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बाघ बहुल क्षेत्र कार्यशाला में आईबीसीए और एडीबी में समझौता

भूपेंद्र यादव ने नई दिल्ली में बाघ बहुल क्षेत्रों पर दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय कार्यशाला का उद्घाटन किया, जहां आईबीसीए और एडीबी ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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बाघ बहुल क्षेत्र कार्यशाला में आईबीसीए और एडीबी में समझौता

चर्चा में क्यों

केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने 2 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में बाघ बहुल क्षेत्रों पर अंतर्राष्ट्रीय कार्यशाला का उद्घाटन किया, जिसमें अंतर्राष्ट्रीय बिग कैट एलायंस और एशियाई विकास बैंक ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।

केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने 2 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय कार्यशाला का उद्घाटन किया। इसका विषय है बाघ बहुल क्षेत्र: आजीविका और आय सृजन के स्तंभ के रूप में संरक्षण, जैव अर्थव्यवस्था और पारिस्थितिक पर्यटन। कार्यशाला 2 और 3 सितंबर 2026 को चलेगी।

आयोजक कौन हैं

इसे तीन संस्थाएं मिलकर आयोजित कर रही हैं: अंतर्राष्ट्रीय बिग कैट एलायंस यानी आईबीसीए, एशियाई विकास बैंक यानी एडीबी और पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय का राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण यानी एनटीसीए।

कौन-सा समझौता हुआ

कार्यशाला की तिथियां2 और 3 सितंबर 2026
स्थाननई दिल्ली
आयोजकआईबीसीए, एडीबी और एनटीसीए
उद्घाटनभूपेंद्र यादव
समझौताआईबीसीए और एडीबी के बीच समझौता ज्ञापन
भारत में एडीबी2026 में साझेदारी के 40 वर्ष

इस आयोजन में आईबीसीए और एडीबी ने एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। यह भूदृश्य संरक्षण, सतत विकास, क्षमता निर्माण, ज्ञान के आदान-प्रदान और प्रकृति-अनुकूल वित्तपोषण से जुड़ा है। एडीबी की भारत के लिए कंट्री डायरेक्टर मिया ओका ने बताया कि 2026 में एडीबी और भारत की साझेदारी के 40 वर्ष पूरे हो रहे हैं।

मंत्री ने क्या कहा

श्री यादव ने कहा कि बाघों का अस्तित्व जंगलों, घास के मैदानों, नदियों, शिकार प्रजातियों, वन्यजीव गलियारों और स्थानीय समुदायों के स्वास्थ्य से जुड़ा है। उन्होंने बाघ बहुल क्षेत्रों को प्राकृतिक पूंजी बताया, जो जल सुरक्षा, कार्बन पृथक्करण, जलवायु विनियमन, जैव विविधता संरक्षण और आजीविका देती है। उनका तर्क था कि संरक्षण को किसी एक प्रजाति तक सीमित रहने के बजाय एकीकृत परिदृश्य प्रबंधन की ओर बढ़ना चाहिए।

उनकी मुख्य बात यह रही कि पारिस्थितिक संरक्षण की नींव सद्भावपूर्ण संरक्षण और मानव-प्रकृति सह-अस्तित्व पर होनी चाहिए। उन्होंने भूमि संरक्षण को भोजन की गुणवत्ता से जोड़ा और मरुस्थलीकरण, मिट्टी की घटती नमी तथा गिरती गुणवत्ता को व्यापक संदर्भ बताया। उन्होंने प्रतिभागियों से पारंपरिक ज्ञान को संहिताबद्ध कर नीति में उतारने को कहा और जोड़ा कि आईबीसीए को विकासशील देशों का स्थानीय ज्ञान एक साथ लाने में अगुवाई करनी चाहिए।

कौन शामिल हुआ

मंच पर सचिव तन्मय कुमार, महानिदेशक (वन) एवं विशेष सचिव सुशील कुमार अवस्थी तथा आईबीसीए के महानिदेशक एस. पी. यादव भी थे। बांग्लादेश, भूटान, कंबोडिया, मलेशिया, नेपाल और वियतनाम के विशेषज्ञ और सरकारी प्रतिनिधि आए, साथ ही राज्यों के वन विभाग और बाघ अभ्यारण्य भी। आईबीसीए बाघ की सात प्रजातियों के संरक्षण के लिए बना वैश्विक मंच है।

महत्वपूर्ण तथ्य

आयोजनबाघ बहुल क्षेत्रों पर अंतर्राष्ट्रीय कार्यशाला
विषयबाघ बहुल क्षेत्र: आजीविका और आय सृजन के स्तंभ के रूप में संरक्षण, जैव अर्थव्यवस्था और पारिस्थितिक पर्यटन
तिथियां2 और 3 सितंबर 2026 (दो दिन)
स्थाननई दिल्ली
उद्घाटनभूपेंद्र यादव, केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री
आयोजकआईबीसीए, एडीबी और एनटीसीए
समझौताआईबीसीए और एडीबी के बीच समझौता ज्ञापन
आईबीसीए महानिदेशकएस. पी. यादव
एडीबी कंट्री डायरेक्टरमिया ओका
एडीबी-भारत साझेदारी2026 में 40 वर्ष पूरे
आईबीसीए का दायराबाघ की सात प्रजातियां

परीक्षा की दृष्टि से

कार्यशाला का विषय, तीनों आयोजक आईबीसीए, एडीबी और एनटीसीए, 2 तथा 3 सितंबर 2026 की तिथियां, उद्घाटन करने वाले मंत्री, आईबीसीए-एडीबी समझौता और उसका दायरा, कंट्री डायरेक्टर मिया ओका, एडीबी-भारत साझेदारी के 40 वर्ष और सात प्रजातियां याद रखें।

अभ्यास प्रश्न

Q1.पर्यावरणमध्यम

बाघ बहुल क्षेत्रों पर हुई अंतर्राष्ट्रीय कार्यशाला में किन दो संगठनों ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए?

  1. A.आईबीसीए और विश्व बैंक
  2. B.आईबीसीए और एशियाई विकास बैंक
  3. C.एनटीसीए और विश्व वन्यजीव कोष
  4. D.एनटीसीए और एशियाई विकास बैंक
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. आईबीसीए और एशियाई विकास बैंक

दोनों ने इस आयोजन में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर कर अपनी साझेदारी को औपचारिक रूप दिया, जो भूदृश्य संरक्षण, सतत विकास, क्षमता निर्माण, ज्ञान आदान-प्रदान और प्रकृति-अनुकूल वित्तपोषण पहलों में सहयोग मजबूत करने की दिशा में कदम है।

Q2.पर्यावरणआसान

नई दिल्ली में बाघ बहुल क्षेत्रों पर हुई अंतर्राष्ट्रीय कार्यशाला का उद्घाटन किसने किया?

  1. A.प्रधानमंत्री
  2. B.भूपेंद्र यादव, केंद्रीय पर्यावरण मंत्री
  3. C.एस. पी. यादव, महानिदेशक, आईबीसीए
  4. D.मिया ओका, एडीबी कंट्री डायरेक्टर
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. भूपेंद्र यादव, केंद्रीय पर्यावरण मंत्री

उन्होंने दो दिवसीय कार्यशाला का उद्घाटन किया और उद्घाटन सत्र को संबोधित भी किया, जिसमें उन्होंने कहा कि पारिस्थितिक संरक्षण की नींव सद्भावपूर्ण संरक्षण और मानव-प्रकृति सह-अस्तित्व पर आधारित होनी चाहिए।

Q3.पर्यावरणमध्यम

अंतर्राष्ट्रीय बिग कैट एलायंस कितनी बड़ी बिल्ली प्रजातियों के संरक्षण के लिए काम करता है?

  1. A.चार
  2. B.पांच
  3. C.सात
  4. D.नौ
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. सात

विज्ञप्ति आईबीसीए को उन देशों और संस्थानों के बीच सहयोग का वैश्विक मंच बताती है जो बाघ की सात प्रजातियों के संरक्षण के लिए काम कर रहे हैं, और प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण के तहत इसकी बढ़ती भूमिका का उल्लेख करती है।

Q4.पर्यावरणमध्यम

एडीबी की कंट्री डायरेक्टर के अनुसार वर्ष 2026 में एडीबी और भारत की साझेदारी के कितने वर्ष पूरे हो रहे हैं?

  1. A.25 वर्ष
  2. B.30 वर्ष
  3. C.40 वर्ष
  4. D.50 वर्ष
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 40 वर्ष

एशियाई विकास बैंक की भारत के लिए कंट्री डायरेक्टर मिया ओका ने आईबीसीए के साथ साझेदारी का स्वागत करते हुए बताया कि 2026 में एडीबी और भारत की साझेदारी के चालीस वर्ष पूरे हो रहे हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बाघ बहुल क्षेत्र कार्यशाला में किन दो संस्थाओं ने समझौता ज्ञापन किया?

अंतर्राष्ट्रीय बिग कैट एलायंस और एशियाई विकास बैंक ने। यह समझौता भूदृश्य संरक्षण, सतत विकास, क्षमता निर्माण, ज्ञान आदान-प्रदान और प्रकृति-अनुकूल वित्तपोषण पहलों में सहयोग मजबूत करता है।

कार्यशाला का आयोजन किसने किया?

अंतर्राष्ट्रीय बिग कैट एलायंस, एशियाई विकास बैंक और पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण ने मिलकर, 2 और 3 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में।

आईबीसीए कितनी बड़ी बिल्ली प्रजातियों पर काम करता है?

सात प्रजातियों पर। अंतर्राष्ट्रीय बिग कैट एलायंस उन देशों और संस्थानों के बीच सहयोग का वैश्विक मंच है जो बाघ की सात प्रजातियों के संरक्षण के लिए काम कर रहे हैं, और विज्ञप्ति में इसकी बढ़ती भूमिका का उल्लेख है।

स्रोत

इनके लिए उपयोगी:SSCSSC CGLIBPS