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GK24
अंतरराष्ट्रीयमध्यम

मनीला परामर्श में भारत और आसियान के किस समझौते की समीक्षा पर चर्चा केंद्रित रही?

  1. A.आसियान-भारत वस्तु व्यापार समझौता
  2. B.क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक भागीदारी
  3. C.सिंगापुर के साथ व्यापक आर्थिक सहयोग समझौता
  4. D.भारत-जापान व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौता

सही उत्तर

A. आसियान-भारत वस्तु व्यापार समझौता

व्याख्या

सही उत्तर आसियान-भारत वस्तु व्यापार समझौता है, जिसे संक्षेप में एआईटीआईजीए कहा जाता है। इसकी चल रही समीक्षा ही परामर्श का मुख्य विषय रही, जिसका मकसद व्यापार प्रवाह बढ़ाना और समझौते में बने असंतुलन को दूर करना है। भारत ने कहा कि समीक्षा का नतीजा दोनों पक्षों के लिए लाभकारी हो तथा समझौता संतुलित, अधिक प्रभावी, सुविधाजनक और कारोबार के लिए आसान बने। विकल्प बी गलत है, क्योंकि भारत क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक भागीदारी का हिस्सा नहीं है और वहां उसकी चर्चा नहीं थी। विकल्प सी गलत है, क्योंकि सिंगापुर के साथ समझौता अलग द्विपक्षीय व्यवस्था है, पूरे समूह से जुड़ी नहीं। विकल्प डी गलत है, क्योंकि जापान के साथ समझौते का इस आसियान समीक्षा से कोई संबंध नहीं है, भले ही जापान पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन का साझेदार होने के नाते बैठक में मौजूद था।

पूरा लेख पढ़ें: मनीला में 14वीं पूर्वी एशिया शिखर आर्थिक मंत्री बैठक में भारत शामिल

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Q1.अंतरराष्ट्रीयआसान

14वीं पूर्वी एशिया शिखर आर्थिक मंत्री बैठक और 23वां आसियान-भारत आर्थिक मंत्री परामर्श कहां आयोजित हुआ?

  1. A.जकार्ता, इंडोनेशिया
  2. B.मनीला, फिलीपींस
  3. C.कुआलालंपुर, मलेशिया
  4. D.हनोई, वियतनाम
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. मनीला, फिलीपींस

व्याख्या

सही उत्तर मनीला, फिलीपींस है। वाणिज्य विभाग के अपर सचिव श्री नितिन कुमार यादव के नेतृत्व में भारतीय प्रतिनिधिमंडल इन्हीं दोनों बैठकों के लिए मनीला गया था, जहां आसियान के सभी सदस्य देशों के आर्थिक मंत्री या उनके प्रतिनिधि तथा पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन के साझेदार देश मौजूद रहे। विकल्प ए गलत है, क्योंकि जकार्ता में आसियान सचिवालय जरूर है और उसी ने आर्थिक परिदृश्य पर जानकारी दी, पर सचिवालय का मुख्यालय होना इस दौर की मेजबानी नहीं है। विकल्प सी गलत है, क्योंकि कुआलालंपुर क्षेत्रीय बैठकों का जाना पहचाना स्थल होते हुए भी इस बार मेजबान नहीं था। विकल्प डी गलत है, क्योंकि वियतनाम आसियान सदस्य के रूप में शामिल हुआ, मेजबान नहीं था। यह भी याद रखें कि प्रतिनिधिमंडल ने वहीं आसियान-भारत व्यावसायिक मंच में भी भाग लिया।

Q2.अंतरराष्ट्रीयमध्यम

परामर्श में बताया गया कि 2025-26 में भारत-आसियान द्विपक्षीय व्यापार कितना रहा?

  1. A.98.24 अरब अमेरिकी डॉलर
  2. B.110.60 अरब अमेरिकी डॉलर
  3. C.128.38 अरब अमेरिकी डॉलर
  4. D.152.75 अरब अमेरिकी डॉलर
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 128.38 अरब अमेरिकी डॉलर

व्याख्या

सही उत्तर 128.38 अरब अमेरिकी डॉलर है। विज्ञप्ति के अनुसार 2025-26 में भारत और आसियान के बीच द्विपक्षीय व्यापार इसी स्तर पर पहुंचा और भारत के कुल वैश्विक व्यापार में आसियान की हिस्सेदारी 10.55 प्रतिशत रही। बाकी तीनों आंकड़े देखने में भरोसेमंद लगते हैं, पर घोषणा में उनका कोई उल्लेख नहीं है और उन्हें चुनना इस साझेदारी के आकार को गलत बताना होगा। विकल्प ए और विकल्प बी वास्तविक आंकड़े से कम हैं, जबकि विकल्प डी उसे बढ़ा-चढ़ाकर दिखाता है। यह संख्या इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि इसका उल्लेख आसियान-भारत वस्तु व्यापार समझौते की समीक्षा के साथ हुआ, जिसे भारत संतुलित, प्रभावी और व्यापार के लिए सुगम बनाना चाहता है ताकि आगे यह प्रवाह और बढ़ सके। परीक्षा में यह आंकड़ा आसियान की हिस्सेदारी के साथ पूछा जा सकता है, इसलिए दोनों को जोड़कर याद रखना उपयोगी रहेगा।

Q3.अंतरराष्ट्रीयकठिन

वनएससीडी साझेदारी की शुरुआत में भारत के साथ किस देश की सरकार सह-मेजबान रही?

  1. A.नाइजीरिया
  2. B.केन्या
  3. C.घाना
  4. D.दक्षिण अफ्रीका
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. नाइजीरिया

व्याख्या

सही उत्तर नाइजीरिया है। सिकल सेल देखभाल में समानता लाने वाली इस वैश्विक साझेदारी वनएससीडी की शुरुआत में नाइजीरिया सरकार भी साझेदार रही, और इसके साथ विश्व स्वास्थ्य संगठन, यूनिसेफ, अफ्रीका सीडीसी, वर्ल्ड कोएलिशन ऑन सिकल सेल डिजीज तथा सेंट जूड चिल्ड्रन्स रिसर्च हॉस्पिटल भी जुड़े। बाकी विकल्प भी अफ्रीकी देश हैं और उन्हें इसी कारण रखा गया है, क्योंकि सिकल सेल रोग का बोझ पूरे महाद्वीप पर भारी है, इसलिए कोई भी नाम संभव जान पड़ता है और उत्तर केवल साझेदारों की सूची से तय होता है। परीक्षा के लिए शुरुआत, साझेदार और उद्देश्य को एक साथ याद रखें, तथा यह भी कि भारत ने इस चर्चा में अपने राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन और 2047 के लक्ष्य का ब्योरा रखा।

Q4.अंतरराष्ट्रीयआसान

भारत के दोनों वैश्विक स्वास्थ्य कार्यक्रम संयुक्त राष्ट्र महासभा के किस सत्र के साथ आयोजित हुए?

  1. A.79वें
  2. B.80वें
  3. C.81वें
  4. D.82वें
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 81वें

व्याख्या

सही उत्तर 81वां सत्र है, जिसे विज्ञप्ति में यूएनजीए81 लिखा गया है और जो न्यूयॉर्क में हुआ। भारत ने जिन दोनों कार्यक्रमों में भाग लिया, वे इसी सत्र के साथ हुए आयोजन थे, यानी ग्रुप ऑफ फ्रेंड्स ऑफ यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज एवं ग्लोबल हेल्थ की मंत्रिस्तरीय बैठक और सिकल सेल पर वनएससीडी साझेदारी की शुरुआत। सत्र की संख्या याद रखना जरूरी है, क्योंकि महासभा हर वर्ष नए क्रमांक वाले सत्र में बैठती है और परीक्षक अक्सर वर्ष के बजाय कार्यक्रम के साथ यही संख्या जोड़कर पूछता है। विकल्प A और B पहले के सत्र हैं तथा विकल्प D बाद का, और जिस अभ्यर्थी को केवल यह याद है कि बैठक न्यूयॉर्क में हुई, उसके पास चुनने का कोई आधार नहीं बचेगा, क्योंकि महासभा वहीं बैठती है।

Q5.अंतरराष्ट्रीयमध्यम

यूएनजीए81 में भारत के अनुसार ई-संजीवनी के माध्यम से कितने टेली-परामर्श हुए हैं?

  1. A.29.7 करोड़
  2. B.39.7 करोड़
  3. C.49.7 करोड़
  4. D.59.7 करोड़
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 49.7 करोड़

व्याख्या

सही उत्तर 49.7 करोड़ से अधिक है। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने यह आंकड़ा इस प्रमाण के रूप में रखा कि तकनीक दूर-दराज के मरीज और डॉक्टर के बीच की दूरी घटा रही है, और इसके साथ उन्होंने उसी भाषण का दूसरा डिजिटल आंकड़ा भी जोड़ा कि 90 करोड़ से अधिक नागरिकों के पास यूनिक हेल्थ आईडी है। ई-संजीवनी के साथ उन्होंने टेली-रेडियोलॉजी, एआई की मदद से पढ़े जाने वाले एक्स-रे और मोबाइल मेडिकल यूनिट का भी उल्लेख किया। विकल्प A, B और D आकार में इतने पास हैं कि भ्रम होना स्वाभाविक है, और इससे बचने का तरीका यह है कि आंकड़े को उस योजना के नाम के साथ जोड़कर याद रखें। यह भी ध्यान रखें कि ई-संजीवनी टेली-परामर्श सेवा है, इसलिए यह संख्या परामर्शों की है, मरीजों या रिकॉर्ड की नहीं।