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कोचीन शिपयार्ड और ड्राईडॉक्स वर्ल्ड का 50:50 संयुक्त उद्यम

कोचीन शिपयार्ड और दुबई की ड्राईडॉक्स वर्ल्ड ने कोचीन की इंटरनेशनल शिप रिपेयर फैसिलिटी चलाने और बढ़ाने के लिए 50:50 संयुक्त उद्यम पर हस्ताक्षर किए।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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कोचीन शिपयार्ड और ड्राईडॉक्स वर्ल्ड का 50:50 संयुक्त उद्यम

चर्चा में क्यों

11 सितंबर 2026 को कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड और ड्राईडॉक्स वर्ल्ड ने नई दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर 50:50 संयुक्त उद्यम समझौते पर हस्ताक्षर किए, जो कोचीन की इंटरनेशनल शिप रिपेयर फैसिलिटी चलाएगा और बढ़ाएगा।

भारत के पोत मरम्मत उद्योग को एक नया संयुक्त उद्यम मिला है। कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड और डीपी वर्ल्ड की कंपनी ड्राईडॉक्स वर्ल्ड ने 11 सितंबर 2026 को समझौते पर हस्ताक्षर किए। यह उद्यम कोचीन की इंटरनेशनल शिप रिपेयर फैसिलिटी (आईएसआरएफ) का संचालन और विस्तार करेगा। दोनों पक्षों की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत होगी। शुरुआती पूंजी दोनों के इक्विटी योगदान से आएगी।

हस्ताक्षर किसने किए

ड्राईडॉक्स वर्ल्ड की ओर से उसके मुख्य कार्यकारी अधिकारी कैप्टन राडो एंटोलोविच ने हस्ताक्षर किए। शिपयार्ड की ओर से उसके अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक जोस वी. जे. ने हस्ताक्षर किए। यह समझौता नई दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 से इतर हुआ। केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल मौजूद रहे। संयुक्त अरब अमीरात के उन्नत विज्ञान और प्रौद्योगिकी के सहायक विदेश मंत्री ओम्रान शराफ अलहाशिमी भी उपस्थित थे।

समझौता संक्षेप में

साझेदारकोचीन शिपयार्ड लिमिटेड और डीपी वर्ल्ड की कंपनी ड्राईडॉक्स वर्ल्ड
हिस्सेदारी50:50
सुविधाइंटरनेशनल शिप रिपेयर फैसिलिटी, कोचीन
आधारइंडिया मैरीटाइम वीक 2025 में हुआ समझौता ज्ञापन
महत्वभारत के पोत मरम्मत क्षेत्र में अपनी तरह की पहली सार्वजनिक-निजी भागीदारी

उद्यम क्या करेगा

यह संयुक्त उद्यम इस सुविधा का संचालन करेगा, उसे समेकित करेगा और उसका विस्तार करेगा। इससे अलग-अलग तरह के अधिक पोतों की सेवा की क्षमता बढ़ेगी। मकसद भारतीय, क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों की बढ़ती जरूरतें पूरी करना है। इस साझेदारी से कोचीन के समुद्री सेवा केंद्र के रूप में मजबूत होने की उम्मीद है। केरल में पोत मरम्मत, इंजीनियरिंग, फैब्रिकेशन और संबद्ध समुद्री सेवाओं में काम भी खुलेगा। यह सुविधा प्रमुख अंतरराष्ट्रीय शिपिंग मार्गों के किनारे है और इसमें आधुनिक शिप लिफ्ट प्रणाली तथा डॉकिंग सुविधाएं हैं।

नेताओं ने क्या कहा

सर्बानंद सोनोवाल ने इस साझेदारी को पोत मरम्मत तंत्र के लिए अहम पड़ाव और भारत तथा संयुक्त अरब अमीरात के समुद्री रिश्ते का प्रतीक बताया। उन्होंने इसे मैरीटाइम अमृत काल विजन 2047 से जोड़ा। मंत्रालय के सचिव विजय कुमार ने कहा कि यह मॉडल कोच्चि तक सीमित नहीं है और इसे भारत की तटरेखा पर दोहराया जा सकता है, जिससे विदेशी निवेश आएगा और हजारों कुशल रोजगार बनेंगे। जोस वी. जे. ने कहा कि उद्यम टर्नअराउंड समय घटाएगा और गुणवत्ता तथा सुरक्षा के नए मानक बनाएगा, जिससे मैरीटाइम इंडिया 2030 का विजन आगे बढ़ेगा। ड्राईडॉक्स वर्ल्ड उच्च स्तरीय पोत मरम्मत, बड़े रूपांतरण और ऑफशोर ईपीसी का अनुभव लाता है।

महत्वपूर्ण तथ्य

साझेदारकोचीन शिपयार्ड लिमिटेड और डीपी वर्ल्ड की कंपनी ड्राईडॉक्स वर्ल्ड
हिस्सेदारी50:50, शुरुआती पूंजी दोनों के इक्विटी योगदान से
सुविधाइंटरनेशनल शिप रिपेयर फैसिलिटी (आईएसआरएफ), कोचीन
हस्ताक्षरकैप्टन राडो एंटोलोविच, सीईओ ड्राईडॉक्स वर्ल्ड, और जोस वी. जे., सीएमडी कोचीन शिपयार्ड
स्थाननई दिल्ली, ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 से इतर
उपस्थितसर्बानंद सोनोवाल और यूएई के सहायक विदेश मंत्री ओम्रान शराफ अलहाशिमी
पहले का कदमइंडिया मैरीटाइम वीक 2025 में हुआ समझौता ज्ञापन
महत्वपोत मरम्मत क्षेत्र में अपनी तरह की पहली सार्वजनिक-निजी भागीदारी
विजनमैरीटाइम अमृत काल विजन 2047 और मैरीटाइम इंडिया 2030

परीक्षा की दृष्टि से

याद रखें दोनों साझेदार, कि ड्राईडॉक्स वर्ल्ड संयुक्त अरब अमीरात की डीपी वर्ल्ड की कंपनी है, 50:50 हिस्सेदारी, कोचीन की इंटरनेशनल शिप रिपेयर फैसिलिटी का नाम, कि हस्ताक्षर ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 से इतर सर्बानंद सोनोवाल की उपस्थिति में हुए, इंडिया मैरीटाइम वीक 2025 का पहले का समझौता ज्ञापन, और मैरीटाइम अमृत काल विजन 2047।

अभ्यास प्रश्न

Q1.अर्थव्यवस्थाआसान

कोचीन शिपयार्ड और ड्राईडॉक्स वर्ल्ड के नए संयुक्त उद्यम में हिस्सेदारी का अनुपात क्या है?

  1. A.कोचीन शिपयार्ड के पक्ष में 51:49
  2. B.50:50
  3. C.ड्राईडॉक्स वर्ल्ड के पक्ष में 74:26
  4. D.कोचीन शिपयार्ड के पक्ष में 60:40
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 50:50

व्याख्या

सही उत्तर है 50:50। विज्ञप्ति के अनुसार ड्राईडॉक्स वर्ल्ड और कोचीन शिपयार्ड, दोनों के पास संयुक्त उद्यम का आधा-आधा हिस्सा होगा और शुरुआती पूंजी दोनों पक्षों के इक्विटी योगदान से आएगी; इसे भारत के पोत मरम्मत क्षेत्र में अपनी तरह की पहली सार्वजनिक-निजी भागीदारी बताया गया है। विकल्प A, C और D गलत हैं, क्योंकि किसी भी असमान बंटवारे का उल्लेख नहीं है; बराबर हिस्सेदारी ही वह बात है जिस पर विज्ञप्ति जोर देती है, क्योंकि इससे कोचीन की सुविधा के लिए दोनों साझेदार बराबर जिम्मेदार बनते हैं। ऐसे उद्यमों में उम्मीदवार अक्सर भारतीय सार्वजनिक कंपनी के पास बहुमत हिस्सेदारी मान लेते हैं, और यही धारणा यह प्रश्न जांचता है। यह भी ध्यान रखें कि यह उद्यम कोई नया शिपयार्ड नहीं बना रहा, बल्कि पहले से मौजूद इंटरनेशनल शिप रिपेयर फैसिलिटी का संचालन, समेकन और विस्तार करेगा, ताकि अलग-अलग तरह के अधिक पोतों की सेवा हो सके।

Q2.अर्थव्यवस्थामध्यम

संयुक्त उद्यम में साझेदार ड्राईडॉक्स वर्ल्ड किस समूह की कंपनी है?

  1. A.डीपी वर्ल्ड
  2. B.मर्स्क
  3. C.अदाणी पोर्ट्स
  4. D.पीएसए इंटरनेशनल
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. डीपी वर्ल्ड

व्याख्या

सही उत्तर है डीपी वर्ल्ड। विज्ञप्ति अपनी पहली पंक्ति में ही ड्राईडॉक्स वर्ल्ड को डीपी वर्ल्ड की कंपनी बताती है और दर्ज करती है कि उसके मुख्य कार्यकारी अधिकारी कैप्टन राडो एंटोलोविच ने कोचीन शिपयार्ड के साथ संयुक्त उद्यम समझौते पर हस्ताक्षर किए। हस्ताक्षर के समय संयुक्त अरब अमीरात के उन्नत विज्ञान और प्रौद्योगिकी के सहायक विदेश मंत्री की उपस्थिति और मंत्री की भारत-यूएई समुद्री रिश्ते पर टिप्पणी, दोनों उसी अमीराती जुड़ाव की ओर इशारा करती हैं। विकल्प B, C और D गलत हैं, क्योंकि समझौते के विवरण में इनमें से कोई समूह नहीं आता, हालांकि तीनों बंदरगाह और शिपिंग के जाने-पहचाने नाम हैं और इसी वजह से जाल का काम करते हैं। इस कहानी के तीन नाम साथ याद रखें, यानी कोचीन शिपयार्ड, ड्राईडॉक्स वर्ल्ड और उसकी मूल कंपनी डीपी वर्ल्ड।

Q3.अर्थव्यवस्थामध्यम

यह संयुक्त उद्यम किस सुविधा का संचालन और विस्तार करेगा?

  1. A.कोचीन की इंटरनेशनल शिप रिपेयर फैसिलिटी
  2. B.वाढवण बंदरगाह परियोजना
  3. C.लोथल का राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर
  4. D.कांडला का पोत निर्माण क्लस्टर
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. कोचीन की इंटरनेशनल शिप रिपेयर फैसिलिटी

व्याख्या

सही उत्तर है कोचीन की इंटरनेशनल शिप रिपेयर फैसिलिटी। यह समझौता खास तौर पर उसी सुविधा के संचालन, समेकन और विस्तार के लिए है, जो विज्ञप्ति के अनुसार प्रमुख अंतरराष्ट्रीय शिपिंग मार्गों के किनारे रणनीतिक रूप से स्थित है और जिसमें अत्याधुनिक शिप लिफ्ट प्रणाली तथा आधुनिक डॉकिंग सुविधाएं हैं। बढ़ी क्षमता से भारतीय, क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों के अलग-अलग तरह के पोतों की सेवा हो सकेगी और केरल में पोत मरम्मत, इंजीनियरिंग तथा फैब्रिकेशन का काम खुलेगा। विकल्प B और D गलत हैं, क्योंकि विज्ञप्ति में ऐसी कोई परियोजना या क्लस्टर नामित नहीं है। विकल्प C गलत है, हालांकि वह इसी मंत्रालय का काम है; गुजरात के लोथल का परिसर एक अलग परियोजना है, जिसकी समीक्षा उसकी अपनी शासी परिषद की बैठक में होती है। मंत्रालय के सचिव ने यह भी कहा था कि कोचीन का यह मॉडल भारत की पूरी तटरेखा पर दोहराया जा सकता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पोत मरम्मत का संयुक्त उद्यम किन दो कंपनियों ने बनाया है?

कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड और डीपी वर्ल्ड की कंपनी ड्राईडॉक्स वर्ल्ड ने। दोनों की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत है और यह उद्यम कोचीन की इंटरनेशनल शिप रिपेयर फैसिलिटी चलाएगा तथा बढ़ाएगा।

यह समझौता कहां हुआ?

नई दिल्ली में, ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 से इतर, केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल और यूएई के सहायक विदेश मंत्री ओम्रान शराफ अलहाशिमी की उपस्थिति में।

इस समझौते से पहले क्या हुआ था?

इंडिया मैरीटाइम वीक 2025 के दौरान ड्राईडॉक्स वर्ल्ड और कोचीन शिपयार्ड ने एक समझौता ज्ञापन किया था, जिसमें पोत मरम्मत और संबद्ध समुद्री सेवाओं में सहयोग के अवसर तलाशने पर सहमति बनी थी।

स्रोत

इनके लिए उपयोगी:SSCSSC CGLIBPS