषय रहा, ताकि व्यापार प्रवाह बढ़े, मौजूदा असंतुलन दूर हो और समझौता कारोबार के लिए आसान बने।

मनीला में भारत ने किन बैठकों में भाग लिया?

14वीं पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन आर्थिक मंत्री बैठक और 23वें आसियान-भारत आर्थिक मंत्री परामर्श में। प्रतिनिधिमंडल आसियान-भारत व्यावसायिक मंच 2026 में भी शामिल हुआ और फिलीपींस के भारतीय कारोबारियों से मिला।

स्रोत

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