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GK24

ई-कॉमर्स नियमावली में संशोधन, उपभोक्ता संरक्षण होगा मजबूत

सरकार ने उपभोक्ता संरक्षण (ई-कॉमर्स) नियमावली, 2020 में संशोधन किया है, जिससे डार्क पैटर्न और भ्रामक खोज परिणामों पर रोक लगेगी; नई नियमावली 2027 से लागू होगी।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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चर्चा में क्यों

10 सितंबर 2026 को उपभोक्ता मामले विभाग ने उपभोक्ता संरक्षण (ई-कॉमर्स) (संशोधन) नियमावली, 2026 की घोषणा की, जो 1 जनवरी 2027 से खोज परिणामों, प्रायोजित लिस्टिंग, छूट, डार्क पैटर्न और विक्रेता विवरण से जुड़े नियम सख्त करेगी।

उपभोक्ता मामले विभाग ने उपभोक्ता संरक्षण (ई-कॉमर्स) नियमावली, 2020 में संशोधन किया है। संशोधन करने वाली नियमावली का नाम उपभोक्ता संरक्षण (ई-कॉमर्स) (संशोधन) नियमावली, 2026 है। मूल नियमावली उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के तहत अधिसूचित की गई थी। संशोधित नियमावली 1 जनवरी 2027 से लागू होगी, जिससे मंचों को तैयारी का समय मिल जाएगा।

जरूरत क्यों पड़ी

ऑनलाइन खरीदारी से जुड़ी शिकायतें कुल शिकायतों का बड़ा हिस्सा बन चुकी हैं। वर्ष 2025 के दौरान राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन को 17,71,622 शिकायतें मिलीं। इनमें से 5,11,196 शिकायतें ई-कॉमर्स क्षेत्र से थीं, जो कुल का लगभग 29 प्रतिशत है। संशोधित नियमावली के एक प्रमुख प्रावधान के तहत अब हर ई-कॉमर्स इकाई को राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन की अभिसरण प्रक्रिया में भागीदार बनना होगा, ताकि मंच राष्ट्रीय शिकायत निवारण तंत्र से जुड़ जाएं।

संशोधित नियमावली की मुख्य बातें

शिकायतेंशिकायत अधिकारी ने जैसा दर्ज किया, उसकी प्रति शिकायतकर्ता को देनी होगी
खोज परिणामपरिणामों में ऐसा फेरबदल नहीं होगा जो उपयोगकर्ता को गुमराह करे या प्रासंगिकता घटाए
प्रायोजित लिस्टिंगस्पष्ट और प्रमुख घोषणा से इनकी पहचान करानी होगी
मूल्य में कटौतीघटी कीमत के साथ पूर्व मूल्य भी दिखाना होगा, यानी घोषणा से पहले 30 दिनों की सबसे कम कीमत
डार्क पैटर्नवर्ष 2023 के दिशानिर्देशों का पालन, वार्षिक स्व-लेखापरीक्षा और अनुपालन प्रमाण पत्र का प्रदर्शन

मार्केटप्लेस मंचों पर अन्य जिम्मेदारियां

  • विक्रेता और उत्पाद की अहम जानकारी देनी होगी, जिसमें उपयोग की अंतिम तिथि, वापसी और धनवापसी की शर्तें, वारंटी, डिलीवरी तथा भुगतान विवरण शामिल हैं
  • स्पष्ट और सकारात्मक सहमति के बिना उपभोक्ता की जानकारी निर्दिष्ट उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल नहीं की जाएगी
  • मंच से असंबद्ध सेवाओं के लिए बंडल शुल्क नहीं लिया जाएगा, केवल लॉयल्टी या सदस्यता कार्यक्रम इसका अपवाद हैं
  • आयातित सामान पर आयातक का विवरण और मूल देश बताना अनिवार्य होगा

बड़ा उद्देश्य

विभाग ने इस बदलाव को संतुलन के रूप में रखा है। एक ओर खरीदार है, जिसे असली छूट, ईमानदार क्रम और साफ तौर पर चिह्नित विज्ञापन दिखना चाहिए। दूसरी ओर कारोबारी सुगमता है, इसलिए नियमावली ऑनलाइन विक्रेताओं पर अनावश्यक नियामक बोझ डालने से बचती है। घोषित लक्ष्य ऐसा ई-कॉमर्स तंत्र है जो अधिक पारदर्शी, अधिक जवाबदेह और अधिक उपभोक्ता-केंद्रित हो, जिसमें मंचों को अपनी जिम्मेदारियों की स्पष्टता मिले और डिजिटल बाजार में काम करने वाले कारोबारियों को समान अवसर मिलें।

महत्वपूर्ण तथ्य

नई नियमावलीउपभोक्ता संरक्षण (ई-कॉमर्स) (संशोधन) नियमावली, 2026
संशोधित नियमावलीउपभोक्ता संरक्षण (ई-कॉमर्स) नियमावली, 2020
मूल अधिनियमउपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019
मंत्रालयउपभोक्ता मामले विभाग, उपभोक्ता कार्य, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय
लागू होने की तिथि1 जनवरी 2027
वर्ष 2025 में शिकायतें17,71,622
ई-कॉमर्स से शिकायतें5,11,196, लगभग 29 प्रतिशत
पूर्व मूल्य की परिभाषाघोषणा से पहले 30 दिनों में दी गई सबसे कम कीमत
डार्क पैटर्नवर्ष 2023 के दिशानिर्देशों का पालन और वार्षिक स्व-लेखापरीक्षा

परीक्षा की दृष्टि से

संशोधन नियमावली और मूल नियमावली 2020 के नाम तथा वर्ष, जिस अधिनियम के तहत ये बनी हैं (उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019), लागू होने की तिथि (1 जनवरी 2027), वर्ष 2025 के हेल्पलाइन आंकड़े (17,71,622 शिकायतें, जिनमें 5,11,196 यानी लगभग 29 प्रतिशत ई-कॉमर्स से), पूर्व मूल्य का 30 दिन वाला नियम और डार्क पैटर्न के 2023 के दिशानिर्देश याद रखें।

अभ्यास प्रश्न

Q1.राष्ट्रीयमध्यम

उपभोक्ता संरक्षण (ई-कॉमर्स) (संशोधन) नियमावली, 2026 किस तिथि से लागू होगी?

  1. A.1 अक्टूबर 2026
  2. B.1 जनवरी 2027
  3. C.1 अप्रैल 2027
  4. D.1 जनवरी 2028
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 1 जनवरी 2027

व्याख्या

सही उत्तर 1 जनवरी 2027 है। विज्ञप्ति में शीर्षक बिंदुओं में भी और अंत में दोबारा कहा गया है कि नई नियमावली 1 जनवरी 2027 से प्रभावी होगी, जिससे ई-कॉमर्स इकाइयों को अनुपालन अनिवार्य होने से पहले तैयारी का स्पष्ट समय मिल जाता है। तीनों गलत विकल्प प्रशासनिक दृष्टि से संभव लगने वाली तिथियां हैं और यही इनका जाल है, क्योंकि जिस अभ्यर्थी को केवल इतना याद रहता है कि संशोधन 2026 में हुआ, वह मान बैठता है कि यह तुरंत लागू हो गया और अक्टूबर वाली तिथि चुन लेता है। दोनों वर्षों को अलग-अलग याद रखना उपयोगी है। संशोधन करने वाली नियमावली का नाम उपभोक्ता संरक्षण (ई-कॉमर्स) (संशोधन) नियमावली, 2026 इसलिए है क्योंकि वह इसी वर्ष बनी, लेकिन उसके लागू होने की तिथि अगले वर्ष पड़ती है। जिस नियमावली में संशोधन हुआ, वह 2020 की है और उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के तहत अधिसूचित हुई थी।

Q2.राष्ट्रीयमध्यम

नई नियमावली के अनुसार पूर्व मूल्य घोषणा से पहले कितने दिनों की सबसे कम कीमत होती है?

  1. A.15 दिन
  2. B.30 दिन
  3. C.45 दिन
  4. D.90 दिन
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 30 दिन

व्याख्या

सही उत्तर 30 दिन है। संशोधित नियमावली में प्रावधान है कि जब मूल्य में कमी की घोषणा की जाए तो घटी हुई कीमत और पूर्व मूल्य दोनों दिखाने होंगे, और पूर्व मूल्य की परिभाषा यह है कि घोषणा से पहले के तीस दिनों में जिस सबसे कम कीमत पर वस्तु या सेवा दी गई थी। इस प्रावधान का उद्देश्य उस पुरानी चाल को रोकना है जिसमें कीमत चुपचाप बढ़ाकर फिर बढ़ी हुई कीमत से छूट का विज्ञापन दिया जाता है, क्योंकि अब तुलना का आधार विक्रेता की चुनी हुई कोई कीमत नहीं, बल्कि एक निश्चित अवधि की सबसे कम कीमत है। बाकी विकल्पों में दी गई अवधियां विज्ञप्ति में कहीं नहीं आतीं। इस प्रावधान को उसी सूची के पड़ोसी प्रावधानों के साथ याद रखें, यानी खोज परिणामों में भ्रामक फेरबदल पर रोक और प्रायोजित लिस्टिंग की स्पष्ट घोषणा।

Q3.राष्ट्रीयआसान

संशोधित ई-कॉमर्स नियमावली किस अधिनियम के तहत बनाई गई है?

  1. A.सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000
  2. B.प्रतिस्पर्धा अधिनियम, 2002
  3. C.उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019
  4. D.विधिक माप विज्ञान अधिनियम, 2009
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019

व्याख्या

सही उत्तर उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 है। विज्ञप्ति में कहा गया है कि उपभोक्ता संरक्षण (ई-कॉमर्स) नियमावली, 2020 उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के तहत अधिसूचित की गई थी और वह ई-कॉमर्स क्षेत्र में अनुचित व्यापार प्रणालियों से उपभोक्ताओं की रक्षा का ढांचा देती है; 2026 का संशोधन उसी ढांचे को और मजबूत करता है। बाकी तीनों विकल्प असली कानून हैं, जिन्हें अभ्यर्थी ऑनलाइन कारोबार से जोड़कर देख सकता है, लेकिन इस विज्ञप्ति में इनमें से किसी का नाम नहीं है और नियमावली का श्रेय इन्हें देना गलत होगा। याद रखने लायक कड़ी एक पंक्ति में इस तरह है: 2019 का अधिनियम मूल है, उसके नीचे 2020 की नियमावली आती है, 2026 की संशोधन नियमावली उसमें बदलाव करती है और पूरा पैकेज 2027 के पहले दिन से प्रभावी होगा। यह भी याद रखें कि यहां नामित प्राधिकरण उपभोक्ता मामले विभाग है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संशोधित ई-कॉमर्स नियमावली कब से लागू होगी?

1 जनवरी 2027 से। उपभोक्ता संरक्षण (ई-कॉमर्स) (संशोधन) नियमावली, 2026 ने उपभोक्ता संरक्षण (ई-कॉमर्स) नियमावली, 2020 में संशोधन किया है।

नई नियमावली में पूर्व मूल्य का क्या अर्थ है?

मूल्य घटाने की घोषणा से पहले के 30 दिनों में जिस सबसे कम कीमत पर वस्तु या सेवा दी गई, वही पूर्व मूल्य है। घटी कीमत और पूर्व मूल्य दोनों दिखाने होंगे।

राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन को ई-कॉमर्स की कितनी शिकायतें मिलीं?

वर्ष 2025 में मिली 17,71,622 शिकायतों में से लगभग 5,11,196 यानी करीब 29 प्रतिशत शिकायतें ई-कॉमर्स क्षेत्र से जुड़ी थीं।

स्रोत

इनके लिए उपयोगी:SSCSSC CGLSSC CHSL