इंद्र 2026 भारत-रूस नौसैनिक अभ्यास व्लादिवोस्तोक में संपन्न
भारतीय नौसेना और रूसी नौसेना के द्विपक्षीय अभ्यास इंद्र 2026 के समापन के बाद युद्धपोत आईएनएस सह्याद्रि 20 अक्टूबर 2026 को व्लादिवोस्तोक से रवाना हुआ।

चर्चा में क्यों
रक्षा मंत्रालय ने भारत-रूस द्विपक्षीय नौसैनिक अभ्यास इंद्र 2026 के समापन की घोषणा की; आईएनएस सह्याद्रि 20 अक्टूबर 2026 को व्लादिवोस्तोक से रवाना हुआ।
भारत और रूस का द्विपक्षीय नौसैनिक अभ्यास इंद्र 2026 पूरा हो गया है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार इस अभ्यास के सफल समापन के बाद भारतीय नौसेना का जहाज आईएनएस सह्याद्रि 20 अक्टूबर 2026 को रूस के व्लादिवोस्तोक बंदरगाह से रवाना हो गया। यह अभ्यास भारतीय नौसेना और रशियन फेडरेशन नेवी के बीच आयोजित किया गया था।
दो चरणों में अभ्यास
अभ्यास दो चरणों में हुआ। पहला चरण हार्बर यानी बंदरगाह चरण था, जो व्लादिवोस्तोक में ही संपन्न हुआ। इस दौरान दोनों नौसेनाओं के वरिष्ठ अधिकारियों की आपसी बातचीत हुई, नाविकों ने एक-दूसरे के जहाजों का निरीक्षण किया, रक्षा विषयों के विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा किए और परिचालन समन्वय से जुड़ी गतिविधियां आयोजित की गईं। इसी चरण में खेल प्रतियोगिताएं और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी रखे गए, जिससे दोनों देशों के नौसैनिक पेशेवर कार्यक्रम से बाहर भी एक-दूसरे से घुल-मिल सके।
समुद्री चरण
इसके बाद समुद्री चरण शुरू हुआ। इसमें जहाजों ने समन्वित युद्धाभ्यास किया, एकीकृत संचार प्रणाली पर काम किया, हेलीकॉप्टर उड़ानें भरीं और घायलों को समुद्र से निकालने का अभ्यास किया। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि इन गतिविधियों का उद्देश्य भाग ले रही इकाइयों को समुद्र में एक जैसी प्रक्रियाओं का अभ्यास कराना, संचार व्यवस्था को बेहतर बनाना और दोनों नौसेनाओं के बीच परिचालन समन्वय तथा आपसी तालमेल को मजबूत करना था।
रणनीतिक महत्व
मंत्रालय ने कहा कि इस अभ्यास के सफल समापन ने भारत और रूस की स्थायी रक्षा एवं समुद्री साझेदारी को फिर पुष्ट किया है। इसने लगातार नौसैनिक जुड़ाव और पेशेवर सहयोग के महत्व को रेखांकित किया तथा एक सुरक्षित, स्थिर और शांतिपूर्ण समुद्री वातावरण के प्रति दोनों नौसेनाओं की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाया।
परीक्षा की दृष्टि से
- अभ्यास का नाम: इंद्र, जो भारत और रूस की द्विपक्षीय श्रृंखला है; यह संस्करण इंद्र 2026 है।
- भारतीय जहाज: आईएनएस सह्याद्रि, जो 20 अक्टूबर 2026 को व्लादिवोस्तोक से रवाना हुआ।
- मेजबान देश और बंदरगाह: रूस, व्लादिवोस्तोक।
- चरण: हार्बर चरण और समुद्री चरण।
- समुद्री चरण की गतिविधियां: समन्वित युद्धाभ्यास, एकीकृत संचार, हेलीकॉप्टर संचालन और मेडिकल इवैक्यूएशन अभ्यास।
महत्वपूर्ण तथ्य
| अभ्यास | इंद्र 2026, भारत-रूस द्विपक्षीय नौसैनिक अभ्यास |
|---|---|
| भाग लेने वाली नौसेनाएं | भारतीय नौसेना और रशियन फेडरेशन नेवी |
| भारतीय जहाज | आईएनएस सह्याद्रि |
| बंदरगाह | व्लादिवोस्तोक, रूस |
| रवानगी | 20 अक्टूबर 2026 |
| चरण | हार्बर चरण और समुद्री चरण |
| समुद्री चरण के अभ्यास | समन्वित युद्धाभ्यास, एकीकृत संचार, हेलीकॉप्टर संचालन, मेडिकल इवैक्यूएशन |
| घोषणा | रक्षा मंत्रालय |
परीक्षा की दृष्टि से
अभ्यास का नाम (इंद्र 2026), दोनों नौसेनाएं (भारतीय नौसेना और रशियन फेडरेशन नेवी), भारतीय जहाज (आईएनएस सह्याद्रि), बंदरगाह (व्लादिवोस्तोक), रवानगी की तारीख (20 अक्टूबर 2026) और दोनों चरण, हार्बर तथा समुद्री, याद रखें।
अभ्यास प्रश्न
रूसी नौसेना के साथ अभ्यास इंद्र 2026 में भारतीय नौसेना का कौन सा जहाज शामिल हुआ?
- A.आईएनएस शिवालिक
- B.आईएनएस सह्याद्रि
- C.आईएनएस तलवार
- D.आईएनएस तबर
उत्तर देखें
रक्षा मंत्रालय के अनुसार भारतीय नौसेना और रशियन फेडरेशन नेवी के बीच द्विपक्षीय अभ्यास इंद्र 2026 के सफल समापन के बाद भारतीय नौसेना का जहाज सह्याद्रि 20 अक्टूबर 2026 को रूस के व्लादिवोस्तोक से रवाना हुआ, इसलिए इस संस्करण से जुड़ा भारतीय युद्धपोत सह्याद्रि ही है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →अभ्यास इंद्र 2026 भारत और किस देश की नौसेना के बीच द्विपक्षीय अभ्यास था?
- A.चीन
- B.फ्रांस
- C.रूस
- D.जापान
उत्तर देखें
इंद्र भारतीय नौसेना और रशियन फेडरेशन नेवी का द्विपक्षीय नौसैनिक अभ्यास है, और रक्षा मंत्रालय ने कहा कि इसके सफल समापन ने भारत तथा रूस की स्थायी रक्षा एवं समुद्री साझेदारी को फिर पुष्ट किया है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →अभ्यास इंद्र 2026 के समापन पर आईएनएस सह्याद्रि रूस के किस बंदरगाह से रवाना हुआ?
- A.मुरमंस्क
- B.सेंट पीटर्सबर्ग
- C.सेवास्तोपोल
- D.व्लादिवोस्तोक
उत्तर देखें
रक्षा मंत्रालय की विज्ञप्ति में दर्ज है कि आईएनएस सह्याद्रि 20 अक्टूबर 2026 को रूस के व्लादिवोस्तोक से रवाना हुआ।
पूरी व्याख्या पढ़ें →अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
इंद्र 2026 अभ्यास में भारतीय नौसेना का कौन सा जहाज शामिल हुआ?
आईएनएस सह्याद्रि। रशियन फेडरेशन नेवी के साथ अभ्यास पूरा होने के बाद यह जहाज 20 अक्टूबर 2026 को रूस के व्लादिवोस्तोक से रवाना हुआ।
इंद्र 2026 के दो चरण कौन से थे?
पहला हार्बर चरण, जिसमें अधिकारियों की बातचीत, जहाजों का आपसी निरीक्षण और विशेषज्ञों का आदान-प्रदान हुआ; दूसरा समुद्री चरण, जिसमें समन्वित युद्धाभ्यास, एकीकृत संचार, हेलीकॉप्टर संचालन और मेडिकल इवैक्यूएशन का अभ्यास किया गया।
इंद्र अभ्यास किन दो देशों की नौसेनाओं के बीच होता है?
भारतीय नौसेना और रशियन फेडरेशन नेवी के बीच। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि इस संस्करण ने भारत और रूस की स्थायी रक्षा एवं समुद्री साझेदारी को फिर पुष्ट किया।
स्रोत
- भारत-रूस द्विपक्षीय नौसैनिक अभ्यास (इंद्र 2026) का समापन (नए टैब में खुलेगा) — Press Information Bureau
करेंट अफेयर्स 23 अक्टूबर 2026
- एग्रीवोल्टाइक्स विश्व सम्मेलन 2026 नई दिल्ली मेंपर्यावरण
- अमीना नाज़रीन को अमेरिका में ग्लोबल यूथ इंस्टीट्यूट पुरस्कारपुरस्कार और सम्मान
- इंडो-पैसिफिक क्षेत्रीय संवाद 2026 नई दिल्ली में होगारक्षा
- पीएलएफएस के नमूना डिज़ाइन में जनवरी 2027 से बदलावरिपोर्ट और सूचकांक
- सी-डॉट का छठा उत्कृष्टता केंद्र आईआईटी (बीएचयू) वाराणसी मेंविज्ञान और प्रौद्योगिकी
- सी-डैक और बैंक ऑफ इंडिया में क्वांटम बैंकिंग समझौताबैंकिंग और वित्त
- चिन्मय अमृत महोत्सव वैश्विक सम्मेलन का उद्घाटनराष्ट्रीय
- विशेष अभियान 6: वस्त्र और जल शक्ति मंत्रालयों की प्रगतिराष्ट्रीय
संबंधित करेंट अफेयर्स
संबंधित GK
- मध्य प्रदेश के राज्यपाल, मुख्यमंत्री और विधानसभा: तथ्य
23 अक्टूबर 2026 · मध्य प्रदेश
- हरियाणा के खेल और खिलाड़ी: पदक, अखाड़े और तथ्य
23 अक्टूबर 2026 · हरियाणा
- बिहार के राज्यपाल, मुख्यमंत्री और विधानमंडल: अनुच्छेद
23 अक्टूबर 2026 · बिहार
क्विज खेलें
- करेंट अफेयर्स क्विज
राज्य परीक्षाएं करेंट अफेयर्स क्विज: 23 अक्टूबर 2026
25 प्रश्न25 मिनटक्विज शुरू करें





