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डीपीआईआईटी: 2,50,046 स्टार्टअप और 843 अरब डॉलर एफडीआई

डीपीआईआईटी के अनुसार 2,50,046 मान्यता प्राप्त स्टार्टअप से 25.42 लाख रोजगार बने, 47,957 अनुपालन घटाए गए और बारह साल में 843 अरब डॉलर एफडीआई आई।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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डीपीआईआईटी: 2,50,046 स्टार्टअप और 843 अरब डॉलर एफडीआई — GK24 title card

चर्चा में क्यों

27 अक्टूबर 2026 को डीपीआईआईटी ने विश्वास आधारित नियमन सुधारों का लेखा-जोखा दिया, जिसमें 2,50,046 मान्यता प्राप्त स्टार्टअप, 47,957 घटाए गए अनुपालन और बारह वर्षों में 843 अरब डॉलर एफडीआई शामिल हैं।

वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) ने 27 अक्टूबर 2026 को बताया कि कारोबारी नियमन अनुमति आधारित व्यवस्था से विश्वास आधारित व्यवस्था की ओर कैसे बढ़ा है। इसमें स्टार्टअप, अनुपालन में कटौती, श्रम और लाइसेंस कानून, विदेशी निवेश तथा एकल खिड़की मंजूरी का ब्योरा है।

स्टार्टअप इंडिया

विभाग ने अब तक 2,50,046 स्टार्टअप को मान्यता दी है, जिनमें 770 से अधिक जिलों और 56 उद्योगों में 25.42 लाख से ज्यादा रोजगार दर्ज हुए हैं। इनमें 52 प्रतिशत स्टार्टअप महानगरों के बाहर के हैं और 48 प्रतिशत में कम से कम एक महिला निदेशक है। सालाना मान्यता वित्त वर्ष 2023-24 के 34,200 से बढ़कर वित्त वर्ष 2024-25 में 36,440 हो गई। स्टार्टअप इंडिया सीड फंड योजना से 244 इन्क्यूबेटरों के जरिए 4,194 स्टार्टअप के लिए 775.67 करोड़ रुपये मंजूर हुए। फंड ऑफ फंड्स के तहत सिडबी ने 166 वैकल्पिक निवेश कोषों को 12,623 करोड़ रुपये देने की प्रतिबद्धता जताई, जिन्होंने 1,475 स्टार्टअप में 28,254 करोड़ रुपये लगाए। क्रेडिट गारंटी योजना में 1,662.71 करोड़ रुपये के 532 ऋणों की गारंटी दी गई और प्रति उद्यमी गारंटी कवर 10 करोड़ रुपये से दोगुना कर 20 करोड़ रुपये कर दिया गया।

अनुपालन और अपराधमुक्ति

केंद्रीय मंत्रालयों तथा राज्यों में कुल 47,957 अनुपालन घटाए गए। इनमें 22,290 का डिजिटलीकरण हुआ, 16,141 सरल किए गए, 5,255 को अपराध की श्रेणी से हटाया गया और 4,271 पूरी तरह समाप्त कर दिए गए। जन विश्वास अधिनियमों से केंद्रीय कानूनों के 900 प्रावधान अपराधमुक्त हुए, जिनमें 2023 में 42 अधिनियमों के 183 प्रावधान और 2026 में 79 अधिनियमों के 717 प्रावधान शामिल हैं। राज्यों ने कारोबार सुधार कार्य योजना के सात संस्करणों में 9,700 से अधिक सुधार लागू किए और जिला स्तर की योजना 222 सुधारों को कलक्ट्रेट तथा शहरी निकायों तक ले जाती है।

श्रम, लाइसेंस और निवेश

  • उनतीस केंद्रीय श्रम कानूनों को चार श्रम संहिताओं में समाहित किया गया। छंटनी या बंदी के लिए पूर्व अनुमति की सीमा 100 से 300 कर्मचारी कर दी गई।
  • पेट्रोलियम एवं विस्फोटक सुरक्षा संगठन के लाइसेंस की वैधता पांच वर्ष से बढ़ाकर दस वर्ष की गई और बॉयलर अधिनियम, 2025 ने 1923 के कानून की जगह ली।
  • सत्रह क्षेत्र एफडीआई के स्वतः मार्ग में आए। रक्षा क्षेत्र में नए औद्योगिक लाइसेंस के लिए स्वतः मार्ग की सीमा 74 प्रतिशत है और बीमा में 2026 में 100 प्रतिशत की अनुमति दी गई।
  • वित्त वर्ष 2014-15 से 2025-26 तक भारत में 843 अरब डॉलर एफडीआई आई, जो पिछले बारह वर्षों के 313 अरब डॉलर से 169 प्रतिशत अधिक है। वित्त वर्ष 2025-26 में यह सर्वकालिक उच्च 94.53 अरब डॉलर रही।

राष्ट्रीय एकल खिड़की प्रणाली

राष्ट्रीय एकल खिड़की प्रणाली पर 15,49,850 आवेदन आए, 5,76,778 कारोबार पंजीकृत हुए और 8.5 लाख से अधिक मंजूरियां दी गईं। इस पर 3,779 सेवाएं चालू हैं, जिनमें 327 केंद्रीय और 3,452 राज्य सेवाएं हैं, जबकि सितंबर 2021 में शुरुआत के समय 142 केंद्रीय मंजूरियां थीं। यह मंच 22 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है।

महत्वपूर्ण तथ्य

विभागउद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी), वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय
मान्यता प्राप्त स्टार्टअप2,50,046, जिनमें 770 से अधिक जिलों और 56 उद्योगों में 25.42 लाख रोजगार
सीड फंड योजना244 इन्क्यूबेटरों के जरिए 4,194 स्टार्टअप के लिए 775.67 करोड़ रुपये मंजूर
फंड ऑफ फंड्ससिडबी ने 166 एआईएफ को 12,623 करोड़ रुपये दिए, जिन्होंने 1,475 स्टार्टअप में 28,254 करोड़ रुपये लगाए
क्रेडिट गारंटी1,662.71 करोड़ रुपये के 532 ऋण; प्रति उद्यमी कवर दोगुना कर 20 करोड़ रुपये
घटाए गए अनुपालन47,957, इनमें 22,290 डिजिटल और 5,255 अपराधमुक्त
जन विश्वास अधिनियम900 प्रावधान अपराधमुक्त: 2023 में 42 अधिनियमों के 183 और 2026 में 79 अधिनियमों के 717
श्रम संहिताएंउनतीस केंद्रीय श्रम कानूनों से चार श्रम संहिताएं
एफडीआईवित्त वर्ष 2014-15 से 2025-26 तक 843 अरब डॉलर; रिकॉर्ड 94.53 अरब डॉलर
एनएसडब्ल्यूएस3,779 सेवाएं चालू, 5,76,778 कारोबार पंजीकृत, 22 भारतीय भाषाएं

परीक्षा की दृष्टि से

स्टार्टअप की संख्या और रोजगार का आंकड़ा, सीड फंड तथा फंड ऑफ फंड्स की राशि, 20 करोड़ रुपये का गारंटी कवर, 47,957 घटाए गए अनुपालन, जन विश्वास अधिनियमों से अपराधमुक्त 900 प्रावधान, उनतीस श्रम कानूनों से बनी चार संहिताएं और 843 अरब डॉलर तथा 94.53 अरब डॉलर के एफडीआई आंकड़े याद रखें।

अभ्यास प्रश्न

Q1.अर्थव्यवस्थाआसान

स्टार्टअप इंडिया के तहत स्टार्टअप को मान्यता कौन देता है?

  1. A.नीति आयोग
  2. B.उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग
  3. C.आर्थिक कार्य विभाग
  4. D.सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग

इन स्टार्टअप में 25.42 लाख से अधिक रोजगार दर्ज हैं। यही विभाग स्टार्टअप इंडिया सीड फंड योजना, फंड ऑफ फंड्स और क्रेडिट गारंटी योजना भी चलाता है।

Q2.अर्थव्यवस्थामध्यम

वित्त वर्ष 2014-15 से वित्त वर्ष 2025-26 तक भारत को कितनी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश राशि प्राप्त हुई?

  1. A.313 अरब डॉलर
  2. B.500 अरब डॉलर
  3. C.843 अरब डॉलर
  4. D.1,020 अरब डॉलर
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 843 अरब डॉलर

वित्त वर्ष 2014-15 से 2025-26 तक के बारह वर्षों में भारत को इतनी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश राशि मिली, जो उससे पहले के बारह वर्षों की तुलना में 169 प्रतिशत अधिक है।

Q3.अर्थव्यवस्थामध्यम

चार श्रम संहिताओं में कितने केंद्रीय श्रम कानूनों को समाहित किया गया है?

  1. A.उन्नीस
  2. B.चौबीस
  3. C.उनतीस
  4. D.चौंतीस
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. उनतीस

उनतीस केंद्रीय श्रम कानूनों को मिलाकर चार श्रम संहिताएं बनाई गई हैं और इसके साथ कई सीमाएं भी बदली गईं, जिन पर प्रश्न बनते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डीपीआईआईटी ने कितने स्टार्टअप को मान्यता दी है?

2,50,046 स्टार्टअप को, जिनमें 770 से अधिक जिलों और 56 उद्योगों में 25.42 लाख से ज्यादा रोजगार दर्ज हैं। इनमें 52 प्रतिशत महानगरों के बाहर के हैं और 48 प्रतिशत में एक महिला निदेशक है।

बारह वर्षों में भारत को कितनी एफडीआई मिली?

वित्त वर्ष 2014-15 से 2025-26 तक 843 अरब डॉलर, जो पिछले बारह वर्षों के 313 अरब डॉलर से 169 प्रतिशत अधिक है। सबसे अच्छा वर्ष 2025-26 रहा, जब 94.53 अरब डॉलर आए।

राष्ट्रीय एकल खिड़की प्रणाली क्या है?

यह कारोबारी मंजूरियों का डिजिटल मंच है। इस पर 15,49,850 आवेदन आए, 5,76,778 कारोबार पंजीकृत हुए, 8.5 लाख से अधिक मंजूरियां दी गईं और 3,779 सेवाएं 22 भारतीय भाषाओं में चालू हैं।

स्रोत

इनके लिए उपयोगी:SSCSSC CGLबैंकिंग